CTET (Central Teacher Eligibility Test)
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आधिकारिक सिलेबस पेज ctet.nic.inCTET, जिसे CBSE आयोजित करता है, यह तय करता है कि आप केंद्रीय सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के योग्य हैं या नहीं — Paper I कक्षा I से V के लिए है और Paper II कक्षा VI से VIII के लिए; दोनों स्तर पर पढ़ाना चाहते हैं तो दोनों पेपर दे सकते हैं। हर पेपर लगभग एक जैसे हिस्सों से बना है — बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy), Language I, Language II, और फिर गणित व पर्यावरण अध्ययन या गणित व विज्ञान/सामाजिक अध्ययन — इसलिए किसी एक हिस्से पर ज़्यादा भरोसा करने के बजाय सबकी बराबर तैयारी करें। कोई नकारात्मक अंकन (negative marking) नहीं है, इसलिए आपका असली लक्ष्य सिर्फ qualifying score पार करना है।
परीक्षा पैटर्न
संचालन निकाय: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE)। उद्देश्य: CTET केंद्रीय सरकारी स्कूलों (KVS, NVS, केंद्रीय तिब्बती स्कूल, संघ शासित क्षेत्र के स्कूल आदि) में कक्षा I–VIII के लिए शिक्षक नियुक्ति के लिए एक पात्रता परीक्षा है और इसे बहुत सारे राज्य सरकारी और निजी स्कूलों द्वारा भी स्वीकार किया जाता है। CTET पास करने से अपने आप में नौकरी की गारंटी नहीं मिलती — इससे सिर्फ आप आवेदन करने के योग्य हो जाते हैं।
दो पेपर हैं:
- Paper I — उन उम्मीदवारों के लिए जो कक्षा I से V (प्राथमिक स्तर) को पढ़ाना चाहते हैं।
- Paper II — उन उम्मीदवारों के लिए जो कक्षा VI से VIII (प्रारंभिक स्तर) को पढ़ाना चाहते हैं।
जो उम्मीदवार दोनों स्तरों को पढ़ाना चाहते हैं वे दोनों पेपरों में शामिल होते हैं।
प्रत्येक पेपर की संरचना: 150 बहुविकल्पीय प्रश्न, 150 अंक, अवधि 2 घंटे 30 मिनट। कोई नकारात्मक अंकन नहीं है।
Paper I खंड (30 प्रश्न / 30 अंक प्रत्येक): बाल विकास और शिक्षाशास्त्र; भाषा I; भाषा II; गणित; पर्यावरण अध्ययन।
Paper II खंड: बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (30/30); भाषा I (30/30); भाषा II (30/30); और फिर गणित और विज्ञान शिक्षक के लिए गणित और विज्ञान (60/60) अथवा सामाजिक अध्ययन शिक्षक के लिए सामाजिक अध्ययन / सामाजिक विज्ञान (60/60)।
आहर्ता: एक उम्मीदवार को CTET-योग्य घोषित किए जाने के लिए कम से कम 60% (यानी 150 में से 90) अंक प्राप्त करने चाहिए; CBSE अपने नियमों के अनुसार आरक्षित श्रेणियों को छूट की अनुमति देता है। CTET प्रमाणपत्र उम्मीदवार के जीवन भर के लिए वैध है।
यह पैटर्न कई सालों से स्थिर है; वर्तमान CTET अधिसूचना के विरुद्ध सूक्ष्म प्रिंट (शुल्क, छूट, भाषा विकल्प) की पुष्टि करें ctet.nic.in पर।
अभी कोई नई CTET (Central Teacher Eligibility Test) भर्ती खुली नहीं है। नोटिफिकेशन आते ही यहाँ दिखेगा।
फ्री अलर्ट पाएंपूरा सिलेबस
1 बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (दोनों पेपर में)
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| विकास की अवधारणा और उसका सीखने से संबंध | बच्चा शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से कैसे बढ़ता है और यह growth (ग्रोथ) सीखने को कैसे प्रभावित करती है — पहले इसे समझें, बाकी theory (थ्योरी) इसी पर टिकी है। |
| बाल विकास के सिद्धांत | विकास किन नियमों से चलता है — लगातार, क्रम में, और हर बच्चे में अलग गति से; इन्हें छोटे-छोटे points में याद रखें, ये अक्सर एक-लाइन के MCQ बनकर आते हैं। |
| आनुवंशिकता और पर्यावरण का प्रभाव | आनुवंशिकता (heredity) बनाम वातावरण — बच्चे की क्षमता कितनी genes से आती है और कितनी माहौल से; परीक्षा में एक situation देकर पूछा जाता है कि इसमें कौन-सा कारक ज़्यादा काम कर रहा है। |
| समाजीकरण | बच्चा परिवार, स्कूल और साथियों से सामाजिक नियम व रिश्ते कैसे सीखता है; इसे टीचर और क्लासरूम के व्यवहार पर असर से जोड़कर समझें। |
| पियाजे, कोलबर्ग और वाइगोत्स्की | तीन बड़े नाम — Piaget (पियाजे) संज्ञानात्मक (cognitive) stages पर, Kohlberg (कोलबर्ग) नैतिक तर्क पर, और Vygotsky (वाइगोत्स्की) सामाजिक सीख और 'zone of proximal development' पर; एक page की तुलना-तालिका बना लें — तीनों को अलग-अलग नहीं, साथ रखकर याद करें। |
| बाल-केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा | शिक्षा जो बच्चे की अपनी गति और रुचि पर केंद्रित हो, न कि सिर्फ टीचर के रटाए हुए तरीके पर; पुराने 'teacher-centred' तरीके से इसका फ़र्क़ समझ लें। |
| बुद्धि और बहुआयामी बुद्धि | बुद्धिमत्ता सिर्फ एक IQ नंबर नहीं, बल्कि कई तरह की होती है — Gardner (गार्डनर) की multiple intelligences (भाषा, तर्क, संगीत आदि); हर तरह की intelligence का नाम याद रखें, सीधे पूछे जाते हैं। |
| भाषा और चिंतन | बच्चे की भाषा और सोच के बीच का रिश्ता — कौन किसको आकार देता है; यह pedagogy (शिक्षाशास्त्र) की एक क्लासिक बहस है, दोनों पक्ष संक्षेप में जान लें। |
| जेंडर से जुड़ी भूमिकाएँ | समाज और स्कूल लड़कों और लड़कियों से अलग-अलग उम्मीद कैसे रखते हैं, और एक निष्पक्ष क्लासरूम दोनों को बराबर कैसे देखे; परीक्षा में टीचर के gender-neutral (लिंग-निरपेक्ष) व्यवहार वाले situation-सवाल आते हैं। |
| बच्चों के बीच व्यक्तिगत भिन्नताएँ | कोई भी दो बच्चे एक जैसे तरीके या गति से नहीं सीखते; सीखने में अंतर के आम प्रकार — गति, style, रुचि, background — और टीचर को हर एक पर कैसे react करना चाहिए, यह याद रखें। |
| सीखने के लिए और सीखने का मूल्यांकन | assessment जो सीखने के दौरान मदद करे (formative, 'for' learning) और assessment जो सीखे हुए को अंत में जांचे (summative, 'of' learning) — इनका फ़र्क़ रट लें, यही अंतर बार-बार MCQ में पूछा जाता है। |
| समावेशी शिक्षा और विशेष ज़रूरत वाले बच्चे | सभी बच्चों को — दिव्यांग (disabled) या सीखने में कठिनाई वाले बच्चों को भी — अलग नहीं बल्कि एक ही क्लासरूम में साथ पढ़ाना; इसके मूल सिद्धांत और टीचर की ज़िम्मेदारियाँ अच्छे से याद रखें, यह topic भारी-भरकम पूछा जाता है। |
| अधिगम और शिक्षाशास्त्र | सीखना कैसे होता है और टीचर को कैसे पढ़ाना चाहिए, इसका व्यापक सिद्धांत — यह पूरे unit की बाकी बातों को जोड़ता है; इसे सबसे आख़िर में, पूरे unit के सारांश की तरह दोहराएं। |
2 भाषा I (जिस भाषा में पढ़ाई होती है)
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| अपठित गद्यांश और पद्यांश का बोध | एक अनदेखा passage — गद्य (prose) या कविता — जिसके बाद अर्थ, शब्दावली और अनुमान (inference) पर सवाल आते हैं; तेज़ी से पढ़कर जवाब देने का अभ्यास करें, क्योंकि passage पहले से पता नहीं होगा। |
| भाषा विकास का शिक्षाशास्त्र — सीखना और भाषा अर्जन | बच्चा अपनी पहली भाषा अपने-आप कैसे सीख लेता है (acquisition) बनाम दूसरी भाषा जान-बूझकर कैसे सीखता है (learning) — यह फ़र्क़ याद रखें, यह pedagogy का एक मुख्य सवाल है। |
| भाषा शिक्षण के सिद्धांत | भाषा सिखाने को असरदार बनाने वाले क्लासरूम नियम — context, अभ्यास और असली बातचीत का इस्तेमाल, अकेले grammar रटाने के बजाय; इन्हें एक छोटी list के रूप में याद रखें। |
| सुनने और बोलने की भूमिका | सुनना और बोलना बच्चे की भाषा-विकास में पढ़ने-लिखने से पहले क्यों आते हैं, और टीचर को इस क्रम पर कैसे काम करना चाहिए; इसे कहानी सुनाने और चर्चा जैसी असली क्लासरूम गतिविधियों से जोड़कर समझें। |
| उपचारात्मक शिक्षण और मूल्यांकन | भाषा में पीछे रह गए बच्चों को दी जाने वाली खास अतिरिक्त मदद (remedial teaching), और यह जांचना कि वह मदद कारगर रही या नहीं; कुछ remedial तरीकों के नाम याद रखें। |
3 भाषा II (भाषा I से अलग कोई भाषा)
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| दो अपठित गद्यांशों का बोध | आपकी दूसरी भाषा में दो अनदेखे passage, हर एक के बाद समझ (comprehension) वाले सवाल — यह Language I जैसा ही skill है, बस दोगुना और अलग भाषा में; इसलिए दोनों भाषाओं में अभ्यास करें जिनमें आपकी परीक्षा होगी। |
| भाषा विकास का शिक्षाशास्त्र, ऊपर की तरह | यही वही pedagogy topics हैं जो Language I में थे — acquisition बनाम learning, teaching के सिद्धांत, सुनना/बोलना और remedial teaching — बस यहां दूसरी भाषा पर लागू होते हैं; Language I के pedagogy नोट्स दोहराएं और इसी पेपर के लिए भी इस्तेमाल करें। |
4 गणित (पेपर I)
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| संख्याएँ | संख्याओं के बुनियादी concept — place value, तुलना, क्रम में रखना; अगर बुनियाद पक्की है तो ये सवाल जल्दी हल होते हैं, इन्हें 'बहुत आसान' समझकर मत छोड़ें। |
| चार मूल संक्रियाएँ | जोड़, घटाव, गुणा और भाग — और सबसे ज़रूरी बात, इन्हें छोटे बच्चे को objects (चीज़ों) और तस्वीरों से कैसे सिखाया जाए, सिर्फ खुद हल करना काफ़ी नहीं है। |
| मापन | लंबाई, क्षेत्रफल जैसी चीज़ों की standard और non-standard units (जैसे बालिश्त) से तुलना और नाप; टीचर रोज़मर्रा की चीज़ों से नाप कैसे सिखाए, ऐसे सवाल आते हैं। |
| भार | भारी-हल्का तुलना और छोटे बच्चों के स्तर के तौल (weighing) के सरल concept; इसे formula से नहीं, हाथों से किए जाने वाले क्लासरूम activity से जोड़कर समझें। |
| समय | घड़ी, कैलेंडर पढ़ना और सरल duration के सवाल, साथ ही छोटे बच्चे को समय की समझ धीरे-धीरे कैसे सिखाई जाए। |
| आयतन | कोई चीज़ कितनी जगह घेरती है या कोई बर्तन कितना भर सकता है — इस स्तर पर formula से नहीं, उंडेलने-भरने वाली activity से सिखाया जाता है। |
| आँकड़ों का प्रबंधन | सरल data को इकट्ठा करना, व्यवस्थित करना और पढ़ना — जैसे क्लास की पसंदीदा फल को picture graph में दिखाना; सरल graph पढ़ना और बच्चों के साथ बनाना सीख लें। |
| पैटर्न | संख्या या आकार के pattern पहचानना और आगे बढ़ाना — एक आम MCQ जिसमें एक sequence दिखाकर पूछा जाता है कि आगे क्या आएगा; अलग-अलग तरह के pattern का अभ्यास करें। |
| मुद्रा | सिक्के और नोट पहचानना और पैसों की सरल गणना, जो 'दुकान-दुकान' खेल जैसी activity से सिखाई जाती है; इसे सिर्फ गणित नहीं, असली क्लासरूम तरीकों से भी जोड़ें। |
| ज्यामिति और आकृतियाँ | बुनियादी 2D और 3D आकार और उनके गुण, और बच्चे पहले आस-पास की चीज़ों में आकार कैसे पहचानते हैं, नाम बाद में सीखते हैं; आम आकारों के नाम और सरल गुण अच्छे से याद रखें। |
| शिक्षाशास्त्र से जुड़े मुद्दे — गणित का स्वरूप | गणित विषय की अपनी प्रकृति (nature) क्या है — तार्किक (logical), अमूर्त (abstract), कदम-दर-कदम बनी हुई; यह एक concept वाला topic है जो छोटे definition-style सवालों में पूछा जाता है, इसे अपने आसान शब्दों में समझें। |
| पाठ्यक्रम में इसका स्थान | प्राइमरी स्तर पर गणित इस तरह क्यों पढ़ाया जाता है, और बच्चे की पूरी पढ़ाई में यह बाकी विषयों के साथ क्या भूमिका निभाता है। |
| मूल्यांकन और उपचारात्मक शिक्षण | यह जांचना कि बच्चा गणित का कोई concept सच में समझा है या नहीं, और न समझने पर कौन-सी अतिरिक्त मदद दी जाए; गणित के remedial तरीकों के कुछ ठोस उदाहरण याद रखें। |
5 पर्यावरण अध्ययन (पेपर I)
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| परिवार और दोस्त | बच्चे की दुनिया अपने परिवार और दोस्तों से शुरू होती है — पूरे EVS syllabus की यही बुनियाद है, जो जाने-पहचाने से दूर की चीज़ों की तरफ़ बढ़ता है; पूरे विषय को दोहराते वक़्त यह 'पास से दूर' वाला क्रम याद रखें। |
| भोजन | हम क्या खाते हैं, खाना कहां से आता है, और अलग-अलग इलाकों की खाने की आदतें; खाने को संस्कृति और रोज़मर्रा की क्लासरूम चर्चा से जोड़ने वाले सवाल आते हैं। |
| आवास | मौसम, इलाके और ज़रूरत के हिसाब से लोगों के अलग-अलग तरह के घर और आश्रय; यह एक सरल, observation पर आधारित topic है — इसे बच्चे के अपने आस-पास से जोड़ें। |
| जल | पानी के स्रोत, उसके उपयोग, और छोटे बच्चों के स्तर की बुनियादी जल-संरक्षण (conservation) की समझ; EVS क्लासरूम में सिखाई जाने वाली कुछ सरल पानी बचाने की आदतें याद रखें। |
| यात्रा | लोग एक जगह से दूसरी जगह कैसे जाते हैं, और बच्चा अपने आस-पास कौन-कौन से यातायात (transport) के साधन देखता है; यह एक सरल, रोज़मर्रा का topic है — इसे ज़्यादा गहराई से पढ़ने की ज़रूरत नहीं। |
| हम जो बनाते और करते हैं | रोज़मर्रा की गतिविधियां, हस्तकला (crafts) और लोग अपने आस-पास जो छोटी-छोटी चीज़ें बनाते हैं — यह एक हल्का, सामान्य-जागरूकता वाला topic है; एक बार सरसरी तौर पर पढ़ लें, यह ज़्यादा concept-भारी नहीं है। |
| शिक्षाशास्त्र — पर्यावरण अध्ययन का महत्व | प्राइमरी स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) को अलग विषय की तरह क्यों पढ़ाया जाता है और यह बच्चे की सीख में क्या जोड़ता है; यह एक छोटा concept वाला point है, इसे 2-3 लाइन के जवाब की तरह याद करें। |
| अवधारणा और दायरा | EVS असल में क्या-क्या शामिल करता है — यह विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण-जागरूकता को एक विषय में मिला देता है; इसका व्यापक दायरा (scope) जान लें ताकि कोई अनजाना-सा दिखने वाला सवाल हैरान न करे। |
| सीखने के सिद्धांत | EVS पढ़ाने के पीछे के क्लासरूम सिद्धांत — observation और सीधे अनुभव से, सिर्फ lecture देकर नहीं; दोहराते वक़्त हर सिद्धांत को एक असली क्लासरूम उदाहरण से जोड़ें। |
| गतिविधि | EVS के concept सिखाने के लिए इस्तेमाल होने वाली हाथों-हाथ की activity — जैसे प्रकृति की सैर (nature walk) या सरल प्रयोग; कुछ activity के नाम याद रखें, और यह भी कि कौन-सी activity किस concept को सिखाने के लिए बनी है। |
| प्रयोग करना | सरल, उम्र के हिसाब से सही प्रयोग जो बच्चों को खुद EVS का concept खोजने दें, बजाय सीधे जवाब बता देने के; यह समझें कि इस विषय में 'खुद खोजना, सिर्फ बता देने से बेहतर क्यों है'। |
| चर्चा और सतत मूल्यांकन | क्लासरूम चर्चा को सिखाने के औज़ार की तरह इस्तेमाल करना, और सिर्फ साल के अंत में नहीं बल्कि लगातार (continuous) बच्चे की EVS समझ को जांचना; इसे pedagogy unit के 'assessment for learning' वाले विचार से जोड़ें। |
6 गणित और विज्ञान (पेपर II, गणित / विज्ञान शिक्षकों के लिए)
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| संख्या पद्धति | elementary स्तर पर संख्याएं कैसे काम करती हैं — place value, संख्याओं के प्रकार, और उन पर operations; आगे आने वाले algebra (बीजगणित) और geometry (ज्यामिति) की यही बुनियाद है, इसे पहले पक्का करें। |
| बीजगणित | उच्च-प्राइमरी स्तर पर शुरू किए गए बुनियादी algebra के विचार — सरल equations और अनजान संख्या के लिए letters का इस्तेमाल; शब्दों वाले सवाल (word problems) को सरल equation में बदलने का अभ्यास करें। |
| ज्यामिति | उच्च-प्राइमरी स्तर पर आकार, रेखाएं, कोण और उनके गुण, जो Paper I के बुनियादी आकारों पर आगे बढ़ते हैं; आकार भी जानें और उन्हें पहचानना सिखाने का तरीका भी। |
| क्षेत्रमिति और आँकड़ों का प्रबंधन | परिमाप (perimeter), क्षेत्रफल (area) जैसी नाप निकालना, साथ ही graph और table से data पढ़ना और व्यवस्थित करना; गणना और टीचर इसे कदम-दर-कदम कैसे सिखाए, दोनों का अभ्यास करें। |
| विज्ञान — भोजन | खाना कहां से आता है, पोषण (nutrition), और उच्च-प्राइमरी विज्ञान स्तर के खाने से जुड़े concept; इस स्तर पर पढ़ाए जाने वाले खाने के बुनियादी हिस्से और सरल पोषण तथ्य जान लें। |
| शिक्षण सामग्री | रोज़मर्रा की चीज़ों के गुण — जैसे कौन-सी चीज़ें तैरती हैं, घुलती हैं, या गर्मी conduct (संचालन) करती हैं — सरल क्लासरूम प्रयोगों और observation से सिखाया जाता है। |
| सजीव जगत | पौधे, जानवर और जीवित चीज़ें, और उच्च-प्राइमरी स्तर पर इन्हें कैसे classify (वर्गीकृत) और पढ़ा जाता है; यह एक व्यापक topic है — classification की बुनियाद और आम उदाहरणों पर ध्यान दें। |
| चलने वाली चीज़ें | इस स्तर के लिए सरल गति (motion) और बल (force) के concept — जैसे चीज़ें कैसे और क्यों चलती हैं; हर विचार को बच्चे के पहचाने-हुए रोज़मर्रा के उदाहरण से जोड़ें। |
| चीज़ें कैसे काम करती हैं | सरल मशीनें और रोज़मर्रा के mechanism — जैसे lever (उत्तोलक) या pulley (घिरनी) — और ये काम को कैसे आसान बनाते हैं; कुछ नामी उदाहरण अच्छे से याद रखें। |
| प्राकृतिक घटनाएँ और संसाधन | बारिश या मौसम जैसी प्राकृतिक घटनाएं, और प्राकृतिक संसाधन (resources) व उनका उपयोग — संरक्षण की बुनियादी समझ के साथ; इसे EVS unit के पर्यावरण-जागरूकता वाले विचारों से जोड़ें। |
| विज्ञान का शिक्षाशास्त्र | उच्च-प्राइमरी बच्चों को विज्ञान असल में कैसे सिखाया जाना चाहिए — observation, प्रयोग और सवाल पूछने से, सिर्फ रटी हुई परिभाषाओं से नहीं; यह pedagogy वाला पहलू विज्ञान की सामग्री जितना ही पूछा जाता है, इसे मत छोड़ें। |
7 सामाजिक अध्ययन / सामाजिक विज्ञान (पेपर II, सामाजिक अध्ययन के शिक्षकों के लिए)
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| इतिहास | बीते समय का अध्ययन — घटनाएं, काल (periods) और समय के साथ बदलाव; CTET के स्तर पर, सटीक तारीख़ों से ज़्यादा बड़े ऐतिहासिक कालखंडों और उनकी मुख्य विशेषताओं को जानें। |
| भूगोल | पृथ्वी, जगहों और लोगों का अपने भौतिक वातावरण से रिश्ता — इसका अध्ययन; बुनियादी map (नक़्शा) पढ़ना और उच्च-प्राइमरी स्तर पर पढ़ाए जाने वाले मुख्य भौगोलिक concept जान लें। |
| सामाजिक और राजनीतिक जीवन | समाज, सरकार और संस्थाएं कैसे काम करती हैं और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को कैसे प्रभावित करती हैं — इसमें अधिकार, सरकार और नागरिक जीवन जैसे topic बच्चों के स्तर पर आते हैं; हर concept को बच्चे के सीधे अनुभव से जोड़ें। |
| शिक्षाशास्त्र से जुड़े मुद्दे — सामाजिक विज्ञान की अवधारणा और स्वरूप | सामाजिक विज्ञान (social science) विषय के तौर पर क्या है और इसे एक अकेले-तथ्य वाले विषय से अलग तरीके से क्यों पढ़ाया जाता है — यह इतिहास, भूगोल और नागरिकशास्त्र को मिलाता है; यह एक छोटा concept वाला point है, इसे साफ़ एक-लाइन जवाब की तरह याद करें। |
| कक्षा की प्रक्रियाएँ | सामाजिक विज्ञान की क्लास असल में कैसे चलनी चाहिए — चर्चा और activity से, सिर्फ एकतरफ़ा lecture से नहीं; कुछ असली क्लासरूम-process के उदाहरण याद रखें। |
| आलोचनात्मक चिंतन का विकास | बच्चों को सामाजिक मुद्दों पर सवाल पूछना, तर्क करना और अपनी राय बनाना सिखाना, सिर्फ तथ्य मान लेने के बजाय; समझें कि सामाजिक विज्ञान जैसे विषय में यह ख़ास तौर पर क्यों ज़रूरी है। |
| जिज्ञासा आधारित खोज | सवाल पूछकर और जांच-पड़ताल (investigation) करके सीखना — विज्ञान वाले 'experimentation' विचार जैसा ही, बस सामाजिक विषयों पर लागू; इसे project आधारित क्लासरूम काम से जोड़ें। |
| मूल्यांकन | सामाजिक विज्ञान में बच्चे की समझ को कैसे परखा जाए — सिर्फ रटे तथ्यों से नहीं, बल्कि उनके तर्क और नज़रिए को भी जांचकर; इसे pedagogy unit के 'assessment for and of learning' वाले विचार से जोड़ें। |
| स्रोत और प्रोजेक्ट कार्य | असली स्रोत (sources) — जैसे नक़्शे, तस्वीरें या दस्तावेज़ — और project आधारित काम से सामाजिक विज्ञान सिखाना; कुछ उदाहरण स्रोत के प्रकार और project-based पाठ कैसे बनता है, यह जान लें। |
जो इस पैक में नहीं है — कहाँ मिलेगा
| परीक्षा तारीख़ / आवेदन कार्यक्रम | नहीं बताया गया — वर्तमान CTET अधिसूचना देखें |
|---|---|
| आवेदन शुल्क | इस pack में नहीं बताया गया |
| आयु सीमा | इस pack में नहीं बताई गई |
| शैक्षणिक पात्रता (Paper I और Paper II के लिए कौन-सी योग्यता चाहिए) | इस pack में नहीं बताई गई |
| आरक्षित श्रेणी के लिए सटीक छूट प्रतिशत | pack कहता है छूट है, पर प्रतिशत नहीं बताता |
| रिक्ति (vacancy) संख्या | लागू नहीं — CTET एक पात्रता परीक्षा है, भर्ती परीक्षा नहीं, और इस pack में यह नहीं बताई गई |
मुफ़्त अभ्यास — 21 सवाल
पहले खुद जवाब सोचिए, फिर “उत्तर देखें” दबाइए। हर जवाब के साथ तरीक़ा भी दिया है।
-
एक CTET पेपर (Paper I अथवा Paper II) में कुल कितने प्रश्न होते हैं?
- A 150
- B 100
- C 120
- D 200
Exam structure (total questions)उत्तर देखें
A — 150
CTET का हर पेपर — Paper I हो या Paper II — 150 बहुविकल्पीय प्रश्नों का होता है, जिनके कुल 150 अंक होते हैं।
-
प्रत्येक CTET पेपर की अवधि कितनी होती है?
- A 2 घंटे
- B 2 घंटे 30 मिनट
- C 3 घंटे
- D 1 घंटा 30 मिनट
Exam structure (duration)उत्तर देखें
B — 2 घंटे 30 मिनट
आधिकारिक exam pattern के अनुसार हर पेपर (Paper I हो या Paper II) की अवधि 2 घंटे 30 मिनट होती है।
-
क्या CTET में negative marking (नकारात्मक अंकन) है?
- A हां, हर गलत उत्तर पर 0.25 अंक कटते हैं
- B हां, हर गलत उत्तर पर 0.33 अंक कटते हैं
- C कोई negative marking नहीं है
- D हां, हर गलत उत्तर पर 1 अंक कटता है
Marking schemeउत्तर देखें
C — कोई negative marking नहीं है
CTET में कोई negative marking नहीं है, इसलिए गलत उत्तर से कोई अंक नहीं कटता — सोच-समझकर लगाया गया अंदाज़ा भी नुकसान नहीं करता।
-
CTET-qualified घोषित होने के लिए न्यूनतम कितने प्रतिशत अंक चाहिए?
- A 50%
- B 55%
- C 65%
- D 60%
Qualifying criteriaउत्तर देखें
D — 60%
CTET-qualified घोषित होने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 60% अंक लाने होते हैं (आरक्षित श्रेणियों को CBSE के नियमों के अनुसार छूट मिलती है)।
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150 में से CTET पास करने के लिए न्यूनतम कितने अंक चाहिए?
- A 90
- B 75
- C 82
- D 100
Qualifying criteriaउत्तर देखें
A — 90
150 कुल अंकों का 60% = 0.60 × 150 = 90 अंक होता है, यही न्यूनतम qualifying अंक है।
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CTET परीक्षा किस संस्था द्वारा आयोजित की जाती है?
- A NCERT
- B CBSE
- C UGC
- D NIOS
Conducting bodyउत्तर देखें
B — CBSE
CTET, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित की जाती है।
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CTET Paper I किन कक्षाओं में पढ़ाने के लिए पात्रता परीक्षा है?
- A कक्षा VI से VIII
- B कक्षा IX से X
- C कक्षा I से V
- D कक्षा I से VIII
Paper I eligibilityउत्तर देखें
C — कक्षा I से V
Paper I उन उम्मीदवारों के लिए है जो कक्षा I से V (प्राथमिक स्तर) को पढ़ाना चाहते हैं।
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CTET Paper II किन कक्षाओं में पढ़ाने के लिए पात्रता परीक्षा है?
- A कक्षा I से V
- B कक्षा IX से XII
- C कक्षा I से VIII
- D कक्षा VI से VIII
Paper II eligibilityउत्तर देखें
D — कक्षा VI से VIII
Paper II उन उम्मीदवारों के लिए है जो कक्षा VI से VIII (प्रारंभिक स्तर) को पढ़ाना चाहते हैं।
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CTET Paper II में कौन-सा खंड (section) सबसे ज़्यादा अंकों का होता है?
- A गणित व विज्ञान / सामाजिक अध्ययन (60 अंक)
- B भाषा I (30 अंक)
- C बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (30 अंक)
- D भाषा II (30 अंक)
Paper II section-wise marksउत्तर देखें
A — गणित व विज्ञान / सामाजिक अध्ययन (60 अंक)
Paper II में तीन खंड 30-30 अंक के होते हैं (बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, भाषा I, भाषा II) और एक खंड 60 अंक का — गणित व विज्ञान अथवा सामाजिक अध्ययन — जो बाकी हर खंड से दोगुने अंकों का है।
-
इस संख्या pattern को देखें: 2, 4, 6, 8, ___. अगली संख्या क्या होगी?
- A 9
- B 10
- C 12
- D 14
पैटर्नउत्तर देखें
B — 10
यह pattern हर बार 2 से बढ़ता है: 2, 4, 6, 8, इसलिए अगली संख्या 8 + 2 = 10 होगी।
-
इस संख्या pattern को देखें: 3, 6, 12, 24, ___. अगली संख्या क्या होगी?
- A 36
- B 42
- C 48
- D 30
पैटर्नउत्तर देखें
C — 48
हर संख्या पिछली संख्या की दोगुनी है: 3×2=6, 6×2=12, 12×2=24, इसलिए अगली संख्या 24×2 = 48 होगी।
-
संख्या 4,586 में अंक 5 का स्थानीय मान (place value) क्या है?
- A 5
- B 50
- C 5000
- D 500
संख्याएँउत्तर देखें
D — 500
4,586 = 4000 + 500 + 80 + 6, इसलिए अंक 5, सैकड़ा (hundreds) के स्थान पर है और इसका स्थानीय मान 500 है।
-
एक दुकानदार के पास 84 पेंसिलें थीं। उसने 37 पेंसिलें बेच दीं। उसके पास अब कितनी पेंसिलें बची हैं?
- A 47
- B 37
- C 57
- D 42
चार मूल संक्रियाएँउत्तर देखें
A — 47
84 − 37 = 47 पेंसिलें बची हैं।
-
3 मीटर कितने सेंटीमीटर के बराबर होता है?
- A 30 cm
- B 300 cm
- C 3000 cm
- D 3 cm
मापनउत्तर देखें
B — 300 cm
1 मीटर = 100 cm, इसलिए 3 मीटर = 3 × 100 = 300 cm होता है।
-
राहुल के पास ₹50 के 5 नोट और ₹10 के 3 सिक्के हैं। उसके पास कुल कितनी राशि है?
- A ₹230
- B ₹250
- C ₹280
- D ₹300
मुद्राउत्तर देखें
C — ₹280
₹50 के 5 नोट = ₹250, और ₹10 के 3 सिक्के = ₹30; ₹250 + ₹30 = ₹280।
-
एक षट्भुज (hexagon) में कितनी भुजाएं होती हैं?
- A 5
- B 7
- C 8
- D 6
ज्यामिति और आकृतियाँउत्तर देखें
D — 6
षट्भुज (hexagon) की परिभाषा ही यह है कि इसकी 6 भुजाएं होती हैं।
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एक आयत (rectangle) जिसकी लंबाई 8 cm और चौड़ाई 5 cm है, उसका क्षेत्रफल (area) क्या होगा?
- A 40 cm²
- B 13 cm²
- C 26 cm²
- D 45 cm²
क्षेत्रमिति और आँकड़ों का प्रबंधनउत्तर देखें
A — 40 cm²
आयत का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई = 8 × 5 = 40 cm²।
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एक वर्ग (square) जिसकी हर भुजा 9 cm है, उसका परिमाप (perimeter) क्या होगा?
- A 18 cm
- B 36 cm
- C 27 cm
- D 81 cm
क्षेत्रमिति और आँकड़ों का प्रबंधनउत्तर देखें
B — 36 cm
वर्ग का परिमाप = 4 × भुजा = 4 × 9 = 36 cm।
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यदि x + 15 = 32 है, तो x का मान क्या होगा?
- A 15
- B 19
- C 17
- D 47
बीजगणितउत्तर देखें
C — 17
x = 32 − 15 = 17।
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इनमें से कौन-सी संख्या अभाज्य संख्या (prime number) है?
- A 21
- B 27
- C 33
- D 29
संख्या पद्धतिउत्तर देखें
D — 29
21 = 3×7, 27 = 3×9, और 33 = 3×11 — ये सब भाज्य (composite) संख्याएं हैं। 29 केवल 1 और खुद से विभाजित होती है, इसलिए यह अभाज्य (prime) है।
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एक टेस्ट में 5 विद्यार्थियों के अंक 20, 30, 40, 50 और 60 हैं। उनका औसत (average) अंक क्या होगा?
- A 40
- B 30
- C 35
- D 45
आँकड़ों का प्रबंधनउत्तर देखें
A — 40
अंकों का योग = 20+30+40+50+60 = 200; औसत = 200 ÷ 5 = 40।
ये सवाल इसी पेज के आधिकारिक पैटर्न और सिलेबस से बनाए गए हैं। हर उत्तर की जांच अलग से की गई है।
यह परीक्षा इन स्तरों पर भर्ती करती है: 12वीं पास
ध्यान दें — हमेशा उस साल के आधिकारिक नोटिफिकेशन से सिलेबस व पैटर्न कन्फर्म करें, बदलाव संभव है।
अभी कोई नई CTET (Central Teacher Eligibility Test) भर्ती खुली नहीं है। नोटिफिकेशन आते ही यहाँ दिखेगा।
फ्री अलर्ट पाएंऑफिशियल स्रोत: https://ctet.nic.in/