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SSC JE

हर टॉपिक आधिकारिक PDF से मिलाया गया आधिकारिक सूचना, ssc.gov.in

51 टॉपिक, हर एक समझाया हुआ 6 यूनिट
आधिकारिक सिलेबस PDF ssc.gov.in

SSC JE, CPWD, BRO, MES और सेंट्रल वाटर कमीशन जैसे केंद्र सरकार के संगठनों में जूनियर इंजीनियर (सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल) पदों के लिए होने वाली परीक्षा है। चयन (सिलेक्शन) दो चरणों में होता है, और दोनों ही ऑब्जेक्टिव कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) हैं — मौजूदा योजना में कोई वर्णनात्मक (डिस्क्रिप्टिव) पेपर नहीं है। पेपर-I में रीज़निंग और सामान्य ज्ञान के साथ आपकी स्ट्रीम की इंजीनियरिंग की शुरुआती झलक भी होती है, जबकि पेपर-II पूरी तरह उसी स्ट्रीम को गहराई से कवर करता है — इसलिए मेहनत सामान्य विषयों और अपने इंजीनियरिंग विषय, दोनों पर बराबर करनी चाहिए।

परीक्षा पैटर्न

SSC जूनियर इंजीनियर (सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल) परीक्षा कर्मचारी चयन आयोग कराता है, केंद्रीय संगठनों (CPWD, BRO, MES, केंद्रीय जल आयोग, ब्रह्मपुत्र बोर्ड और अन्य) में JE पदों के लिए — ग्रुप 'B' (अराजपत्रित), वेतन लेवल-6 (₹35,400-1,12,400)। योग्यता पद और संगठन के हिसाब से अलग है: मोटे तौर पर संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में डिग्री या 3 वर्षीय डिप्लोमा (कुछ पदों पर, जैसे BRO में, डिप्लोमा वाले रास्ते के साथ 2 साल का अनुभव भी चाहिए) — अधिसूचना में हर संगठन की तालिका देखें। उम्र: आम तौर पर 30 साल तक (कुछ पदों के लिए 32 साल तक), सामान्य छूट के साथ। चयन दो चरणों में होता है, और दोनों ही वस्तुनिष्ठ कंप्यूटर आधारित परीक्षाएँ हैं — मौजूदा योजना में पेपर-II वर्णनात्मक नहीं है। पेपर-I: 200 प्रश्न / 200 अंक, 2 घंटे में — सामान्य बुद्धि और तर्कशक्ति 50/50, सामान्य जागरूकता 50/50, और आपकी शाखा का सामान्य इंजीनियरिंग भाग 100/100; हर ग़लत उत्तर पर 0.25 अंक की कटौती। पेपर-II: सिर्फ़ आपकी इंजीनियरिंग शाखा, 100 प्रश्न / 300 अंक, 2 घंटे; हर ग़लत उत्तर पर 1 अंक की कटौती। प्रश्न हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में आते हैं; इंजीनियरिंग का स्तर लगभग डिप्लोमा जितना होता है; IS 456:2000 की तालिकाएँ, भाप सारणी और स्क्रीन पर वैज्ञानिक कैलकुलेटर परीक्षा में दिए जाते हैं। न्यूनतम उत्तीर्णांक: UR 30%, OBC/EWS 25%, बाक़ी सब 20%। शुल्क ₹100 (महिलाओं / SC / ST / PwBD / भूतपूर्व सैनिकों को छूट)। पेपर-II के लिए चयन पेपर-I के सामान्यीकृत अंकों पर होता है; अंतिम मेरिट पेपर-I और पेपर-II के मिलाकर (सामान्यीकृत) अंकों से बनती है। यह जानकारी SSC की आधिकारिक जूनियर इंजीनियर परीक्षा, 2025 की अधिसूचना (फ़ा. सं. HQ-C-3019/2/2025-C-3, ssc.gov.in पर 30.06.2025 को प्रकाशित) से मिलाकर पक्की की गई है।

पूरा सिलेबस

1 पेपर-I — सामान्य बुद्धि और तर्कशक्ति (50 प्रश्न)
सिलेबस में क्या हैइसका मतलब और तैयारी कैसे करें
सादृश्यताशब्दों, संख्याओं या आकृतियों के बीच एक जैसा संबंध ढूँढना — रोज़ कुछ पेयर बनाकर पैटर्न पहचानने की आदत डालें।
समानताएँ और अंतरदो चीज़ों में क्या एक जैसा है और क्या अलग, यह पहचानना — वस्तुओं, आकृतियों और शब्दों के गुण बारीकी से देखने की आदत डालें।
आकृतियों की मानसिक कल्पनाकिसी आकृति को मोड़ने, घुमाने या मन में दूसरे कोण से देखने की क्षमता — कागज़ मोड़कर या ब्लॉक्स बनाकर अभ्यास करें।
समस्या समाधानदी गई जानकारी से तार्किक तरीके से हल तक पहुँचना — हर सवाल को छोटे-छोटे कदमों में तोड़कर हल करने की आदत डालें।
निर्णय-क्षमताकिसी स्थिति में सबसे उपयुक्त निर्णय पहचानना — व्यावहारिक सोच और सामान्य समझ पर आधारित सवाल होते हैं।
निर्णय लेनादी गई शर्तों के आधार पर सही विकल्प चुनना — हर शर्त को ध्यान से पढ़कर विकल्प छाँटने की आदत डालें।
दृश्य स्मृतिकुछ देर देखी गई आकृति या चित्र को याद रखकर बाद में पहचानना — छोटे चित्र कुछ सेकंड देखकर याद करने का अभ्यास करें।
बारीक अवलोकनदी गई आकृति या स्थिति में बारीक विवरण पकड़ना — जल्दबाज़ी में न देखकर हर हिस्से को ध्यान से जाँचें।
रिश्तों की अवधारणापरिवार, स्थान या क्रम जैसे रिश्तों को दिए गए क्लू से समझना — क्लू के आधार पर छोटा डायग्राम बनाकर हल करें।
अंकगणितीय तर्कशक्तिरोज़मर्रा की संख्या वाली स्थितियों को तर्क से हल करना — पहले स्थिति समझें, फिर गणित लगाएँ।
शाब्दिक और आकृति वर्गीकरणदिए गए शब्दों या आकृतियों में से जो एक अलग है उसे पहचानना — बाकी में साझा नियम ढूँढने की आदत डालें।
संख्या श्रृंखलासंख्याओं के क्रम में छिपा नियम पहचानकर अगली संख्या बताना — जोड़, गुणा और वर्ग जैसे सामान्य पैटर्न से परिचित हो लें।
अमूर्त विचार और प्रतीकबिना शब्दों के, चिन्हों और आकृतियों से दिखाए गए तर्क को समझना — हर चिन्ह का मतलब सावधानी से पढ़ें, अंदाज़ा न लगाएँ।
अंकगणितीय गणनाएँजोड़, घटाव, गुणा, भाग जैसी सीधी गणनाएँ तेज़ी और सटीकता से करना — बिना कैलकुलेटर के मानसिक गणना का अभ्यास करें।
2 पेपर-I — सामान्य जागरूकता (50 प्रश्न)
सिलेबस में क्या हैइसका मतलब और तैयारी कैसे करें
पर्यावरण और समाजआसपास के पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों की सामान्य समझ — रोज़ की खबरों में पर्यावरण से जुड़ी सुर्खियाँ नोट करें।
समसामयिक घटनाएँहाल की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ — रोज़ अखबार या न्यूज़ ऐप पर मुख्य खबरें पढ़ने की आदत डालें।
रोज़मर्रा का विज्ञानरोज़मर्रा की ज़िंदगी में दिखने वाले विज्ञान के सामान्य सिद्धांत — स्कूली स्तर की भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान दोहराएँ।
भारत और पड़ोसी देश — इतिहास, संस्कृति, भूगोल, आर्थिक परिदृश्य, सामान्य राजव्यवस्था, वैज्ञानिक अनुसंधानभारत और उसके पड़ोसी देशों से जुड़े इतिहास, संस्कृति, भूगोल, अर्थव्यवस्था, राजव्यवस्था और वैज्ञानिक शोध के सामान्य तथ्य — एक स्थिर सामान्य ज्ञान स्रोत से टॉपिक-वार नोट्स बनाएँ।
3 सिविल और संरचनात्मक (पेपर-I और II)
सिलेबस में क्या हैइसका मतलब और तैयारी कैसे करें
भवन निर्माण सामग्रीईंट, सीमेंट, स्टील, लकड़ी जैसी निर्माण सामग्री के गुण और उपयोग — हर सामग्री की मुख्य विशेषताएँ तालिका बनाकर याद करें।
आकलन, लागत और मूल्यांकन (दर विश्लेषण, बार बेंडिंग शेड्यूल, सिम्पसन का नियम, मूल्यह्रास)किसी निर्माण की मात्रा और लागत निकालना — दर विश्लेषण, बार बेंडिंग शेड्यूल, सिम्पसन नियम और मूल्यह्रास के सवाल हल करके अभ्यास करें।
सर्वेक्षण (चेन से थियोडोलाइट तक, लेवलिंग, कंटूरिंग, वक्र)ज़मीन नापने और नक़्शा बनाने के तरीके — चेन से लेकर थियोडोलाइट तक हर उपकरण का सिद्धांत और सूत्र अलग-अलग समझें।
मृदा यांत्रिकी (इंडेक्स गुण, पारगम्यता, संपीडन, अपरूपण सामर्थ्य, धारण क्षमता, SPT)मिट्टी के व्यवहार और उसकी भार सहने की क्षमता का अध्ययन — पारगम्यता, संघनन और कर्तन शक्ति जैसे हर गुण को परिभाषा के साथ अलग नोट करें।
द्रवचालित विज्ञान (बर्नूली, पाइप और नहर में प्रवाह, पंप, टरबाइन)पानी के बहाव और उससे जुड़े यंत्रों का अध्ययन — बर्नूली सिद्धांत की मूल समझ पक्की करके ही पाइप और चैनल फ्लो के सवालों पर जाएँ।
सिंचाई (ड्यूटी-डेल्टा, केनेडी और लेसी, बंधारे, बाढ़ नियंत्रण)खेतों तक पानी पहुँचाने की योजना और तकनीक — ड्यूटी-डेल्टा और केनेडी-लेसी सिद्धांतों के सूत्र अलग-अलग याद रखें, दोनों को मिलाएँ नहीं।
परिवहन (ज्यामितीय डिज़ाइन, लचीले/कठोर पेवमेंट, रेलवे, यातायात सुरक्षा)सड़क, रेलवे और यातायात सुरक्षा की डिज़ाइन — लचीले और कठोर पेवमेंट के अंतर को उदाहरण सहित समझें।
पर्यावरण (जल आपूर्ति, मलजल निकासी, ठोस अपशिष्ट, वायु और ध्वनि प्रदूषण)पानी की आपूर्ति, सीवेज और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी इंजीनियरिंग — जलापूर्ति और सीवरेज जैसे हर विषय का प्रवाह-क्रम (प्रोसेस) समझें।
संरचना सिद्धांत (BMD/SFD, स्तंभ, ऐंठन)किसी ढाँचे पर लगने वाले बल और उसके असर का विश्लेषण — बेंडिंग मोमेंट और शियर फोर्स डायग्राम बनाने का अभ्यास बार-बार करें।
कंक्रीट तकनीक और RCC डिज़ाइन (लिमिट स्टेट और वर्किंग स्ट्रेस)कंक्रीट के गुण और RCC डिज़ाइन के तरीके — लिमिट स्टेट और वर्किंग स्ट्रेस, दोनों विधियों के सूत्र अलग-अलग खाँचों में याद करें।
इस्पात डिज़ाइन (स्तंभ, बीम, ट्रस, प्लेट गर्डर)स्टील के ढाँचों की डिज़ाइन — कॉलम, बीम, ट्रस और प्लेट गर्डर, हर एक के डिज़ाइन नियम अलग से समझें।
4 इलेक्ट्रिकल (पेपर-I और II)
सिलेबस में क्या हैइसका मतलब और तैयारी कैसे करें
बुनियादी अवधारणाएँ (R-L-C)प्रतिरोध, प्रेरकत्व और धारिता (R-L-C) के मूल सिद्धांत — इन तीनों के सूत्र और इकाइयाँ पहले पक्की करें, बाकी सब इन्हीं पर टिका है।
परिपथ नियम और नेटवर्क प्रमेयसर्किट हल करने के नियम जैसे किरचॉफ, थेवेनिन, नॉर्टन — हर प्रमेय का एक-एक सरल सर्किट पर अभ्यास करें।
चुंबकीय परिपथचुंबकीय क्षेत्र और उसके पथ से जुड़े सिद्धांत — विद्युत सर्किट से इसकी तुलना करके समझना आसान होता है।
AC के मूल सिद्धांत (RMS, अनुनाद, 3-फेज़)प्रत्यावर्ती धारा (AC) के मूल सिद्धांत — RMS मान, अनुनाद और 3-फेज़ सप्लाई की अवधारणाएँ चरण दर चरण समझें।
मापन और उपकरण (टू-वाटमीटर, मेगर, CRO, CT/PT, AC ब्रिज)विद्युत राशियाँ नापने वाले यंत्र — टू-वॉटमीटर, मेगर, CRO, CT/PT जैसे हर यंत्र का काम और उपयोग अलग से याद करें।
DC मशीनेंडीसी जनरेटर और मोटर की बनावट और कार्यप्रणाली — दोनों के समीकरण और विशेषता वक्र (characteristics) अलग-अलग याद रखें।
ट्रांसफ़ॉर्मर (OC/SC परीक्षण, समानांतर संचालन)ट्रांसफार्मर की कार्यप्रणाली और उसके परीक्षण — ओपन-सर्किट और शॉर्ट-सर्किट टेस्ट किस-किस पैरामीटर के लिए होते हैं, यह स्पष्ट समझें।
3-फेज़ इंडक्शन मोटरसबसे आम इस्तेमाल होने वाली AC मोटर की बनावट और कार्यसिद्धांत — स्लिप, टॉर्क और स्पीड के बीच के संबंध पर ध्यान दें।
फ़्रैक्शनल-kW मोटरघरेलू उपकरणों में लगने वाली छोटी क्षमता की मोटरें — इनके प्रकार और शुरुआत (स्टार्टिंग) के तरीके अलग-अलग समझें।
तुल्यकालिक मशीनेंसिंक्रोनस जनरेटर और मोटर की कार्यप्रणाली — गति और आवृत्ति के बीच का सीधा संबंध याद रखें, यही इनकी पहचान है।
उत्पादन-पारेषण-वितरण (लोड फैक्टर, पावर फैक्टर, टैरिफ़, स्विचगियर, सुरक्षा, केबल)बिजली बनने से घर तक पहुँचने की पूरी प्रणाली — लोड फैक्टर, पावर फैक्टर और टैरिफ के सूत्र एक साथ बनाकर याद करें।
आकलन और लागत (IE नियम, अर्थिंग)विद्युत कार्य की योजना और लागत निकालना — भारतीय विद्युत (IE) नियमों और अर्थिंग के व्यावहारिक बिंदु याद रखें।
विद्युत का उपयोग (प्रकाश व्यवस्था, तापन, वेल्डिंग, ड्राइव)बिजली के व्यावहारिक उपयोग — रोशनी, हीटिंग, वेल्डिंग और मोटर ड्राइव में इसका इस्तेमाल कैसे होता है, यह समझें।
बुनियादी इलेक्ट्रॉनिक्स (डायोड, BJT, JFET)मूल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का काम — डायोड, BJT और JFET की बनावट और उनके अभिलक्षण वक्र (characteristics) चरण-दर-चरण समझें।
5 मैकेनिकल (पेपर-I और II)
सिलेबस में क्या हैइसका मतलब और तैयारी कैसे करें
मशीनों का सिद्धांत और मशीन डिज़ाइन (लिंकेज, फ़्लाईव्हील, गियर, गवर्नर, कैम, बेयरिंग)मशीनों के पुर्ज़ों की गति और डिज़ाइन का अध्ययन — लिंकेज, फ्लाईव्हील, गियर, गवर्नर जैसे हर पुर्ज़े का काम अलग-अलग चित्र बनाकर समझें।
इंजीनियरिंग यांत्रिकी और पदार्थों की सामर्थ्य (प्रतिबल-विकृति, BMD/SFD, ऐंठन, स्तंभ, दाब पात्र)बल के असर में सामग्री कैसे व्यवहार करती है, इसका अध्ययन — स्ट्रेस-स्ट्रेन वक्र को पहले ठीक से समझें, बाकी विषय इसी पर आधारित हैं।
ऊष्मीय इंजीनियरिंग (भाप सारणी, मोलियर चार्ट, पहला और दूसरा नियम, ऑटो और डीज़ल चक्र, IC इंजन, रैंकिन चक्र, बॉयलर, कंप्रेसर, प्रशीतन, नोज़ल और टरबाइन)ऊष्मा और ऊर्जा से जुड़ी इंजीनियरिंग — इतना बड़ा विषय है कि इसे साइकिल, इंजन, बॉयलर जैसे छोटे हिस्सों में बाँटकर एक-एक करके पढ़ें।
द्रव यांत्रिकी और मशीनें (श्यानता, बर्नूली के उपयोग, प्रवाह मापन, जल टरबाइन, अपकेंद्री पंप)तरल पदार्थों के बहाव और उससे चलने वाली मशीनों का अध्ययन — बर्नूली सिद्धांत के व्यावहारिक उपयोग, जैसे टर्बाइन और पंप, पर विशेष ध्यान दें।
उत्पादन इंजीनियरिंग (इस्पात और ऊष्मा उपचार, वेल्डिंग की विधियाँ और NDT, ढलाई, फोर्जिंग, धातु कटाई, मशीनिंग)सामान बनाने की प्रक्रियाओं का अध्ययन — कास्टिंग, फोर्जिंग, वेल्डिंग और मशीनिंग में हर प्रक्रिया के मुख्य कदम अलग-अलग याद रखें।
6 परीक्षा में स्क्रीन पर मिलने वाली सुविधाएँ
सिलेबस में क्या हैइसका मतलब और तैयारी कैसे करें
IS 456:2000 की तालिकाएँकंक्रीट और RCC डिज़ाइन का आधिकारिक भारतीय मानक — परीक्षा में यह उपलब्ध रहेगा, इसलिए पहले से इसकी तालिकाओं में मान ढूँढने का अभ्यास करें।
भाप सारणीभाप के दाब, तापमान और एन्थैल्पी की मानक तालिकाएँ — परीक्षा में मिलेंगी, इसलिए पहले से इनसे मान पढ़ने का अभ्यास ज़रूरी है।
स्क्रीन पर मिलने वाला वैज्ञानिक कैलकुलेटरपरीक्षा स्क्रीन पर उपलब्ध कैलकुलेटर — इसके बटन और फ़ंक्शन से पहले से परिचित हो लें ताकि परीक्षा के दिन समय बर्बाद न हो।

जो इस पैक में नहीं है — कहाँ मिलेगा

रिक्तियाँ (वेकेंसी)इस पैक में नहीं दी गई हैं — रिक्तियों की संख्या के लिए मौजूदा नोटिफिकेशन देखें।
परीक्षा तिथियाँइस पैक में नहीं दी गई हैं — आवेदन की अवधि और परीक्षा का कार्यक्रम शामिल नहीं है।
पद-वार पात्रता तालिकाविस्तार से नहीं दी गई है — पैक कहता है पात्रता पद और संगठन के अनुसार अलग है, नोटिफिकेशन की तालिका देखने को कहा गया है।
दस्तावेज़ सत्यापन / फिज़िकल चरणनहीं दिया गया है — पैक में केवल दो CBT चरणों का ज़िक्र है, बाद के सत्यापन या फिज़िकल मानकों के बारे में कुछ नहीं कहा गया।

मुफ़्त अभ्यास — 21 सवाल

पहले खुद जवाब सोचिए, फिर “उत्तर देखें” दबाइए। हर जवाब के साथ तरीक़ा भी दिया है।

  1. SSC JE पेपर-I में कुल कितने प्रश्न होते हैं?

    • A 150
    • B 200
    • C 100
    • D 250
    उत्तर देखें

    B — 200

    पेपर-I में कुल 200 प्रश्न होते हैं, जिनके लिए 200 अंक तय हैं — जनरल इंटेलिजेंस एंड रीज़निंग में 50, जनरल अवेयरनेस में 50, और जनरल इंजीनियरिंग (स्ट्रीम) भाग में 100 प्रश्न।

    Paper-I structure
  2. SSC JE पेपर-I के लिए कुल कितने अंक निर्धारित हैं?

    • A 150
    • B 300
    • C 200
    • D 250
    उत्तर देखें

    C — 200

    पेपर-I में 200 प्रश्न होते हैं और इसके लिए कुल 200 अंक हैं — यानी प्रति प्रश्न एक अंक।

    Paper-I structure
  3. SSC JE पेपर-I के लिए कितना समय दिया जाता है?

    • A 1 घंटा
    • B 2 घंटे
    • C 3 घंटे
    • D 90 मिनट
    उत्तर देखें

    B — 2 घंटे

    पेपर-I (200 प्रश्न, 200 अंक) की अवधि आधिकारिक पैटर्न के अनुसार 2 घंटे है।

    Paper-I structure
  4. पेपर-I में हर गलत उत्तर पर कितने अंक काटे जाते हैं?

    • A 0.5 अंक
    • B 1 अंक
    • C 0.25 अंक
    • D 0.33 अंक
    उत्तर देखें

    C — 0.25 अंक

    पेपर-I में हर गलत उत्तर पर 0.25 अंक की नेगेटिव मार्किंग होती है, जैसा कि इस पैक में बताया गया है।

    Negative marking
  5. पेपर-II में हर गलत उत्तर पर कितने अंक काटे जाते हैं?

    • A 0.25 अंक
    • B 0.5 अंक
    • C 2 अंक
    • D 1 अंक
    उत्तर देखें

    D — 1 अंक

    पेपर-II में हर गलत उत्तर पर 1 अंक कटता है, जो पेपर-I के 0.25 अंक से ज़्यादा सख्त है।

    Negative marking
  6. SSC JE पेपर-II में कुल कितने प्रश्न होते हैं?

    • A 200
    • B 150
    • C 100
    • D 300
    उत्तर देखें

    C — 100

    पेपर-II, जो केवल उम्मीदवार की इंजीनियरिंग स्ट्रीम पर आधारित होता है, में 100 प्रश्न होते हैं।

    Paper-II structure
  7. SSC JE पेपर-II के लिए कुल कितने अंक निर्धारित हैं?

    • A 200
    • B 300
    • C 100
    • D 250
    उत्तर देखें

    B — 300

    पेपर-II के 100 प्रश्नों के लिए कुल 300 अंक हैं — यानी प्रति प्रश्न 3 अंक।

    Paper-II structure
  8. पेपर-I में सबसे ज़्यादा अंकों वाला भाग कौन सा है?

    • A जनरल इंटेलिजेंस एंड रीज़निंग
    • B जनरल अवेयरनेस
    • C जनरल इंजीनियरिंग (स्ट्रीम)
    • D तीनों के अंक बराबर हैं
    उत्तर देखें

    C — जनरल इंजीनियरिंग (स्ट्रीम)

    रीज़निंग और जनरल अवेयरनेस, दोनों के 50-50 अंक हैं, जबकि जनरल इंजीनियरिंग भाग के 100 अंक हैं — यानी बाकी दोनों से दोगुना।

    Paper-I structure
  9. UR (अनारक्षित) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम उत्तीर्ण प्रतिशत कितना है?

    • A 20%
    • B 25%
    • C 30%
    • D 35%
    उत्तर देखें

    C — 30%

    पैक के अनुसार न्यूनतम उत्तीर्ण अंक UR के लिए 30%, OBC/EWS के लिए 25%, और अन्य के लिए 20% हैं।

    Qualifying marks
  10. इस श्रृंखला में अगली संख्या ज्ञात करें: 2, 6, 12, 20, 30, ?

    • A 40
    • B 42
    • C 36
    • D 44
    उत्तर देखें

    B — 42

    हर पद n×(n+1) है: 1×2=2, 2×3=6, 3×4=12, 4×5=20, 5×6=30, इसलिए अगला पद 6×7=42 होगा।

    संख्या श्रृंखला
  11. इस श्रृंखला में अगली संख्या ज्ञात करें: 5, 10, 20, 40, ?

    • A 60
    • B 70
    • C 80
    • D 90
    उत्तर देखें

    C — 80

    हर पद पिछले पद का दोगुना (×2) है, इसलिए 40 के बाद अगला पद 40×2=80 होगा।

    संख्या श्रृंखला
  12. एक संख्या को 20% घटाने पर 160 प्राप्त होता है। वह मूल संख्या क्या थी?

    • A 180
    • B 190
    • C 200
    • D 210
    उत्तर देखें

    C — 200

    यदि मूल संख्या x है, तो 0.8x = 160, इसलिए x = 160 / 0.8 = 200।

    अंकगणितीय तर्कशक्ति
  13. दो संख्याएँ 3:5 के अनुपात में हैं और उनका योग 96 है। छोटी संख्या ज्ञात करें।

    • A 30
    • B 36
    • C 40
    • D 45
    उत्तर देखें

    B — 36

    मान लें संख्याएँ 3x और 5x हैं। तब 3x+5x=96, इसलिए 8x=96, x=12; छोटी संख्या 3×12=36 होगी।

    अंकगणितीय तर्कशक्ति
  14. 5 संख्याओं का औसत 24 है। यदि एक संख्या हटा दी जाए, तो शेष 4 संख्याओं का औसत 22 हो जाता है। हटाई गई संख्या ज्ञात करें।

    • A 28
    • B 30
    • C 32
    • D 34
    उत्तर देखें

    C — 32

    5 संख्याओं का योग = 5×24=120। शेष 4 संख्याओं का योग = 4×22=88। हटाई गई संख्या = 120−88=32।

    अंकगणितीय तर्कशक्ति
  15. एक डीलर ने एक मशीन पार्ट ₹800 में खरीदा और ₹920 में बेच दिया। लाभ प्रतिशत ज्ञात करें।

    • A 10%
    • B 12%
    • C 15%
    • D 20%
    उत्तर देखें

    C — 15%

    लाभ = 920−800=120। लाभ% = (120/800)×100 = 15%।

    अंकगणितीय तर्कशक्ति
  16. ₹5,000 पर 8% वार्षिक दर से 3 वर्षों का साधारण ब्याज ज्ञात करें।

    • A ₹1,000
    • B ₹1,200
    • C ₹1,500
    • D ₹900
    उत्तर देखें

    B — ₹1,200

    साधारण ब्याज = (P×R×T)/100 = (5000×8×3)/100 = ₹1,200।

    अंकगणितीय तर्कशक्ति
  17. हल करें: 15 + 6 × 4 − 12 ÷ 3

    • A 33
    • B 35
    • C 39
    • D 31
    उत्तर देखें

    B — 35

    BODMAS नियम से पहले भाग और गुणा करें — 6×4=24, 12÷3=4; फिर 15+24−4=35।

    अंकगणितीय गणनाएँ
  18. हैमर (हथौड़ा) का कारपेंटर (बढ़ई) से वही संबंध है जो स्केलपेल का किससे है?

    • A कसाई
    • B सर्जन
    • C पेंटर
    • D दर्ज़ी
    उत्तर देखें

    B — सर्जन

    कारपेंटर (बढ़ई) का मुख्य औज़ार हैमर (हथौड़ा) है; उसी तरह सर्जन का मुख्य औज़ार स्केलपेल है।

    सादृश्यता
  19. उस शब्द को चुनें जो बाकी शब्दों से मेल नहीं खाता: हैमर, छेनी, रिंच, टिम्बर

    • A हैमर
    • B छेनी
    • C रिंच
    • D टिम्बर
    उत्तर देखें

    D — टिम्बर

    हैमर, छेनी और रिंच तीनों हाथ के औज़ार हैं, जबकि टिम्बर (लकड़ी) एक निर्माण सामग्री है, औज़ार नहीं।

    शाब्दिक और आकृति वर्गीकरण
  20. एक तस्वीर की ओर इशारा करते हुए एक व्यक्ति ने कहा, 'वह मेरे दादा के इकलौते बेटे की बेटी है।' वह महिला उस व्यक्ति से किस रिश्ते में है?

    • A माँ
    • B बहन
    • C बुआ
    • D कज़िन
    उत्तर देखें

    B — बहन

    व्यक्ति के दादा का इकलौता बेटा उस व्यक्ति का अपना पिता ही है (क्योंकि बेटा केवल एक ही है)। व्यक्ति के पिता की बेटी उसकी बहन होती है।

    रिश्तों की अवधारणा
  21. यदि CAT शब्द को DBU कोड किया जाता है (हर अक्षर को वर्णमाला में एक कदम आगे बढ़ाकर), तो उसी नियम से DOG को कैसे कोड किया जाएगा?

    • A EPH
    • B EPG
    • C DPH
    • D EPI
    उत्तर देखें

    A — EPH

    हर अक्षर को एक कदम आगे बढ़ाने पर: D→E, O→P, G→H, यानी कोड EPH बनता है।

    अमूर्त विचार और प्रतीक

ये सवाल इसी पेज के आधिकारिक पैटर्न और सिलेबस से बनाए गए हैं। हर उत्तर की जांच अलग से की गई है।

यह परीक्षा इन स्तरों पर भर्ती करती है: डिप्लोमास्नातक

ध्यान दें — हमेशा उस साल के आधिकारिक नोटिफिकेशन से सिलेबस व पैटर्न कन्फर्म करें, बदलाव संभव है।

ऑफिशियल स्रोत: https://ssc.gov.in/api/attachment/uploads/masterData/NoticeBoards/Notice_of_adv_je_2025.pdf