SSC JE सिलेबस और परीक्षा पैटर्न 2026
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आधिकारिक सिलेबस PDF ssc.gov.inSSC JE, कर्मचारी चयन आयोग की वह परीक्षा है जिससे चौदह केंद्रीय संगठनों — CPWD, मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज़, सीमा सड़क संगठन, केंद्रीय जल आयोग, DGQA-नेवल, NTRO और अन्य — में जूनियर इंजीनियर के पद भरे जाते हैं। ये ग्रुप 'B' के पद हैं, वेतन मैट्रिक्स के लेवल-6 पर (₹35,400–1,12,400)। 02.09.2026 को जारी 2026 की अधिसूचना में 1748 अस्थायी रिक्तियाँ बताई गई हैं और आवेदन 22.09.2026 तक खुले हैं। चयन दो कंप्यूटर आधारित पेपरों से होता है, उसी इंजीनियरिंग भाग पर जो आपने चुना है। पढ़ाई की योजना बनाने से पहले एक बात पक्की कर लीजिए — पेपर-I सिर्फ़ क्वालिफ़ाइंग है, वह केवल यह तय करता है कि पेपर-II तक कौन पहुँचेगा, और अंतिम मेरिट सिर्फ़ पेपर-II के सामान्यीकृत अंकों से बनती है।
परीक्षा पैटर्न
| पेपर | विषय | प्रश्न / अंक | अवधि | ऋणात्मक अंकन |
|---|---|---|---|---|
| पेपर-I (कंप्यूटर आधारित) | सामान्य बुद्धि और तर्कशक्ति — सभी के लिए अनिवार्य | 50 / 50 | 2 घंटे (लेखक की सुविधा के पात्र उम्मीदवारों के लिए 2 घंटे 40 मिनट) | हर ग़लत उत्तर पर 0.25 अंक |
| पेपर-I (कंप्यूटर आधारित) | सामान्य जागरूकता — सभी के लिए अनिवार्य | 50 / 50 | 2 घंटे (लेखक की सुविधा के पात्र उम्मीदवारों के लिए 2 घंटे 40 मिनट) | हर ग़लत उत्तर पर 0.25 अंक |
| पेपर-I (कंप्यूटर आधारित) | आपका चुना हुआ एक ही भाग: भाग-A सिविल एवं संरचनात्मक, भाग-B इलेक्ट्रिकल, भाग-C मैकेनिकल, या JE (टेलीकॉम) के लिए भाग-G टेलीकम्युनिकेशन (IMD के वैज्ञानिक सहायक के लिए भाग-D, भाग-E या भाग-F) | 100 / 100 | 2 घंटे (लेखक की सुविधा के पात्र उम्मीदवारों के लिए 2 घंटे 40 मिनट) | हर ग़लत उत्तर पर 0.25 अंक |
| पेपर-II (कंप्यूटर आधारित) | वही चुना हुआ भाग, और कुछ नहीं | 100 / 300 | 2 घंटे (लेखक की सुविधा के पात्र उम्मीदवारों के लिए 2 घंटे 40 मिनट) | हर ग़लत उत्तर पर पूरा 1 अंक |
अधिसूचना में दिया गया अस्थायी कार्यक्रम: पेपर-I अक्टूबर/नवंबर 2026 में, पेपर-II दिसंबर 2026 में। ऑनलाइन आवेदन 02.09.2026 से 22.09.2026 तक (शुल्क 23.09.2026 तक, सुधार की खिड़की 28.09.2026–30.09.2026), और अधिसूचना कहती है कि कार्यक्रम में कोई भी बदलाव उम्मीदवारों को सिर्फ़ आयोग की वेबसाइट से ही बताया जाएगा। ऋणात्मक अंकन दोनों पेपरों में एक जैसा नहीं है — पेपर-I में हर ग़लत उत्तर पर 0.25 अंक कटते हैं, पर पेपर-II में पूरा 1 अंक — इसलिए जो अंदाज़ा पेपर-I में लगाना फ़ायदे का सौदा है, वही पेपर-II में अक्सर घाटे का हो जाता है। एक बात जो पहले से योजना बनाने वालों को भटका देती है: SSC के अपने वर्ष 2026-2027 के परीक्षाओं के अस्थायी कैलेंडर में यह परीक्षा 'जूनियर इंजीनियर (सिविल, मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल) परीक्षा, 2026' नाम से थी, विज्ञापन मार्च 2026 में और पेपर-I मई–जून 2026 में। 02.09.2026 को जारी यह अधिसूचना उन प्रविष्टियों की जगह ले चुकी है — अब ऊपर दी गई तिथियाँ ही लागू हैं — और यही अधिसूचना एक चौथा भाग भी रखती है, भाग-G टेलीकम्युनिकेशन, दूरसंचार विभाग के JE (टेलीकॉम) पद के लिए, जिसका नाम उस कैलेंडर के शीर्षक में है ही नहीं।
पूरा सिलेबस
1 पेपर-I — सामान्य बुद्धि और तर्कशक्ति (50 प्रश्न, 50 अंक) 50 प्रश्न
हर उम्मीदवार के लिए अनिवार्य। अधिसूचना कहती है कि इसमें शाब्दिक और अशाब्दिक, दोनों तरह के प्रश्न आते हैं, और नीचे दी गई बातें ही उसका दायरा हैं (§14.2.1)।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| सादृश्यता | दो चीज़ें किसी तरह से जुड़ी होती हैं; आपको वैसा ही जुड़ाव रखने वाली दूसरी जोड़ी चुननी होती है। शब्द, संख्या और आकृति — तीनों तरह की सादृश्यता एक साथ अभ्यास कीजिए, क्योंकि तरीक़ा एक ही है। |
| समानताएँ | यह पहचानना कि दी गई चीज़ों में एक जैसा क्या है। परीक्षा में यह अक्सर 'बेमेल चुनिए' की शक्ल में आता है, इसलिए विकल्प देखने से पहले साझा गुण को शब्दों में कहने की आदत डालिए। |
| अंतर | यही काम दूसरी तरफ़ से — यह देखना कि पैटर्न कहाँ टूटता है। तेज़ी तब आती है जब आप पूरे समूह को एक साथ घूरने के बजाय एक-एक गुण जाँचते हैं। |
| स्थान-कल्पना | किसी आकृति को दिमाग़ में घुमाना, मोड़ना और दूसरी दिशा से देखना। काग़ज़ मोड़ना, घन बनाना और दर्पण प्रतिबिंब बार-बार आते हैं; सौ हल किए हुए उदाहरणों से ज़्यादा तेज़ी असली काग़ज़ काटकर देखने से आती है। |
| समस्या-समाधान | बिना तय सूत्र वाली मिली-जुली पहेलियाँ — बैठक व्यवस्था, क्रम, रक्त संबंध, दिशा ज्ञान। स्थिति को दिमाग़ में रखने के बजाय काग़ज़ पर बनाइए; यहाँ की लगभग हर ग़लती याददाश्त की ग़लती होती है। |
| विश्लेषण | किसी कथन या आँकड़े को परखने से पहले उसके हिस्सों में तोड़ना। 2026 की अधिसूचना में यह नाम नया जुड़ा है, और यह आम तौर पर कथन-निष्कर्ष या आँकड़ा-पर्याप्तता के प्रश्नों की शक्ल में आता है। |
| निर्णय-क्षमता | दो ठीक-ठाक विकल्पों में से बेहतर वाला चुनना। अभ्यास इस तरह कीजिए कि आपने जो विकल्प छोड़ा, उसके कमज़ोर होने की एक वजह लिखिए — असल में यही आदत परखी जाती है। |
| निर्णय लेना | दी गई शर्तों को किसी स्थिति पर लगाकर बताना कि नतीजा क्या होगा। शर्तें दो बार पढ़िए और स्थिति एक बार; जाल हमेशा उसी शर्त में होता है जिसे आपने सरसरी तौर पर पढ़ा। |
| दृश्य स्मृति | किसी आकृति को याद रखकर उसे बड़ी आकृति के अंदर छिपा हुआ ढूँढ़ना। छिपी आकृतियाँ और अधूरी आकृति पूरी करना इसके आम रूप हैं; रोज़ के दस मिनट काफ़ी हैं। |
| विभेदन | लगभग एक जैसी चीज़ों को अलग-अलग पहचानना। 2026 की सूची में यह नया है, और इसमें पहली नज़र जल्दी की नहीं, ठहरकर डाली गई नज़र काम आती है। |
| प्रेक्षण | वह बारीक़ी पकड़ना जिस पर उत्तर टिका है — बदली हुई छाया, एक अतिरिक्त बिंदु, उलटा तीर। अशाब्दिक श्रृंखला के प्रश्न इसी पर बनते-बिगड़ते हैं। |
| रिश्तों की अवधारणा | परिवार और रक्त संबंध की कड़ियाँ, जिनमें 'तस्वीर की ओर इशारा करते हुए' वाली बनावट भी शामिल है। हर बार पुरुष और स्त्री के चिह्न बनाकर वंश-वृक्ष खींचिए, बिना अपवाद के। |
| अंकगणितीय तर्कशक्ति | छोटे शाब्दिक प्रश्न जिनमें गणित आसान होता है और असली सवाल यह होता है कि समीकरण कैसे बनाएँ — आयु, औसत, अनुपात, कूट अंकगणित। |
| शाब्दिक और आकृति वर्गीकरण | शब्दों या आकृतियों को उस नियम से समूहबद्ध करना जो आपको ख़ुद खोजना है। अगर दो विकल्प सही लग रहे हैं तो आपका नियम ढीला है — उसे तब तक कसिए जब तक ठीक एक ही बचे। |
| अंकगणितीय संख्या श्रृंखला | पहले नियम ढूँढ़िए, फिर छूटा हुआ पद। हर बार इसी क्रम में जाँचिए — पहले अंतर, फिर अनुपात, फिर वर्ग और घन, और उसके बाद एक-एक छोड़कर बने पद। |
| अमूर्त विचार, प्रतीक और उनके आपसी संबंध | प्रतीकों और संकेतों वाले प्रश्न, जिनमें किसी चिह्न का उसका आम मतलब नहीं होता। विकल्पों को छूने से पहले दिए गए कूट को एक छोटी शब्दावली की तरह लिखकर सामने रख लीजिए। |
| अंकगणितीय गणनाएँ | समय के दबाव में सीधी गणना। 20 तक पहाड़े, 30 तक वर्ग और प्रतिशत-भिन्न के आम रूपांतरण — ये किसी भी तरकीब से ज़्यादा अंक बचाते हैं। |
| अन्य विश्लेषणात्मक क्षमताएँ | यह अधिसूचना का अपना 'बाक़ी सब' वाला वाक्य है, इसलिए इस पंक्ति के लिए अंदाज़ा लगाने के बजाय पिछले वर्षों के पेपर को ही असली सिलेबस मानकर चलिए। |
2 पेपर-I — सामान्य जागरूकता (50 प्रश्न, 50 अंक) 50 प्रश्न
हर उम्मीदवार के लिए अनिवार्य। अधिसूचना यह भी जोड़ती है कि ये प्रश्न ऐसे होंगे जिनके लिए किसी विषय का विशेष अध्ययन ज़रूरी न हो (§14.2.2)।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| अपने आसपास के परिवेश की समझ और समाज में उसका उपयोग | यह भाग की अपनी बुनियादी बात है — जिस दुनिया में आप रहते हैं उसकी समझ, न कि किताबी रट्टा। एक अख़बार ठीक से पढ़ना तीन स्थिर सामान्य ज्ञान की किताबों से बेहतर है। |
| समसामयिक घटनाएँ | पिछले बारह महीने, जिनमें परीक्षा से पहले के छह महीनों का भार सबसे ज़्यादा है। बढ़ती हुई फ़ाइल बनाने के बजाय हर महीने का एक पन्ना रखिए, जिसे आप सच में दोहरा सकें। |
| रोज़मर्रा की चीज़ों और अनुभवों का वैज्ञानिक पक्ष | रोज़ का विज्ञान — प्रेशर कुकर क्यों काम करता है, लोहे में जंग क्यों लगती है। यहाँ परिभाषा नहीं, उपयोग पूछा जाता है। |
| भारत और उसके पड़ोसी देश — इतिहास | प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम से सबसे ज़्यादा प्रश्न आते हैं। पहले काल-क्रम पक्का कीजिए; नाम सूची के मुक़ाबले काल-क्रम पर कहीं बेहतर टिकते हैं। |
| संस्कृति | शास्त्रीय नृत्य और संगीत की शैलियाँ, त्योहार, स्मारक, यूनेस्को स्थल। यह लगभग पूरी तरह मिलान का काम है, इसलिए इसे तालिका बनाकर याद कीजिए। |
| भूगोल | भौतिक बनावट, नदियाँ, मिट्टी, जलवायु और भारत का मानचित्र, साथ में पड़ोसी देश। इसे एटलस खोलकर पढ़िए — यहाँ हर प्रश्न किसी जगह का होता है। |
| आर्थिक परिदृश्य | बजट के शीर्षक, बैंकिंग और RBI की बुनियाद, बड़ी योजनाएँ और ख़बरों में आने वाले शब्द। परिभाषा और मौजूदा आँकड़ा — इससे ज़्यादा गहराई की ज़रूरत नहीं। |
| सामान्य राजव्यवस्था | संविधान की बनावट, मौलिक अधिकार और कर्तव्य, संसद, न्यायपालिका और महत्वपूर्ण संशोधन। बार-बार आने वाले अनुच्छेद गिने-चुने हैं; उन्हें पक्का कर लीजिए। |
| वैज्ञानिक अनुसंधान | भारत के अंतरिक्ष, रक्षा और परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम, ISRO और DRDO के अभियान, और ख़बरों में आई नई खोजें। इसे इस साल की ख़बरों तक सीमित रखिए। |
3 भाग-A — सामान्य इंजीनियरिंग (सिविल एवं संरचनात्मक), पेपर-I और पेपर-II
JE (सिविल) पद के लिए। पेपर-I में इसी भाग से 100 प्रश्न और 100 अंक आते हैं; पेपर-II में उसी भाग से 100 प्रश्न और 300 अंक। §14.2.3 पेपर-I के लिए इन विषयों के नाम गिनाती है; §14.3.1 पेपर-II के लिए नीचे दिया गया विस्तार छापती है। इंजीनियरिंग का स्तर लगभग डिप्लोमा जितना रहता है।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| इंजीनियरिंग मैकेनिक्स — बलों का निकाय, फ्री-बॉडी डायग्राम, संतुलन समीकरण; संरचनाओं में आंतरिक बल; घर्षण और उसके उपयोग; द्रव्यमान केंद्र, जड़त्व आघूर्ण | आगे का हर अध्याय इसी भाषा में लिखा है। बल-निकाय हल करना और साफ़ फ्री-बॉडी डायग्राम बनाना इतना अभ्यास कीजिए कि अपने आप हो जाए — यहाँ गँवाए अंक आगे सॉलिड मैकेनिक्स और स्ट्रक्चरल एनालिसिस में दोबारा गँवाने पड़ते हैं। |
| सॉलिड मैकेनिक्स — स्थैतिक रूप से निर्धार्य बीमों में बंकन आघूर्ण और अपरूपण बल; सरल प्रतिबल और विकृति के संबंध; सरल बंकन सिद्धांत, बंकन और अपरूपण प्रतिबल; एकसमान ऐंठन; स्तंभों का पार्श्वनमन; संयुक्त और सीधे बंकन प्रतिबल | बंकन आघूर्ण और अपरूपण बल के आरेख बनाना इस भाग का सबसे फ़ायदेमंद कौशल है — यही आगे स्ट्रक्चरल एनालिसिस, कंक्रीट और स्टील संरचनाओं में काम आता है। पहले मानक बीम के मामले रटकर पक्के कीजिए, फिर उन्हीं पर प्रतिबल के सूत्र लगाइए। |
| स्ट्रक्चरल एनालिसिस — स्थैतिक रूप से निर्धार्य और अनिर्धार्य संरचनाएँ; अध्यारोपण विधि; ट्रस, मेहराब, बीम, केबल और फ्रेम का विश्लेषण; ढाल विक्षेपण और आघूर्ण वितरण विधि; प्रभाव रेखाएँ | सबसे पहले संरचना को पहचानिए — निर्धार्य है या नहीं — क्योंकि यही एक फ़ैसला विधि तय कर देता है। संधि विधि और परिच्छेद विधि से ट्रस का विश्लेषण यहाँ सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला हिस्सा है। |
| निर्माण सामग्री — ईंट, पत्थर, लकड़ी, इस्पात, सीमेंट, गिट्टी, प्लास्टिक, पॉलिमर, काँच, कंक्रीट, कंक्रीट मिश्रण अभिकल्प, कंक्रीट का परीक्षण | यह ज़्यादातर याद रखने का काम है, इसलिए सिविल पेपर में सबसे सस्ते अंक यहीं मिलते हैं। सामग्री, उसका मानक परीक्षण और स्वीकार्य मान — एक ही तालिका बनाइए और दोहराते वक़्त बस वही देखिए। |
| निर्माण प्रबंधन — निर्माण परियोजनाओं के प्रकार; परियोजना नियोजन और नेटवर्क विश्लेषण: PERT और CPM | छोटा अध्याय, तय-सा प्रश्न: क्रांतिक पथ, फ़्लोट, और संभाव्य PERT तथा निश्चयात्मक CPM का अंतर। पाँच नेटवर्क हल कर लीजिए, काम पूरा। |
| प्राक्कलन, लागत और मूल्यांकन — प्राक्कलन की बुनियाद, कार्यों का लागत अनुमान, दर विश्लेषण, मूल्यांकन, विस्तृत प्राक्कलन | यह जूनियर इंजीनियर का रोज़ का काम है, इसलिए पेपर में हर साल आता है। केंद्र-रेखा विधि और लंबी दीवार/छोटी दीवार विधि से मात्रा निकालने का अभ्यास तब तक कीजिए जब तक दोनों से एक ही उत्तर न आए। |
| कंक्रीट संरचनाएँ — कार्यकारी प्रतिबल और सीमा अवस्था अभिकल्प की अवधारणा; बीम, स्लैब और स्तंभों का अभिकल्प; नींव और भाररोधी दीवारें; आसंजन और विकास लंबाई | IS 456:2000 की तालिका परीक्षा में स्क्रीन पर मिलती है, इसलिए अंक इसमें हैं कि कौन-सी तालिका किस काम के लिए खोलनी है — उसके आँकड़े रटने में नहीं। |
| स्टील संरचनाएँ — कार्यकारी प्रतिबल और सीमा अवस्था अभिकल्प की अवधारणा; बोल्ट जोड़, वेल्ड; तनाव सदस्य, संपीड़न सदस्य और बीम का अभिकल्प; बीम तथा फ्रेम का सुघट्य विश्लेषण | जोड़ों का अभिकल्प और तनुता अनुपात यहाँ सबसे ज़्यादा पूछे जाते हैं। बोल्ट जोड़ के टूटने के तरीक़े एक ही कार्ड पर लिख लीजिए — पेपर उन्हें नाम से पूछता है। |
| सर्वेक्षण — सर्वेक्षण के सिद्धांत; त्रुटियाँ और उनका शोधन; मानचित्र, पैमाना और निर्देशांक पद्धति; शृंखला और दिक्सूचक सर्वेक्षण, समतल मेज़ सर्वेक्षण, तलमापन और त्रिकोणमितीय तलमापन; ट्रैवर्स और त्रिभुजन सर्वेक्षण; टोटल स्टेशन; टेकियोमेट्रिक सर्वेक्षण, थियोडोलाइट सर्वेक्षण, उन्नत सर्वेक्षण उपकरण | चौड़ा अध्याय, पर प्रश्न सीमित: तलमापन का गणित (उत्थान-पतन बनाम यंत्र की ऊँचाई), दिगंश का रूपांतरण, और टेकियोमेट्री का एक संख्यात्मक प्रश्न। टोटल स्टेशन और उन्नत उपकरण सिर्फ़ परिभाषा के रूप में पूछे जाते हैं। |
| मृदा यांत्रिकी — त्रि-प्रावस्था निकाय और प्रावस्था संबंध, सूचकांक गुण; एकीकृत तथा भारतीय मानक मृदा वर्गीकरण; पारगम्यता और एक-विमीय प्रवाह; अंतःस्रवण, प्रवाह जाल, उत्प्लावन दाब, पाइपिंग, केशिकत्व, अंतःस्रवण बल; प्रभावी प्रतिबल और द्रव-बालू की स्थिति; मृदा संघनन; एक-विमीय समेकन और समेकन की समय दर; अपरूपण सामर्थ्य, मोर वृत्त, प्रभावी तथा कुल अपरूपण प्राचल, चिकनी मिट्टी और बालू के प्रतिबल-विकृति गुण | शुरुआत के प्रावस्था संबंधों से ही इस अध्याय के लगभग एक तिहाई संख्यात्मक प्रश्न बनते हैं, इसलिए बाक़ी कुछ भी करने से पहले रिक्ति अनुपात, सरंध्रता, जल मात्रा और इकाई भार पर पकड़ बना लीजिए। |
| तरल यांत्रिकी — तरल के गुण, तरल स्थैतिकी; सांतत्य, संवेग और ऊर्जा समीकरण तथा उनके उपयोग; धारारेखीय और विक्षुब्ध प्रवाह; पाइपों में प्रवाह, पाइप जाल; उत्थापन और कर्षण की अवधारणा | बर्नूली समीकरण, अपने सुधारों के साथ, यहाँ सबसे ज़्यादा काम आने वाला औज़ार है। इसे रटने के बजाय असली पाइप प्रश्नों पर लगाकर अभ्यास कीजिए। |
| हाइड्रोलिक्स — डूबी हुई वस्तुओं पर बल; नालियों और पाइपों में प्रवाह मापन; नाली हाइड्रोलिक्स: ऊर्जा-गहराई संबंध, विशिष्ट ऊर्जा, क्रांतिक प्रवाह, जल कूद, एकसमान प्रवाह | विशिष्ट ऊर्जा वक्र क्रांतिक प्रवाह और जल कूद, दोनों को एक साथ समझा देता है; उसे एक बार ढंग से बना लीजिए और ये दो अलग विषय रहेंगे ही नहीं। |
| जल विज्ञान — जल चक्र, वर्षण, वाष्पन, वाष्पोत्सर्जन, जलग्रहण क्षेत्र, अंतःस्यंदन; इकाई जलालेख और जलालेख विश्लेषण; जलाशय क्षमता; बाढ़ अनुमान और बाढ़ मार्गण; भूजल विज्ञान, स्थिर अवस्था कूप हाइड्रोलिक्स और जलभृत; डार्सी नियम का उपयोग | इकाई जलालेख वही अवधारणा है जिस पर पेपर बार-बार लौटता है। उसमें 'इकाई' का मतलब समझ लीजिए, फिर संख्यात्मक प्रश्न अपने आप यांत्रिक हो जाते हैं। |
| सिंचाई — सिंचाई प्रणालियों और विधियों के प्रकार; फ़सल की जल आवश्यकता: ड्यूटी, डेल्टा और वाष्पोत्सर्जन; गुरुत्व बाँध और उत्प्लव मार्ग; अस्तरित और बिना अस्तर की नहरें; अनुप्रस्थ जल निकास संरचनाएँ | ड्यूटी, डेल्टा और आधार काल एक छोटे-से सूत्र से जुड़े हैं जो लगभग हर साल आता है — तीन रूप रटने के बजाय उसे एक बार ख़ुद निकाल लीजिए। |
| जल एवं अपशिष्ट जल की गुणवत्ता और उपचार — भौतिक, रासायनिक और जैविक गुणवत्ता प्राचल; जल गुणवत्ता सूचकांक; इकाई प्रक्रियाएँ और संक्रियाएँ; जल आवश्यकता; जल वितरण प्रणाली; पेयजल उपचार | उपचार की शृंखला क्रम से याद कीजिए — छनन, स्कंदन, अवसादन, निस्यंदन, कीटाणुशोधन — क्योंकि ज़्यादातर प्रश्न यही पूछते हैं कि कोई इकाई क्या करती है या क्रम में कहाँ आती है। |
| मल-निकास प्रणाली का अभिकल्प — घरेलू अपशिष्ट जल की मात्रा; प्राथमिक और द्वितीयक उपचार; निस्सारी मानक; आपंक निपटान; उपचारित मल जल का अलग-अलग कामों में पुनः उपयोग | मल जल, जल आपूर्ति का ही उल्टा रूप है, इसलिए दोनों साथ दोहराइए — अलग से याद सिर्फ़ निस्सारी मानक करने पड़ते हैं। |
| वायु प्रदूषण — प्रदूषकों के प्रकार, उनके स्रोत और प्रभाव; वायु प्रदूषण नियंत्रण; वायु गुणवत्ता मानक; वायु गुणवत्ता सूचकांक और उसकी सीमाएँ | यह याद रखने वाला और समसामयिक ख़बरों से जुड़ा हिस्सा है। असल में दो ही चीज़ें पूछी जाती हैं — वायु गुणवत्ता सूचकांक की श्रेणियाँ और आम प्रदूषकों के राष्ट्रीय मानक। |
| नगरीय ठोस अपशिष्ट — ठोस अपशिष्ट के गुण, उत्पत्ति, संग्रहण और परिवहन; ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की अभियांत्रिक प्रणालियाँ: पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण, ऊर्जा पुनर्प्राप्ति, उपचार और निपटान | छोटा और लगभग पूरी तरह तथ्यात्मक हिस्सा। स्वच्छ भराव क्षेत्र का अभिकल्प तथा कंपोस्टिंग बनाम भस्मीकरण — ज़्यादातर प्रश्न इन्हीं से बनते हैं। |
| परिवहन अवसंरचना — राजमार्गों का ज्यामितीय अभिकल्प: अनुप्रस्थ काट के तत्व, दृष्टि दूरियाँ, क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर संरेखण; रेल पथ का ज्यामितीय अभिकल्प: गति और कैंट | दृष्टि दूरी के सूत्र और अधिसमुन्नयन यहाँ के पक्के संख्यात्मक प्रश्न हैं; रेल पथ का कैंट एक ही सूत्र है, जिसे याद रखना फ़ायदेमंद है। |
| राजमार्ग फुटपाथ — राजमार्ग सामग्री, उसके वांछित गुण और परीक्षण; बिटुमिनस मिश्रण के वांछित गुण; लचीले और कठोर फुटपाथ के अभिकल्प कारक; IRC संहिताओं से लचीले तथा कठोर फुटपाथ का अभिकल्प | लचीले और कठोर फुटपाथ को एक ही तालिका के दो कॉलम में रखिए — भार अंतरण, विफलता का तरीक़ा, अभिकल्प का आधार — क्योंकि पेपर का सबसे पसंदीदा प्रश्न इन्हीं का अंतर है। |
| यातायात इंजीनियरिंग — प्रवाह और गति का अध्ययन, व्यस्ततम घंटा कारक, दुर्घटना अध्ययन, बुनियादी संबंध; यातायात चिह्न; वेबस्टर विधि से सिग्नल अभिकल्प; चौराहों के प्रकार; राजमार्ग क्षमता | वेबस्टर विधि से सिग्नल का अभिकल्प एक तय प्रक्रिया है — तीन बार पूरा हल कीजिए, यह पक्का अंक बन जाता है। यातायात चिह्न पूरी तरह याद करने की चीज़ हैं। |
4 भाग-B — सामान्य इंजीनियरिंग (इलेक्ट्रिकल), पेपर-I और पेपर-II
JE (इलेक्ट्रिकल) पद के लिए, और इलेक्ट्रिकल रास्ते से JE (इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल) के लिए भी। पेपर-I में इसी भाग से 100 प्रश्न और 100 अंक; पेपर-II में उसी भाग से 100 प्रश्न और 300 अंक (§14.2.3.1 तथा §14.3.2)। इंजीनियरिंग का स्तर लगभग डिप्लोमा जितना रहता है।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की बुनियाद — परिपथ के अवयव: प्रतिरोधक, संधारित्र, प्रेरक और बैटरी, तथा उनके मान और प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले कारक; वोल्टता, धारा, शक्ति, ऊर्जा और फ्लक्स तथा उनकी इकाइयाँ | इकाइयाँ और उनके आपसी संबंध हैरान करने वाली संख्या में आसान अंक तय करते हैं। जो भी सूत्र सीखें, उसके साथ उसकी SI इकाई भी लिखिए — ये अंक फिर छूटेंगे नहीं। |
| परिपथ हल करने की विधियाँ — KCL, KVL, नोड विश्लेषण और मेश विश्लेषण | 2026 के पेपर-II में यह परिपथ प्रमेयों के साथ नया जुड़ा है। हर तरह के परिपथ के लिए एक ही विधि तय कीजिए — समांतर वाले परिपथ में नोड, श्रेणी वाले में मेश — और बीच में विधि बदलना बंद कीजिए। |
| परिपथ प्रमेय — थेवनिन, नॉर्टन, अध्यारोपण और अधिकतम शक्ति अंतरण प्रमेय | थेवनिन और नॉर्टन एक ही उत्तर के दो रूप हैं; दोनों के बीच बदलना इतना अभ्यास कीजिए कि सोचना न पड़े। अधिकतम शक्ति अंतरण आम तौर पर एक पंक्ति का प्रश्न होता है। |
| चुंबकीय परिपथ — फ्लक्स, चुंबकीय प्रतिरोध, स्व और अन्योन्य प्रेरकत्व, चुंबक वाहक बल, चुंबकीय परिपथ | चुंबकीय परिपथ को बिलकुल प्रतिरोधी परिपथ की तरह देखिए — चुंबक वाहक बल यानी वोल्टता, फ्लक्स यानी धारा, चुंबकीय प्रतिरोध यानी प्रतिरोध — फिर यह अध्याय लगभग बिना नई मेहनत के हो जाता है। |
| प्रत्यावर्ती धारा की बुनियाद — प्रत्यावर्ती तरंगों के RMS और औसत मान; सरल श्रेणी तथा समांतर AC परिपथ; अनुनाद; संतुलित त्रि-कला परिपथ; तारा-डेल्टा रूपांतरण; सम्मिश्र शक्ति और शक्ति गुणांक | RMS मान, अनुनाद की शर्त और त्रि-कला निकाय के √3 वाले संबंध — ये हर साल पूछे जाते हैं। ये सस्ते अंक हैं, इन्हें दोहराई के आख़िरी हफ़्ते पर मत छोड़िए। |
| मापन और मापक यंत्र — वोल्टता, धारा, शक्ति और शक्ति गुणांक का मापन; यंत्रों का वर्गीकरण और त्रुटियों के प्रकार; धारामापी, अमीटर, वोल्टमीटर, वाटमीटर, व्हीटस्टोन सेतु, केल्विन द्विक सेतु, ऊर्जा मीटर, मेगर; एकल-कला इलेक्ट्रॉनिक ऊर्जा मीटर की बनावट और अंशांकन; CT और PT तथा उनके उपयोग | हर यंत्र के लिए तीन बातें रखिए — क्या मापता है, किस परास में, और क्या त्रुटि। केल्विन द्विक सेतु और मेगर — यही दो सबसे ज़्यादा आपस में गड्डमड्ड होते हैं। |
| विद्युत मशीनें — एकल-कला और त्रि-कला ट्रांसफ़ॉर्मर; DC मशीनें, उनके प्रकार, अभिलक्षण, हानियाँ, दक्षता और उपयोग; AC मशीनें: एकल-कला तथा त्रि-कला प्रेरण मोटर, प्रवर्तन, गति नियंत्रण की विधियाँ, विद्युत ब्रेकिंग और बल आघूर्ण-गति अभिलक्षण | इलेक्ट्रिकल पेपर का सबसे बड़ा हिस्सा यही है। ट्रांसफ़ॉर्मर के परीक्षण (खुला परिपथ और लघु परिपथ) तथा प्रेरण मोटर का सर्पण और बल आघूर्ण-सर्पण वक्र — यही संख्यात्मक प्रश्न बार-बार लौटते हैं। |
| विशेष विद्युत मशीनें और तुल्यकालिक जनित्र — भिन्नात्मक अश्वशक्ति मोटर, सर्वोमोटर; आर्मेचर प्रतिक्रिया; जनित्रों का समांतर संचालन; तुल्यकालन | यह ज़्यादातर सैद्धांतिक है। दो प्रत्यावर्तकों को समांतर में जोड़ने से पहले जो शर्तें पूरी होनी चाहिए, वही यहाँ का मानक प्रश्न है — उन्हें पक्का कीजिए। |
| उत्पादन, पारेषण और वितरण — विद्युत गृहों के प्रकार; भार गुणांक, माँग गुणांक और विविधता गुणांक; शक्ति गुणांक और उसका सुधार; पारेषण तथा वितरण लाइनों के प्रकार; पारेषण लाइन के प्राचल; कोरोना प्रभाव और फ़ेरांटी प्रभाव; परिपथ वियोजक; जनित्र तथा ट्रांसफ़ॉर्मर की सुरक्षा; समाक्ष केबल, उनकी रेटिंग और दक्षता | तीनों गुणांक — भार, माँग, विविधता — इतनी मिलती-जुलती परिभाषाओं वाले हैं कि ज़्यादातर अंक इन्हें आपस में उलटने से जाते हैं। तीनों परिभाषाएँ एक ही पंक्ति में लिखकर आमने-सामने रखिए। |
| प्राक्कलन और लागत — प्रकाश योजनाओं का प्राक्कलन; मशीनों की विद्युत स्थापना और संबंधित IE नियम; भू-संपर्कन की पद्धतियाँ और IE नियम | यह मैदानी काम का प्रश्न-रूप है। भू-संपर्कन से जुड़े IE नियम सीधे याद के आधार पर पूछे जाते हैं, इसलिए तर्क लगाने के बजाय नियम-संख्याएँ एक बार पढ़ लीजिए। |
| विद्युत ऊर्जा का उपयोग — प्रकाशन, विद्युत तापन, विद्युत वेल्डिंग, विद्युत लेपन, विद्युत कर्षण और ड्राइव | संख्यात्मक प्रश्न प्रकाशन से आते हैं (ल्यूमेन, लक्स, व्युत्क्रम वर्ग नियम); कर्षण और वेल्डिंग उपयोग के रूप में पूछे जाते हैं। |
| बुनियादी इलेक्ट्रॉनिक्स — P-N संधि डायोड, दिष्टकारी और तरंग-आकारक, क्लिपिंग, क्लैंपिंग; BJT तथा FET ट्रांजिस्टर और उनके अभिलक्षण; प्रवर्धक; दोलित्र | मानक दिष्टकारी परिपथों का तरंगिका गुणांक और दक्षता — यही भरोसेमंद संख्यात्मक प्रश्न हैं; ट्रांजिस्टर की विन्यास-व्यवस्थाएँ तुलना तालिका के रूप में पूछी जाती हैं। |
| पावर इलेक्ट्रॉनिक्स — थाइरिस्टर के स्थैतिक V-I अभिलक्षण; थाइरिस्टर के लिए फ़ायरिंग और गेटिंग परिपथ; DC से DC रूपांतरण: बक, बूस्ट और बक-बूस्ट परिवर्तक; एकल-कला अर्ध-नियंत्रित, पूर्ण-नियंत्रित और मध्य-बिंदु नियंत्रित दिष्टकारी | कर्तव्य अनुपात के रूप में परिवर्तकों के निर्गत के सूत्र सिर्फ़ तीन छोटे व्यंजक हैं, और इस अध्याय के ज़्यादातर प्रश्न उन्हीं से हल हो जाते हैं। |
5 भाग-C — सामान्य इंजीनियरिंग (मैकेनिकल), पेपर-I और पेपर-II
JE (मैकेनिकल) पद के लिए, और मैकेनिकल रास्ते से JE (इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल) के लिए भी। पेपर-I में इसी भाग से 100 प्रश्न और 100 अंक; पेपर-II में उसी भाग से 100 प्रश्न और 300 अंक (§14.2.3.2 तथा §14.3.3)। मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल के प्रश्नपत्र अलग होते हैं, इसलिए अधिसूचना कहती है कि अंतिम मेरिट के लिए दोनों के अंक आपस में सामान्यीकृत किए जाएँगे (§13.18)।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| इंजीनियरिंग मैकेनिक्स — फ्री-बॉडी डायग्राम और संतुलन, बलों का परिणामी, लामी प्रमेय, घर्षण के नियम, सर्पी और लोटनिक घर्षण, ज्यामितीय समतल आकृतियों का केंद्रक, सरल ठोसों का गुरुत्व केंद्र | लामी प्रमेय तीन बलों वाले प्रश्न एक पंक्ति में हल कर देता है, और मानक आकृतियों के केंद्रक के मान समय के दबाव में निकालने के बजाय याद कर लेना बेहतर है। |
| पदार्थ सामर्थ्य — सरल प्रतिबल और विकृति, बीमों के प्रकार, अपरूपण बल और बंकन आघूर्ण, सरल बंकन और बीम का विक्षेपण, शाफ़्ट की ऐंठन, पतले बेलनाकार कोश | यही अपरूपण बल और बंकन आघूर्ण के आरेख वाला कौशल सिविल पेपर में भी लगता है। कैंटिलीवर और सरल आलंबित बीम के मानक परिणाम अभी याद कर लीजिए — परीक्षा हॉल में एक व्युत्पत्ति बच जाएगी। |
| मशीनों का सिद्धांत — कैम और अनुगामी; बेल्ट, चेन, रस्सी और गियर ड्राइव; गियर ट्रेन; गतिपालक चक्र और नियंत्रक; संतुलन और कंपन; ब्रेक; डायनेमोमीटर; क्लच; बेयरिंग | संख्यात्मक प्रश्न गियर ट्रेन और नियंत्रक से आते हैं; बाक़ी हिस्सा यंत्र-रचना पहचानने का है। हर रचना का चित्र एक बार बनाइए — तस्वीर, पैराग्राफ़ से कहीं बेहतर याद रहती है। |
| मशीन अभिकल्प — भार और प्रतिबल के प्रकार; विसर्पण और श्रांति; विफलता के सिद्धांत; कॉटर जोड़, नकल जोड़, लीवर और क्रैंक का अभिकल्प; घर्षणरोधी बेयरिंग; धँसी हुई कुंजी, शाफ़्ट, कपलिंग, स्पर गियर, पावर स्क्रू और स्प्रिंग का अभिकल्प; स्क्रू फ़ास्टनर, बोल्ट जोड़ और वेल्ड जोड़ का अभिकल्प | विफलता के सिद्धांत, गणना के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा इस रूप में पूछे जाते हैं कि 'कौन-सा सिद्धांत किस पदार्थ पर लगता है'। पहले यही जोड़ी याद कीजिए। |
| पदार्थ विज्ञान और अभियांत्रिकी — क्रिस्टल संरचना और बंध; लोह-कार्बन प्रावस्था आरेख; इस्पात का ऊष्मा उपचार; ढलवाँ लोहे और इस्पात के प्रकार; प्रमुख अलौह मिश्रातु, जैसे एल्युमिनियम मिश्रातु, निकल-ताँबा मिश्रातु और बेयरिंग मिश्रातु; पदार्थ के गुण और परीक्षण; अविनाशी परीक्षण; संक्षारण | अकेला लोह-कार्बन आरेख इस अध्याय के बड़े हिस्से का उत्तर दे देता है — उसके क्षेत्र पढ़ना सीख लीजिए, ऊष्मा उपचार के प्रश्न अपने आप हल हो जाएँगे। |
| ऊष्मीय अभियांत्रिकी — ऊर्जा के स्रोत; ऊष्मागतिकी के नियम; तापीय विद्युत गृह; ऊष्मा पंप, ऊष्मा इंजन और प्रशीतक; भाप जनित्र; भाप टरबाइन, आवेग और प्रतिक्रिया; शीतलन मीनार; अंतर्दहन इंजन: ओटो, डीज़ल और द्विक चक्र, P-V तथा T-s आरेखों के साथ; अंतर्दहन इंजनों के प्रकार; वायु संपीडक; प्रशीतन और वातानुकूलन | मैकेनिकल पेपर में सबसे ज़्यादा अंक यहीं हैं। हर चक्र का P-V और T-s आरेख याद से बनाइए — यहाँ का लगभग हर संख्यात्मक प्रश्न इन्हीं दो चित्रों से शुरू होता है। |
| ऊष्मीय अभियांत्रिकी (आगे) — गैस टरबाइन और जेट नोदन; भाप के गुण; भाप जनित्र; भाप नोज़ल; भाप टरबाइन; चालन, संवहन और विकिरण द्वारा ऊष्मा स्थानांतरण; ऊष्मा विनिमयक | अधिसूचना इसे नए शीर्षक के बजाय ऊष्मीय अभियांत्रिकी के नीचे दूसरे अनुच्छेद के रूप में छापती है, और भाप सारणी वाले प्रश्न यहीं से आते हैं — सारणी ख़ुद आपको परीक्षा में स्क्रीन पर मिलती है। |
| तरल यांत्रिकी और द्रवचालित मशीनें — तरल के गुण; तरल प्रवाह; पाइपों में तरल प्रवाह; सांतत्य समीकरण; समतल तथा वक्र फलकों पर जेट का प्रभाव; द्रवचालित टरबाइन और विद्युत गृह; अपकेंद्री और प्रत्यागामी पंप | टरबाइन तथा पंप की विशिष्ट गति, और अपकेंद्री बनाम प्रत्यागामी पंप का अंतर — ये लगभग हर साल पूछे जाते हैं। |
| औद्योगिक अभियांत्रिकी — स्थल चयन और संयंत्र अभिन्यास; कार्य अध्ययन और कार्य मापन; उत्पादन नियोजन एवं नियंत्रण; सांख्यिकीय गुणवत्ता नियंत्रण; भंडार नियंत्रण | किफ़ायती आदेश मात्रा का सूत्र और नियंत्रण चार्ट की बुनियाद — यही दो भरोसेमंद प्रश्न हैं। यहाँ बाक़ी सब परिभाषाएँ हैं। |
| विनिर्माण अभियांत्रिकी — पैटर्न बनाना, मोल्डिंग, ढलाई; धातु संरूपण; गैस, आर्क और प्रतिरोध वेल्डिंग; खरादों के प्रकार और खराद की क्रियाएँ; ब्रोचिंग मशीन; ड्रिलिंग; मिलिंग; गियर बनाना; ग्राइंडिंग और परिष्करण; प्रेस कार्य | यहाँ ज़्यादातर प्रश्न प्रक्रिया पहचानने के होते हैं: दिया गया काम किस प्रक्रिया से बनेगा। एक ही तालिका रखिए — प्रक्रिया, उससे बनने वाली वस्तु, और उसका आम दोष। |
| मापिकी और मापन — परिशुद्धता, यथार्थता, सुग्राहिता, पुनरावृत्तिता, परास, अंशांकन; रेखीय और कोणीय मापन; तुलनित्र; रूप तथा पृष्ठ परिष्कृति का मापन; CMM; सीमाएँ, फ़िट और सह्यता; विनिमेयता | यहाँ पक्का संख्यात्मक प्रश्न सिर्फ़ सीमाओं और फ़िट से आता है — छिद्र-आधारित तथा शाफ़्ट-आधारित फ़िट, दोनों को दोनों तरफ़ से पढ़ने का अभ्यास कीजिए। |
| उन्नत विनिर्माण प्रक्रियाएँ — जिग और फ़िक्स्चर; CNC मिलिंग मशीन और मशीनिंग केंद्र; PLC; विशेष प्रयोजन मशीनें; अपारंपरिक मशीनन प्रक्रियाएँ, जैसे EDM, ECM, AJM, LBM और EBM; CAD/CAM की बुनियाद; औद्योगिक रोबोट के विन्यास और FMS | यह लगभग पूरी तरह याद रखने का हिस्सा है: कौन-सी अपारंपरिक प्रक्रिया किस पदार्थ पर और क्यों। एक तुलना तालिका पूरी पंक्ति सँभाल लेती है। |
6 भाग-G — टेलीकम्युनिकेशन, केवल JE (टेलीकॉम) पद के लिए
इस चक्र में नया है और छूट जाना आसान है: दूरसंचार विभाग इसी परीक्षा से JE (टेलीकॉम) भर्ती करता है, और दोनों पेपरों में उसका अपना भाग-G है (§14.2.3.6 तथा §14.3.7)। यह बाक़ी भागों से अलग बैच में होता है, इसके लिए अलग मेरिट सूची बनती है, और अधिसूचना इसका स्तर डिप्लोमा नहीं, लगभग स्नातक स्तर का रखती है।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| इंजीनियरिंग गणित — रैखिक बीजगणित (सदिश समष्टि, आधार, रैखिक आश्रितता और स्वतंत्रता, आव्यूह बीजगणित, आइगेन मान और आइगेन सदिश, कोटि, शून्य समष्टि, रैखिक समीकरणों का हल, न्यूनतम वर्ग हल); कलन (माध्यमान प्रमेय, समाकलन, निश्चित और अनुचित समाकल, आंशिक अवकलज, उच्चिष्ठ और निम्निष्ठ, बहु समाकल, रेखा, पृष्ठ तथा आयतन समाकल, टेलर श्रेणी); अवकल समीकरण (प्रथम कोटि के रैखिक और अरैखिक, उच्च कोटि के रैखिक, कॉशी तथा ऑयलर समीकरण, प्राचल विचरण, आंशिक अवकल समीकरण, चर पृथक्करण विधि, आदि तथा सीमा मान समस्याएँ); सदिश विश्लेषण (प्रवणता, अपसरण और कर्ल, गॉस, ग्रीन तथा स्टोक्स प्रमेय); सम्मिश्र विश्लेषण (वैश्लेषिक फलन, कॉशी समाकल प्रमेय और सूत्र, अनुक्रम, श्रेणी, अभिसरण परीक्षण, टेलर तथा लॉरां श्रेणी, अवशेष प्रमेय); प्रायिकता और सांख्यिकी | स्तर पर ध्यान दीजिए: भाग-G के प्रश्न अधिसूचना के अनुसार डिप्लोमा नहीं, स्नातक स्तर के होंगे। यह इस पेज की सबसे चौड़ी पंक्ति है — शुरुआत रैखिक बीजगणित और कलन से कीजिए, क्योंकि सिग्नल, नियंत्रण और संचार, तीनों इन्हीं पर टिके हैं। |
| परिपथ विश्लेषण — नोड और मेश विश्लेषण, अध्यारोपण, थेवनिन, नॉर्टन तथा टेलेजेन प्रमेय; ज्यावक्रीय स्थायी अवस्था विश्लेषण: फ़ेज़र, सम्मिश्र शक्ति, अधिकतम शक्ति अंतरण प्रमेय; रैखिक RL, RC और RLC परिपथों का क्षणिक, काल तथा आवृत्ति क्षेत्र विश्लेषण, लाप्लास रूपांतर से परिपथ समीकरणों का हल; रैखिक द्वि-द्वार परिपथ के प्राचल Z, Y, h और ABCD, व्युत्क्रमता तथा सममिति की शर्तें, शृंखलाबद्ध, श्रेणी और समांतर संयोजन, वाई-डेल्टा रूपांतरण | द्वि-द्वार प्राचल वही हिस्सा है जिसे ज़्यादातर उम्मीदवार छोड़ देते हैं और पेपर सबसे ज़्यादा पूछता है। Z, Y, h और ABCD के बीच रूपांतरण की तालिका याद कीजिए। |
| सिग्नल और सिस्टम — सतत काल सिग्नल: फ़ूरिये श्रेणी, फ़ूरिये रूपांतर, लाप्लास रूपांतर और उनके गुणधर्म, प्रतिचयन प्रमेय, कनवोल्यूशन और उसके उपयोग, प्रतिलोम रूपांतर, सिग्नलों का रूपांतरण; असतत काल सिग्नल: DTFT, DFT, z-रूपांतर, उनके गुणधर्म और प्रतिलोम रूपांतर, सतत सिग्नलों का असतत काल में संसाधन; LTI तंत्र: परिभाषा और गुणधर्म, कारणता, स्थायित्व, आवेग अनुक्रिया, कनवोल्यूशन, ध्रुव और शून्य, आवृत्ति अनुक्रिया, समूह विलंब, कला विलंब, अवकल तथा अंतर समीकरणों और रूपांतरों के रूप में LTI तंत्र | सबसे जल्दी अंक प्रतिचयन प्रमेय और कनवोल्यूशन के गुणधर्मों से मिलते हैं। कारणता और स्थायित्व ध्रुवों की स्थिति से पढ़े जाते हैं — यह पढ़ना एक बार सीख लीजिए, वही नियंत्रण तंत्र में भी काम आएगा। |
| इलेक्ट्रॉनिक युक्तियाँ — नैज तथा अनैज अर्धचालकों में ऊर्जा पट्टियाँ, साम्यावस्था वाहक सांद्रता, प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष बैंड-गैप अर्धचालक; वाहक परिवहन: विसरण धारा, अपवाह धारा, गतिशीलता और प्रतिरोधकता, वाहकों की उत्पत्ति और पुनर्संयोजन, पॉइसों तथा सांतत्य समीकरण; P-N संधि, ज़ेनर डायोड, BJT, MOS संधारित्र, MOSFET और उनके परिपथ विन्यास; LED, फ़ोटो डायोड और सौर सेल | अपवाह बनाम विसरण — पेपर इसी अंतर को बार-बार जाँचता है। युक्तियों के अभिलक्षण पर जाने से पहले इसे साफ़ कर लीजिए। |
| एनालॉग परिपथ — डायोड परिपथ: क्लिपिंग, क्लैंपिंग और दिष्टकारी; BJT तथा MOSFET प्रवर्धक: अभिनति, AC युग्मन, लघु-संकेत विश्लेषण, आवृत्ति अनुक्रिया, धारा दर्पण और अवकल प्रवर्धक; ऑप-एम्प परिपथ: प्रवर्धक, योजक, अवकलक, समाकलक, सक्रिय फ़िल्टर, श्मिट ट्रिगर और दोलित्र | सबसे ज़्यादा अंक देने वाला हिस्सा ऑप-एम्प के विन्यास हैं: व्युत्क्रमी और अव्युत्क्रमी रूपों का लाभ एक बार ख़ुद निकाल लीजिए, आगे का हर परिपथ उसी का रूपांतर है। |
| डिजिटल परिपथ — संख्या निरूपण: द्विआधारी, पूर्णांक और चल-बिंदु; संयोजी परिपथ: बूलीय बीजगणित, बूलीय सर्वसमिकाओं तथा कर्नो मानचित्र से न्यूनीकरण, तर्क द्वार और उनका स्थैतिक CMOS क्रियान्वयन, अंकगणितीय परिपथ, कूट परिवर्तक, बहुसंकेतक, विसंकेतक, डिकोडर, एनकोडर, अर्ध योजक, पूर्ण योजक, अग्रदर्शी वाहक योजक, गुणक, तुलनित्र; अनुक्रमिक परिपथ: लैच और फ्लिप-फ्लॉप, गणित्र, विस्थापन रजिस्टर, परिमित अवस्था मशीन, संचरण विलंब, सेटअप तथा होल्ड समय, क्रांतिक पथ विलंब, फ्लिप-फ्लॉप का रूपांतरण; आँकड़ा परिवर्तक: प्रतिचयन एवं धारण परिपथ, ADC और DAC; अर्धचालक स्मृतियाँ: ROM, SRAM, DRAM; कंप्यूटर संगठन: मशीन अनुदेश और संबोधन विधियाँ, ALU, आँकड़ा-पथ तथा नियंत्रण इकाई, अनुदेश पाइपलाइनिंग | यहाँ सिर्फ़ दो चीज़ें असल में करके दिखानी होती हैं, याद करके नहीं — कर्नो मानचित्र से न्यूनीकरण और फ्लिप-फ्लॉप का रूपांतरण। इन्हें पढ़कर नहीं, काग़ज़ पर हल करके सीखिए। |
| नियंत्रण तंत्र — नियंत्रण तंत्र के मूल अवयव; पुनर्भरण और अग्रभरण सिद्धांत; अंतरण फलन तथा लाप्लास रूपांतर; ब्लॉक आरेख निरूपण और न्यूनीकरण; सिग्नल प्रवाह ग्राफ़ तथा मेसन लाभ सूत्र; LTI तंत्रों का क्षणिक एवं स्थायी अवस्था विश्लेषण, स्थैतिक तथा व्यापकीकृत त्रुटि गुणांक; आवृत्ति अनुक्रिया; राउथ-हरविट्ज़ कसौटी और नाइक्विस्ट स्थायित्व कसौटी; बोडे आलेख, लाभ उपांत और कला उपांत, मूल बिंदुपथ; लैग, लीड तथा लैग-लीड क्षतिपूर्ति, न्यूनतम कला तंत्र; अवस्था चर मॉडल और LTI तंत्र के अवस्था समीकरणों का हल, नियंत्रणीयता एवं प्रेक्षणीयता | राउथ-हरविट्ज़ एक यांत्रिक प्रक्रिया है जो भरोसे से एक अंक दिला देती है; बोडे आलेख और मूल बिंदुपथ पढ़ने से नहीं, बनाकर अभ्यास करने से आते हैं। |
| एनालॉग संचार — यादृच्छिक प्रक्रियाएँ: स्वसहसंबंध और शक्ति स्पेक्ट्रमी घनत्व तथा उनके गुणधर्म, व्यापक एवं कठोर अर्थ में स्थायी, एर्गोडिकता, LTI तंत्रों से यादृच्छिक सिग्नलों का निस्यंदन, बैंड-पास सिग्नलों का लो-पास तुल्य; रव: श्वेत रव, तापीय रव, शॉट रव, रव आकृति, रव तुल्य बैंडविड्थ; आयाम मॉडुलन और विमॉडुलन, आवरण संसूचक, कोण मॉडुलन और विमॉडुलन, AM की दक्षता, AM का स्पेक्ट्रम, DSB-SC मॉडुलन और विमॉडुलन, कोस्टास अभिग्राही, SSB-SC मॉडुलन और विमॉडुलन, FM मॉडुलन और विमॉडुलन, NBFM तथा WBFM, बैंडविड्थ का कार्सन नियम, आवृत्ति विभेदक, कला बद्ध पाश, DSB-SC तथा SSB-SC का रव विश्लेषण, सुपरहेटरोडाइन अभिग्राही | कार्सन नियम और AM की शक्ति दक्षता — ये दो सूत्र हर साल लौटते हैं। AM, DSB-SC और SSB-SC के स्पेक्ट्रम एक बार साथ-साथ बनाकर देख लीजिए। |
| डिजिटल संचार — सूचना सिद्धांत: एन्ट्रॉपी, सप्रतिबंध एन्ट्रॉपी, एन्ट्रॉपी दर, पारस्परिक सूचना, द्विआधारी सममित चैनल तथा द्विआधारी विलोपन चैनल की क्षमता, हफ़मैन कूटन, शैनन-फ़ानो कूटन, क्राफ़्ट असमिका, शैनन स्रोत कूटन प्रमेय, शैनन चैनल कूटन प्रमेय; PCM, DPCM, डेल्टा मॉडुलन, रैखिक पूर्वानुमान फ़िल्टर, लाइन कूटन (NRZ और RZ, एकध्रुवी तथा द्विध्रुवी, मैनचेस्टर) और उनका शक्ति स्पेक्ट्रमी घनत्व तथा बैंडविड्थ; डिजिटल मॉडुलन योजनाएँ (ASK, PSK, FSK, QAM), बैंडविड्थ दक्षता, प्रति बिट औसत ऊर्जा, लांबिक आधार निरूपण, न्यूनतम दूरी; अंतर-प्रतीक व्यतिकरण, नेत्र आरेख, नाइक्विस्ट पल्स कसौटी, उठा हुआ कोसाइन पल्स, RRC पल्स, MAP तथा ML संसूचन, सुमेलित फ़िल्टर अभिग्राही, SNR, कॉशी-श्वार्ज़ असमिका, ग्राम-श्मिट लांबिकीकरण, सहसंबंध अभिग्राही, डिजिटल मॉडुलन योजनाओं का BER; त्रुटि सुधार कूट की बुनियाद, ब्लॉक कूट, हैमिंग कूट, CRC और कनवोल्यूशन कूट | एन्ट्रॉपी और चैनल क्षमता छोटी गणनाएँ हैं, जिन्हें एक हफ़्ते तक रोज़ करना फ़ायदेमंद है। हैमिंग कूट और CRC प्रक्रिया वाले हैं — इन्हें पढ़िए मत, हल कीजिए। |
| विद्युतचुंबकी — कार्तीय, बेलनाकार और गोलीय निर्देशांक तथा उनका रूपांतरण; स्थिर वैद्युतिकी: बिंदु आवेश, रेखीय आवेश और पृष्ठ आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र तथा विभव, विद्युत फ्लक्स घनत्व और धारिता; स्थिर चुंबकत्व: चुंबकीय प्रेरण, फ़ैराडे नियम, चुंबकीय फ्लक्स घनत्व और तीव्रता, ऐंपियर नियम, गॉस नियम, पारगम्यता, चुंबकीय क्षेत्र में संचित ऊर्जा, चुंबकीय सदिश विभव; मैक्सवेल समीकरण अवकल तथा समाकल रूप में और उनकी व्याख्या, सीमा शर्तें, तरंग समीकरण, पॉयंटिंग सदिश; समतल तरंगें और उनके गुण: परावर्तन तथा अपवर्तन, ध्रुवण, कला और समूह वेग, विभिन्न माध्यमों में संचरण, त्वचा गहराई; पारेषण लाइनें: समीकरण, अभिलक्षणिक प्रतिबाधा, परावर्तन गुणांक, VSWR, प्रतिबाधा सुमेलन तथा रूपांतरण, S-प्राचल, स्मिथ चार्ट; आयताकार और वृत्ताकार तरंग-पथ, प्रकाशिक तंतु में प्रकाश संचरण, द्विध्रुव तथा एकध्रुव एंटीना, रैखिक एंटीना सरणी | सबसे भरोसेमंद संख्यात्मक प्रश्न पारेषण लाइनों और स्मिथ चार्ट से आते हैं; मैक्सवेल समीकरण व्युत्पत्ति के मुक़ाबले कहीं ज़्यादा अपने भौतिक अर्थ के लिए पूछे जाते हैं। |
7 परीक्षा के दौरान स्क्रीन पर क्या मिलता है
परीक्षा प्रयोगशाला के अंदर तालिका या कैलकुलेटर का काग़ज़ी रूप ले जाना मना है, इसलिए स्क्रीन वाले का ही अभ्यास कीजिए (§13.11 से §13.13)।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| IS 456:2000 संहिता की तालिका | उम्मीदवार के कंसोल पर 'Useful Data' विकल्प में, अनुदेशों के बग़ल में मिलती है, और पूरी परीक्षा के दौरान चालू रहती है। उत्तर देने से पहले तालिका बंद कर दीजिए। |
| भाप सारणी | वहीं, उसी नियम से — ज़रूरत होने पर दी जाती है, इसलिए मैकेनिकल के उम्मीदवार सारणी के मान रटने के बजाय सारणी पढ़ने का अभ्यास कीजिए। |
| कंप्यूटर स्क्रीन पर वैज्ञानिक कैलकुलेटर | पूरी परीक्षा के दौरान उपलब्ध रहता है, उम्मीदवार की आवेदन तस्वीर के बाईं ओर कैलकुलेटर के चिह्न के रूप में। |
तिथियाँ, शुल्क और उत्तीर्णांक — जैसा अधिसूचना में छपा है
| विवरण | अधिसूचना में क्या लिखा है |
|---|---|
| ऑनलाइन आवेदन की अवधि | 02.09.2026 से 22.09.2026 |
| ऑनलाइन आवेदन पत्र की अंतिम तिथि और समय | 22.09.2026 (23:00 बजे) |
| ऑनलाइन शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि और समय | 23.09.2026 (23:00 बजे) |
| आवेदन पत्र सुधार की अवधि | 28.09.2026 से 30.09.2026 (23:00 बजे) |
| पेपर-I का अस्थायी कार्यक्रम | अक्टूबर / नवंबर 2026 |
| पेपर-II का अस्थायी कार्यक्रम | दिसंबर 2026 |
| अस्थायी रिक्तियाँ | 1748 |
| शुल्क | ₹100। महिला, SC, ST, दिव्यांगजन और भूतपूर्व सैनिक उम्मीदवारों को छूट है |
| शुल्क भुगतान के तरीक़े | BHIM UPI, नेट बैंकिंग, या Visa, MasterCard, Maestro अथवा RuPay डेबिट कार्ड |
| आयु गणना की निर्णायक तिथि | 01.08.2026 |
| 30 वर्ष की आयु सीमा वाले पदों के लिए जन्मतिथि | 02.08.1996 से पहले नहीं और 01.08.2008 के बाद नहीं |
| 32 वर्ष की आयु सीमा वाले पदों के लिए जन्मतिथि | 02.08.1994 से पहले नहीं और 01.08.2008 के बाद नहीं |
| पेपर-I और पेपर-II में न्यूनतम उत्तीर्णांक | अनारक्षित 30%, OBC तथा EWS 25%, बाक़ी सभी श्रेणियाँ 20% |
| अस्थायी उत्तर कुंजी पर आपत्ति का शुल्क | प्रति प्रश्न ₹50, जो वापस नहीं होता |
| आवेदन पत्र के लिए टोल-फ़्री हेल्पलाइन | 180 030 930 63 |
कौन आवेदन कर सकता है — अधिसूचना की पद-वार योग्यता और आयु तालिका
| संगठन | पद | अनिवार्य शैक्षिक योग्यता | आयु सीमा |
|---|---|---|---|
| सीमा सड़क संगठन | JE (सिविल) | सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री; या सिविल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा और सिविल कार्यों के नियोजन, निष्पादन या रखरखाव में दो वर्ष का कार्य अनुभव | 30 वर्ष तक |
| सीमा सड़क संगठन | JE (इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल) | इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री; या इलेक्ट्रिकल, ऑटोमोबाइल अथवा मैकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा और संबंधित कार्यों के नियोजन, निष्पादन या रखरखाव में दो वर्ष का अनुभव | 30 वर्ष तक |
| ब्रह्मपुत्र बोर्ड, जल शक्ति मंत्रालय | JE (सिविल) | मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा | 30 वर्ष तक |
| केंद्रीय जल आयोग | JE (मैकेनिकल) | मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री या डिप्लोमा | 30 वर्ष तक |
| केंद्रीय जल आयोग | JE (सिविल) | सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री या डिप्लोमा | 30 वर्ष तक |
| केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) | JE (इलेक्ट्रिकल) | इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा | 32 वर्ष तक |
| केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) | JE (सिविल) | सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा | 32 वर्ष तक |
| केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र | JE (इलेक्ट्रिकल) | इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा | 30 वर्ष तक |
| केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र | JE (सिविल) | सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा | 30 वर्ष तक |
| DGQA-नेवल, रक्षा मंत्रालय | JE (मैकेनिकल) | मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री; या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा और संबंधित क्षेत्र में दो वर्ष का अनुभव | 30 वर्ष तक |
| DGQA-नेवल, रक्षा मंत्रालय | JE (इलेक्ट्रिकल) | इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री; या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा और संबंधित क्षेत्र में दो वर्ष का अनुभव | 30 वर्ष तक |
| फ़रक्का बैराज परियोजना, जल शक्ति मंत्रालय | JE (इलेक्ट्रिकल) | इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा | 30 वर्ष तक |
| फ़रक्का बैराज परियोजना, जल शक्ति मंत्रालय | JE (सिविल) | सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा | 30 वर्ष तक |
| मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज़ (MES) | JE (सिविल) | सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री; या सिविल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा और सिविल कार्यों के नियोजन, निष्पादन तथा रखरखाव में दो वर्ष का अनुभव | 30 वर्ष तक |
| मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज़ (MES) | JE (इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल) | इलेक्ट्रिकल या मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री; या इलेक्ट्रिकल अथवा मैकेनिकल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा और संबंधित कार्यों के नियोजन, निष्पादन तथा रखरखाव में दो वर्ष का अनुभव | 30 वर्ष तक |
| राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान संगठन (NTRO) | JE (सिविल) | सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा | 30 वर्ष तक |
| महानिदेशक, प्रकाश स्तंभ एवं प्रकाश पोत, पत्तन, पोत परिवहन तथा जलमार्ग मंत्रालय | JE (सिविल) | सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री; या सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के साथ तीन वर्ष का अनुभव; या समकक्ष योग्यता | 32 वर्ष तक |
| महानिदेशक, प्रकाश स्तंभ एवं प्रकाश पोत, पत्तन, पोत परिवहन तथा जलमार्ग मंत्रालय | JE (इलेक्ट्रिकल) | इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिग्री; या इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा के साथ तीन वर्ष का अनुभव; या समकक्ष योग्यता | 32 वर्ष तक |
| दूरसंचार विभाग (DoT) | JE (टेलीकॉम) | इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल कम्युनिकेशन, कंप्यूटर विज्ञान, टेलीकम्युनिकेशन, सूचना प्रौद्योगिकी या इंस्ट्रुमेंटेशन में इंजीनियरिंग अथवा प्रौद्योगिकी की स्नातक डिग्री | 30 वर्ष तक |
| भारत मौसम विज्ञान विभाग | वैज्ञानिक सहायक (JE पद नहीं) | भौतिकी सहित विज्ञान में स्नातक डिग्री; या कंप्यूटर विज्ञान, कंप्यूटर अनुप्रयोग, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इंस्ट्रुमेंटेशन, सूचना प्रौद्योगिकी, टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग अथवा संचार इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री | 30 वर्ष तक |
| मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय | JE (सिविल) | सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री या तीन वर्षीय डिप्लोमा | 30 वर्ष तक |
ऊपरी आयु सीमा से आगे मिलने वाली छूट
| कोड | श्रेणी | छूट |
|---|---|---|
| 01 | अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति | 5 वर्ष |
| 02 | अन्य पिछड़ा वर्ग | 3 वर्ष |
| 03 | बेंचमार्क दिव्यांगजन (अनारक्षित / EWS) | 10 वर्ष |
| 04 | बेंचमार्क दिव्यांगजन (OBC) | 13 वर्ष |
| 05 | बेंचमार्क दिव्यांगजन (SC / ST) | 15 वर्ष |
| 06 | भूतपूर्व सैनिक | वास्तविक आयु में से सैन्य सेवा की अवधि घटाने के बाद 3 वर्ष |
| 08 | किसी विदेशी देश के साथ शत्रुता या अशांत क्षेत्र में अभियान के दौरान दिव्यांग हुए और उसी कारण सेवामुक्त हुए रक्षा कर्मी (अनारक्षित / EWS / OBC) | 3 वर्ष |
| 09 | किसी विदेशी देश के साथ शत्रुता या अशांत क्षेत्र में अभियान के दौरान दिव्यांग हुए और उसी कारण सेवामुक्त हुए रक्षा कर्मी (SC / ST) | 8 वर्ष |
जो इस पैक में नहीं है — कहाँ मिलेगा
| पद-वार और श्रेणी-वार रिक्तियाँ | अधिसूचना में नहीं हैं। उसमें कुल 1748 अस्थायी रिक्तियाँ बताई गई हैं और कहा गया है कि पद-वार तथा श्रेणी-वार ब्योरा ssc.gov.in पर For Candidates → Tentative Vacancy में डाला जाएगा। SSC JE — इस परीक्षा के सारे अपडेट |
|---|---|
| राज्य-वार या ज़ोन-वार रिक्तियाँ | आयोग कहता है कि वह ये आँकड़े इकट्ठा ही नहीं करता, और उम्मीदवारों को संबंधित विभाग से संपर्क करने की सलाह देता है। SSC JE — इस परीक्षा के सारे अपडेट |
| परीक्षा की सटीक तिथियाँ | सिर्फ़ महीने दिए गए हैं — पेपर-I अक्टूबर/नवंबर 2026 में और पेपर-II दिसंबर 2026 में — और अधिसूचना कहती है कि कार्यक्रम में कोई भी बदलाव उम्मीदवारों को केवल आयोग की वेबसाइट से बताया जाएगा। SSC JE — इस परीक्षा के सारे अपडेट |
| कट-ऑफ अंक | नहीं दिए गए हैं। अधिसूचना में सिर्फ़ न्यूनतम उत्तीर्णांक हैं (अनारक्षित 30%, OBC तथा EWS 25%, बाक़ी 20%); पेपर-II के लिए छँटनी की कट-ऑफ परीक्षा के बाद तय होती है। SSC JE — इस परीक्षा के सारे अपडेट |
| सीमा सड़क संगठन के पदों के फिज़िकल और मेडिकल मानक | इनका ज़िक्र है, पर यहाँ इन्हें दोहराया नहीं गया है। अधिसूचना कहती है कि BRO के JE पदों के फिज़िकल तथा मेडिकल मानक कड़े हैं, जिनमें शारीरिक दक्षता परीक्षा भी शामिल है, ब्योरा उसके अनुबंध-XVI में है, और BRO इनकी जाँच अंतिम परिणाम के बाद करता है। आधिकारिक PDF ↗ |
| वैज्ञानिक सहायक, IMD — भाग-D, भाग-E और भाग-F | इस जूनियर इंजीनियर पेज पर नहीं दिए गए हैं। इसी परीक्षा से भारत मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक सहायक भी चुने जाते हैं; उनके कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन तथा भौतिकी के सिलेबस उसी अधिसूचना के अनुच्छेद 14.2.3.3 से 14.2.3.5 और 14.3.4 से 14.3.6 में छपे हैं। आधिकारिक PDF ↗ |
मुफ़्त अभ्यास — 21 सवाल
पहले खुद जवाब सोचिए, फिर “उत्तर देखें” दबाइए। हर जवाब के साथ तरीक़ा भी दिया है।
-
SSC JE पेपर-I में कुल कितने प्रश्न होते हैं?
- A 150
- B 200
- C 100
- D 250
Paper-I structureउत्तर देखें
B — 200
पेपर-I में कुल 200 प्रश्न होते हैं, जिनके लिए 200 अंक तय हैं — जनरल इंटेलिजेंस एंड रीज़निंग में 50, जनरल अवेयरनेस में 50, और जनरल इंजीनियरिंग (स्ट्रीम) भाग में 100 प्रश्न।
-
SSC JE पेपर-I के लिए कुल कितने अंक निर्धारित हैं?
- A 150
- B 300
- C 200
- D 250
Paper-I structureउत्तर देखें
C — 200
पेपर-I में 200 प्रश्न होते हैं और इसके लिए कुल 200 अंक हैं — यानी प्रति प्रश्न एक अंक।
-
SSC JE पेपर-I के लिए कितना समय दिया जाता है?
- A 1 घंटा
- B 2 घंटे
- C 3 घंटे
- D 90 मिनट
Paper-I structureउत्तर देखें
B — 2 घंटे
पेपर-I (200 प्रश्न, 200 अंक) की अवधि आधिकारिक पैटर्न के अनुसार 2 घंटे है।
-
पेपर-I में हर गलत उत्तर पर कितने अंक काटे जाते हैं?
- A 0.5 अंक
- B 1 अंक
- C 0.25 अंक
- D 0.33 अंक
Negative markingउत्तर देखें
C — 0.25 अंक
पेपर-I में हर गलत उत्तर पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग होती है, जैसा कि इस पैक में बताया गया है।
-
पेपर-II में हर गलत उत्तर पर कितने अंक काटे जाते हैं?
- A 0.25 अंक
- B 0.5 अंक
- C 2 अंक
- D 1 अंक
Negative markingउत्तर देखें
D — 1 अंक
पेपर-II में हर गलत उत्तर पर 1 अंक कटता है, जो पेपर-I के 0.25 अंक से ज़्यादा सख्त है।
-
SSC JE पेपर-II में कुल कितने प्रश्न होते हैं?
- A 200
- B 150
- C 100
- D 300
Paper-II structureउत्तर देखें
C — 100
पेपर-II, जो केवल उम्मीदवार की इंजीनियरिंग स्ट्रीम पर आधारित होता है, में 100 प्रश्न होते हैं।
-
SSC JE पेपर-II के लिए कुल कितने अंक निर्धारित हैं?
- A 200
- B 300
- C 100
- D 250
Paper-II structureउत्तर देखें
B — 300
पेपर-II के 100 प्रश्नों के लिए कुल 300 अंक हैं — यानी प्रति प्रश्न 3 अंक।
-
पेपर-I में सबसे ज़्यादा अंकों वाला भाग कौन सा है?
- A जनरल इंटेलिजेंस एंड रीज़निंग
- B जनरल अवेयरनेस
- C जनरल इंजीनियरिंग (स्ट्रीम)
- D तीनों के अंक बराबर हैं
Paper-I structureउत्तर देखें
C — जनरल इंजीनियरिंग (स्ट्रीम)
रीज़निंग और जनरल अवेयरनेस, दोनों के 50-50 अंक हैं, जबकि जनरल इंजीनियरिंग भाग के 100 अंक हैं — यानी बाकी दोनों से दोगुना।
-
UR (अनारक्षित) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम उत्तीर्ण प्रतिशत कितना है?
- A 20%
- B 25%
- C 30%
- D 35%
Qualifying marksउत्तर देखें
C — 30%
पैक के अनुसार न्यूनतम उत्तीर्ण अंक UR के लिए 30%, OBC/EWS के लिए 25%, और अन्य के लिए 20% हैं।
-
इस श्रृंखला में अगली संख्या ज्ञात करें: 2, 6, 12, 20, 30, ?
- A 40
- B 42
- C 36
- D 44
अंकगणितीय संख्या श्रृंखलाउत्तर देखें
B — 42
हर पद n×(n+1) है: 1×2=2, 2×3=6, 3×4=12, 4×5=20, 5×6=30, इसलिए अगला पद 6×7=42 होगा।
-
इस श्रृंखला में अगली संख्या ज्ञात करें: 5, 10, 20, 40, ?
- A 60
- B 70
- C 80
- D 90
अंकगणितीय संख्या श्रृंखलाउत्तर देखें
C — 80
हर पद पिछले पद का दोगुना (×2) है, इसलिए 40 के बाद अगला पद 40×2=80 होगा।
-
एक संख्या को 20% घटाने पर 160 प्राप्त होता है। वह मूल संख्या क्या थी?
- A 180
- B 190
- C 200
- D 210
अंकगणितीय तर्कशक्तिउत्तर देखें
C — 200
यदि मूल संख्या x है, तो 0.8x = 160, इसलिए x = 160 / 0.8 = 200।
-
दो संख्याएँ 3:5 के अनुपात में हैं और उनका योग 96 है। छोटी संख्या ज्ञात करें।
- A 30
- B 36
- C 40
- D 45
अंकगणितीय तर्कशक्तिउत्तर देखें
B — 36
मान लें संख्याएँ 3x और 5x हैं। तब 3x+5x=96, इसलिए 8x=96, x=12; छोटी संख्या 3×12=36 होगी।
-
5 संख्याओं का औसत 24 है। यदि एक संख्या हटा दी जाए, तो शेष 4 संख्याओं का औसत 22 हो जाता है। हटाई गई संख्या ज्ञात करें।
- A 28
- B 30
- C 32
- D 34
अंकगणितीय तर्कशक्तिउत्तर देखें
C — 32
5 संख्याओं का योग = 5×24=120। शेष 4 संख्याओं का योग = 4×22=88। हटाई गई संख्या = 120−88=32।
-
एक डीलर ने एक मशीन पार्ट ₹800 में खरीदा और ₹920 में बेच दिया। लाभ प्रतिशत ज्ञात करें।
- A 10%
- B 12%
- C 15%
- D 20%
अंकगणितीय तर्कशक्तिउत्तर देखें
C — 15%
लाभ = 920−800=120। लाभ% = (120/800)×100 = 15%।
-
₹5,000 पर 8% वार्षिक दर से 3 वर्षों का साधारण ब्याज ज्ञात करें।
- A ₹1,000
- B ₹1,200
- C ₹1,500
- D ₹900
अंकगणितीय तर्कशक्तिउत्तर देखें
B — ₹1,200
साधारण ब्याज = (P×R×T)/100 = (5000×8×3)/100 = ₹1,200।
-
हल करें: 15 + 6 × 4 − 12 ÷ 3
- A 33
- B 35
- C 39
- D 31
अंकगणितीय गणनाएँउत्तर देखें
B — 35
BODMAS नियम से पहले भाग और गुणा करें — 6×4=24, 12÷3=4; फिर 15+24−4=35।
-
हैमर (हथौड़ा) का कारपेंटर (बढ़ई) से वही संबंध है जो स्केलपेल का किससे है?
- A कसाई
- B सर्जन
- C पेंटर
- D दर्ज़ी
सादृश्यताउत्तर देखें
B — सर्जन
कारपेंटर (बढ़ई) का मुख्य औज़ार हैमर (हथौड़ा) है; उसी तरह सर्जन का मुख्य औज़ार स्केलपेल है।
-
उस शब्द को चुनें जो बाकी शब्दों से मेल नहीं खाता: हैमर, छेनी, रिंच, टिम्बर
- A हैमर
- B छेनी
- C रिंच
- D टिम्बर
शाब्दिक और आकृति वर्गीकरणउत्तर देखें
D — टिम्बर
हैमर, छेनी और रिंच तीनों हाथ के औज़ार हैं, जबकि टिम्बर (लकड़ी) एक निर्माण सामग्री है, औज़ार नहीं।
-
एक तस्वीर की ओर इशारा करते हुए एक व्यक्ति ने कहा, 'वह मेरे दादा के इकलौते बेटे की बेटी है।' वह महिला उस व्यक्ति से किस रिश्ते में है?
- A माँ
- B बहन
- C बुआ
- D कज़िन
रिश्तों की अवधारणाउत्तर देखें
B — बहन
व्यक्ति के दादा का इकलौता बेटा उस व्यक्ति का अपना पिता ही है (क्योंकि बेटा केवल एक ही है)। व्यक्ति के पिता की बेटी उसकी बहन होती है।
-
यदि CAT शब्द को DBU कोड किया जाता है (हर अक्षर को वर्णमाला में एक कदम आगे बढ़ाकर), तो उसी नियम से DOG को कैसे कोड किया जाएगा?
- A EPH
- B EPG
- C DPH
- D EPI
अमूर्त विचार, प्रतीक और उनके आपसी संबंधउत्तर देखें
A — EPH
हर अक्षर को एक कदम आगे बढ़ाने पर: D→E, O→P, G→H, यानी कोड EPH बनता है।
ये सवाल इसी पेज के आधिकारिक पैटर्न और सिलेबस से बनाए गए हैं। हर उत्तर की जांच अलग से की गई है।
FAQ — आपके सवाल, सीधे जवाब
आधिकारिक सिलेबस कहाँ प्रकाशित हुआ है?
ssc.gov.in
पेपर-II (कंप्यूटर आधारित) से कितने प्रश्न आते हैं?
100 / 300
पद-वार और श्रेणी-वार रिक्तियाँ — यह जानकारी कहाँ मिलेगी?
अधिसूचना में नहीं हैं। उसमें कुल 1748 अस्थायी रिक्तियाँ बताई गई हैं और कहा गया है कि पद-वार तथा श्रेणी-वार ब्योरा ssc.gov.in पर For Candidates → Tentative Vacancy में डाला जाएगा।
राज्य-वार या ज़ोन-वार रिक्तियाँ — यह जानकारी कहाँ मिलेगी?
आयोग कहता है कि वह ये आँकड़े इकट्ठा ही नहीं करता, और उम्मीदवारों को संबंधित विभाग से संपर्क करने की सलाह देता है।
परीक्षा की सटीक तिथियाँ — यह जानकारी कहाँ मिलेगी?
सिर्फ़ महीने दिए गए हैं — पेपर-I अक्टूबर/नवंबर 2026 में और पेपर-II दिसंबर 2026 में — और अधिसूचना कहती है कि कार्यक्रम में कोई भी बदलाव उम्मीदवारों को केवल आयोग की वेबसाइट से बताया जाएगा।
इस पेज का हर तथ्य — पैटर्न, सिलेबस, तिथियाँ, शुल्क और योग्यता तथा आयु की तालिका — आयोग की अपनी अधिसूचना (फ़ा. सं. HQ-C-3019/1/2026-C-3, ssc.gov.in पर 02.09.2026 को अपलोड) से पढ़कर लिया गया है और यहाँ अपने शब्दों में समझाया गया है। इसका एक ही अपवाद है और वह वहीं बता दिया गया है: मई–जून 2026 वाली पुरानी प्रविष्टि, जो SSC के वर्ष 2026-2027 के परीक्षाओं के अस्थायी कैलेंडर से है। कार्यक्रम अस्थायी है, इसलिए तिथियाँ अधिसूचना से मिला लीजिए: SSC, जूनियर इंजीनियर परीक्षा 2026 की अधिसूचना (ssc.gov.in) ↗
यह परीक्षा इन स्तरों पर भर्ती करती है: डिप्लोमास्नातक
ध्यान दें — हमेशा उस साल के आधिकारिक नोटिफिकेशन से सिलेबस व पैटर्न कन्फर्म करें, बदलाव संभव है।
ऑफिशियल स्रोत: https://ssc.gov.in/api/attachment/uploads/masterData/NoticeBoards/Notice_of_adv_je_2026.pdf