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Bihar जाति, आय और आवासीय प्रमाण-पत्र 2026 — सरकारी नौकरी के लिए कौन-सा चाहिए

बिहार में सरकारी नौकरी का हर वो आवेदन जिसमें आरक्षण, उम्र में छूट या फ़ीस में छूट माँगी जाती है, किसी न किसी प्रमाण-पत्र पर टिका होता है — और ये सारे प्रमाण-पत्र एक ही जगह से बनते हैं: बिहार का RTPS पोर्टल, serviceonline.bihar.gov.in. सबसे बड़ी ग़लती जो उम्मीदवार करते हैं वो ये है कि Non-Creamy Layer प्रमाण-पत्र दो अलग-अलग होते हैं — एक बिहार सरकार के प्रयोजन के लिए और एक केन्द्र सरकार के प्रयोजन के लिए — और SSC, RRB या बैंक की भर्ती में OBC claim सिर्फ़ केन्द्र वाले से चलता है।

Scope पर ध्यान दें: इस पेज की हर बात बिहार सरकार के अपने RTPS/ServicePlus पोर्टल (serviceonline.bihar.gov.in) पर लिखी गई जानकारी से ली गई है — सेवाओं के नाम, उनके स्तर, फ़ॉर्म और लॉगिन की प्रक्रिया, सब वहीं से। हर सेवा का अलग-अलग दस्तावेज़-सूची पेज बिना लॉगिन के नहीं खुलता, इसलिए यहाँ किसी एक प्रमाण-पत्र के लिए "ये-ये कागज़ लगेंगे" की पूरी सूची नहीं दी गई है — वो अंदाज़ा होता, जानकारी नहीं। उसके लिए पोर्टल पर उसी सेवा का पेज खोलें।

कौन-सा प्रमाण-पत्र किस claim के लिए

प्रमाण-पत्र (पोर्टल पर इसी नाम से)किस काम आता है
जाति प्रमाण-पत्र का निर्गमनSC/ST/OBC/EBC आरक्षण, उम्र में छूट और फ़ीस में छूट का आधार
आय प्रमाण-पत्र का निर्गमनफ़ीस में छूट, scholarship, और वो योजनाएँ जो आय-सीमा पर चलती हैं
आवासीय प्रमाण-पत्र का निर्गमनबिहार का निवासी होने का प्रमाण — राज्य की भर्तियों में domicile की शर्त के लिए
नॉन क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र (बिहार सरकार के प्रयोजनार्थ)सिर्फ़ बिहार सरकार की भर्तियों/सेवाओं में OBC आरक्षण के लिए
नॉन क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र (केन्द्र सरकार के प्रयोजनार्थ)केन्द्र सरकार की भर्तियों में OBC आरक्षण के लिए — SSC, RRB, बैंक, UPSC वग़ैरह
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आय और संपत्ति प्रमाण-पत्रEWS (10%) आरक्षण — ये अलग सेवा है, साधारण आय प्रमाण-पत्र से नहीं चलता

*स्रोत: serviceonline.bihar.gov.in, "लोक सेवाओं का अधिकार की सेवाएँ" → सामान्य प्रशासन विभाग।*

दो Non-Creamy Layer प्रमाण-पत्र — यही सबसे महंगी ग़लती है

पोर्टल पर NCL की दो अलग सेवाएँ हैं, और उनके नाम में ही फ़र्क़ लिखा है:

ये दो नाम एक ही चीज़ के दो तरीक़े नहीं हैं। जिस प्रयोजन के लिए प्रमाण-पत्र बना है, वो उसी प्रयोजन के लिए मान्य है। BPSC या बिहार पुलिस के लिए बना NCL लेकर SSC में OBC claim करना, या इसका उल्टा, वहीं रुक जाता है जहाँ सबसे ज़्यादा नुक़सान होता है — document verification पर, जब चयन लगभग हो चुका होता है।

करने वाली बात: भर्ती की अधिसूचना खोलिए, देखिए वो केन्द्र की है या राज्य की, और उसी प्रयोजन वाला NCL बनवाइए। दोनों की ज़रूरत पड़ सकती है — अगर आप दोनों तरह की भर्तियाँ भर रहे हैं, तो दोनों बनवा लीजिए।

तीन स्तर — अंचल, अनुमंडल, जिला

ऊपर की छहों सेवाएँ पोर्टल पर तीन-तीन स्तरों पर मिलती हैं:

स्तरपोर्टल पर
अंचल स्तर परCircle/Block स्तर
अनुमंडल स्तर परSub-division स्तर
जिला स्तर परDistrict स्तर

आवेदन करते वक़्त आपको इनमें से एक चुनना पड़ता है, और कौन-सा चुनना है ये भर्ती की अधिसूचना तय करती है, आप नहीं। कुछ भर्तियाँ ख़ास तौर पर जिला स्तर या अनुमंडल स्तर का प्रमाण-पत्र माँगती हैं। बनवाने से पहले अधिसूचना में "सक्षम प्राधिकारी" (competent authority) वाली लाइन पढ़ लीजिए — बाद में दोबारा बनवाना पड़े, इससे बेहतर है पहली बार सही बनवाना।

Online आवेदन — पोर्टल ख़ुद क्या कहता है

पोर्टल की अपनी सूचना के अनुसार:

  1. लोक सेवा केंद्र (RTPS Counter) जाना ज़रूरी नहीं है। नागरिक ऑनलाइन माध्यम से लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम की सेवाएँ ले सकते हैं।
  2. होमपेज पर बाईं ओर "लोक सेवाओं का अधिकार की सेवाएँ" के नीचे अपनी सेवा चुनें।
  3. पोर्टल मेरी पहचान (National Single Sign-On, NSSO) से जुड़ा हुआ है — लॉगिन उसी से होता है। पहली बार लॉगिन करने से पहले पोर्टल के "स्वयं सहायता अनुभाग" में दी गई मार्गदर्शिका देख लीजिए।
  4. सारे अनुलग्नक (attachments) अपलोड होने के बाद ही आवेदन की प्रक्रिया पूरी मानी जाती है — आधा-अधूरा अपलोड किया हुआ आवेदन आगे नहीं बढ़ता।
  5. प्रमाण-पत्र और पावती देखने के लिए PDF Reader चाहिए; डिजिटल हस्ताक्षर के लिए Java 1.8, और पोर्टल Mozilla Firefox के साथ संगत बताया गया है।

*स्रोत: serviceonline.bihar.gov.in की अपनी सूचनाएँ और "महत्वपूर्ण डाउनलोड" अनुभाग।*

पोर्टल पर officially दिए गए फ़ॉर्म और पत्र

दस्तावेज़क्या है
Form-VIIIआवेदक का स्वयं शपथ पत्र (self-declaration affidavit)
Form-XIआवेदक का स्वयं शपथ पत्र
पत्र संख्या 9541आय प्रमाण पत्र में "अन्यान्य अभिलेख" के अंतर्गत कौन-से दस्तावेज़ मान्य हैं, इस बारे में
पत्र संख्या 10207कुर्मी (महतो), झारखंड स्वशासी क्षेत्र के संबंध में

ये चारों पोर्टल के "महत्वपूर्ण डाउनलोड" अनुभाग में मौजूद हैं। शपथ पत्र वाले फ़ॉर्म ख़ास तौर पर काम के हैं — कई आवेदन सिर्फ़ इसलिए अटकते हैं कि स्वयं-घोषणा सही प्रारूप में नहीं लगी।

पुराना प्रमाण-पत्र — डाउनलोड और सत्यापन

24 अप्रैल 2017 से पहले जारी हुए प्रमाण-पत्र के लिए पोर्टल पर अलग रास्ता है: RTPS-3 — सबमिशन आईडी डालकर सत्यापित करें / डाउनलोड करें। अगर आपके पास पुराना प्रमाण-पत्र है और सबमिशन आईडी मौजूद है, तो नया आवेदन करने से पहले यही आज़माइए।

बाक़ी क्या-क्या मिलता है इसी पोर्टल पर

सिर्फ़ ये छह प्रमाण-पत्र नहीं — नौकरी के आवेदन में कभी-कभी ये भी माँगे जाते हैं, और ये भी इसी पोर्टल पर हैं:

जो पोर्टल नहीं बताता — और हम अंदाज़ा नहीं लगाएँगे

ये सवाल हर आवेदक के मन में होते हैं, और इनका जवाब पोर्टल के सार्वजनिक पन्नों पर लिखा नहीं है। जो वेबसाइट इन्हें भरोसे से बताती है, वो अंदाज़ा लगा रही है:

इन चारों के लिए एक ही भरोसेमंद जगह है: उसी सेवा का पेज serviceonline.bihar.gov.in पर, और आपकी भर्ती की अपनी अधिसूचना

पाँच ग़लतियाँ जो सबसे ज़्यादा भारी पड़ती हैं

  1. ग़लत प्रयोजन वाला NCL। केन्द्र की भर्ती में बिहार-प्रयोजन वाला NCL, या उल्टा। DV पर पकड़ी जाती है, जब सुधारने का वक़्त नहीं बचता।
  2. EWS के लिए साधारण आय प्रमाण-पत्र। EWS की अपनी अलग सेवा है — "आय और संपत्ति प्रमाण-पत्र"। सिर्फ़ आय वाला काफ़ी नहीं।
  3. ग़लत स्तर। अधिसूचना जिला स्तर माँग रही हो और आपके पास अंचल स्तर का हो।
  4. नाम/जन्मतिथि का फ़र्क़। प्रमाण-पत्र पर नाम की spelling या जन्मतिथि आवेदन फ़ॉर्म और मैट्रिक प्रमाण-पत्र से अलग — ये अकेला सबसे आम rejection है।
  5. आख़िरी वक़्त पर बनवाना। प्रमाण-पत्र बनने में समय लगता है और अधिसूचना की तारीख़ आपके लिए नहीं रुकती। जिस दिन भर्ती निकलने की उम्मीद हो, उससे पहले बनवा लीजिए।

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