KREIS Teacher सिलेबस और परीक्षा पैटर्न 2026
हर टॉपिक आधिकारिक PDF से मिलाया गया आधिकारिक सूचना, cetonline.karnataka.gov.in
आधिकारिक सिलेबस PDF cetonline.karnataka.gov.inKREIS शिक्षक भर्ती 2026 से कर्नाटक आवासीय शिक्षण संस्था संघ के आवासीय विद्यालयों — मोरारजी देसाई, कित्तूर रानी चेन्नम्मा, अटल बिहारी वाजपेयी, इंदिरा गांधी और डॉ. बी. आर. आंबेडकर आवासीय विद्यालयों — में समूह 'ग' के शिक्षक पद भरे जाते हैं। भर्ती KREIS की ओर से कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण कराता है, और उसने 10.07.2026 को एक ही दिन दो अधिसूचनाएँ निकालीं: एक शेष मूल संवर्ग के लिए, जिसमें आठ विषयों के 767 पद हैं, और दूसरी कल्याण-कर्नाटक स्थानीय संवर्ग के लिए, जिसमें नौ विषयों के 320 पद हैं। चयन दो प्रश्नपत्रों की लिखित परीक्षा से होता है और दोनों ऑफ़लाइन OMR शीट पर होते हैं: पेपर-1 हर पद के लिए एक जैसा सामान्य प्रश्नपत्र है, और पेपर-2 उसी विषय का होता है जिसके लिए आपने आवेदन किया है। पढ़ाई की योजना बनाने से पहले एक बात पक्की कर लीजिए — चयन प्रक्रिया में बने रहने के लिए प्रतियोगी परीक्षा में कम से कम 35 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है।
परीक्षा पैटर्न
| पेपर | विषय | कुल प्रश्न | कुल अंक | अवधि |
|---|---|---|---|---|
| पेपर-1 | प्रचलित घटनाओं से जुड़े विषयों का सामान्य ज्ञान; सामान्य विज्ञान; भूगोल; समाज विज्ञान; भारतीय समाज और उसके विकास का इतिहास; भारत तथा कर्नाटक का इतिहास; भारत का संविधान और लोक प्रशासन; व्यावहारिक ज्ञान तथा बौद्धिक क्षमता (SSLC स्तर); कर्नाटक का सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास; स्वतंत्रता के बाद कर्नाटक के भूमि सुधार और सामाजिक बदलाव; कर्नाटक की अर्थव्यवस्था, उसकी ताक़त और कमज़ोरी तथा उसकी वर्तमान स्थिति; ग्रामीण विकास, पंचायत राज संस्थाएँ और ग्रामीण सहकारी संस्थाएँ; कर्नाटक के प्रभावी प्रशासन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका; कर्नाटक की पर्यावरण संबंधी समस्याएँ और विकास; बौद्धिक क्षमता | 100 | 100 | 2 घंटे |
| पेपर-2 | निर्दिष्ट प्रश्नपत्र — वही विषय जिसके लिए आपने आवेदन किया है। इसका पाठ्यक्रम अलग से, विषयवार प्रकाशित हुआ है और नीचे पूरा दिया गया है | 100 | 100 | 2 घंटे |
यहाँ किसी भी अध्याय के दोहराने से ज़्यादा अंक तीन नियम तय करते हैं। पहला, न्यूनतम अंक: अधिसूचना मोटे अक्षरों में कहती है कि प्रतियोगी परीक्षा में कम से कम 35 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है, और उससे कम अंक वाले उम्मीदवार चयन प्रक्रिया से बाहर हो जाते हैं। दूसरा, अंकन: हर प्रश्न के चार विकल्प होते हैं, हर प्रश्न एक अंक का है, और ग़लत उत्तर पर 0.25 अंक काटे जाते हैं। तीसरा — और यह इतना अलग है कि उम्मीदवार बिना जाने इसमें अंक गँवा देते हैं — OMR उत्तर पत्रक पर उन प्रश्नों के लिए एक पाँचवाँ गोला दिया जाता है जिनका उत्तर आप नहीं देना चाहते। आख़िरी घंटी के बाद उसे भरने के लिए पाँच अतिरिक्त मिनट मिलते हैं, और अगर किसी प्रश्न पर एक भी गोला नहीं भरा गया तो उसके लिए 0.25 अंक काट लिए जाते हैं। इस प्रश्नपत्र में प्रश्न खाली छोड़ना और उसे 'उत्तर नहीं दिया' के रूप में भरना, दो अलग बातें हैं। इनसे अलग, अनिवार्य कन्नड़ भाषा परीक्षा आपकी मेरिट का हिस्सा नहीं है: वह 150 अंकों की होती है, उत्तीर्ण होने के लिए 50 अंक चाहिए, उसका स्तर SSLC की प्रथम भाषा कन्नड़ जितना रखा जाता है, और अधिसूचना कहती है कि उसके अंक न वरिष्ठता में गिने जाते हैं और न पदों के चयन में। जिन उम्मीदवारों ने SSLC तक कन्नड़ प्रथम या द्वितीय भाषा के रूप में पढ़ी है, या कन्नड़ माध्यम में पढ़ाई की है, या किसी आयोग की अनिवार्य कन्नड़ परीक्षा पहले ही उत्तीर्ण कर ली है, उन्हें इस परीक्षा से छूट मिलती है।
पूरा सिलेबस
1 पेपर-1 — हर पद के लिए एक ही प्रश्नपत्र (100 प्रश्न, 100 अंक) 100 प्रश्न
हर उम्मीदवार के लिए अनिवार्य, चाहे आपने किसी भी विषय के लिए आवेदन किया हो। दोनों अधिसूचनाओं की धारा 10 इन पंद्रह क्षेत्रों को एक ही ख़ाने में छापती है और प्रश्नपत्र को 100 प्रश्न, 100 अंक तथा 2 घंटे देती है। किस क्षेत्र से कितने प्रश्न आएँगे, यह उसमें नहीं लिखा — नीचे 'इस पैक में क्या नहीं है' देखिए।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| प्रचलित घटनाएँ | प्रचलित घटनाओं से जुड़े विषयों का सामान्य ज्ञान। यहाँ राष्ट्रीय ख़बरों जितनी ही बार कर्नाटक का अपना साल भी पूछा जाता है — उसका बजट, योजनाएँ, नियुक्तियाँ और पुरस्कार — इसलिए एक राष्ट्रीय अख़बार के साथ एक कर्नाटक का अख़बार भी पढ़िए। |
| सामान्य विज्ञान | स्कूल स्तर की भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान, जो सिद्धांत के रूप में नहीं बल्कि रोज़मर्रा के तथ्यों की तरह पूछी जाती है। भाषा के पद के लिए आवेदन करने पर भी यह भाग हर उम्मीदवार के लिए एक जैसा है। |
| भूगोल | भौतिक और आर्थिक भूगोल। प्रश्नपत्र राज्य की संस्था बनाती है, इसलिए विश्व भूगोल से ज़्यादा फ़ायदा कर्नाटक की नदियों, ज़िलों, मिट्टियों, फ़सलों और खनिज क्षेत्रों को पढ़ने में है। |
| समाज विज्ञान | स्कूल के समाज विज्ञान के विषय एक साथ — इतिहास, नागरिकशास्त्र, भूगोल और अर्थशास्त्र — उसी स्तर पर जिस स्तर पर कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तक इन्हें रखती है। |
| भारतीय समाज और उसके विकास का इतिहास | भारतीय समाज ने अपना आज का रूप कैसे लिया — जाति और समुदाय, सुधार आंदोलन, शिक्षा, स्त्रियों की स्थिति। इसे तारीख़ों की सूची की तरह नहीं, बदलाव की कहानी की तरह पढ़िए। |
| भारत तथा कर्नाटक का इतिहास | अधिसूचना दोनों को एक ही पंक्ति में रखती है, और अंक कर्नाटक वाले हिस्से में मिलते हैं: कदंब, चालुक्य, होयसळ, विजयनगर, मैसूर के शासक और स्वतंत्रता आंदोलन में राज्य की भूमिका। |
| भारत का संविधान और लोक प्रशासन | मौलिक अधिकार और कर्तव्य, संघ और राज्य, विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका, तथा सरकारी दफ़्तर असल में कैसे चलता है। शिक्षक के प्रश्नपत्र में भी यह पूछा जाता है, क्योंकि हर सरकारी कर्मचारी की परीक्षा इसी पर होती है। |
| व्यावहारिक ज्ञान तथा बौद्धिक क्षमता (SSLC स्तर) | पेपर-1 में यही एक जगह है जहाँ अधिसूचना स्तर तय करती है, और वह स्तर SSLC का है। संख्या शृंखला, कूट, दिशा ज्ञान, रक्त संबंध, प्रतिशत, अनुपात, समय और कार्य — यानी कक्षा 10 का गणित, बस तेज़ी से; प्रतियोगी परीक्षा वाला ऊँचा गणित नहीं। |
| कर्नाटक का सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास | इसे राजनीतिक इतिहास से अलग गिनाया गया है, इसलिए अलग ही पढ़िए: वचन तथा दास साहित्य, मंदिर और स्थापत्य, लोक कलाएँ, त्योहार और राज्य की सुधार परंपराएँ। |
| स्वतंत्रता के बाद कर्नाटक के भूमि सुधार और सामाजिक बदलाव | यह छोटा और साफ़ नाम वाला विषय है — काश्तकारी क़ानून, बिचौलिया व्यवस्थाओं का अंत, और गाँवों में उनसे क्या बदला। बहुत कम उम्मीदवार इसे पढ़ते हैं, जबकि यह अपने अलग बिंदु के रूप में छपा है। |
| कर्नाटक की अर्थव्यवस्था — उसकी ताक़त, उसकी कमज़ोरी और उसकी वर्तमान स्थिति | संक्षेप में राज्य का अपना आर्थिक सर्वेक्षण: कृषि और सिंचाई, उद्योग तथा सूचना प्रौद्योगिकी, उत्तर और दक्षिण कर्नाटक के बीच क्षेत्रीय असंतुलन, रोज़गार और ग़रीबी। |
| ग्रामीण विकास, पंचायत राज संस्थाएँ और ग्रामीण सहकारी संस्थाएँ | त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था, उसके चुनाव और वित्त, तथा ग्रामीण ऋण चलाने वाली सहकारी समितियाँ। कर्नाटक का अपना पंचायत क़ानून वह हिस्सा है जिसका नाम ठीक-ठीक याद रखना चाहिए। |
| कर्नाटक के प्रभावी प्रशासन में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका | ई-गवर्नेंस, जैसा राज्य उसे बरतता है — भूमि अभिलेख, ऑनलाइन सेवाएँ, सरकारी दफ़्तरों में डिजिटल भुगतान, और उन पर खड़ी योजनाएँ। |
| कर्नाटक की पर्यावरण संबंधी समस्याएँ और विकास | पश्चिमी घाट, वन और वन्यजीव, जल विवाद, सूखा और शहरों का प्रदूषण — ये राज्य की समस्याओं के रूप में पूछे जाते हैं, उन क़ानूनों और संस्थाओं के साथ जो इन्हें सँभालती हैं। |
| बौद्धिक क्षमता | SSLC स्तर वाले बिंदु के बाद यह आख़िरी बिंदु के रूप में दूसरी बार छपा है। इसे तर्कशक्ति वाला हिस्सा मानिए — शृंखला, सादृश्य, बेमेल, कूट लेखन, बैठक व्यवस्था और सरल आँकड़ा विश्लेषण — और घड़ी लगाकर अभ्यास कीजिए। |
2 पेपर-2 — कन्नड़ भाषा शिक्षक
आपका पेपर-2 दो घंटे में 100 अंकों के 100 प्रश्नों का होता है, और उसका छपा हुआ पाठ्यक्रम पूरा यही है: तीन इकाइयाँ, जिन्हें पाठ्यक्रम में ಘಟಕ-1, ಘಟಕ-2 और ಘಟಕ-3 शीर्षक दिए गए हैं; यह विषय वहाँ कन्नड़ में ही छपा है।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| इकाई-1 — कन्नड़ साहित्य का इतिहास | पाठ्यक्रम इसे कालखंडों में बाँटता है — हलेगन्नड़ (प्राचीन कन्नड़), नडुगन्नड़ (मध्यकालीन कन्नड़) और होसगन्नड़ (आधुनिक कन्नड़) — और हर काल के कवि तथा कृतियाँ पूछता है। इसे निबंध की तरह नहीं, काल-कवि-कृति की तालिका की तरह तैयार कीजिए। |
| इकाई-2 — काव्यशास्त्र और छंद | काव्य मीमांसा और छंद: वे कसौटियाँ जिनसे कन्नड़ आलोचना किसी कविता को परखती है, और वे छंद जिनमें वह लिखी जाती है। पंक्ति देखकर छंद पहचानना सीखिए, क्योंकि प्रश्न इसी रूप में आता है। |
| इकाई-3 — कन्नड़ भाषा और व्याकरण | वह व्याकरण जो एक कन्नड़ शिक्षक से पढ़ाने की अपेक्षा की जाती है: संधि, समास, कारक, क्रिया रूप, अलंकार और शुद्ध प्रयोग। |
3 पेपर-2 — अंग्रेज़ी भाषा शिक्षक
100 प्रश्न, 100 अंक, 2 घंटे। पाठ्यक्रम इस विषय को चौबीस बिंदुओं की एक लगातार पंक्ति में छापता है; यहाँ वही बिंदु उसी क्रम में एक-एक करके दिए गए हैं। ध्यान दीजिए कि आख़िरी तीन बिंदु अंग्रेज़ी के नहीं, पढ़ाने के हैं।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| उच्चारण | ध्वनियाँ, बलाघात और वे ध्वन्यात्मक चिह्न जिन्हें प्रशिक्षित शिक्षक से पढ़ना आना चाहिए। प्रश्न आम तौर पर यह पूछते हैं कि दी गई ध्वनि या बलाघात किस शब्द में है। |
| वर्तनी | आम तौर पर ग़लत लिखे जाने वाले शब्द और उनके पीछे के नियम — अक्षर का दोहराव, मौन अक्षर, ब्रिटिश तथा अमेरिकी रूप। |
| शब्द-भेद | आठों वर्गों के नाम, और उससे भी ज़्यादा यह पहचानना कि दिए गए वाक्य में कोई शब्द किस वर्ग का है। |
| काल | बारह काल-रूप, और उनसे अलग यह अंतर कि व्याकरण का काल और वास्तविक समय एक चीज़ नहीं हैं — अंग्रेज़ी शिक्षक की परीक्षा इसी अंतर पर होती है। |
| सहायक क्रियाएँ | कैन, मे, मस्ट, शुड, ऑट टु और बाक़ी — इनकी परीक्षा रूप से नहीं, अर्थ से होती है: अनुमति, बाध्यता, संभावना। |
| संबंधसूचक अव्यय | वही छोटे शब्द जो तय करते हैं कि वाक्य स्वाभाविक लगेगा या नहीं। इन्हें अकेले नहीं, वाक्यांशों के साथ याद कीजिए। |
| उपपद | 'ए', 'एन' और 'द', उन स्थितियों समेत जहाँ कोई उपपद नहीं लगता — त्रुटि पहचानने वाले प्रश्नों में सबसे ज़्यादा यही ग़लती छिपाई जाती है। |
| वाक्यांश क्रियाएँ | क्रिया और अव्यय के वे जोड़ जिनका अर्थ उनके हिस्सों को जोड़ने से नहीं निकलता। इन्हें नियम नहीं, पढ़ना और बरतना ही पक्का करता है। |
| अप्रत्यक्ष कथन | प्रत्यक्ष कथन को अप्रत्यक्ष में और वापस बदलना, तथा उसके साथ आने वाले काल, सर्वनाम और समयवाचक शब्दों के बदलाव। |
| अन्विति | कर्ता और क्रिया की अन्विति, उन जालों समेत जहाँ ग़लती होती है — समूहवाचक संज्ञाएँ, 'either/or', तथा दूरी और मात्रा को एकवचन मानना। |
| व्याकरण और प्रयोग | सामान्य व्याकरण का हिस्सा: वाच्य, कथन, उपवाक्य, शर्तवाचक वाक्य और इन्हीं पर बने शुद्धिकरण के अभ्यास। |
| व्यावहारिक अंग्रेज़ी | असली स्थितियों की भाषा — अनुरोध, क्षमा, निर्देश, सूचना, संवाद — यानी वही जो स्कूल की कक्षा को सचमुच चाहिए। |
| पर्यायवाची | शब्द-अर्थ के प्रश्न, जिनमें जाल वही विकल्प होता है जो लगभग सही लगता है; इसलिए हर शब्द के साथ एक उदाहरण वाक्य भी याद कीजिए। |
| विलोम | वही कौशल उल्टी दिशा में। उपसर्ग से बने विलोम (अन-, डिस-, इन-) आसान हिस्सा हैं; बाक़ी पढ़कर ही आते हैं। |
| मुहावरे और वाक्यांश | स्थिर अभिव्यक्तियाँ, जो संदर्भ में अर्थ के रूप में पूछी जाती हैं। बिना संदर्भ के रटी हुई सूची यहाँ सबसे ज़्यादा बेकार जाने वाली मेहनत है। |
| उपसर्ग और प्रत्यय | शब्द निर्माण — एक ही मूल शब्द से संज्ञा, विशेषण और क्रिया कैसे बनती है। यही चुपचाप पर्यायवाची और विलोम के कई प्रश्नों का उत्तर भी दे देता है। |
| त्रुटि पहचान | वाक्य में एक ग़लत भाग ढूँढ़ना। पहले वाक्य की बनावट पढ़िए — कर्ता, क्रिया, कर्म — और उसके बाद ही रेखांकित भागों को देखिए। |
| गद्यांश बोध | एक गद्यांश और उस पर प्रश्न। अंक इसी में हैं कि गद्यांश से पहले प्रश्न पढ़िए और फिर सिर्फ़ उतना ही खोजिए जितना पूछा गया है। |
| रिक्त स्थान भरना | रिक्त स्थानों वाला गद्यांश, जिसमें हर स्थान आसपास के वाक्य से तय होता है — व्याकरण और शब्द-संगति दोनों से। |
| वाक्य के भागों का क्रम | एक उलटे-पुलटे वाक्य के भागों को क्रम में रखना। पहले क्रिया और उसका कर्ता ढूँढ़िए; बाक़ी अपने आप जगह पर आ जाता है। |
| अनुच्छेद में वाक्यों का क्रम | वही पहेली एक स्तर ऊपर: वाक्यों को क्रम में रखकर अनुच्छेद बनाना, जो केवल अर्थ से नहीं, सर्वनामों और जोड़ने वाले शब्दों से तय होता है। |
| परीक्षण और मूल्यांकन | इस प्रश्नपत्र का शिक्षण वाला हिस्सा: परीक्षणों के प्रकार, सतत तथा सत्रांत मूल्यांकन, विश्वसनीयता और वैधता, और प्रश्नपत्र कैसे बनाया जाता है। |
| विधियाँ और तकनीकें | अंग्रेज़ी पढ़ाने की विधियाँ — संरचनात्मक, संप्रेषणात्मक, प्रत्यक्ष, द्विभाषी — और हर विधि के साथ चलने वाली कक्षा-तकनीकें। |
| अंग्रेज़ी शिक्षण की पारिभाषिक शब्दावली | अंग्रेज़ी भाषा शिक्षण की अपनी शब्दावली — वे पारिभाषिक शब्द जिन्हें प्रशिक्षित शिक्षक से जानना और परिभाषित करना अपेक्षित है। |
4 पेपर-2 — हिंदी शिक्षक
100 प्रश्न, 100 अंक, 2 घंटे। पाठ्यक्रम में सिर्फ़ दो शीर्षक छपे हैं — भाषा विज्ञान, और साहित्य का इतिहास जिसके नीचे पाँच काल हैं — इससे ज़्यादा कुछ नहीं; यानी पूरा प्रश्नपत्र भाषा विज्ञान और साहित्य के इतिहास का है।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| भाषा विज्ञान | भाषा का विज्ञान: ध्वनियाँ और उनका उच्चारण, शब्द निर्माण, अर्थ, तथा हिंदी का इतिहास और उसकी बोलियाँ। पाठ्यक्रम में छपे दो शीर्षकों में यह पहला है। |
| साहित्य का इतिहास — आदिकाल | हिंदी साहित्य का सबसे पहला कालखंड — उसका चारण काव्य, सिद्ध, नाथ और जैन धाराएँ, और इस बहस समेत कि इस काल को नाम क्या दिया जाए। |
| साहित्य का इतिहास — भक्तिकाल | भक्ति का युग और उसकी चार धाराएँ — सगुण और निर्गुण, राम और कृष्ण — जिनमें कबीर, सूरदास, तुलसीदास, जायसी और मीरा सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले कवि हैं। |
| साहित्य का इतिहास — रीतिकाल | काव्य-रूढ़ि का युग — रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त कवि, और वह शृंगार जो इसके लगभग पूरे साहित्य को गढ़ता है। |
| आधुनिक काल (गद्य) | आधुनिक हिंदी गद्य: उपन्यास, कहानी, नाटक और निबंध का उदय, भारतेंदु और प्रेमचंद से आगे तक। |
| आधुनिक काल (पद्य) | आधुनिक हिंदी कविता: भारतेंदु युग, द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद और नई कविता, हर एक अपने प्रतिनिधि कवियों के साथ। |
5 पेपर-2 — गणित शिक्षक: भौतिकी वाला भाग
योजना बनाने से पहले यह पढ़िए: पाठ्यक्रम 'गणित शिक्षक का पाठ्यक्रम' के एक ही शीर्षक के नीचे भौतिकी का एक भाग और गणित का एक भाग छापता है, और भौतिकी वाला भाग पहले आता है तथा दोनों में लंबा है। यह स्नातक स्तर तक जाता है — क्वांटम यांत्रिकी, आपेक्षिकता, नाभिकीय भौतिकी — जो पात्रता के उस नियम से मेल खाता है कि गणित शिक्षक की डिग्री में गणित और भौतिकी अनिवार्य विषय होने चाहिए।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| यांत्रिकी | गति, बल, कार्य, ऊर्जा, संवेग और घूर्णन — इस सूची का हर आगे का भौतिकी विषय इसी आधार पर खड़ा है। |
| पदार्थ के गुण | प्रत्यास्थता, पृष्ठ तनाव, श्यानता और तरल का प्रवाह। |
| ऊष्मा और ऊष्मागतिकी | ताप और ऊष्मा का संचरण, गैस नियम, तथा ऊष्मागतिकी के तीनों नियम अपने प्रचलित संख्यात्मक प्रश्नों के साथ। |
| तरंगें, ध्वनि | तरंग गति, अध्यारोपण, विस्पंद, अनुनाद और वाद्ययंत्रों की ध्वनिकी। |
| प्रकाश, प्रकाशिकी | परावर्तन, अपवर्तन, लेंस और दर्पण, व्यतिकरण, विवर्तन और ध्रुवण। |
| विद्युत और चुंबकत्व | धारा, परिपथ, स्थिर वैद्युतिकी, चुंबकीय क्षेत्र और विद्युतचुंबकीय प्रेरण। |
| इलेक्ट्रॉनिकी और आधुनिक भौतिकी | एक ओर डायोड, ट्रांज़िस्टर और प्रवर्धक; दूसरी ओर प्रकाश-विद्युत प्रभाव, परमाणु के मॉडल और क्वांटम चित्र। |
| सक्रिय तथा निष्क्रिय परिपथों और उपकरणों का सिद्धांत, फ़िल्टर, विद्युत आपूर्ति | परिपथ प्रमेय, फ़िल्टर परिपथ और वह दिष्टकारी-नियंत्रक शृंखला जिससे विद्युत आपूर्ति बनती है — स्कूल शिक्षक के प्रश्नपत्र के भीतर स्नातक स्तर का एक भाग। |
| अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी | संख्या पद्धतियाँ, तर्क द्वार, बूलीय बीजगणित, फ़्लिप-फ़्लॉप और गणक। |
| परमाणु स्पेक्ट्रमिकी, परमाणु संरचना, आवेश, द्रव्यमान और आवेश-द्रव्यमान अनुपात | स्पेक्ट्रमी शृंखलाएँ, परमाणु की संरचना, और वे शास्त्रीय प्रयोग जिन्होंने इलेक्ट्रॉन का आवेश तथा उसका आवेश-द्रव्यमान अनुपात नापा। |
| आणविक स्पेक्ट्रम, लेज़र और मेज़र | घूर्णी तथा कंपन स्पेक्ट्रम, और उद्दीपित उत्सर्जन से लेज़र को उसकी किरण कैसे मिलती है। |
| एक्स-किरणें और क्रिस्टल संरचना | एक्स-किरणों का उत्पादन और गुण, ब्रैग का नियम, और उससे पढ़ी जाने वाली जालक संरचनाएँ। |
| मुक्त इलेक्ट्रॉन सिद्धांत, अर्धचालक — बैंड सिद्धांत | धातुएँ चालन क्यों करती हैं और अर्धचालक आधा-अधूरा क्यों: मुक्त इलेक्ट्रॉन मॉडल, ऊर्जा बैंड और अपमिश्रण। |
| चुंबकीय पदार्थ | प्रति-चुंबकत्व, अनुचुंबकत्व और लौहचुंबकत्व, शैथिल्य, तथा हर वर्ग का पदार्थ कहाँ काम आता है। |
| क्वांटम यांत्रिकी — तरंग यांत्रिकी, द्रव्य तरंगें, आइगन फलन, श्रोडिंगर तरंग फलन | द ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य, तरंग फलन और उसका अर्थ, तथा एक-विमीय स्थितियों के प्रचलित हल। |
| आपेक्षिकता का विशिष्ट सिद्धांत — लोरेंत्ज़ संकुचन, काल विस्तारण, डॉप्लर प्रभाव, चरम गति, विपथन, द्रव्यमान का परिवर्तन | छपी हुई सूची ही पूरा विषय है: दो अभिगृहीत और यहाँ गिनाए गए छह परिणाम, हर एक अपने सूत्र के साथ। |
| नाभिक के गुण, संसूचक, त्वरक, नाभिकीय क्षय, नाभिकीय मॉडल | नाभिक का आकार, बंधन और स्थायित्व; अल्फा, बीटा तथा गामा क्षय; और द्रव-बूँद एवं कोश मॉडल। |
| विखंडन और संलयन, नाभिकीय अभिक्रियाएँ — बंधन ऊर्जा | नाभिकों के टूटने और जुड़ने में निकलने वाली ऊर्जा, रिएक्टर की बुनियाद, और बंधन ऊर्जा की गणनाएँ। |
| ब्रह्मांडीय किरणें, मूल कण | ब्रह्मांडीय विकिरण और कणों के परिवार — लेप्टॉन, हैड्रॉन, क्वार्क — नाम पहचानने के स्तर पर। |
6 पेपर-2 — गणित शिक्षक: गणित वाला भाग
उसी शीर्षक के नीचे दूसरा भाग। इसका स्तर स्कूल का गणित है, स्नातक का नहीं — पाठ्यक्रम क्षेत्रमिति, बहुफलक और नेटवर्क पर रुक जाता है और कलन तक पहुँचता ही नहीं।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| संख्याएँ और अंक — संख्या पद्धतियाँ, संख्या समुच्चय, मूल संक्रियाएँ, गुणधर्म | आधार वाला भाग: संख्याएँ कैसे लिखी और वर्गीकृत होती हैं, और वे गुणधर्म जिन्हें आगे के अध्याय पहले से मान लेते हैं। |
| वर्ग संख्याएँ और वर्गमूल, घन संख्याएँ और घनमूल, अपरिमेय संख्याएँ | गुणनखंड और भाग दोनों विधियों से मूल निकालना, और अपरिमेय संख्या आती कहाँ से है। |
| समुच्चय, आव्यूह | समुच्चय की संक्रियाएँ और वेन आरेख; आव्यूह की संक्रियाएँ, सारणिक और समीकरण हल करने में उनका उपयोग। |
| रोज़मर्रा के कामों में गणित | प्रतिशत, लाभ-हानि, ब्याज, समय और कार्य जैसा अंकगणित रोज़ की स्थितियों में — यही हिस्सा पेपर-1 में भी काम आता है। |
| सांख्यिकी | माध्य, माध्यिका, बहुलक, विचरण, और इन्हें दिखाने वाले आलेख। |
| क्रमचय और संचय | व्यवस्थाओं और चयनों की गिनती — इसी अध्याय के प्रश्न छोटे होते हैं पर उलटे पड़ जाना आसान है। |
| मापांक अंकगणित | सर्वांगसमता और शेषफल का अंकगणित, जो इस पाठ्यक्रम में अपने अलग बिंदु के रूप में छपा है। |
| बीजगणित — मूल संकल्पनाएँ, संक्रियाएँ और गुणधर्म, घातांक, गुणनखंड, करणी | स्कूल का पूरा बीजगणित, घातांक से लेकर गुणनखंड करने और करणी को सरल करने तक। |
| समीकरण — रैखिक और द्विघात समीकरण | हल करना, आलेख खींचना, और वह विविक्तकर जो बता देता है कि मूल किस तरह के मिलेंगे। |
| ज्यामिति — मूल संकल्पनाएँ, अभिगृहीत और अभिधारणाएँ, प्रमेय | निगमनात्मक हिस्सा: क्या मान लिया जा सकता है, क्या सिद्ध करना पड़ता है, और प्रचलित उपपत्तियाँ। |
| त्रिभुज, वृत्त, चतुर्भुज और बहुभुज — परिभाषाएँ, गुणधर्म और प्रमेय | सर्वांगसमता और समरूपता, वृत्त की प्रमेय, तथा बहुभुजों के कोण और भुजा संबंधी गुणधर्म। |
| क्षेत्रमिति | समतल तथा ठोस आकृतियों का क्षेत्रफल, पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन — यहाँ सबसे ज़्यादा सूत्र इसी अध्याय में हैं, इसलिए सूत्रों का एक पन्ना बनाकर रखिए। |
| बहुफलक और नेटवर्क | ठोस और उनके फलक, कोर तथा शीर्ष, ऑयलर के संबंध के साथ, और नेटवर्क पार करने के सरल प्रश्न। |
7 पेपर-2 — विज्ञान शिक्षक: रसायन वाला भाग
100 प्रश्न, 100 अंक, 2 घंटे। पाठ्यक्रम इस विषय की शुरुआत रसायन के तीन हिस्सों से करता है — अकार्बनिक, भौतिक और कार्बनिक — जो पात्रता के उस नियम से मेल खाता है कि विज्ञान शिक्षक की डिग्री में रसायन अनिवार्य विषय हो और वनस्पति विज्ञान या प्राणि विज्ञान ऐच्छिक।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| परमाणु संरचना, आवर्त सारणी | अकार्बनिक रसायन यहीं से शुरू होता है: कोश और कक्षक, तथा वे आवर्ती प्रवृत्तियाँ जो आगे के लगभग हर उत्तर की व्याख्या कर देती हैं। |
| रासायनिक आबंधन | आयनिक, सहसंयोजक और उपसहसंयोजक आबंध, अणुओं की आकृतियाँ और उनके बीच के बल। |
| धातुकर्म | अयस्क, सांद्रण, निष्कर्षण और परिष्करण, उन प्रचलित धातुओं के साथ जिनके नाम पूछे जाते हैं। |
| d-खंड तत्व, f-खंड तत्व | संक्रमण और आंतरिक संक्रमण धातुएँ — परिवर्ती संयोजकता, रंग, चुंबकीय व्यवहार और उत्प्रेरण। |
| उपसहसंयोजन रसायन, औद्योगिक रसायन, विश्लेषणात्मक रसायन | संकुल और उनका नामकरण; बड़ी औद्योगिक प्रक्रियाएँ; और वह गुणात्मक तथा आयतनमितीय विश्लेषण जिस पर स्कूल की प्रयोगशाला चलती है। |
| गैसें, कोलॉइड, पृष्ठ रसायन | गैस नियम और गतिज सिद्धांत; कोलॉइडी अवस्थाएँ; अधिशोषण और उत्प्रेरण। |
| ऊष्मागतिकी | एन्थैल्पी, एन्ट्रॉपी और मुक्त ऊर्जा, तथा इनसे यह बताना कि अभिक्रिया होगी या नहीं। |
| नाभिकीय रसायन | रेडियोसक्रियता, अर्ध-आयु और समस्थानिकों के उपयोग। |
| विद्युत रसायन, सूचक | सेल, विद्युत अपघटन और इलेक्ट्रोड विभव; तथा वे सूचक जो अनुमापन का अंतिम बिंदु बताते हैं। |
| एल्केन, एल्कीन और एल्काइन — IUPAC नामकरण | हाइड्रोकार्बन के परिवार और वह नामकरण पद्धति जिस पर कार्बनिक रसायन का हर प्रश्न टिका है। |
| समावयवता | संरचनात्मक और त्रिविम समावयवता — सूत्र वही, अणु अलग। |
| क्रियात्मक समूह, ऐरोमैटिकता | क्रियाशील समूह और उनके रूपांतरण, तथा किसी वलय को ऐरोमैटिक क्या बनाता है। |
| विटामिन, हार्मोन, ऐल्कलॉइड, कार्बोहाइड्रेट | जैव अणु, नाम पहचानने के स्तर पर — स्रोत, कार्य, और हर एक की जानी-पहचानी कमी या उपयोग। |
8 पेपर-2 — विज्ञान शिक्षक: जीव विज्ञान और वनस्पति विज्ञान वाला भाग
उसी विषय का बाक़ी हिस्सा, और दोनों में लंबा: संघ-वार प्राणि विज्ञान, कोशिका जीव विज्ञान, जैव रसायन और फिर वनस्पति विज्ञान का पूरा क्रम। स्कैन किए हुए पाठ्यक्रम में कुछ शब्द साफ़ ग़लत छपे हैं; यहाँ मानक वर्तनी दी गई है और जो दो शब्द पाठक को भ्रमित कर सकते थे, उनका ज़िक्र वहीं कर दिया गया है।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| जीव जगत, कोशिका विज्ञान, सूक्ष्मजीव, जैविक क्रियाएँ | पहला भाग: जीवों का वर्गीकरण, कोशिका, सूक्ष्मजीव, तथा पोषण, श्वसन, परिवहन और उत्सर्जन। |
| खाद्य उत्पादन और प्रबंधन | फ़सल और पशु उत्पादन, भंडारण और खाद्य सुरक्षा — ये व्यावहारिक जीव विज्ञान की तरह पूछे जाते हैं। |
| पर्यावरण विज्ञान | पारितंत्र, प्रदूषण, संरक्षण और जैव विविधता के वे प्रश्न जो पेपर-1 के कर्नाटक-पर्यावरण वाले बिंदु से मिल जाते हैं। |
| अकशेरुकी — प्रोटोज़ोआ, पोरिफ़ेरा, निडेरिया, एक्निडेरिया, प्लेटीहेल्मिंथीज़, ऐस्केल्मिंथीज़ | पाठ्यक्रम में गिनाए गए पहले छह संघ, हर एक के पहचान-लक्षण और एक-दो उदाहरणों के साथ। |
| अकशेरुकी — ऐनेलिडा, आर्थ्रोपोडा, मोलस्का, इकाइनोडर्माटा | चार बड़े संघ, पहचान वाले ज़्यादातर प्रश्न इन्हीं से आते हैं। |
| कॉर्डेटा — विशिष्ट लक्षण और वर्गीकरण की रूपरेखा | कोई प्राणी कॉर्डेट कब कहलाता है, और वह रूपरेखा जिसे पाठ्यक्रम आपसे लिखवाना चाहता है। |
| प्रोकॉर्डेटा — यूरोकॉर्डेटा, हेमीकॉर्डेटा, सेफ़ैलोकॉर्डेटा | पाठ्यक्रम में नामित तीनों उपसमूह, अपने पहचान-लक्षणों के साथ। |
| कशेरुकी — ऐग्नेथा, मत्स्य, उभयचर, सरीसृप, पक्षी, स्तनधारी | हर वर्ग के प्रमुख लक्षण उदाहरणों के साथ — पाठ्यक्रम ऐग्नेथा के लिए तो उदाहरण अलग से माँगता है। |
| कोशिका जीव विज्ञान — कोशिका और उसके अंगक, समसूत्री तथा अर्धसूत्री विभाजन | अंगक और उनके काम, तथा दोनों विभाजनों की अवस्था-दर-अवस्था तुलना। |
| निषेचन, अनिषेकजनन, लिंग निर्धारण, मनुष्य में लिंग निर्धारण, आनुवंशिकी | जनन और वंशागति — मेंडल के नियम, गुणसूत्र, और वह XY तंत्र जिसे पाठ्यक्रम मनुष्य के लिए अलग से गिनाता है। |
| जैव रसायन — कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, एंज़ाइम | जीवन के अणु, उनकी संरचना और शरीर में उनकी भूमिका। |
| शरीर क्रिया विज्ञान, ऊतक विज्ञान | अंग तंत्र कैसे काम करते हैं, और सूक्ष्मदर्शी के नीचे दिखने वाले ऊतक। |
| पर्यावरणीय जीव विज्ञान, स्थलीय पारिस्थितिकी | समष्टि, समुदाय, आहार शृंखलाएँ और थल पर ऊर्जा का प्रवाह। |
| जीवन का विकास, आनुवंशिकी का परिचय, जैव प्रौद्योगिकी | विकास के सिद्धांत और उनके प्रमाण, वंशागति की बुनियाद, और आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी। |
| प्रोटिस्टा, विषाणु, जीवाणु, कवक विज्ञान | निचले समूह: प्रोटिस्ट, विषाणु की संरचना, जीवाणु और कवक, उनसे जुड़े रोगों तथा उपयोगों के साथ। |
| ब्रायोफ़ाइटा — हेपेटिकी, एंथोसिरोटी, मस्साई; टेरिडोफ़ाइटा; अनावृतबीजी | पौधों के समूह उसी क्रम में जिस क्रम में पाठ्यक्रम इन्हें छापता है, हर एक का एक प्रतिनिधि उदाहरण और उसका जीवन चक्र। |
| पादप शारीरिकी, ऊतक, भ्रूण विज्ञान | जड़, तना और पत्ती की आंतरिक संरचना; ऊतकों के प्रकार; और बीज का विकास। |
| पारिस्थितिकी, पादप अनुक्रमण, पादप समुदाय, पादप भूगोल | वनस्पति समय के साथ कैसे बदलती है और पृथ्वी पर उसका वितरण कैसा है। |
| आवृतबीजी वर्गीकरण, कुल, आर्थिक वनस्पति विज्ञान, पादप प्रवर्धन | वर्गीकरण की पद्धतियाँ, नाम से पूछे जाने वाले कुल, उपयोगी पौधे, और कायिक प्रवर्धन। |
| पादप कोशिका विज्ञान — गुणसूत्र, कोशिका विभाजन, बहुगुणिता, आनुवंशिकी, विकास | वही आनुवंशिकी दोबारा, पौधों की तरफ़ से, जिसमें बहुगुणिता वह बिंदु है जिसे उम्मीदवार सबसे ज़्यादा छोड़ देते हैं। |
| पादप क्रिया विज्ञान — एंज़ाइम, प्रकाश संश्लेषण, श्वसन, प्रोटीन संश्लेषण, वृद्धि, दीप्तिकालिता; पादप जैव प्रौद्योगिकी | काम करता हुआ पौधा: वह भोजन कैसे बनाता है, साँस कैसे लेता है, प्रोटीन कैसे बनाता है और बढ़ता कैसे है। स्कैन किए हुए पाठ्यक्रम में इनमें से पहला और आख़िरी 'Xerox synthesis' तथा 'Xerox periodism' छपा है — असल में वे प्रकाश संश्लेषण और दीप्तिकालिता हैं। |
9 पेपर-2 — समाज विज्ञान शिक्षक: इतिहास
पूरे विषय के लिए 100 प्रश्न, 100 अंक और 2 घंटे, और पाठ्यक्रम इसे चार भागों में बाँटता है — इतिहास, नागरिकशास्त्र, भूगोल और अर्थशास्त्र। इतिहास पहले छपा है और सबसे लंबा है; दस्तावेज़ में उसके बिंदु कालक्रम में नहीं हैं, इसलिए उन्हें छपे हुए क्रम में पढ़कर यहाँ काल के हिसाब से रखा गया है।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| प्रागैतिहासिक काल, प्राचीन सभ्यताएँ, वैदिक युग | पाषाण युग की संस्कृतियाँ, सिंधु सभ्यता और वैदिक काल। पाठ्यक्रम इन्हें मध्यकालीन बिंदुओं के बाद छापता है, पर पढ़िए इन्हें पहले — बाक़ी सब इन्हीं से आगे बढ़ता है। |
| नए धर्मों का उदय | बौद्ध और जैन धर्म — उनकी शिक्षाएँ, उनकी संगीतियाँ और उनका प्रसार। |
| मौर्य, कुषाण, गुप्त, वर्धन वंश | उत्तर के साम्राज्य, उनके प्रशासन, कला और उन स्रोतों के साथ जिनसे हमें इनका पता चलता है। |
| दक्षिण के राजवंश | सातवाहन, कदंब, चालुक्य, राष्ट्रकूट, होयसळ और चोल — इस सूची का कर्नाटक वाला हिस्सा सबसे ज़्यादा पूछा जाता है। |
| मध्यकालीन भारत, दिल्ली के सुल्तान, राजपूत | दिल्ली सल्तनत वंश-दर-वंश, उसका प्रशासन, और उसके साथ-साथ राजपूत राज्य। |
| भक्ति आंदोलन, धार्मिक तथा सामाजिक सुधार आंदोलन | संत और सुधार समाज, भक्ति तथा सूफ़ी आंदोलनों से लेकर उन्नीसवीं सदी के सुधारकों तक। |
| विजयनगर साम्राज्य, बहमनी सुल्तान | दक्कन की दो शक्तियाँ जिन्हें कर्नाटक का प्रश्नपत्र छोड़ ही नहीं सकता — हंपी, प्रशासन, और यात्रियों के विवरण। |
| महान मुग़ल, मराठा | मुग़ल सम्राट और उनका प्रशासन, तथा मराठा शक्ति का उदय। |
| पुनर्जागरण, धर्मसुधार, भौगोलिक खोजें, मध्यकालीन यूरोप | यूरोप वाला वह भाग जिसे पाठ्यक्रम भारतीय भाग के बीच में छापता है — इसे इस पृष्ठभूमि की तरह पढ़िए कि यूरोपीय यहाँ आए क्यों। |
| विदेशी आक्रमण, अंग्रेज़ों का उदय, मैसूर के सुल्तान, मैसूर के वाडियार | अंग्रेज़ों ने सत्ता कैसे ली, और उस सदी में कर्नाटक के अपने शासक — हैदर अली, टीपू सुल्तान और वाडियार वंश। |
| स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम, राष्ट्रीय आंदोलन — गांधी युग, विभाजन और स्वतंत्रता | 1857 से आगे: कांग्रेस, गांधी के आंदोलन, और वे घटनाएँ जो 1947 पर जाकर ख़त्म होती हैं। |
| ईसाई धर्म और इस्लाम का उदय, क्रांतियों तथा समानता का उदय, भारत में संविधान का विकास, आधुनिक विश्व — प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध, समकालीन विश्व | आख़िरी बिंदु, जो एक साथ छपे हैं: विश्व धर्म, क्रांतियों का युग, औपनिवेशिक अधिनियमों से हमारा संविधान कैसे बना, और दोनों विश्व युद्ध। |
10 पेपर-2 — समाज विज्ञान शिक्षक: नागरिकशास्त्र
दूसरा भाग, जो CIVICS शीर्षक के नीचे छपा है — बारह बिंदु, जो नागरिक से शुरू होकर संविधान तक जाते हैं।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| सामाजिक और आर्थिक विकास | नागरिकशास्त्र का हिस्सा वहीं से शुरू होता है जहाँ अर्थशास्त्र ख़त्म होता है — विकास एक सामाजिक लक्ष्य के रूप में, और उसे नापने के पैमाने। |
| नागरिक के रूप में मनुष्य | नागरिकता, अधिकार और कर्तव्य, और नागरिक सार्वजनिक जीवन में भाग कैसे लेता है। |
| लोकतंत्र, भारत में लोकतंत्र का व्यवहार | लोकतंत्र के रूप और हमारा लोकतंत्र सचमुच चलता कैसे है — चुनाव, दल और दबाव समूह। |
| स्थानीय स्वशासन | पंचायतें और नगरपालिकाएँ, उनकी शक्तियाँ और उनका वित्त — यही ज़मीन पेपर-1 भी लेता है, इसलिए एक बार की पढ़ाई दोनों में काम आती है। |
| राज्य स्तर की सरकार | राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रिपरिषद और राज्य विधानमंडल। |
| केंद्र की सरकार | राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संसद और उच्चतम न्यायालय। |
| देश की रक्षा, भारत की चुनौतियाँ और समस्याएँ | सशस्त्र बल और आंतरिक सुरक्षा, तथा वे सामाजिक और आर्थिक समस्याएँ जिन पर देश काम कर रहा है। |
| भारत और विश्व, विश्व की समस्याएँ और भारत की नीति, भारत का संविधान | विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ, और अंत में स्वयं संविधान — पाठ्यक्रम इसे आख़िर में छापता है, पर इस भाग में सबसे ज़्यादा यही पूछा जाता है। |
11 पेपर-2 — समाज विज्ञान शिक्षक: भूगोल
तीसरा भाग। इसका सबसे लंबा बिंदु एक ही पंक्ति है, जिसमें छह महाद्वीपों के नाम हैं और हर एक के लिए आठ उपशीर्षक — इस विषय में सबसे ज़्यादा मेहनत उसी एक पंक्ति की है।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| भौतिक भूगोल, पृथ्वी की परतें | पृथ्वी का आंतरिक भाग, स्थलरूप और उन्हें बनाने वाली प्रक्रियाएँ। |
| पर्यावरण, पर्यावरण से मनुष्य का संबंध | लोग अपने परिवेश का उपयोग कैसे करते हैं और उसे बदलते कैसे हैं, और उसकी क़ीमत क्या है। |
| संसाधन | संसाधनों के प्रकार, उनका वितरण और उनका संरक्षण। |
| पृथ्वी के प्राकृतिक प्रदेश, विश्व की जलवायु, विश्व की प्राकृतिक वनस्पति | जलवायु प्रदेश और हर एक के साथ चलने वाली वनस्पति पेटी — प्रश्न आम तौर पर जोड़ी मिलाने के रूप में आता है। |
| मानव के व्यवसाय | प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्रियाएँ, और हर एक का बोलबाला कहाँ है। |
| भारत और एशिया | भारत के भौतिक विभाग, जलवायु, नदियाँ, मिट्टियाँ और जनसंख्या, अपने महाद्वीप के भीतर। |
| अफ़्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अंटार्कटिका — भौतिक विभाग, जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति और जीव जगत, संसाधन, कृषि, खनिज तथा ऊर्जा संसाधन, औद्योगिक विकास, परिवहन और संचार | एक बैठक में एक महाद्वीप, और हमेशा उन्हीं आठ शीर्षकों में जो पाठ्यक्रम ख़ुद देता है — छह महाद्वीपों को याद रखने का सबसे तेज़ तरीक़ा यही क्रम है। |
| वायुमंडल की परतें, ब्रह्मांड | वायुमंडल की परतें अपने गुणों के साथ, और प्रारंभिक खगोल विज्ञान। |
12 पेपर-2 — समाज विज्ञान शिक्षक: अर्थशास्त्र
चौथा और आख़िरी भाग, जो अंत में समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान का नाम लेकर छोड़ देता है, उन्हें खोलता नहीं।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| अर्थशास्त्र — अर्थ और परिभाषा, मूल संकल्पनाएँ | अर्थशास्त्र पढ़ता क्या है, और वह शब्दावली — आवश्यकता, उपयोगिता, माँग, पूर्ति — जिसे आगे का पूरा भाग बरतता है। |
| राष्ट्रीय आय | राष्ट्रीय आय कैसे नापी जाती है, तीनों विधियाँ, और हर आँकड़ा क्या कहता है और क्या नहीं। |
| आर्थिक प्रणाली के रूप, संस्थागत ढाँचा | पूँजीवादी, समाजवादी और मिश्रित अर्थव्यवस्थाएँ, और वे संस्थाएँ जिनके ज़रिये भारत अपनी अर्थव्यवस्था चलाता है। |
| भारतीय अर्थव्यवस्था का बुनियादी ढाँचा | बिजली, परिवहन, बैंकिंग और संचार — वह आधार जिस पर उत्पादन बढ़ता है। |
| भारत — कृषि विकास, कृषि और उद्योग का संबंध | हरित क्रांति से आगे: फ़सल चक्र, सिंचाई, ऋण, और खेत तथा कारख़ाना एक-दूसरे पर कैसे निर्भर हैं। |
| व्यापार — भारत का आंतरिक और विदेशी व्यापार | भारत क्या ख़रीदता और बेचता है, किससे, और उसके पीछे भुगतान संतुलन की धारणा। |
| राज्य और आर्थिक विकास | सरकार की भूमिका — नियोजन, बजट, कर और कल्याण पर ख़र्च। |
| समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान | पाठ्यक्रम समाज विज्ञान के प्रश्नपत्र का अंत इन्हीं दो विषयों का नाम लेकर करता है, इसलिए दोनों की मूल संकल्पनाएँ — सामाजिक संस्थाएँ, परिवर्तन, राज्य, सत्ता और विचारधाराएँ — दायरे में हैं। |
13 पेपर-2 — दैहिक शिक्षा शिक्षक
100 प्रश्न, 100 अंक, 2 घंटे। पाठ्यक्रम इस विषय को एक ही अनुच्छेद में छापता है; उसका हर बिंदु नीचे अलग-अलग दिया गया है। इसके दोनों सिरे देखिए — एक ओर प्रशिक्षण का विज्ञान और दूसरी ओर खेल जगत की ताज़ा ख़बरें।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| शारीरिक शिक्षा का वैज्ञानिक आधार | प्रशिक्षण के पीछे के जैविक और यांत्रिक सिद्धांत — कोई व्यायाम काम क्यों करता है, सिर्फ़ यह नहीं कि वह किया कैसे जाता है। |
| शारीरिक शिक्षा का इतिहास | प्राचीन पद्धतियों से लेकर आधुनिक ओलंपिक आंदोलन और भारत में शारीरिक शिक्षा तक। |
| शरीर रचना विज्ञान | अस्थियाँ, संधियाँ और पेशियाँ — वे नाम और उनके कार्य जिन्हें शिक्षक को प्रशिक्षण देते समय ठीक-ठीक बरतना होता है। |
| शरीर क्रिया विज्ञान | व्यायाम पर हृदय, फेफड़े और पेशियाँ कैसे प्रतिक्रिया करते हैं, और प्रशिक्षण उनमें क्या बदलता है। |
| स्वास्थ्य शिक्षा | व्यक्तिगत तथा विद्यालय का स्वास्थ्य, पोषण, और संचारी रोग। इस पन्ने के स्कैन में इस बिंदु के बाद एक और शब्द साफ़ नहीं पढ़ा जाता, इसलिए उसे पीडीएफ़ से मिला लीजिए। |
| सुरक्षा शिक्षा और प्राथमिक चिकित्सा | मैदान पर चोट से बचाव, और जो चोट फिर भी लगे उसकी प्राथमिक चिकित्सा। |
| शारीरिक शिक्षा में संगठन और प्रशासन | विद्यालय का खेल कार्यक्रम चलाना — बजट, सुविधाएँ, उपकरण, और प्रतियोगिता कराना। |
| शारीरिक शिक्षा में परीक्षण और मापन | मानक फिटनेस परीक्षण और उनके अंक कैसे दर्ज तथा तुलना किए जाते हैं। |
| शारीरिक शिक्षा में मनोवैज्ञानिक सिद्धांत | अभिप्रेरणा, कौशल का सीखना, चिंता और टीम का व्यवहार। |
| प्रमुख खेल — फ़ुटबॉल, हॉकी, खो-खो, कबड्डी, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, शटल बैडमिंटन और क्रिकेट में निर्णायक के सिद्धांत | नौ खेल एक-एक करके गिनाए गए हैं: मैदान, उपकरण, नियम और निर्णायकों के संकेत। हर खेल को एक पन्ने के कार्ड की तरह याद कीजिए — प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं। |
| मनोरंजन, शिविर और छोटे खेल | शिविर का आयोजन, मनोरंजक गतिविधियाँ, और विद्यालय के कालांशों में चलने वाले छोटे खेल। |
| योग | आसन, प्राणायाम और उनके लाभ, तथा विद्यालय की कक्षा को योग कैसे सिखाया जाता है। |
| व्यक्तिगत विशेष गतिविधियाँ | एथलेटिक्स, जिम्नास्टिक्स, तैराकी और वे दूसरी व्यक्तिगत स्पर्धाएँ जो आवासीय विद्यालय कराते हैं। |
| राष्ट्रीय आदर्श, एकीकरण | विषय का नागरिक पक्ष — राष्ट्रीय मूल्य और राष्ट्रीय एकीकरण में खेल की भूमिका। |
| खेल जगत की प्रचलित घटनाएँ | हाल की प्रतियोगिताएँ, पदक, पुरस्कार और नियुक्तियाँ — यही एक बिंदु पुराना पड़ जाता है, इसलिए इसे आख़िरी हफ़्ते में दोहराइए। |
14 पेपर-2 — गणकयंत्र शिक्षक: कंप्यूटर की बुनियाद और सी प्रोग्रामिंग
विषय के लिए 100 प्रश्न, 100 अंक और 2 घंटे, और पाठ्यक्रम इसे तीन नामित भागों में बाँटता है। यह पहला भाग पूरा सी प्रोग्रामिंग का पाठ्यक्रम है, उपशीर्षक-दर-उपशीर्षक। गणकयंत्र शिक्षक का पद शेष मूल संवर्ग की अधिसूचना में है (57 पद); कल्याण-कर्नाटक की अधिसूचना में यह पद नहीं है।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| सी प्रोग्रामिंग का परिचय | सी का इतिहास, प्रोग्राम की संरचना, वर्ण समुच्चय, चर तथा कीवर्ड, और अचरों एवं चरों के प्रकार। |
| सी के निर्देश | प्रकार घोषणा और अंकगणितीय निर्देश, पूर्णांक तथा दशमलव रूपांतरण, समनुदेशन में प्रकार परिवर्तन, संकारक और उनका पदानुक्रम, तथा स्वरूपित एवं अस्वरूपित निवेश-निर्गम। |
| नियंत्रण संरचनाएँ | निर्णय संरचनाएँ, तार्किक, शर्तवाचक तथा संबंधसूचक संकारक, व्हाइल, डू-व्हाइल और फ़ॉर लूप, ब्रेक, कंटिन्यू, स्विच-केस और गोटो। |
| ऐरे और स्ट्रिंग | एक-विमीय तथा बहु-विमीय ऐरे, घोषणा, प्रारंभीकरण और संचालन, बबल सॉर्ट, और स्ट्रिंग के साथ उनके लाइब्रेरी फलन। |
| फलन | परिभाषा और प्रोटोटाइप, फलनों तथा तर्कों के प्रकार, पुनरावर्तन, फलनों को ऐरे भेजना, और भंडारण वर्ग — ऑटोमैटिक, रजिस्टर, एक्सटर्नल तथा स्टैटिक। |
| पॉइंटर | परिभाषा और संकेतन, पॉइंटर तथा ऐरे, पॉइंटरों के ऐरे, मान द्वारा बुलाना बनाम संदर्भ द्वारा बुलाना, और पॉइंटर के पॉइंटर। |
| स्ट्रक्चर और यूनियन | स्ट्रक्चर के अवयवों की घोषणा और उन तक पहुँच, स्ट्रक्चरों के ऐरे, स्ट्रक्चर के भीतर स्ट्रक्चर, स्ट्रक्चर के साथ पॉइंटर, यूनियन, टाइपडेफ़ और एनम बिट फ़ील्ड। |
| बिटवाइज़ संकारक | ऐंड, ऑर, एक्सक्लूसिव ऑर, पूरक, तथा दाएँ और बाएँ खिसकाने वाले संकारक। |
| सी प्रीप्रोसेसर | प्रीप्रोसेसर निर्देशों के प्रकार, मैक्रो और फ़ाइल समावेशन। |
| फ़ाइलें | फ़ाइल के संचालन ढंग, पाठ तथा द्विआधारी फ़ाइलें, उच्च स्तरीय और निम्न स्तरीय फ़ाइल संक्रियाएँ, और कमांड-लाइन तर्क। |
15 पेपर-2 — गणकयंत्र शिक्षक: डेटा संरचनाएँ
दूसरा भाग। यह डेटा संरचनाओं का मानक पाठ्यक्रम है और अपने उपयोग ख़ुद गिनाता है, इसलिए सामान्य पढ़ाई के बजाय उन्हीं गिनाए हुए उपयोगों की तैयारी कीजिए — हनोई की मीनार, इनफ़िक्स से पोस्टफ़िक्स, पोस्टफ़िक्स का मूल्यांकन।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| डेटा संरचनाओं का परिचय | परिभाषा, वर्गीकरण, इन पर की जाने वाली संक्रियाएँ, और समय तथा स्थान जटिलता की पहली झलक। |
| आदिम डेटा संरचनाएँ | पूर्णांक, वर्ण, दशमलव और स्ट्रिंग — इनका स्मृति में निरूपण, इन पर आदिम संक्रियाएँ, और पॉइंटर से स्ट्रिंग सँभालना। |
| डेटा संरचना के रूप में ऐरे | एक-विमीय तथा द्वि-विमीय ऐरे का भंडारण निरूपण, प्रविष्टि और विलोपन, तथा ऐरे के लाभ और हानि। |
| लिंक्ड लिस्ट | पॉइंटर और गतिशील स्मृति आवंटन, एकल लिंक्ड लिस्ट तथा उन पर संक्रियाएँ, नोड की प्रविष्टि और विलोपन, और वृत्तीय एवं द्विगुण लिंक्ड लिस्ट का परिचय। |
| स्टैक | संकल्पनाएँ और संक्रियाएँ, क्रमिक तथा लिंक्ड कार्यान्वयन, और पाठ्यक्रम में गिनाए गए उपयोग — पुनरावर्तन, हनोई की मीनार, इनफ़िक्स से पोस्टफ़िक्स, और पोस्टफ़िक्स व्यंजक का मूल्यांकन। |
| क्यू | संकल्पनाएँ और संक्रियाएँ, क्रमिक तथा लिंक्ड कार्यान्वयन, वृत्तीय क्यू, प्राथमिकता क्यू और डीक्यू प्रारंभिक स्तर पर, तथा क्यू के उपयोग। |
| ट्री | परिभाषाएँ और संकल्पनाएँ, द्विआधारी ट्री, उनका क्रमिक तथा लिंक्ड निरूपण, प्रविष्टि और विलोपन, और ट्रैवर्सल। |
| ग्राफ़ | संकल्पनाएँ, क्रमिक तथा लिंक्ड निरूपण, और चौड़ाई-पहले एवं गहराई-पहले ट्रैवर्सल। |
| खोज और छँटाई | रैखिक और द्विआधारी खोज; सिलेक्शन, इंसर्शन, क्विक और मर्ज सॉर्ट — यह जानिए कि किसे छँटा हुआ निवेश चाहिए और किसकी लागत कितनी है। |
16 पेपर-2 — गणकयंत्र शिक्षक: ऑपरेटिंग सिस्टम, और अंत में गिनाए गए सात विषय
तीसरा भाग, और उसके बाद अंत की एक सूची। पाठ्यक्रम ऑपरेटिंग सिस्टम को पूरा खोलता है और फिर सात और विषयों का नाम एक-एक पंक्ति में गिनाकर छोड़ देता है — सी++ से वस्तु-उन्मुख प्रोग्रामिंग, डेटाबेस, सॉफ़्टवेयर इंजीनियरिंग तथा सिस्टम सॉफ़्टवेयर, इंटरनेट प्रौद्योगिकी, जावा और यूनिक्स के साथ इंटरनेट लैब, कंप्यूटर ग्राफ़िक्स और कंप्यूटर नेटवर्क। ये पाठ्यक्रम में हैं, इसलिए दायरे में हैं; कितनी गहराई तक, यह नहीं लिखा।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| ऑपरेटिंग सिस्टम — इतिहास और प्रकार | सरल बैच, बहुप्रोग्रामी बैच, समय-साझा, व्यक्तिगत कंप्यूटर, वितरित और वास्तविक-समय प्रणालियाँ। |
| ऑपरेटिंग सिस्टम की संरचना | कमांड इंटरप्रेटर, ऑपरेटिंग सिस्टम की सेवाएँ, सिस्टम कॉल और सिस्टम प्रोग्राम। |
| प्रक्रिया प्रबंधन | प्रक्रिया की धारणा और प्रक्रिया नियंत्रण खंड, प्रक्रिया तथा प्रोसेसर की अनुसूचन, और पाठ्यक्रम में गिनाए गए अनुसूचन एल्गोरिद्म — पहले आया पहले गया, राउंड रॉबिन, सबसे छोटा काम पहले, बहुस्तरीय और बहुस्तरीय फ़ीडबैक। |
| भंडारण प्रबंधन | तार्किक और भौतिक पता क्षेत्र, स्वैपिंग, सतत आवंटन, पेजिंग, खंडन, आभासी स्मृति और माँग पर पेजिंग, पृष्ठ प्रतिस्थापन तथा उसके एल्गोरिद्म, फ़्रेम का आवंटन, और थ्रैशिंग। |
| फ़ाइल तंत्र | फ़ाइल की धारणा, पहुँच की विधियाँ, निर्देशिका संरचना, सुरक्षा, फ़ाइल तंत्र की संरचना, आवंटन की विधियाँ और रिक्त स्थान का प्रबंधन। |
| निवेश-निर्गम तंत्र | निवेश-निर्गम तंत्रों और अंतरापृष्ठों का सिंहावलोकन, द्वितीयक भंडारण की संरचना, डिस्क संरचना और डिस्क अनुसूचन। |
| सी++ से वस्तु-उन्मुख प्रोग्रामिंग | उन सात विषयों में पहला जिन्हें पाठ्यक्रम आख़िरी सूची में सिर्फ़ नाम से गिनाता है, विस्तार से नहीं: क्लास, ऑब्जेक्ट, वंशागति और बहुरूपता। |
| डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली | संबंधात्मक मॉडल, कुंजियाँ, सामान्यीकरण और क्वेरी भाषा। |
| सॉफ़्टवेयर इंजीनियरिंग, सिस्टम सॉफ़्टवेयर | एक ओर विकास का जीवन चक्र और परीक्षण; दूसरी ओर असेंबलर, कंपाइलर और लोडर। |
| इंटरनेट प्रौद्योगिकी | वेब कैसे काम करता है — प्रोटोकॉल, पता प्रणाली, ब्राउज़र, सर्वर और पन्ना बनाने की बुनियाद। |
| जावा और यूनिक्स की बुनियाद, इंटरनेट लैब | जावा की बुनियाद, यूनिक्स शेल और उसके आम आदेश, तथा वह प्रायोगिक कार्य जो पाठ्यक्रम इनसे जोड़ता है। |
| कंप्यूटर ग्राफ़िक्स, कंप्यूटर नेटवर्क | आरेखन तथा रूपांतरण के एल्गोरिद्म; और नेटवर्क की संरचनाएँ, परतें एवं उपकरण। |
17 पेपर-2 — पदवीधर चित्रकला शिक्षक और डिप्लोमा चित्रकला शिक्षक
ये दोनों पद केवल कल्याण-कर्नाटक की अधिसूचना में हैं (हर एक के 17 पद), और इनका पेपर-2 बाक़ी हर विषय से अलग है: पाठ्यक्रम में इसका शीर्षक 'संवहन' है और उसके नीचे तीन भाग छपे हैं, हर एक के सामने अधिकतम अंक — 70, 70 और 60। पदवीधर और डिप्लोमा, दोनों पदों के लिए वही तीन भाग छपे हैं।
| सिलेबस में क्या है | इसका मतलब और तैयारी कैसे करें |
|---|---|
| सामान्य कन्नड़ — अधिकतम अंक 70 | सामान्य अंग्रेज़ी के साथ तीनों भागों में सबसे बड़ा। व्याकरण, गद्यांश बोध और प्रयोग, उसी स्तर पर जितना विद्यालय के शिक्षक को चाहिए। |
| सामान्य अंग्रेज़ी — अधिकतम अंक 70 | सामान्य कन्नड़ जितना ही भार, और वैसा ही प्रश्नपत्र — व्याकरण, शब्द भंडार और गद्यांश बोध। |
| कंप्यूटर ज्ञान — अधिकतम अंक 60 | बुनियादी कंप्यूटर साक्षरता — कंप्यूटर के भाग, दस्तावेज़ चलाना, स्प्रेडशीट और इंटरनेट। |
परीक्षा के नियम, जैसे अधिसूचनाएँ उन्हें छापती हैं
| विवरण | अधिसूचना में क्या लिखा है |
|---|---|
| परीक्षा का तरीक़ा | ऑफ़लाइन, OMR प्रकार की। दोनों प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ हैं और कंप्यूटर पर नहीं, उत्तर पत्रक पर होते हैं (धारा 8.I)। |
| परीक्षा कहाँ होती है | राज्य के चुने हुए ज़िला केंद्रों पर। केंद्रों की जानकारी बाद में दी जाती है, और अधिसूचना कहती है कि केंद्र किसी भी कारण से नहीं बदला जाएगा (धारा 8.II)। |
| साथ क्या ले जाना अनिवार्य है | प्राधिकरण की वेबसाइट से डाउनलोड किया हुआ प्रवेश पत्र, और एक मूल फ़ोटो पहचान पत्र — पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र या सरकारी सेवा का पहचान पत्र। इनके बिना उम्मीदवार को केंद्र में जाने नहीं दिया जाता (धारा 8.II)। |
| प्रक्रिया में बने रहने के लिए न्यूनतम अंक | प्रतियोगी परीक्षा में कम से कम 35 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है। जो उम्मीदवार इतने अंक नहीं लाते, वे चयन प्रक्रिया के लिए अपात्र हो जाते हैं (धारा 10, टिप्पणी ii)। |
| हर प्रश्न में विकल्प | चार विकल्प, जिनमें से उम्मीदवार एक भरता है (धारा 11.i)। |
| ऋणात्मक अंकन | हर ग़लत उत्तर पर 0.25 अंक, यानी एक-चौथाई, काटे जाते हैं (धारा 11.i)। |
| OMR पत्रक का पाँचवाँ गोला | उत्तर पत्रक पर उन प्रश्नों के लिए एक पाँचवाँ गोला होता है जिनका उत्तर आप नहीं देते। आख़िरी घंटी के बाद उसे भरने के लिए पाँच अतिरिक्त मिनट मिलते हैं, और यदि किसी प्रश्न पर एक भी गोला नहीं भरा गया तो उस प्रश्न के 0.25 अंक काट लिए जाते हैं (धारा 11.ii)। |
| अनिवार्य कन्नड़ भाषा परीक्षा | बहुविकल्पीय प्रश्नपत्र, अधिकतम 150 अंक; उत्तीर्ण होने के लिए कम से कम 50 अंक चाहिए। इसका स्तर SSLC की प्रथम भाषा कन्नड़ जितना रखा जाता है। जो उम्मीदवार अनुपस्थित रहते हैं या न्यूनतम से कम अंक पाते हैं, वे चयन प्रक्रिया के लिए पात्र नहीं रहते, और इसके अंक न वरिष्ठता में गिने जाते हैं और न पदों के चयन में (धारा 9)। |
| यह परीक्षा किसे नहीं देनी पड़ती | जिन्होंने SSLC में या उससे ऊँची परीक्षा में कन्नड़ को प्रथम या द्वितीय भाषा के रूप में पढ़ा है, या कन्नड़ माध्यम में पढ़कर ऐसी परीक्षा उत्तीर्ण की है, या किसी आयोग अथवा किसी दूसरे चयन प्राधिकरण की अनिवार्य कन्नड़ भाषा परीक्षा पहले ही उत्तीर्ण कर ली है (धारा 9)। |
| वह परीक्षा अब कहाँ तक पहुँची है | इन पदों के उम्मीदवारों के लिए यह 22.08.2026 को हुई, अस्थायी अंक 29.08.2026 को प्रकाशित हुए, और अंतिम अंक सूची 02.09.2026 को प्रकाशित हुई — उसी तारीख़ की KEA की सूचना अपनी सूची में चौथे नंबर पर KREIS के शिक्षक पदों का नाम लेती है। |
| लिखित परीक्षा के बाद के चरण कौन कराता है | KEA उम्मीदवारों की अंक सूची कर्नाटक आवासीय शिक्षण संस्था संघ को सौंप देता है, और लिखित परीक्षा के बाद की हर प्रक्रिया नियमानुसार KREIS कराता है (धारा 22.XI)। |
| सहायता नंबर | 080-23460460, सुबह 10:00 से शाम 6:00 बजे तक। अधिसूचना कहती है कि यह नंबर सिर्फ़ अधिसूचना, लिखित परीक्षा और अंक सूची के बारे में ही जवाब देता है (धारा 23)। |
पद और उनकी संख्या, जैसा हर अधिसूचना छापती है
| पद | शेष मूल संवर्ग | कल्याण-कर्नाटक संवर्ग | वेतनमान |
|---|---|---|---|
| कन्नड़ भाषा शिक्षक | 103 (100 + 3 backlog) | 62 (60 + 2 backlog) | ₹54,175-99,400 |
| आंग्ल भाषा शिक्षक | 108 (100 + 8 backlog) | 69 (61 + 8 backlog) | ₹54,175-99,400 |
| हिंदी भाषा शिक्षक | 55 (50 + 5 backlog) | 31 (26 + 5 backlog) | ₹54,175-99,400 |
| गणित शिक्षक | 103 (100 + 3 backlog) | 35 (29 + 6 backlog) | ₹54,175-99,400 |
| विज्ञान शिक्षक | 106 (100 + 6 backlog) | 32 (26 + 6 backlog) | ₹54,175-99,400 |
| समाज विज्ञान शिक्षक | 154 (150 + 4 backlog) | 24 (16 + 8 backlog) | ₹54,175-99,400 |
| गणकयंत्र शिक्षक | 57 (50 + 7 backlog) | not listed in this notification | ₹54,175-99,400 |
| दैहिक शिक्षा शिक्षक | 81 (75 + 6 backlog) | 33 (28 + 5 backlog) | ₹54,175-99,400 |
| पदवीधर चित्रकला शिक्षक | not listed in this notification | 17 (15 + 2 backlog) | ₹49,050-92,500 |
| डिप्लोमा चित्रकला शिक्षक | not listed in this notification | 17 (16 + 1 backlog) | ₹49,050-92,500 |
| कुल, जैसा हर अधिसूचना छापती है | 725 + 42 backlog = 767 | 277 + 43 backlog = 320 | — |
कौन आवेदन कर सकता है — हर पद की शैक्षिक योग्यता
| पद | अधिसूचना क्या माँगती है |
|---|---|
| कन्नड़ भाषा शिक्षक | मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कला में स्नातक, जिसमें कन्नड़ ऐच्छिक विषय के रूप में पढ़ी हो; या कर्नाटक माध्यमिक शिक्षा परीक्षा मंडल के चार वर्षीय 'कन्नड़ पंडित' पाठ्यक्रम में उत्तीर्ण — और इन दोनों में से किसी के साथ, कन्नड़ में बी.एड। जिस उम्मीदवार ने स्नातक में कन्नड़ ऐच्छिक विषय के रूप में नहीं पढ़ी, उसके पास कन्नड़ में स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए। |
| आंग्ल भाषा शिक्षक | कला में स्नातक, जिसमें अंग्रेज़ी ऐच्छिक विषय के रूप में पढ़ी हो; या दक्षिण भारत के प्रादेशिक शिक्षा संस्थान के अंग्रेज़ी स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम में उत्तीर्ण — और इनमें से किसी के साथ, प्रमुख विधि के रूप में अंग्रेज़ी लेकर बी.एड। जिसने स्नातक में अंग्रेज़ी ऐच्छिक विषय के रूप में नहीं पढ़ी, उसके पास अंग्रेज़ी में स्नातकोत्तर डिग्री होनी चाहिए। |
| हिंदी भाषा शिक्षक | कला में स्नातक, जिसमें हिंदी ऐच्छिक विषय के रूप में पढ़ी हो, और बी.एड। जिसने स्नातक में हिंदी ऐच्छिक विषय के रूप में नहीं पढ़ी, वह तभी पात्र माना जाता है जब तीनों बातें हों: हिंदी में स्नातकोत्तर डिग्री, स्नातक में हिंदी प्रमुख विषय के रूप में, और हिंदी में या हिंदी बोधन विधि में बी.एड। |
| गणित शिक्षक | विज्ञान में स्नातक, जिसमें गणित और भौतिकी अनिवार्य विषय हों और रसायनशास्त्र ऐच्छिक विषय के रूप में पढ़ा हो, तथा साथ में विज्ञान विधि में बी.एड। |
| विज्ञान शिक्षक | विज्ञान में स्नातक, जिसमें रसायनशास्त्र अनिवार्य हो और वनस्पति विज्ञान या प्राणि विज्ञान में से एक ऐच्छिक विषय हो, तथा साथ में विज्ञान विधि में बी.एड। |
| समाज विज्ञान शिक्षक | कला में स्नातक, जिसमें इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और भूगोल में से कोई दो ऐच्छिक विषय हों, तथा साथ में कला विधि में बी.एड। अधिसूचना यह भी जोड़ती है कि ये आवासीय विद्यालय अंग्रेज़ी माध्यम में चलते हैं, इसलिए इस पद के उम्मीदवार ने स्नातक अंग्रेज़ी माध्यम में किया हो और दस्तावेज़ जाँच के समय विश्वविद्यालय के कुलसचिव या महाविद्यालय के प्राचार्य का इस आशय का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करे। |
| गणकयंत्र शिक्षक | कंप्यूटर विज्ञान या सूचना विज्ञान में स्नातक डिग्री; या बैचलर ऑफ़ कंप्यूटर ऐप्लिकेशन्स; या कंप्यूटर विज्ञान के साथ बी.एससी, या उसके समकक्ष कोई योग्यता। |
| दैहिक शिक्षा शिक्षक | मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा में स्नातक डिग्री (बी.पी.एड)। |
| पदवीधर तथा डिप्लोमा चित्रकला शिक्षक (कल्याण-कर्नाटक अधिसूचना) | ललित कला में स्नातक डिग्री (बी.एफ़.ए.); या मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से दृश्यकला में स्नातक डिग्री (बी.वी.ए.); या वे योग्यताएँ जो अधिसूचना 21.03.2006 के सरकारी आदेश के अंतर्गत गिनाती है — तकनीकी परीक्षा मंडल की उच्च कला परीक्षा (आर्ट मास्टर) का रेखाचित्र तथा चित्रकला डिप्लोमा, वाणिज्यिक या अनुप्रयुक्त कला का डिप्लोमा, अथवा चित्रकला में विशेष प्रवीणता वाला डिप्लोमा। |
| छह पदों पर एक अतिरिक्त शर्त | कन्नड़, आंग्ल, हिंदी, विज्ञान, गणित और समाज विज्ञान शिक्षक के पदों के लिए — दोनों अधिसूचनाओं में क्रम संख्या 1 से 6 — केवल वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने कर्नाटक प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग की शिक्षक पात्रता परीक्षा (पत्रिका-2) या CBSE की केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की हो। अधिसूचना यह शर्त गणकयंत्र, दैहिक शिक्षा और चित्रकला शिक्षक के पदों पर नहीं लगाती। |
| हर पद पर लागू एक शर्त | हर पद के लिए कन्नड़ भी ज़रूरी है: उम्मीदवार ने स्नातकोत्तर, स्नातक, स्नातक-पूर्व पाठ्यक्रम या SSLC में कन्नड़ को एक भाषा के रूप में पढ़ा हो, या कन्नड़ में डिप्लोमा किया हो, या कर्नाटक माध्यमिक शिक्षा परीक्षा मंडल अथवा कन्नड़ साहित्य परिषत्, बेंगलूरु की काव, जाण या रत्न कन्नड़ प्रमाणपत्र परीक्षा उत्तीर्ण की हो। |
तिथियाँ, शुल्क, आयु और वेतन — जैसा अधिसूचना में छपा है
| विवरण | अधिसूचना में क्या लिखा है |
|---|---|
| ऑनलाइन आवेदन शुरू हुआ | 15.07.2026 (धारा 4)। |
| ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि | 17.08.2026। 10.07.2026 की अधिसूचना में 13.08.2026 लिखा था; KEA ने 13.08.2026 की सूचना से इसे बढ़ाया, जो दोनों संवर्गों के लिए अलग-अलग जारी हुई। |
| शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि | 18.08.2026, जो उसी सूचना से 14.08.2026 से बढ़ाई गई; उसमें यह भी लिखा है कि 10.07.2026 की अधिसूचना में और कुछ नहीं बदला। |
| आवेदन कैसे किया जाता है | सिर्फ़ ऑनलाइन, कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण की वेबसाइट पर दिए गए लिंक से। एक बार आवेदन जमा हो जाने के बाद उसमें दी गई कोई भी जानकारी किसी भी चरण पर बदली या सुधारी नहीं जा सकती (धारा 3)। |
| शुल्क — सामान्य अर्हता तथा प्रवर्ग 2अ, 2ब, 3अ और 3ब | ₹750 (₹500 आवेदन शुल्क और ₹250 प्रक्रिया शुल्क) (धारा 7)। |
| शुल्क — अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, प्रवर्ग-1, भूतपूर्व सैनिक और तृतीय लिंग के उम्मीदवार | ₹500 (₹250 आवेदन शुल्क और ₹250 प्रक्रिया शुल्क) (धारा 7)। |
| शुल्क — दिव्यांग उम्मीदवार | ₹250, सिर्फ़ प्रक्रिया शुल्क (धारा 7)। |
| एक से ज़्यादा पदों के लिए आवेदन | एक ही ऑनलाइन आवेदन ऊपर दिए गए पदों को समेट लेता है: पहले पद के लिए शुल्क एक बार लगता है, और हर अतिरिक्त चुने हुए पद के लिए ₹100 और। फिर परीक्षा में मिले अंक उन्हीं विषयों के पदों के लिए गिने जाते हैं जिनका शुल्क भरा गया है, और विभाग को विषयवार अलग-अलग अंतिम अंक सूची सौंपी जाती है (धारा 7)। |
| वापसी | जमा किया गया शुल्क वापस नहीं होता (धारा 7)। |
| न्यूनतम आयु | आवेदन की अंतिम तिथि को 18 वर्ष पूरे (धारा 2)। |
| अधिकतम आयु — सामान्य अर्हता के उम्मीदवार | 45 वर्ष (धारा 2)। |
| अधिकतम आयु — प्रवर्ग 2अ, 2ब, 3अ और 3ब | 48 वर्ष (धारा 2)। |
| अधिकतम आयु — अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और प्रवर्ग-1 | 50 वर्ष (धारा 2)। |
| पाँच वर्ष की छूट | ऊपर की तीनों अधिकतम आयु में ऊपरी सीमा पर एक बार मिलने वाली पाँच वर्ष की छूट पहले से जुड़ी हुई है, जो अधिसूचना में उद्धृत 29.01.2026 के सरकारी आदेश से दी गई है (धारा 2)। |
| परिवीक्षा अवधि | सीधी भर्ती से नियुक्त उम्मीदवारों के लिए दो वर्ष (धारा 5.i)। |
| वेतनमान | ₹54,175-1375-58,300-1500-64,300-1650-74,200-1900-85,600-2300-99,400, यानी 2024 का पुनरीक्षित राज्य वेतनमान, शिक्षक पदों के लिए (धारा 5.ii)। कल्याण-कर्नाटक अधिसूचना के दोनों चित्रकला शिक्षक पदों का वेतनमान ₹49,050-92,500 है। |
| पेंशन और भविष्य निधि | 31.03.2006 के सरकारी आदेश के अनुसार राष्ट्रीय पेंशन योजना लागू होती है। अधिसूचना कहती है कि संघ के दायरे के कर्मचारियों के लिए न KGID योजना है और न भविष्य निधि योजना (धारा 6)। |
जो इस पैक में नहीं है — कहाँ मिलेगा
| लिखित परीक्षा की तारीख़ | नहीं छपी है। दोनों अधिसूचनाएँ सिर्फ़ इतना कहती हैं कि प्रतियोगी परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम बाद में प्राधिकरण की वेबसाइट पर प्रकाशित होगा, और घोषणा होने पर प्रवेश पत्र वहीं से डाउनलोड करने होंगे। आधिकारिक PDF ↗ |
|---|---|
| परीक्षा केंद्र | नहीं छपे हैं। अधिसूचना कहती है कि लिखित परीक्षा राज्य के चुने हुए ज़िला केंद्रों पर होगी और ब्योरा बाद में बताया जाएगा; साथ ही यह भी कि प्रशासनिक कारणों से ज़िला केंद्र बदल सकते हैं और उम्मीदवार का केंद्र किसी भी कारण से नहीं बदला जाएगा। आधिकारिक PDF ↗ |
| पेपर-1 के किस क्षेत्र से कितने प्रश्न आएँगे | नहीं छपा है। धारा 10 पंद्रहों क्षेत्रों को मिलाकर पेपर-1 को 100 प्रश्न और 100 अंक देती है, और उन्हें विषयवार बाँटती नहीं। आधिकारिक PDF ↗ |
| कट-ऑफ अंक | नहीं छपे हैं। अधिसूचना में सिर्फ़ वह 35 प्रतिशत न्यूनतम है जो चयन प्रक्रिया में बने रहने के लिए चाहिए; कट-ऑफ परीक्षा के बाद ही तय हो सकती है। आधिकारिक PDF ↗ |
| पद-वार और प्रवर्ग-वार आरक्षण का ब्योरा | अधिसूचना में नहीं है। KREIS इसे अलग से प्रकाशित करता है, और KEA ने दोनों सूचियाँ अधिसूचना वाले पन्ने पर ही रखी हैं — 'KREIS शिक्षक: शेष मूल संवर्ग के पदों का वर्गीकरण' और उसी से मिलती-जुलती कल्याण-कर्नाटक की सूची, दोनों 11.07.2026 की। हर सूची एक पद के लिए प्रवर्ग-वार बँटवारा देती है, और साथ में ग्रामीण, कन्नड़ माध्यम, भूतपूर्व सैनिक, महिला, दिव्यांग, योजना-निरााश्रित तथा तृतीय लिंग आरक्षण का हिस्सा भी। आधिकारिक PDF ↗ |
| आरक्षण के नियम और हर आरक्षण के लिए ज़रूरी प्रमाणपत्र | अधिसूचना में छपे हैं, पर यहाँ दोहराए नहीं गए हैं। अनुच्छेद 13 से 19 तक जाति और आरक्षण प्रमाणपत्रों की बात है — नमूना 'डी', 'ई' और 'एफ़', और वे तिथियाँ जिन तक ये प्रमाणपत्र आपके पास होने चाहिए — और उसके बाद अलग-अलग दावे: भूतपूर्व सैनिक (पदों का 10 प्रतिशत), ग्रामीण उम्मीदवार जिन्होंने कक्षा 1 से 10 तक ग्रामीण क्षेत्र में पढ़ाई की, कन्नड़ माध्यम के उम्मीदवार जिन्होंने कक्षा 1 से 10 तक कन्नड़ में पढ़ाई की, योजना-निराश्रित उम्मीदवार, कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले उम्मीदवार (समूह 'ग' के पदों का 5 प्रतिशत), और तृतीय लिंग के उम्मीदवार (हर प्रवर्ग के पदों का 1 प्रतिशत)। हर दावे का अपना नमूना और अपना प्रमाणित करने वाला अधिकारी है, और अधिसूचना कहती है कि अंतिम तिथि तक प्रमाणपत्र न होने पर वह दावा रद्द कर दिया जाता है। आधिकारिक PDF ↗ |
| हिंदी, गणकयंत्र और दैहिक शिक्षा शिक्षक पदों की अधिकतम आयु | अलग से नहीं छपी है। आयु तालिका का अपना शीर्षक कन्नड़, आंग्ल, उर्दू, गणित, विज्ञान और समाज विज्ञान शिक्षक के पदों का नाम लेता है (कल्याण-कर्नाटक की तालिका के शीर्षक में दोनों चित्रकला शिक्षक पद और जुड़ जाते हैं), और बाक़ी पदों के लिए कोई अलग अधिकतम आयु किसी भी अधिसूचना में नहीं छपी। आधिकारिक PDF ↗ |
| उर्दू भाषा शिक्षक का पद | दोनों अधिसूचनाओं की आयु तालिका के शीर्षक में इसका नाम है, पर किसी भी पद तालिका में उर्दू शिक्षक का पद नहीं है। अगर आप वही खोज रहे हैं, तो इस भर्ती में वह नहीं है। आधिकारिक PDF ↗ |
| पेपर-2 कितनी गहराई तक जाता है | नहीं लिखा है। पाठ्यक्रम हर विषय के लिए बिंदुओं की सूची छापता है, पर उसका कोई स्तर नहीं बताता; पूरे दस्तावेज़ में एक ही स्तर का नाम आता है — 'SSLC स्तर' — और वह पेपर-1 के व्यावहारिक ज्ञान तथा बौद्धिक क्षमता वाले क्षेत्र के लिए छपा है। आधिकारिक PDF ↗ |
| आठ शिक्षण विषयों के पेपर-2 में अंकों का बँटवारा | नहीं छपा है। पेपर-2 पूरा मिलाकर 100 प्रश्न और 100 अंक का है। बँटवारा सिर्फ़ एक ही विषय के लिए छपा है — चित्रकला शिक्षक के प्रश्नपत्र के लिए, जिसमें सामान्य कन्नड़, सामान्य अंग्रेज़ी और कंप्यूटर ज्ञान के 70, 70 और 60 अंक हैं। आधिकारिक PDF ↗ |
मुफ़्त अभ्यास — 20 सवाल
पहले खुद जवाब सोचिए, फिर “उत्तर देखें” दबाइए। हर जवाब के साथ तरीक़ा भी दिया है।
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KREIS शिक्षक प्रतियोगी परीक्षा 2026 किस तरीक़े से होती है?
- A ऑनलाइन, कंप्यूटर पर
- B ऑफ़लाइन, OMR उत्तर पत्रक पर
- C सिर्फ़ साक्षात्कार
- D ऑनलाइन परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार
Exam Patternउत्तर देखें
B — ऑफ़लाइन, OMR उत्तर पत्रक पर
अधिसूचना की धारा 8 कहती है कि इन पदों की प्रतियोगी परीक्षा ऑफ़लाइन, OMR प्रकार की होती है और राज्य के चुने हुए ज़िला केंद्रों पर होती है।
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पेपर-1 में कितने प्रश्न होते हैं?
- A 50
- B 75
- C 100
- D 150
Exam Patternउत्तर देखें
C — 100
धारा 10 पेपर-1 को दो घंटे में 100 अंकों के 100 प्रश्न देती है, जिनमें वहीं गिनाए गए पंद्रह सामान्य क्षेत्र आते हैं।
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पेपर-2 कितने समय का होता है और उसके कितने अंक हैं?
- A 2 घंटे, 100 अंक
- B 2 घंटे, 150 अंक
- C 3 घंटे, 100 अंक
- D 90 मिनट, 50 अंक
Exam Patternउत्तर देखें
A — 2 घंटे, 100 अंक
पेपर-2, यानी विषय वाला निर्दिष्ट प्रश्नपत्र, 100 प्रश्न, 100 अंक और 2 घंटे का छपा है — पेपर-1 जितना ही।
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प्रतियोगी परीक्षा में उम्मीदवार को कम से कम कितने अंक लाने होते हैं?
- A 25 प्रतिशत
- B 30 प्रतिशत
- C 35 प्रतिशत
- D 40 प्रतिशत
Qualifying Marksउत्तर देखें
C — 35 प्रतिशत
धारा 10 के नीचे की टिप्पणी मोटे अक्षरों में कहती है कि कम से कम 35 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है, और उससे कम अंक वाले उम्मीदवार चयन प्रक्रिया के लिए अपात्र हैं।
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ग़लत उत्तर पर कितने अंक काटे जाते हैं?
- A कुछ नहीं
- B 0.25 अंक
- C 0.33 अंक
- D 1 अंक
Negative Markingउत्तर देखें
B — 0.25 अंक
धारा 11 कहती है कि हर प्रश्न के चार विकल्प होते हैं और हर ग़लत उत्तर पर एक-चौथाई, यानी 0.25 अंक, काटे जाते हैं।
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अगर OMR पत्रक पर किसी प्रश्न का एक भी गोला नहीं भरा गया तो क्या होता है?
- A कुछ नहीं कटता
- B 0.25 अंक काटे जाते हैं
- C 1 अंक काटा जाता है
- D पूरा उत्तर पत्रक रद्द हो जाता है
Negative Markingउत्तर देखें
B — 0.25 अंक काटे जाते हैं
धारा 11.ii में उत्तर न दिए गए प्रश्नों के लिए पाँचवाँ गोला दिया जाता है, आख़िरी घंटी के बाद उसे भरने के लिए पाँच अतिरिक्त मिनट मिलते हैं, और जिस प्रश्न पर कोई गोला नहीं भरा गया उसके 0.25 अंक काट लिए जाते हैं।
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अनिवार्य कन्नड़ भाषा परीक्षा के अधिकतम अंक कितने हैं?
- A 100
- B 150
- C 200
- D 50
Kannada Language Paperउत्तर देखें
B — 150
धारा 9 अनिवार्य कन्नड़ भाषा परीक्षा को अधिकतम 150 अंक देती है, जिनमें से उत्तीर्ण होने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 50 अंक लाने होते हैं।
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क्या अनिवार्य कन्नड़ भाषा परीक्षा के अंक मेरिट में गिने जाते हैं?
- A हाँ, वे पेपर-1 और पेपर-2 में जोड़ दिए जाते हैं
- B नहीं — वे न वरिष्ठता में गिने जाते हैं, न चयन में
- C सिर्फ़ उन उम्मीदवारों के लिए जिन्होंने कन्नड़ माध्यम में पढ़ाई की
- D उनका सिर्फ़ आधा हिस्सा जोड़ा जाता है
Kannada Language Paperउत्तर देखें
B — नहीं — वे न वरिष्ठता में गिने जाते हैं, न चयन में
धारा 9 कहती है कि अनिवार्य कन्नड़ भाषा परीक्षा में मिले अंक न वरिष्ठता के लिए गिने जाते हैं और न पदों के चयन के लिए — पर जो उम्मीदवार अनुपस्थित रहे या 50 से कम अंक लाए, वह चयन प्रक्रिया से बाहर हो जाता है।
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किन पदों के लिए TET पत्रिका-2 या CTET उत्तीर्ण होना ज़रूरी है?
- A अधिसूचना का हर पद
- B कन्नड़, आंग्ल, हिंदी, विज्ञान, गणित और समाज विज्ञान शिक्षक के पद
- C सिर्फ़ गणकयंत्र और दैहिक शिक्षा शिक्षक के पद
- D सिर्फ़ चित्रकला शिक्षक के पद
Posts and Eligibilityउत्तर देखें
B — कन्नड़, आंग्ल, हिंदी, विज्ञान, गणित और समाज विज्ञान शिक्षक के पद
'अतिरिक्त अर्हताएँ' वाला अंश क्रम संख्या 1 से 6 का नाम लेता है — कन्नड़, आंग्ल, हिंदी, विज्ञान, गणित और समाज विज्ञान शिक्षक के पद — और कहता है कि इनके लिए केवल TET पत्रिका-2 या CTET उत्तीर्ण उम्मीदवार ही आवेदन कर सकते हैं।
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शेष मूल संवर्ग की अधिसूचना में कुल कितने शिक्षक पद छपे हैं?
- A 320
- B 725
- C 767
- D 802
Posts and Eligibilityउत्तर देखें
C — 767
शेष मूल संवर्ग की पद तालिका की अपनी कुल पंक्ति में 725 पद और 42 हिंबाकी पद, यानी 767 पद, आठ विषयों में दिए गए हैं।
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कल्याण-कर्नाटक की अधिसूचना में कितने पद छपे हैं?
- A 320
- B 767
- C 277
- D 363
Posts and Eligibilityउत्तर देखें
A — 320
कल्याण-कर्नाटक की पद तालिका का कुल 277 पद और 43 हिंबाकी पद, यानी 320 पद है, नौ विषयों में — दूसरी अधिसूचना के आठ विषयों में से गणकयंत्र शिक्षक का पद हटाकर, और पदवीधर तथा डिप्लोमा चित्रकला शिक्षक के पद जोड़कर।
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कौन सा पद कल्याण-कर्नाटक की अधिसूचना में है पर शेष मूल संवर्ग की अधिसूचना में नहीं?
- A विज्ञान शिक्षक
- B गणकयंत्र शिक्षक
- C चित्रकला शिक्षक
- D दैहिक शिक्षा शिक्षक
Posts and Eligibilityउत्तर देखें
C — चित्रकला शिक्षक
कल्याण-कर्नाटक की तालिका में पदवीधर चित्रकला शिक्षक और डिप्लोमा चित्रकला शिक्षक के पद हैं, हर एक के 17, वेतनमान ₹49,050-92,500 पर; शेष मूल संवर्ग की तालिका में चित्रकला का कोई पद नहीं है, उसकी जगह गणकयंत्र शिक्षक का पद है।
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सामान्य अर्हता वाले उम्मीदवार के लिए ऊपरी आयु सीमा क्या है?
- A 40 वर्ष
- B 45 वर्ष
- C 48 वर्ष
- D 50 वर्ष
Age Limitउत्तर देखें
B — 45 वर्ष
धारा 2 सामान्य अर्हता के लिए 45 वर्ष, प्रवर्ग 2अ, 2ब, 3अ, 3ब के लिए 48 और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा प्रवर्ग-1 के लिए 50 वर्ष तय करती है — और इनमें एक बार मिलने वाली पाँच वर्ष की छूट पहले से जुड़ी है।
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अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और प्रवर्ग-1 के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा क्या है?
- A 45 वर्ष
- B 48 वर्ष
- C 50 वर्ष
- D 55 वर्ष
Age Limitउत्तर देखें
C — 50 वर्ष
आयु तालिका अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और प्रवर्ग-1 के लिए 50 वर्ष छापती है, जबकि प्रवर्ग 2अ, 2ब, 3अ, 3ब के लिए 48 और सामान्य अर्हता के लिए 45 वर्ष।
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सामान्य अर्हता वाले उम्मीदवार का शुल्क कितना है?
- A ₹250
- B ₹500
- C ₹750
- D ₹1,000
Feeउत्तर देखें
C — ₹750
धारा 7 सामान्य अर्हता तथा प्रवर्ग 2अ, 2ब, 3अ, 3ब के लिए ₹750 छापती है — ₹500 आवेदन शुल्क और ₹250 प्रक्रिया शुल्क — और कहती है कि शुल्क वापस नहीं होता।
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इस भर्ती से नियुक्त उम्मीदवार की परिवीक्षा अवधि कितनी है?
- A एक वर्ष
- B दो वर्ष
- C तीन वर्ष
- D परिवीक्षा अवधि है ही नहीं
Pay and Probationउत्तर देखें
B — दो वर्ष
धारा 5 कहती है कि सीधी भर्ती से चुने गए उम्मीदवार दो वर्ष परिवीक्षा पर रहते हैं, और वेतनमान 2024 का पुनरीक्षित राज्य वेतनमान ₹54,175-99,400 है।
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किस पद के पेपर-2 पाठ्यक्रम में गणित के साथ-साथ भौतिकी का भी भाग छपा है?
- A विज्ञान शिक्षक
- B गणित शिक्षक
- C गणकयंत्र शिक्षक
- D समाज विज्ञान शिक्षक
Paper-2 Syllabusउत्तर देखें
B — गणित शिक्षक
'गणित शिक्षक का पाठ्यक्रम' के एक ही शीर्षक के नीचे पाठ्यक्रम पहले भौतिकी का भाग छापता है और उसके बाद गणित का, और दोनों में भौतिकी वाला भाग लंबा है।
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कन्नड़ भाषा शिक्षक के पेपर-2 की इकाई-1 में क्या आता है?
- A काव्यशास्त्र और छंद
- B कन्नड़ भाषा और व्याकरण
- C कन्नड़ साहित्य का इतिहास
- D अनुवाद और रचना
Paper-2 Syllabusउत्तर देखें
C — कन्नड़ साहित्य का इतिहास
इस विषय के लिए पाठ्यक्रम तीन इकाइयाँ छापता है: इकाई-1 कन्नड़ साहित्य का इतिहास है, हलेगन्नड़, नडुगन्नड़ और होसगन्नड़ कालों के कवियों तथा कृतियों के साथ; इकाई-2 काव्यशास्त्र और छंद; इकाई-3 भाषा और व्याकरण।
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चित्रकला शिक्षक के पेपर-2 का शीर्षक 'संवहन' है। उसके तीन भागों के अंक कितने हैं?
- A 50, 50 और 100
- B 70, 70 और 60
- C 40, 40 और 20
- D 100, 50 और 50
Paper-2 Syllabusउत्तर देखें
B — 70, 70 और 60
पदवीधर और डिप्लोमा, दोनों चित्रकला शिक्षक पदों के लिए पाठ्यक्रम सामान्य कन्नड़ 70, सामान्य अंग्रेज़ी 70 और कंप्यूटर ज्ञान 60 छापता है।
-
लिखित परीक्षा के बाद के चरण कौन कराता है?
- A कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण
- B कर्नाटक आवासीय शिक्षण संस्था संघ
- C लोक शिक्षण विभाग
- D ज़िला प्रशासन
Selection Processउत्तर देखें
B — कर्नाटक आवासीय शिक्षण संस्था संघ
धारा 22 कहती है कि उम्मीदवारों की अंक सूची कर्नाटक आवासीय शिक्षण संस्था संघ को सौंप दी जाती है, और लिखित परीक्षा के बाद की सारी प्रक्रियाएँ नियमानुसार KREIS कराता है।
ये सवाल इसी पेज के आधिकारिक पैटर्न और सिलेबस से बनाए गए हैं। हर उत्तर की जांच अलग से की गई है।
FAQ — आपके सवाल, सीधे जवाब
आधिकारिक सिलेबस कहाँ प्रकाशित हुआ है?
cetonline.karnataka.gov.in
पेपर-1 से कितने प्रश्न आते हैं?
100
पेपर-2 से कितने प्रश्न आते हैं?
100
लिखित परीक्षा की तारीख़ — यह जानकारी कहाँ मिलेगी?
नहीं छपी है। दोनों अधिसूचनाएँ सिर्फ़ इतना कहती हैं कि प्रतियोगी परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम बाद में प्राधिकरण की वेबसाइट पर प्रकाशित होगा, और घोषणा होने पर प्रवेश पत्र वहीं से डाउनलोड करने होंगे।
परीक्षा केंद्र — यह जानकारी कहाँ मिलेगी?
नहीं छपे हैं। अधिसूचना कहती है कि लिखित परीक्षा राज्य के चुने हुए ज़िला केंद्रों पर होगी और ब्योरा बाद में बताया जाएगा; साथ ही यह भी कि प्रशासनिक कारणों से ज़िला केंद्र बदल सकते हैं और उम्मीदवार का केंद्र किसी भी कारण से नहीं बदला जाएगा।
पेपर-1 के किस क्षेत्र से कितने प्रश्न आएँगे — यह जानकारी कहाँ मिलेगी?
नहीं छपा है। धारा 10 पंद्रहों क्षेत्रों को मिलाकर पेपर-1 को 100 प्रश्न और 100 अंक देती है, और उन्हें विषयवार बाँटती नहीं।
इस पेज का हर तथ्य KEA के अपने दस्तावेज़ों से पढ़कर लिया गया है और यहाँ अपने शब्दों में समझाया गया है: 10.07.2026 की शेष मूल संवर्ग तथा कल्याण-कर्नाटक संवर्ग की विस्तृत भर्ती अधिसूचनाएँ, KREIS के कार्यनिर्वाहक निदेशक द्वारा हस्ताक्षरित पेपर-2 का पाठ्यक्रम, 13.08.2026 की तिथि-विस्तार सूचनाएँ, और 02.09.2026 की कन्नड़ भाषा परीक्षा वाली सूचना। ये सभी दस्तावेज़ कन्नड़ में हैं, और पाठ्यक्रम एक स्कैन है जिसके पाठ में कुछ साफ़ ग़लतियाँ हैं — जहाँ किसी से पाठक भटक सकता था, वहाँ यह पेज बात वहीं साफ़ कर देता है। अधिसूचनाएँ cetonline.karnataka.gov.in के KREIS भर्ती 2026 वाले पन्नों से जुड़ी हुई हैं; जो बात आपके लिए अहम हो, उसे अधिसूचना से ही मिला लीजिए: KEA, KREIS भर्ती अधिसूचना 2026 (शेष मूल संवर्ग), 10.07.2026 ↗
यह परीक्षा इन स्तरों पर भर्ती करती है: स्नातक
ध्यान दें — हमेशा उस साल के आधिकारिक नोटिफिकेशन से सिलेबस व पैटर्न कन्फर्म करें, बदलाव संभव है।
ऑफिशियल स्रोत: https://cetonline.karnataka.gov.in/keawebentry456/kreisrpc2026/kries_rpc_notification_10072026kannada.pdf