7वें वेतन आयोग का सैलरी कैलकुलेटर
पे लेवल और शहर चुनकर अंदाज़ा लगाएं कि हाथ में कितनी सैलरी आएगी। यह अनुमान है — असली रकम पद और भत्तों से बदलती है।
यह अनुमान है। परिवहन भत्ता मेट्रो (X) बनाम अन्य शहर की मानक स्लैब से लिया गया है; पटना, लखनऊ, जयपुर जैसे कुछ गैर-मेट्रो शहरों को भी ऊंची दर मिलती है, जो यहां अलग से नहीं गिनाई गई। NPS 10% और ₹200 व्यावसायिक कर मान लिया गया है। असली सैलरी पद, भत्तों और राज्य से बदलती है — आधिकारिक सूचना में जरूर देखें।
7वें वेतन आयोग का पे मैट्रिक्स — किस लेवल पर कितनी बेसिक
हर सरकारी पद एक "पे लेवल" पर बैठता है, और उसी लेवल की पहली सीढ़ी आपकी शुरुआती बेसिक पे होती है। बाकी सब — DA, HRA, परिवहन भत्ता — इसी बेसिक के प्रतिशत के रूप में जुड़ता है। इसीलिए बेसिक ही असली संख्या है, विज्ञापन में दिखने वाली "अधिकतम सैलरी" नहीं।
| लेवल | शुरुआती बेसिक पे | सामान्य पद |
|---|---|---|
| Level 1 | ₹18,000 | MTS / Peon / Gr-D |
| Level 2 | ₹19,900 | LDC / Constable |
| Level 3 | ₹21,700 | Stenographer / Constable |
| Level 4 | ₹25,500 | Junior Clerk / Gr-D |
| Level 5 | ₹29,200 | Senior Clerk |
| Level 6 | ₹35,400 | Inspector / SSC CGL |
| Level 7 | ₹44,900 | Asst Section Officer / SI |
| Level 8 | ₹47,600 | Section Officer |
| Level 9 | ₹53,100 | Bank PO / Asst Manager |
| Level 10 | ₹56,100 | Group A Officer (IAS/IPS entry) |
| Level 11 | ₹67,700 | Under Secretary |
| Level 12 | ₹78,800 | Sr Group A |
| Level 13 | ₹118,500 | Director (entry) |
| Level 14 | ₹144,200 | Joint Secretary |
सैलरी के हिस्से — हर एक का मतलब
बेसिक पे. ऊपर की तालिका वाली रकम। हर साल एक इंक्रीमेंट (लगभग 3%) से यह बढ़ती है, और हर भत्ता इसी पर गिना जाता है।
महंगाई भत्ता (DA). महंगाई की भरपाई। यह हर छह महीने में — जनवरी और जुलाई से — CPI-IW के पिछले 12 महीनों के औसत के आधार पर संशोधित होता है और केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूर होता है। 1 जनवरी 2026 से यह बेसिक का 60% है (58% से 2% की बढ़ोतरी)। कैलकुलेटर में यही डिफ़ॉल्ट है — नई दर घोषित हो तो वहां बदल दें।
मकान किराया भत्ता (HRA). शहर की श्रेणी पर निर्भर — X (बड़े महानगर) 30%, Y 20%, Z (बाकी) 10% बेसिक का। ये दरें तब लागू हुईं जब DA 50% पार कर गया; इससे पहले ये 27/18/9% और उससे पहले 24/16/8% थीं। आपका शहर किस श्रेणी में है, यह वित्त मंत्रालय की सूची तय करती है, आपकी अपनी गिनती नहीं।
परिवहन भत्ता (TA). यह प्रतिशत नहीं, तय रकम है — पे लेवल और शहर के हिसाब से एक स्लैब। इस पर भी DA उसी दर से जुड़ता है, इसलिए DA बढ़ने पर TA भी बढ़ता है।
कटौतियां — ग्रॉस और इन-हैंड का फर्क
जो रकम विज्ञापन में दिखती है वह लगभग हमेशा ग्रॉस होती है। हाथ में उससे कम आता है:
| NPS अंशदान (कर्मचारी) | बेसिक + DA का 10% |
| व्यावसायिक कर | राज्य के अनुसार (यहां ₹200 माना गया) |
| आयकर (TDS) | आपकी कुल आय और चुनी हुई कर व्यवस्था पर — यहां नहीं गिना गया |
| CGHS / बीमा | विभाग के अनुसार छोटी कटौती |
यह कैलकुलेटर आयकर नहीं गिनता, न ही पद-विशेष के भत्ते (जैसे वर्दी भत्ता, राशन भत्ता, कठिन क्षेत्र भत्ता) जोड़ता है। इसलिए असली इन-हैंड इससे थोड़ा कम या ज्यादा हो सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
DA में अभी कितने प्रतिशत डालूं?
1 जनवरी 2026 से लागू 60% — कैलकुलेटर में यही पहले से भरा है। अगली समीक्षा जुलाई की किस्त की है; घोषणा होते ही यहां नई दर डाल दें।
मेरा शहर X है या Y?
X श्रेणी में गिने-चुने बड़े महानगर आते हैं, Y में ज्यादातर राज्यों की राजधानियां और बड़े शहर, और Z में बाकी सब। यह वर्गीकरण जनगणना की आबादी पर वित्त मंत्रालय तय करता है — शक हो तो अपनी भर्ती की आधिकारिक सूचना या विभाग से पुष्टि करें।
क्या यह वही रकम है जो बैंक खाते में आएगी?
नहीं — यह करीब का अनुमान है। आयकर, पद-विशेष भत्ते और विभाग की छोटी कटौतियां इसमें नहीं हैं। पहली सैलरी स्लिप ही आखिरी सच है।
क्या यह राज्य सरकार की नौकरियों पर भी लागू है?
ढांचा मिलता-जुलता है, पर कई राज्यों का अपना वेतन आयोग, अपनी DA दर और अपने HRA स्लैब हैं। यह कैलकुलेटर केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग के हिसाब से बना है।
DA दर का स्रोत: भारत सरकार का आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति (PIB), 1 जनवरी 2026 से लागू किस्त। pib.gov.in