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BPSC TRE 4.0 सिलेबस 2026 — प्रारम्भिक + मुख्य परीक्षा, हर टॉपिक

सिलेबस

BPSC TRE 4.0 अब दो चरणों में है। प्रारम्भिक परीक्षा सामान्य अध्ययन का एक पेपर है — 150 प्रश्न, 150 अंक, दो घंटे, और ग़लत उत्तर पर तथा पूरी तरह ख़ाली छोड़े गए प्रश्न पर भी एक तिहाई अंक की कटौती। मुख्य परीक्षा 150 अंकों का भागों में बँटा पेपर है, और भर्ती असल में उसके 80 अंकों वाले विषय पत्र से तय होती है।

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PDF आधिकारिक साइट पर खुलेगा। नीचे उसी सिलेबस का हर टॉपिक आसान भाषा में समझाया गया है — पढ़ने के लिए PDF खोलना ज़रूरी नहीं।

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TRE 4.0 में क्या बदला — और अब ख़ाली प्रश्न छोड़ने पर भी अंक कटते हैं ↑

अगर आपने TRE 1.0, 2.0 या 3.0 दी है, तो पुराने नियम इस परीक्षा में मत लाइए। विज्ञापन संख्या 14/2026 पहली बार मुख्य परीक्षा से पहले एक प्रारम्भिक परीक्षा रखता है, और प्रारम्भिक पास करने वालों को मुख्य परीक्षा के लिए अलग से, नया आवेदन देना होगा।

दूसरा बदलाव उत्तर पत्रक की जाँच में है, और यही एक तैयार अभ्यर्थी के सबसे ज़्यादा अंक खा सकता है। हर प्रश्न पर पाँच विकल्प हैं, A से E। (E) का मतलब है 'मैं इसका उत्तर नहीं दे रहा'। ग़लत उत्तर पर एक तिहाई अंक कटता है — और प्रश्न को बिल्कुल ख़ाली छोड़ देने पर भी उतना ही कटता है। इस परीक्षा में 'मुफ़्त में छोड़ देना' है ही नहीं: उत्तर नहीं देना है, तब भी (E) भरना पड़ेगा।

नीचे इसी विज्ञापन से — प्रारम्भिक परीक्षा की बनावट और उसका पूरा सिलेबस, चारों वर्गों की मुख्य परीक्षा और उनके विषय विकल्प, अर्हतांक, मेधा सूची के नियम, 32,388 पदों का वर्गवार ब्यौरा, आयु, शुल्क और तिथियाँ। और अंत में वह सूची भी जो विज्ञापन में है ही नहीं — क्योंकि जो दस्तावेज़ में नहीं है, वह हम बनाकर नहीं लिखेंगे।

जैसा विज्ञापन में लिखा हैआपके लिए इसका मतलब
विज्ञापन संख्या 14/2026, दिनांक 18.08.2026यही वह विज्ञापन है जिससे यह पूरा पेज बना है — बिहार लोक सेवा आयोग, 15 नेहरू पथ (बेली रोड), पटना 800001 द्वारा जारी और परीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर से।
चतुर्थ चरण विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0)बिहार की विद्यालय अध्यापक भर्ती का चौथा चरण। परीक्षा आयोग कराता है, पर पद शिक्षा विभाग, बिहार के अन्तर्गत आते हैं।
कुल 32,388 रिक्त पदचारों वर्ग मिलाकर विज्ञापित कुल पद। दस्तावेज़ का अपना नोट कहता है कि अधियाचना में संशोधन होने पर यह संख्या घट-बढ़ सकती है — यानी यह 18 अगस्त 2026 को विज्ञापित संख्या है, कोई तय कोटा नहीं।
चयन प्रक्रिया — प्रारम्भिक परीक्षा एवं मुख्य परीक्षाचयन दो चरणों में होगा, और यही वह बदलाव है जो TRE 4.0 को पिछले सभी TRE से अलग करता है। मुख्य परीक्षा तक पहुँचने के लिए प्रारम्भिक परीक्षा पास करनी होगी — और मुख्य परीक्षा के लिए अलग से, नया आवेदन देना होगा।
प्रारम्भिक एवं मुख्य परीक्षा के आवेदन में भिन्नता होने पर मुख्य परीक्षा से वंचितअगर प्रारम्भिक और मुख्य परीक्षा के आवेदन में दी गई सूचनाओं में फ़र्क़ निकला, तो विज्ञापन आयोग को मुख्य परीक्षा से वंचित करने का अधिकार देता है। पहले फ़ॉर्म की प्रिंट कॉपी सँभालकर रखें और दूसरा फ़ॉर्म भरते समय उसी से एक-एक कॉलम मिलाकर भरें।
प्रारम्भिक परीक्षा महज जाँच परीक्षा होगीविज्ञापन प्रारम्भिक परीक्षा को महज़ जाँच परीक्षा कहता है। नीचे दिए मेधा सूची के नियमों के साथ पढ़िए, जो रैंक मुख्य परीक्षा के अंकों से बनाते हैं — यानी यह तय करती है कि मुख्य परीक्षा में कौन बैठेगा।
साक्षात्कार — इसमें साक्षात्कार नहीं लिया जायेगाइस भर्ती में कहीं भी साक्षात्कार नहीं है। सब कुछ लिखित परीक्षा के अंकों और नीचे बताए गए अतिथि शिक्षक अनुभव अधिभार से तय होगा।
उक्त विज्ञापन हेतु पुनर्मूल्यांकन का प्रावधान नहीं हैइस विज्ञापन में उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन का कोई प्रावधान नहीं है। मशीन आपकी उत्तर पत्रक से जो पढ़ेगी वही अंतिम है — विकल्प (E) को लेकर सावधानी बरतने की एक और वजह यही है।
अधिकतम 05 (पाँच) बार परीक्षा में भागबिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति) संशोधन नियमावली, 2024 के अनुसार कोई अभ्यर्थी यह परीक्षा अधिकतम पाँच बार दे सकता है।
जिला चयन हेतु अधिकतम 38 जिलों का विकल्पनियुक्ति की अनुशंसा विषयवार और जिलावार होती है। ऑनलाइन फ़ॉर्म में अधिकतम 38 जिलों का विकल्प दिया जा सकता है, और परीक्षाफल सिर्फ़ उन्हीं जिलों के लिए प्रकाशित होगा जो आपने चुने। विज्ञापन का अपना उदाहरण: जिसने दस जिले भरे, उन दस के बाहर उसका कोई दावा नहीं बनेगा।
आधिकारिक वेबसाईट — www.bpsc.bihar.gov.inइस विज्ञापन से जुड़ी हर सूचना वहीं प्रकाशित होगी। दस्तावेज़ साफ़ कहता है कि समाचार पत्रों में अलग से प्रकाशन अपेक्षित नहीं होगा — इसलिए नज़र सिर्फ़ वेबसाइट पर रखिए।

प्रारम्भिक परीक्षा की बनावट और अंकन — जैसा विज्ञापन में है ↑

प्रारम्भिक परीक्षा हर वर्ग के अभ्यर्थी के लिए एक जैसी है — कोई विषय पत्र नहीं, सिर्फ़ सामान्य अध्ययन। इसकी नौ बातें विज्ञापन में साफ़ लिखी हैं और नीचे एक-एक करके दी गई हैं।

जैसा विज्ञापन में लिखा हैआपके लिए इसका मतलब
विषय — सामान्य अध्ययनसिर्फ़ एक पेपर — सामान्य अध्ययन। प्रारम्भिक चरण में कोई विषय पत्र नहीं है, चाहे आपने किसी भी वर्ग के लिए आवेदन किया हो — भौतिकी का अभ्यर्थी और हिन्दी का अभ्यर्थी, दोनों एक ही पेपर देंगे।
सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ प्रकृति के बहुविकल्पीयहर प्रश्न वस्तुनिष्ठ और बहुविकल्पीय है। इस चरण में अपने शब्दों में कुछ नहीं लिखना है।
कुल अंक 150पूरा पेपर 150 अंकों का है।
प्रत्येक प्रश्न एक अंक काहर प्रश्न एक अंक का है — यानी 150 अंक मतलब 150 प्रश्न, और कोई प्रश्न दूसरे से भारी नहीं है। कोई 'ज़्यादा अंक वाला हिस्सा' है ही नहीं जिसके पीछे भागा जाए।
परीक्षा की अवधि दो घंटे150 प्रश्नों के लिए दो घंटे — यानी हर प्रश्न पर लगभग 48 सेकंड। तैयारी की असली शर्त यही आँकड़ा है, टॉपिक की सूची नहीं।
नकारात्मक अंकन — प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 (एक तिहाई) Negative Markingहर ग़लत उत्तर पर एक तिहाई अंक कटेगा — यानी तीन ग़लत जवाब एक सही जवाब को खा जाते हैं। TRE 1.0 से 3.0 तक अंदाज़े से भरने पर कुछ नहीं जाता था; यहाँ जाता है।
प्रत्येक प्रश्न के लिए पाँच विकल्प (A, B, C, D, E)हर प्रश्न पर पाँच गोले, चार नहीं। जिसे आप सही मानते हैं वह A, B, C या D में से एक होगा।
यदि उत्तर नहीं देना चाहते हैं, तो विकल्प (E) का चयन करना अनिवार्य होगा(E) का मतलब है 'मैं इसका उत्तर नहीं दे रहा' — और छोड़ते समय उसे भरना अनिवार्य है। पुराने पेपर की आदत वाले अभ्यर्थी सबसे ज़्यादा यही एक नियम भूलते हैं।
पाँचों विकल्प में से किसी का भी चयन नहीं करने पर प्रत्येक अनुत्तरित (Unanswered) प्रश्न पर 1/3 अंक की कटौतीपाँचों गोले खाली छोड़ना ठीक उतना ही महँगा है जितना ग़लत उत्तर — एक तिहाई अंक गया। इस परीक्षा में 'मुफ़्त में छोड़ देना' है ही नहीं। खाली पंक्ति निष्पक्ष पंक्ति नहीं है, इसलिए (E) भरने की आदत अभ्यास से डालिए।

प्रारम्भिक परीक्षा का सिलेबस — विज्ञापन में गिनाए गए दस क्षेत्र ↑

विज्ञापन प्रारम्भिक परीक्षा का सिलेबस अध्यायों की सूची के रूप में नहीं, एक वाक्य में देता है। नीचे उसी वाक्य को उसके गिनाए हुए क्षेत्रों में, उसी क्रम में तोड़ा गया है, और हर एक पर हमारी अपनी आसान भाषा वाली टिप्पणी है। कुछ जोड़ा नहीं गया है: अगर कोई टॉपिक इस तालिका में नहीं है, तो वह विज्ञापन में भी नहीं है।

जैसा विज्ञापन में लिखा हैआपके लिए इसका मतलब
सामान्य विज्ञानसामान्य विज्ञान। प्रारम्भिक परीक्षा के लिए विज्ञापन कोई स्तर तय नहीं करता, इसलिए इसे स्कूल स्तर की रोज़मर्रा वाली भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान मानकर पढ़िए।
राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएंराष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं। यही एक हिस्सा है जो रोज़ की आदत से बनता है, आख़िरी महीने की दौड़ से नहीं।
भारत का इतिहासभारत का इतिहास। किसी कालखंड की सीमा नहीं दी गई है, इसलिए प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक — तीनों खुले हैं; विज्ञापन यहाँ कुछ भी सीमित नहीं करता।
बिहार के इतिहास की प्रमुख विशेषताएंबिहार के अपने इतिहास की प्रमुख विशेषताएं। यह भारत के इतिहास से अलग बिंदु है, उसका उप-शीर्षक नहीं — और यहीं बिहार की भर्ती किसी राष्ट्रीय भर्ती से सबसे ज़्यादा अलग होती है। राष्ट्रीय स्तर की किताब यह हिस्सा आपको नहीं देगी।
सामान्य भूगोलसामान्य भूगोल — भौतिक, मानव और विश्व भूगोल के बीच कोई सीमा विज्ञापन में नहीं दी गई है।
बिहार के प्रमुख भौगोलिक प्रभाग तथा यहाँ की महत्वपूर्ण नदियांबिहार के प्रमुख भौगोलिक प्रभाग और यहाँ की महत्वपूर्ण नदियां। नदियों को अलग बिंदु के रूप में गिनाया गया है, इसलिए उन्हें नाम, बहाव और जिले के हिसाब से याद कीजिए — सामान्य नक्शा देख लेना काफ़ी नहीं है।
भारत की राज्य व्यवस्था और आर्थिक व्यवस्थाभारत की राज्य व्यवस्था और आर्थिक व्यवस्था — एक तरफ़ संवैधानिक ढाँचा, दूसरी तरफ़ आर्थिक ढाँचा। सिलेबस की एक पंक्ति में रखे गए दो बड़े विषय।
आजादी के पश्चात् बिहार की अर्थ-व्यवस्था के प्रमुख परिवर्तनआज़ादी के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था के प्रमुख परिवर्तन। यह भी बिहार-केंद्रित है, और 'परिवर्तन' शब्द से लिखा गया है — इसलिए सवाल बदलावों और मोड़ों पर ज़्यादा बनेंगे, अकेले आँकड़ों पर कम।
भारत का राष्ट्रीय आन्दोलन तथा इसमें बिहार का योगदानभारत का राष्ट्रीय आंदोलन और उसमें बिहार का योगदान। दूसरा हिस्सा फिर वही है जो राष्ट्रीय किताब नहीं देती — चंपारण, 1942 का आंदोलन बिहार में, और स्वतंत्रता संग्राम में राज्य के अपने नेता।
सामान्य मानसिक योग्यतासामान्य मानसिक योग्यता — वाक्य का आख़िरी बिंदु, और इकलौता ऐसा जो जानकारी का विषय नहीं है। यह पढ़ने से नहीं, अभ्यास से बनता है — और जब हर प्रश्न पर 48 सेकंड हों, तो अभ्यास यहीं सीधे अंकों में बदलता है।

एक नज़र में

पद का नामPrimary Teacher, TGT (Class 9-10), PGT (Class 11-12)
परीक्षा का माध्यमOffline
चयन प्रक्रियाWritten Examination, Document Verification
आधिकारिक वेबसाइटbpsc.bihar.gov.in
राज्यBihar

न्यूनतम अर्हतांक — प्रारम्भिक और मुख्य, दोनों में वही प्रतिशत ↑

विज्ञापन प्रारम्भिक और मुख्य, दोनों परीक्षाओं के लिए एक ही कोटिवार न्यूनतम तय करता है, और इसके लिए कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के संकल्प ज्ञापांक-2374 (16.07.2007) तथा सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-962 (22.01.2021) का हवाला देता है।

जैसा विज्ञापन में लिखा हैआपके लिए इसका मतलब
सामान्य श्रेणी — 40 (चालीस) प्रतिशतसामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों को कम से कम 40 प्रतिशत लाने होंगे।
पिछड़ा वर्ग — 36.5 (साढ़े छत्तीस) प्रतिशतपिछड़ा वर्ग: 36.5 प्रतिशत।
अत्यन्त पिछड़ा वर्ग — 34 (चौंतीस) प्रतिशतअत्यन्त पिछड़ा वर्ग: 34 प्रतिशत।
अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / महिला एवं दिव्यांग — 32 (बत्तीस) प्रतिशतअनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला और दिव्यांग अभ्यर्थी: 32 प्रतिशत — तालिका की सबसे नीची सीमा। यह आप पर लागू है या नहीं, यह मानने से पहले अगली पंक्ति ज़रूर पढ़ें।
पत्रांक-10771, दिनांक-17.06.2026 — 32 प्रतिशत मात्र बिहार राज्य के मूल निवासी अभ्यर्थियों को ही देययही वह शर्त है जो सबसे आसानी से छूट जाती है। महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के साथ यह 32 प्रतिशत की न्यूनतम सीमा केवल बिहार के मूल निवासी अभ्यर्थियों को मिलेगी। बिहार से बाहर की महिला अभ्यर्थी पर सामान्य श्रेणी वाला अंक लागू होगा।
बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली, 2023 की कंडिका-7(v)इसी कंडिका के तहत परीक्षा के अर्हतांक तय करने का विवेकाधिकार आयोग के पास रहता है। ऊपर के प्रतिशत को घोषित न्यूनतम सीमा मानिए, कट-ऑफ़ का अनुमान नहीं।

मुख्य परीक्षा — चारों पत्र, उनके भाग, और अवधि पर दस्तावेज़ का अपना विरोधाभास ↑

मुख्य परीक्षा में हर वर्ग के लिए एक अलग पत्र है। चारों 150 प्रश्न और 150 अंक के हैं, पर उनकी बनावट एक जैसी नहीं है: पत्र 1 दो भागों में है, बाक़ी तीन तीन भागों में। पहली तालिका चारों पत्र बताती है, दूसरी वे भाग जो पत्र 2, 3 और 4 में समान हैं।

मुख्य परीक्षा का पत्रउसकी बनावट
पत्र 1 — प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5): भाषा (अर्हता) एवं सामान्य अध्ययनप्राथमिक विद्यालय का पेपर — 150 प्रश्न, 150 अंक, और चारों में इकलौता जो दो भागों में है: भाग-I 30 प्रश्न, भाग-II 120 प्रश्न। इस स्तर पर कोई अलग विषय पत्र नहीं है; पूरा भाग-II ही सामान्य अध्ययन है।
पत्र 2 — मध्य विद्यालय (वर्ग 6-8): भाषा (अर्हता), सामान्य अध्ययन एवं विषयमध्य विद्यालय का पेपर — 150 प्रश्न, 150 अंक, तीन भागों में: भाग-I 30, भाग-II 40, भाग-III 80। भाग-III वही विषय है जो आप चुनते हैं।
पत्र 3 — माध्यमिक विद्यालय (वर्ग 9 से 10) एवं विशेष विद्यालय अध्यापक (वर्ग 9 से 10)माध्यमिक विद्यालय का पेपर, और यही पेपर वर्ग 9-10 के विशेष विद्यालय अध्यापक पदों के लिए भी है। तीन भाग: 30 + 40 + 80।
पत्र 4 — उच्च माध्यमिक विद्यालय (वर्ग 11-12)उच्च माध्यमिक विद्यालय का पेपर। तीन भाग, 30 + 40 + 80, और चारों में सबसे लंबी विषय सूची — 31 विषयों में से एक चुनना है।
भाग — जैसा विज्ञापन में हैइसका मतलब
भाग-I — भाषा (अर्हता), 30 प्रश्न, 30 अंकभाषा के 30 प्रश्न, और विज्ञापन इस भाग को अर्हता वाला बताता है। इसके अंक मेधा सूची के जोड़ में नहीं जुड़ते — वे सिर्फ़ बराबरी टूटने पर काम आते हैं।
भाग-I की सामग्री — अंग्रेजी एवं हिन्दी/उर्दू/बांग्ला भाषा का व्यावहारिक ज्ञानअंग्रेज़ी, और साथ में हिन्दी, उर्दू या बांग्ला में से एक। 'व्यावहारिक ज्ञान' विज्ञापन का अपना शब्द है — यह भाग भाषा के प्रयोग का है, साहित्य का नहीं।
भाग-I में अर्हतांक कम से कम 30 प्रतिशत अनिवार्यइस भाग में कम से कम 30 प्रतिशत लाना अनिवार्य है। यहाँ चूक गए तो बाक़ी पेपर बचा नहीं सकता, चाहे अपने विषय में कितना भी अच्छा किया हो — इसीलिए 'अर्हता वाला' का मतलब 'छोड़ने लायक़' नहीं है।
भाग-II — सामान्य अध्ययन, 40 प्रश्न, 40 अंकपत्र 2, 3 और 4 में सामान्य अध्ययन के 40 प्रश्न। पत्र 1 यानी प्राथमिक विद्यालय के पेपर में यही भाग 120 प्रश्नों का होता है।
भाग-III — विषय पत्र, 80 प्रश्न, 80 अंकआपके चुने हुए एक विषय पर 80 प्रश्न। जो अंक असल में गिने जाते हैं, उनका दो-तिहाई यहीं है — इसीलिए इस पूरे पेज पर विषय का चुनाव सबसे भारी फ़ैसला है।
कुल — 150 प्रश्न, 150 अंकहर प्रश्न एक अंक, सब वस्तुनिष्ठ, पाँच विकल्प A से E, ग़लत उत्तर पर एक तिहाई की कटौती और पूरी तरह ख़ाली छोड़े गए प्रश्न पर भी एक तिहाई की कटौती। मुख्य परीक्षा में उत्तर पत्रक के वही नियम हैं जो प्रारम्भिक परीक्षा में हैं।
परीक्षा की अवधि — 02:30 घंटे (तालिका, पृष्ठ 14-15) बनाम 2 घंटे (पाठ, पृष्ठ 16)विज्ञापन मुख्य परीक्षा की अवधि दो बार बताता है और दोनों बातें आपस में नहीं मिलतीं: पृष्ठ 14-15 की तालिका चारों पेपर के लिए 02:30 घंटे देती है, जबकि पृष्ठ 16 का पाठ कहता है कि मुख्य परीक्षा 2 घंटे की होगी। हम चुपचाप इनमें से एक नहीं चुन रहे। तैयारी कम समय वाली सीमा के हिसाब से कीजिए और असली अवधि अपने प्रवेश पत्र से पक्की कीजिए।

पत्र 1 — प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5): भाग-II के आठ विषय ↑

चारों में यही इकलौता पत्र है जिसमें दो भाग हैं, तीन नहीं। भाग-I में 30 प्रश्न और भाग-II में 120। और इसी भाग-II में आठ विषय गिनाए गए हैं — बाक़ी तीन पत्रों के सामान्य अध्ययन से तीन ज़्यादा। जो तीन सिर्फ़ यहाँ हैं, उन्हें नीचे अलग से चिह्नित किया गया है।

भाग-II में गिनाया गया विषयइसका मतलब
प्राथमिक गणितप्राथमिक गणित — प्राथमिक कक्षा वाला अंकगणित, प्रतियोगी परीक्षा वाला क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड नहीं।
मानसिक क्षमता परीक्षणमानसिक क्षमता परीक्षण। ध्यान से देखिए: यह बिंदु सिर्फ़ पत्र 1 में है — पत्र 2, 3 और 4 के सामान्य अध्ययन भाग में इसका नाम नहीं है।
सामान्य जागरूकतासामान्य जागरूकता — सामान्य अध्ययन का वह बिंदु जो चारों पेपरों में समान है।
सामान्य विज्ञानसामान्य विज्ञान, उसी स्तर पर जो आपके पद की न्यूनतम अर्हता तय करती है।
सामाजिक विज्ञानसामाजिक विज्ञान। मानसिक क्षमता की तरह यह भी सिर्फ़ पत्र 1 के सामान्य अध्ययन में गिनाया गया है, बाक़ी तीन में नहीं।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलनभारतीय राष्ट्रीय आंदोलन — चारों पेपरों के सामान्य अध्ययन भाग में गिनाया गया है।
भूगोलभूगोल — यह भी चारों पेपरों में समान है।
पर्यावरणपर्यावरण। पत्र 1 का तीसरा अलग बिंदु — बाक़ी तीन पेपरों की सामान्य अध्ययन सूची भूगोल पर ख़त्म हो जाती है।
उपरोक्त विषय पत्रों के पाठ्यक्रम SCERT/NCERT से सम्बन्धित होंगेपाठ्यक्रम SCERT और NCERT से जुड़ा होगा। इसका मतलब है कि राज्य और राष्ट्रीय स्कूली पाठ्यपुस्तकें ही असली स्रोत हैं — कोचिंग का हर नोट उन्हीं की दूसरे हाथ की नक़ल है।
स्तर उम्मीदवार हेतु निर्धारित न्यूनतम अहर्ता के आलोक में होगाकठिनाई का स्तर उस पद की न्यूनतम अर्हता से तय होगा जिसके लिए आपने आवेदन किया है — उस सबसे ऊँची डिग्री से नहीं जो संयोग से आपके पास है।

पत्र 2 — मध्य विद्यालय (वर्ग 6-8): भाग-II के विषय और भाग-III के छह विकल्प ↑

यहाँ से पत्र तीन भागों में आता है। भाग-II का सामान्य अध्ययन पत्र 1 से छोटा है — पाँच क्षेत्र, आठ नहीं। भाग-III में छह विषय विकल्पों में से एक चुनना है, और हर विकल्प के आगे उसी वर्ग की रिक्तियों की संख्या भी दी गई है, ताकि चुनाव करते समय आपको दोनों बातें एक साथ दिखें।

भाग-II (सामान्य अध्ययन) में गिनाया गयाइसका मतलब
प्राथमिक गणितप्राथमिक गणित।
सामान्य जागरूकतासामान्य जागरूकता।
सामान्य विज्ञानसामान्य विज्ञान।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलनभारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।
भूगोलभूगोल। सूची यहीं ख़त्म — मानसिक क्षमता, सामाजिक विज्ञान और पर्यावरण सिर्फ़ पत्र 1 के लिए गिनाए गए हैं।
भाग-III का विषय विकल्पइसका मतलब और इस वर्ग में पद
गणित एवं विज्ञानगणित और विज्ञान एक ही पेपर के रूप में — इस स्तर पर ये अलग विकल्प नहीं हैं। वर्ग 6-8 का सबसे बड़ा हिस्सा भी यही है: 8,563 में से 2,188 पद।
सामाजिक विज्ञानसामाजिक विज्ञान — इस स्तर का इकलौता विकल्प जिसमें Section-I और Section-II का अंदरूनी चुनाव है; जोड़ी बनाने का नियम नीचे दिया गया है। 1,190 पद।
हिन्दीहिन्दी। 1,096 पद।
उर्दूउर्दू। 935 पद।
संस्कृतसंस्कृत। 1,225 पद।
अंग्रेजीअंग्रेज़ी। 1,929 पद — वर्ग 6-8 का सबसे बड़ा भाषा हिस्सा।

पत्र 3 — माध्यमिक विद्यालय (वर्ग 9-10) एवं विशेष विद्यालय: भाग-III के पंद्रह विषय विकल्प ↑

यही पत्र वर्ग 9-10 के विशेष विद्यालय अध्यापक पदों के लिए भी है। भाग-III में पंद्रह विषय विकल्प हैं — पर ध्यान दीजिए, इनमें से छह की रिक्तियाँ इस विज्ञापन की तालिका में हैं ही नहीं, क्योंकि उनकी पूरक अधियाचना अभी आनी है। विषय चुना जा सकता है, पद अभी सूचित नहीं हुए।

भाग-II के बारे मेंइसका मतलब
भाग-II — प्रश्न माध्यमिक विद्यालय के पाठ्यक्रम से संबंधित होंगेयहाँ सामान्य अध्ययन के प्रश्न माध्यमिक विद्यालय के पाठ्यक्रम से आएंगे, और वही पाँच क्षेत्र होंगे जो पत्र 2 के लिए गिनाए गए हैं — प्राथमिक गणित, सामान्य जागरूकता, सामान्य विज्ञान, भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और भूगोल।
स्तर — उम्मीदवार हेतु निर्धारित न्यूनतम अहर्ता के आलोक मेंइस विज्ञापन में हर जगह की तरह, स्तर पद की न्यूनतम अर्हता से तय होगा।
भाग-III का विषय विकल्पइसका मतलब और इस वर्ग में पद
हिन्दीहिन्दी। वर्ग 9-10 में 361 पद विज्ञापित।
उर्दूउर्दू। 660 पद।
संस्कृतसंस्कृत। 322 पद।
अंग्रेजीअंग्रेज़ी। 696 पद।
विज्ञानयहाँ विज्ञान एक ही विषय है — वर्ग 11-12 की तरह भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान में बँटा हुआ नहीं। 463 पद।
गणितगणित। 570 पद।
शारीरिक विज्ञानशारीरिक शिक्षा वाली धारा, जिसका अर्हता का रास्ता अलग है — शारीरिक शिक्षा में स्नातक, या स्नातक के साथ मान्यता प्राप्त खेल प्रतिनिधित्व अथवा NCC का 'सी' प्रमाण पत्र। 47 पद।
संगीतसंगीत। रिक्ति तालिका इस स्तर पर सिर्फ़ 2 पद दिखाती है — पूरे विज्ञापन का सबसे छोटा हिस्सा।
सामाजिक विज्ञानसामाजिक विज्ञान, जिस पर नीचे बताया गया Section-I / Section-II वाला वही नियम लागू है। 756 पद — वर्ग 9-10 का सबसे बड़ा हिस्सा।
बांग्लाबांग्ला। विषय के रूप में चुना जा सकता है, पर इस विज्ञापन में इसकी रिक्ति संख्या नहीं है — नीचे पूरक अधियाचना वाला नोट देखिए।
ललितकलाललितकला। स्थिति बांग्ला जैसी ही: विषय उपलब्ध है, रिक्तियाँ अभी सूचित नहीं।
नृत्यनृत्य। रिक्तियाँ अभी सूचित नहीं।
मैथिलीमैथिली। रिक्तियाँ अभी सूचित नहीं।
अरबीअरबी। रिक्तियाँ अभी सूचित नहीं।
फारसीफ़ारसी। रिक्तियाँ अभी सूचित नहीं।

पत्र 4 — उच्च माध्यमिक विद्यालय (वर्ग 11-12): भाग-III के इकतीस विषय विकल्प ↑

यह सबसे बड़ा वर्ग है — 16,101 पद, यानी पूरी भर्ती का लगभग आधा — और इसकी विषय सूची भी सबसे लंबी है। विज्ञापन इकतीस विषय गिनाता है, जिनमें से एक चुनना है।

एक बात जो जोड़कर देखने पर ही दिखती है: इन इकतीस में से बाईस के लिए रिक्ति तालिका में पद दिए गए हैं और नौ के लिए नहीं। वे नौ ठीक वही हैं जिन्हें पृष्ठ 4 का नोट पूरक अधियाचना के लिए छोड़ता है — बांग्ला, भोजपुरी, मगही, मैथिली, पाली, प्राकृत, अरबी, फ़ारसी और कृषि। 22 और 9 मिलकर 31 होते हैं, यानी दोनों सूचियाँ आपस में मिलती हैं।

भाग-III का विषय विकल्पइस वर्ग में पद
हिन्दी739 पद।
अंग्रेजी1,321 पद।
संस्कृत746 पद।
उर्दू877 पद।
गणित657 पद।
भौतिकी1,758 पद। रिक्ति तालिका इसे 'भौतिकी शास्त्र' लिखती है और विषय चुनने की सूची 'भौतिकी'। एक ही विषय, एक ही दस्तावेज़ में दो वर्तनी।
रसायन शास्त्र3,695 पद — पूरे विज्ञापन का सबसे बड़ा अकेला विषय हिस्सा।
वनस्पति विज्ञान1,078 पद।
जन्तु विज्ञान449 पद।
इतिहास608 पद। वर्ग 11-12 में, वर्ग 6-8 और 9-10 के उलट, इतिहास अपने आप में एक विषय पत्र है — यहाँ Section-I / Section-II वाली जोड़ी नहीं बनानी होती।
राजनीति शास्त्र665 पद।
भूगोल176 पद।
अर्थशास्त्र138 पद।
समाज शास्त्र266 पद।
मनोविज्ञान1,030 पद।
गृह विज्ञान418 पद।
संगीत736 पद — जबकि वर्ग 9-10 में सिर्फ़ 2। अगर संगीत आपका विषय है, तो पद यहीं हैं।
दर्शन शास्त्र80 पद।
कम्प्यूटर साईंस407 पद। यही इकलौता विषय है जिसमें विज्ञापन बी.एड. की शर्त हटाता है — इसका नोट कहता है कि कम्प्यूटर विज्ञान के अभ्यर्थियों के लिए बी.एड. अनिवार्य नहीं है।
व्यवसायिक अध्ययन133 पद।
उद्यमशीलता58 पद।
लेखा66 पद। रिक्ति तालिका इसे 'लेखाशास्त्र' कहती है और विषय चुनने की सूची 'लेखा'।
बांग्लाचुनने के लिए सूचीबद्ध; इस विज्ञापन में रिक्ति संख्या नहीं — पूरक अधियाचना लंबित।
भोजपुरीचुना जा सकता है; रिक्तियाँ पूरक अधियाचना पर निर्भर।
मगहीचुना जा सकता है; रिक्तियाँ पूरक अधियाचना पर निर्भर।
मैथिलीचुना जा सकता है; रिक्तियाँ पूरक अधियाचना पर निर्भर।
पालीचुना जा सकता है; रिक्तियाँ पूरक अधियाचना पर निर्भर।
प्राकृतचुना जा सकता है; रिक्तियाँ पूरक अधियाचना पर निर्भर।
अरबीचुना जा सकता है; रिक्तियाँ पूरक अधियाचना पर निर्भर।
फारसीचुना जा सकता है; रिक्तियाँ पूरक अधियाचना पर निर्भर।
कृषिचुना जा सकता है; रिक्तियाँ पूरक अधियाचना पर निर्भर। इसकी अर्हता का रास्ता अलग है — कृषि या उद्यान में स्नातक और साथ में एग्रोनॉमी, प्लांट ब्रीडिंग एंड जेनेटिक्स, एंटोमोलॉजी, प्लांट पैथोलॉजी, सीड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, सॉइल साइंस या हॉर्टिकल्चर में से किसी एक में स्नातकोत्तर।

सामाजिक विज्ञान वालों के लिए — Section-I और Section-II की जोड़ी का नियम ↑

सामाजिक विज्ञान अकेला ऐसा विषय है जिसके भीतर एक और चुनाव करना पड़ता है, और यह चुनाव एकतरफ़ा है — पहले हिस्से का फ़ैसला दूसरे हिस्से के विकल्प तय कर देता है।

नियम — जैसा विज्ञापन में हैइसका मतलब
Section-I में इतिहास का चयन — तब Section-II में भूगोल / अर्थशास्त्र / राजनीति शास्त्र में से एकSection-I में इतिहास लिया, तो Section-II में भूगोल, अर्थशास्त्र या राजनीति शास्त्र में से ठीक एक विषय चुनना होगा।
Section-I में भूगोल का चयन — तब Section-II में अर्थशास्त्र / राजनीति शास्त्र में से एकSection-I में भूगोल लिया, तो Section-II का चुनाव दो तक सिमट जाता है — अर्थशास्त्र या राजनीति शास्त्र। दूसरे विषय के रूप में इतिहास आपके लिए उपलब्ध नहीं रहेगा।
यह नियम वर्ग 6-8 एवं वर्ग 9-10, दोनों के सामाजिक विज्ञान अभ्यर्थियों पर लागूविज्ञापन यह नियम दो बार, बिल्कुल एक जैसे शब्दों में छापता है — एक बार मध्य विद्यालय के पेपर के नीचे और एक बार माध्यमिक के नीचे। वर्ग 11-12 के लिए यह नहीं है, क्योंकि वहाँ इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और राजनीति शास्त्र अलग-अलग विषय पत्र हैं।
स्नातक स्तर पर इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं राजनीतिशास्त्र में से कोई दो विषय, जिनमें एक इतिहास या भूगोल अनिवार्यवर्ग 9-10 के सामाजिक विज्ञान पद के लिए डिग्री की शर्त परीक्षा के नियम जैसी ही है: इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और राजनीतिशास्त्र में से दो विषय, जिनमें एक इतिहास या भूगोल अनिवार्य। परीक्षा में बनाई जाने वाली जोड़ी उसी के भीतर रहनी चाहिए जो आपकी डिग्री में पहले से है।

मेधा सूची कैसे बनेगी, और बराबरी होने पर क्या देखा जाएगा ↑

यह हिस्सा तय करता है कि आपकी मेहनत का कौन सा हिस्सा असल में गिना जाएगा। छोटी सी बात जो बहुत लोगों से छूटती है: भाषा वाला भाग-I आपके जोड़ में नहीं जुड़ता, पर बराबरी टूटने पर वही फ़ैसला करता है।

जैसा विज्ञापन में लिखा हैआपके लिए इसका मतलब
वर्ग 1 से 5 — मुख्य परीक्षा के प्राप्तांक (भाग-II) के आधार पर मेधा सूचीप्राथमिक विद्यालय के पदों के लिए औपबंधिक मेधा सूची सिर्फ़ भाग-II के अंकों से बनेगी। भाग-I की भाषा आपके अंकों में नहीं जुड़ती।
वर्ग 6-8, 9-10, विशेष विद्यालय (9-10) एवं 11-12 — कुल प्राप्तांक (भाग-II एवं III)बाक़ी हर स्तर पर मेधा सूची भाग-II और भाग-III को जोड़कर बनती है — सामान्य अध्ययन और आपका विषय। भाग-I यहाँ भी जोड़ में नहीं आता।
पहला टाई-ब्रेकर — चयनित विषय (भाग-III) का प्राप्तांकबराबर अंक होने पर पहले विषय पत्र का अंक देखा जाएगा — यानी एक ही जोड़ वाले दो अभ्यर्थियों में वह आगे रहेगा जिसने अपना विषय बेहतर जाना। वर्ग 1-5 में, जहाँ भाग-III है ही नहीं, पहला टाई-ब्रेकर भाग-I होगा।
दूसरा टाई-ब्रेकर — भाषा (अर्हता) (भाग-I) का प्राप्तांकअब भी बराबरी रही, तो अर्हता वाला भाषा भाग आख़िरकार गिना जाएगा। भाग-I को 'बस निकल जाना है' वाला पेपर न मानने की असली वजह यही है।
तीसरा टाई-ब्रेकर — उम्रइसके बाद उम्र। विज्ञापन यह नहीं बताता कि वरीयता बड़े को मिलेगी या छोटे को, इसलिए अपने आप कोई मतलब मत निकालिए — हम भी यह ख़ाली जगह नहीं भर रहे।
अंतिम टाई-ब्रेकर — देवनागरी लिपि में वर्णमाला के अनुसार नामअगर उम्र भी बराबर हुई, तो वरीयता देवनागरी लिपि में वर्णमाला के क्रम से नाम के आधार पर तय होगी।
अतिथि शिक्षकों को प्रत्येक वर्ष की सेवा अवधि के लिए 05 अंक, अधिकतम 25 अंक अधिभारनिर्धारित अर्हता रखने वाले अतिथि शिक्षकों को सेवा के हर वर्ष के लिए 5 अंक का अधिभार मिलेगा, अधिकतम 25 अंक। विज्ञापन इसे LPA No. 593/2024 के नतीजे पर निर्भर रखता है, और इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा निर्गत अनुभव प्रमाण पत्र तथा नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य है।
अधिभार अंक दोनों चरणों में न्यूनतम अर्हतांक प्राप्त करने के पश्चात् ही जोड़ा जायेगाअधिभार तभी जुड़ेगा जब आप प्रारम्भिक और मुख्य, दोनों परीक्षाओं का न्यूनतम अर्हतांक पहले ही पार कर चुके हों। यह आपको अर्हता की सीमा के पार नहीं ले जा सकता — सीमा पार करने के बाद सिर्फ़ रैंक सुधारता है।
मुख्य परीक्षा के लिए चुने जाने वाले उम्मीदवारों की संख्या — कुल संसूचित रिक्तियों की ढ़ाई गुनी से दस गुनीप्रारम्भिक परीक्षा के अंक और अधिभार के आधार पर मुख्य परीक्षा के लिए कुल विज्ञापित रिक्तियों की ढाई गुनी से दस गुनी तक संख्या बुलाई जाएगी — और कोटिवार कट-ऑफ़ अंक पर खड़े सभी अभ्यर्थी चुन लिए जाएंगे।
अभ्यर्थी उसी एक विषय का चयन कर सकते हैं जिसमें उन्होंने शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की हैआप सिर्फ़ वही विषय चुन सकते हैं जिसमें आपने शिक्षक पात्रता परीक्षा पास की है — और अगर एक से ज़्यादा विषयों में पास हैं, तब भी उनमें से एक ही चुनना होगा।
औपबंधिक परीक्षाफल प्रकाशन के पश्चात् पूरक परीक्षाफल प्रकाशित नहीं किया जायेगाऔपबंधिक परीक्षाफल के बाद कोई पूरक परीक्षाफल प्रकाशित नहीं होगा। किसी दूसरी सूची का इंतज़ार करने की गुंजाइश नहीं है।

32,388 पद — वर्ग के अनुसार, वेतन के साथ ↑

चारों वर्गों का जोड़ ठीक 32,388 बैठता है — 3,847 + 8,563 + 3,877 + 16,101 — और हर वर्ग के अंदर विषयवार पद भी उसी वर्ग के कुल से मिलते हैं। नीचे के आँकड़े इसी जाँच के बाद लिखे गए हैं।

वर्ग — जैसा विज्ञापन में हैपद, वेतन और विषयवार ब्यौरा
(क) प्राथमिक विद्यालय के मूल कोटि वर्ग 1-5 — कुल 3,847 पदप्राथमिक शिक्षक, कक्षा 1 से 5। वेतनमान: प्रारम्भिक वेतन प्रक्रम ₹25,000 और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अन्य भत्ते। विषयवार: सामान्य 3,065, उर्दू 757, बांग्ला 25।
(ख) मध्य विद्यालय (वर्ग 6-8) — कुल 8,563 पदमध्य विद्यालय, वर्ग 6 से 8, स्नातक कोटि। वेतनमान: प्रारम्भिक वेतन प्रक्रम ₹28,000 और अन्य भत्ते। विषयवार: गणित एवं विज्ञान 2,188, अंग्रेज़ी 1,929, संस्कृत 1,225, सामाजिक विज्ञान 1,190, हिन्दी 1,096, उर्दू 935।
(ग) माध्यमिक विद्यालय (वर्ग 9-10) — कुल 3,877 पदमाध्यमिक विद्यालय, वर्ग 9 से 10। वेतनमान: मूल वेतन ₹31,000 प्रतिमाह और अन्य देय भत्ते। विषयवार: सामाजिक विज्ञान 756, अंग्रेज़ी 696, उर्दू 660, गणित 570, विज्ञान 463, हिन्दी 361, संस्कृत 322, शारीरिक विज्ञान 47, संगीत 2।
(घ) उच्च माध्यमिक विद्यालय (वर्ग 11-12) — कुल 16,101 पदउच्च माध्यमिक विद्यालय, वर्ग 11 से 12 — पूरी भर्ती का लगभग आधा हिस्सा। वेतनमान: मूल वेतन ₹32,000 प्रतिमाह और अन्य देय भत्ते। इसके बाईस विषय हिस्से अगली तालिका में हैं।
वर्ग 11-12 का विषयपद
रसायन शास्त्र3,695
भौतिकी शास्त्र1,758
अंग्रेजी1,321
वनस्पति विज्ञान1,078
मनोविज्ञान1,030
उर्दू877
संस्कृत746
हिन्दी739
संगीत736
राजनीति शास्त्र665
गणित657
इतिहास608
जन्तु विज्ञान449
गृह विज्ञान418
कम्प्यूटर विज्ञान407
समाज शास्त्र266
भूगोल176
अर्थशास्त्र138
व्यवसायिक अध्ययन133
दर्शन शास्त्र80
लेखाशास्त्र66
उद्यमशीलता58
विज्ञापन का नोटइसका मतलब
नोट (i) — अधियाचना में संशोधन होने पर प्रकाशित रिक्तियों की संख्या घट-बढ़ सकती हैअधियाचना में संशोधन होने पर संख्या घट या बढ़ सकती है। 32,388 वह संख्या है जो 18 अगस्त 2026 को विज्ञापित हुई, कोई गारंटीशुदा आँकड़ा नहीं।
नोट (ii) — विभागीय पत्रांक-905, दिनांक-15.08.2026 — पूरक अधियाचनावर्ग 9-10 के बांग्ला, ललितकला, नृत्य, मैथिली, विशेष विद्यालय अध्यापक, अरबी एवं फ़ारसी तथा वर्ग 11-12 के बांग्ला, भोजपुरी, मगही, मैथिली, पाली, प्राकृत, अरबी, फ़ारसी एवं कृषि के लिए पूरक अधियाचना प्रतीक्षित है। सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से प्राप्त होने के बाद इन रिक्तियों की सूचना दी जाएगी। यही वजह है कि ये विषय परीक्षा की विषय सूची में हैं, पर रिक्ति तालिका में इनकी संख्या नहीं है।
नोट (iii) — अभ्यर्थियों की संख्या के अनुरूप परीक्षा एक से अधिक चरणों मेंअभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार परीक्षा एक से अधिक चरणों में करायी जा सकती है। 32,388 पदों की भर्ती में एक से ज़्यादा पाली की संभावना मानकर चलिए।

कौन आवेदन कर सकता है — हर वर्ग की पात्रता परीक्षा और योग्यता ↑

हर वर्ग की अपनी शिक्षक पात्रता परीक्षा है, और उसके साथ अपनी शैक्षणिक तथा प्रशैक्षणिक योग्यता। विज्ञापन हर वर्ग के लिए कई वैकल्पिक रास्ते गिनाता है; नीचे मुख्य शर्त और उसके साथ के प्रमुख विकल्प दिए गए हैं। अपने ठीक-ठीक मामले के लिए मूल विज्ञापन का पृष्ठ 5 से 11 तक का हिस्सा देख लीजिए।

जैसा विज्ञापन में लिखा हैआपके लिए इसका मतलब
भारत का नागरिक होआपका भारत का नागरिक होना ज़रूरी है।
वर्ग 1 से 5 — CTET Paper-I अथवा BTET Paper-I उत्तीर्णसाथ में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उच्चतर माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा — या विज्ञापन में गिनाए गए विकल्पों में से एक: 2002 की NCTE नियमावली के तहत डिप्लोमा के साथ 45 प्रतिशत, चार वर्षीय बी.एल.एड., शिक्षा शास्त्र (विशेष शिक्षा) में द्विवर्षीय डिप्लोमा, या स्नातक के साथ द्विवर्षीय प्रारंभिक डिप्लोमा।
वर्ग 6 से 8 — CTET Paper-II अथवा BTET Paper-II उत्तीर्णसाथ में स्नातक और प्रारंभिक शिक्षा में द्विवर्षीय डिप्लोमा, या 50 प्रतिशत के साथ स्नातक/स्नातकोत्तर तथा बी.एड., या गिनाए गए दूसरे रास्तों में से एक। यहाँ विषय की शर्तें अहम हैं: भाषा शिक्षक ने वह भाषा स्नातक स्तर पर प्रतिष्ठा या आनुषांगिक विषय के रूप में पढ़ी हो; गणित एवं विज्ञान वाले ने गणित, सांख्यिकी, भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान में से दो विषय पढ़े हों; सामाजिक विज्ञान वाले ने इतिहास, भूगोल, राजनीतिशास्त्र, दर्शनशास्त्र, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, मनोविज्ञान, समाज शास्त्र और गृह विज्ञान में से दो विषय पढ़े हों।
वर्ग 9 से 10 एवं विशेष विद्यालय अध्यापक (वर्ग 9 से 10) — STET Paper-I उत्तीर्णसाथ में विनिर्दिष्ट विषय में कम से कम 50 प्रतिशत के साथ स्नातक या स्नातकोत्तर तथा बी.एड., या 2002 एवं 2007 की NCTE नियमावली के तहत बी.एड. के साथ 45 प्रतिशत, या चार वर्षीय बी.ए.एड./बी.एससी.एड.। विशेष विद्यालय अध्यापक के लिए इसके अलावा भारतीय पुनर्वास परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थान से विशेष शिक्षा में बी.एड., वैध सी.आर.आर. नंबर और अन्तर दिव्यांगता क्षेत्र में 06 माह का अध्यापन प्रशिक्षण चाहिए।
वर्ग 11 से 12 — STET Paper-II उत्तीर्णसाथ में विनिर्दिष्ट विषय में कम से कम 50 प्रतिशत के साथ स्नातकोत्तर तथा बी.एड., या 2002 एवं 2007 की नियमावली के तहत बी.एड. के साथ 45 प्रतिशत स्नातकोत्तर, या 55 प्रतिशत के साथ स्नातकोत्तर और तीन वर्षीय एकीकृत बी.एड.-एम.एड.। कम्प्यूटर विज्ञान अपवाद है — विज्ञापन कहता है कि उसके अभ्यर्थियों के लिए बी.एड. अनिवार्य नहीं है।
वर्ष 2012 से पूर्व नियुक्त एवं कार्यरत शिक्षक, जो दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण होंगेवर्ष 2012 से पहले नियुक्त और कार्यरत वे शिक्षक जो दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण हैं, उनके लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्णता अनिवार्य नहीं है।
माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET, 2026) में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थीजिन अभ्यर्थियों के पास शैक्षणिक योग्यता है, शिक्षक प्रशिक्षण पूरा है और जो STET 2026 में सम्मिलित होने वाले हैं, वे आवेदन दे सकते हैं — पर उन्हें प्रारम्भिक परीक्षा से पहले STET 2026 उत्तीर्ण करना आवश्यक है। विज्ञापन नतीजा साफ़ लिखता है: उत्तीर्ण न होने की स्थिति में प्रारम्भिक परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी नहीं होगा। आवेदन के समय आयोग के निर्धारित प्रारूप में स्व-घोषणा भी देनी होगी।
अनुसूचित जाति / जनजाति / अत्यन्त पिछड़ा वर्ग / पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांग — न्यूनतम निर्धारित अर्हतांक में 05 प्रतिशत की छूटहर स्तर पर शैक्षणिक योग्यता में माँगे गए न्यूनतम अंकों में पाँच प्रतिशत की छूट। यह परीक्षा के अर्हतांक से अलग चीज़ है।
अधिसूचना ज्ञापांक-2128, दिनांक-05.08.2025 — कुल रिक्त पदों का 40% पदकुल रिक्त पदों का चालीस प्रतिशत उन अभ्यर्थियों से भरा जाएगा जिन्होंने बिहार के अन्दर स्थित शैक्षणिक संस्थान से मैट्रिक या इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया हो — अविभाजित बिहार से उत्तीर्ण होना भी इसी में गिना जाएगा। इस 40 प्रतिशत के विरुद्ध पर्याप्त योग्य अभ्यर्थी न मिलने पर शेष रिक्तियाँ 60 प्रतिशत वाली कोटि के योग्य अभ्यर्थियों से भरी जा सकेंगी।

आयु सीमा — और वह दो अलग-अलग तारीख़ें जिन पर उम्र नापी जाएगी ↑

यहाँ एक ऐसी बात है जिसे जल्दबाज़ी में पढ़ने पर लोग चूक जाते हैं: न्यूनतम उम्र 01.08.2026 को नापी जाएगी और अधिकतम उम्र 01.08.2024 को। एक ही विज्ञापन, दो अलग कट-ऑफ़ तारीख़ें। अपनी जन्मतिथि दोनों से मिलाइए।

जैसा विज्ञापन में लिखा हैआपके लिए इसका मतलब
न्यूनतम उम्र सीमा की गणना — 01.08.2026न्यूनतम आयु की गणना 1 अगस्त 2026 को मानकर होगी।
अधिकतम उम्र सीमा की गणना — 01.08.2024अधिकतम आयु की गणना एक अलग तारीख़ पर होगी — 1 अगस्त 2024, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के पत्रांक-212, दिनांक-23.01.2006 के आलोक में। एक ही विज्ञापन में दो अलग कट-ऑफ़ तारीख़ें असामान्य हैं और आसानी से ग़लत पढ़ी जाती हैं — इसलिए अपनी जन्मतिथि दोनों से मिलाकर देखिए, यह मानकर मत चलिए कि एक ही तारीख़ हर जगह लागू है।
प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय — न्यूनतम आयु 18 वर्षवर्ग 1-5 और 6-8 के लिए 1 अगस्त 2026 को 18 वर्ष।
माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय — न्यूनतम आयु 21 वर्षवर्ग 9-10 और 11-12 के लिए 1 अगस्त 2026 को 21 वर्ष।
अधिकतम — अनारक्षित (पुरुष) 37 वर्षअनारक्षित पुरुष: 37 वर्ष।
अधिकतम — अनारक्षित महिला 40 वर्षअनारक्षित महिला: 40 वर्ष।
अधिकतम — पिछड़ा वर्ग / अत्यन्त पिछड़ा वर्ग (पुरुष एवं महिला) 40 वर्षपिछड़ा वर्ग और अत्यन्त पिछड़ा वर्ग, पुरुष और महिला दोनों: 40 वर्ष।
अधिकतम — अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति (पुरुष एवं महिला) 42 वर्षअनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, पुरुष और महिला दोनों: 42 वर्ष।
अधिकतम — ट्रांसजेन्डर 42 वर्षट्रांसजेन्डर अभ्यर्थी: 42 वर्ष। विज्ञापन अलग से यह भी देता है कि ट्रांसजेन्डर अभ्यर्थियों को पिछड़े वर्गों वाले आरक्षण का लाभ मिलेगा, और इसके लिए बिहार का मूल निवास प्रमाण पत्र तथा सक्षम प्राधिकार से निर्गत ट्रांसजेन्डर प्रमाण पत्र देना होगा।
दिव्यांगों को अधिकतम उम्र सीमा में 10 वर्षों की छूटसामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-962, दिनांक-22.01.2021 के आलोक में दिव्यांग अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में दस वर्ष की छूट, सक्षम प्राधिकार का प्रमाण पत्र देने पर।
भूतपूर्व सैनिकों को 03 (तीन) वर्ष तथा सेवा अवधि के योग के समतुल्य रियायतभूतपूर्व सैनिकों को तीन वर्ष और साथ में उनकी सेवा अवधि के योग के बराबर रियायत — बशर्ते आवेदन की तिथि को उनकी वास्तविक उम्र 57 वर्ष से अधिक न हो।
बिहार सरकार के नियमित सरकारी सेवकों को 05 (पाँच) वर्ष की छूटबिहार सरकार के नियमित रूप से नियुक्त सरकारी सेवकों को पाँच वर्ष की छूट — पर तभी जब उन्होंने पाँच अवसर पहले से उपभोग न किए हों, और सक्षम प्राधिकार का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। विज्ञापन ऐसे सेवक को पूरी सेवा अवधि में आयोग की सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं में कुल पाँच अवसरों तक सीमित करता है, जिनकी गणना 12.12.2022 से शुरू होगी।
वार्धक्य सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष निर्धारित हैइस पद पर सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष है।

शुल्क, तिथियाँ, और आवेदन की वे शर्तें जिन पर लोगों की अभ्यर्थिता जाती है ↑

आवेदन 1 सितम्बर 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक है, पर भुगतान 29 सितम्बर को ही बंद हो जाएगा — दोनों अंतिम तिथियाँ अलग दिन हैं। नीचे शुल्क, तिथियाँ और वे शर्तें एक साथ हैं जिन पर हर साल अच्छे-ख़ासे अभ्यर्थियों का आवेदन रद्द होता है।

जैसा विज्ञापन में लिखा हैआपके लिए इसका मतलब
परीक्षा शुल्क — 100/- (एक सौ रूपये) प्रति अभ्यर्थीएक सौ रुपये, सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-15568, दिनांक-21.08.2025 के आलोक में।
एक से अधिक वर्ग हेतु आवेदन — प्रत्येक वर्ग के लिए अलग-अलग परीक्षा शुल्कएक से ज़्यादा वर्ग — 1-5, 6-8, 9-10, 11-12 — के लिए आवेदन देने पर हर वर्ग का अलग ₹100 शुल्क देना होगा।
विभिन्न बैंकों द्वारा निर्धारित चार्ज अतिरिक्तऑनलाइन भुगतान के समय बैंक अपना चार्ज शुल्क के ऊपर से जोड़ लेगा।
Biometric fee 200/- (दो सौ) रूपयेजिन अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन में पहचान पत्र के रूप में आधार संख्या अंकित नहीं की, उन्हें दो सौ रुपये अतिरिक्त देने होंगे। आधार — और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर — भर देने पर यह शुल्क नहीं लगेगा, और विज्ञापन चेतावनी देता है कि दस्तावेज़ सत्यापन के समय OTP की दिक़्क़त आपकी पात्रता पर असर डाल सकती है।
भुगतान प्रारम्भ करने की तिथि — 01.09.2026भुगतान 1 सितम्बर 2026 से शुरू।
भुगतान की अंतिम तिथि — 29.09.2026भुगतान 29 सितम्बर 2026 को बंद — यानी फ़ॉर्म बंद होने से पूरा एक दिन पहले। शुल्क को आवेदन की आख़िरी तारीख़ पर मत छोड़िए; दोनों अंतिम तिथियाँ एक ही दिन नहीं हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रारम्भ करने की तिथि — 01.09.2026ऑनलाइन फ़ॉर्म 1 सितम्बर 2026 से खुलेगा।
ऑनलाइन आवेदन भरने की अंतिम तिथि — 30.09.2026ऑनलाइन फ़ॉर्म 30 सितम्बर 2026 को बंद होगा।
सभी वांछित प्रमाण-पत्र आवेदन की अंतिम तिथि 30.09.2026 तक निर्गत होना आवश्यकहर प्रमाण पत्र — शैक्षणिक, प्रशैक्षणिक, अनुभव और शिक्षक पात्रता — 30 सितम्बर 2026 या उससे पहले निर्गत होना चाहिए। उसके बाद जारी प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा, और विज्ञापन साफ़ कहता है कि फ़ॉर्म की अंतिम तिथि बढ़ने से यह तिथि नहीं बढ़ेगी।
One Time Registration (OTR) — https://bpsconline.bihar.gov.inआवेदन से पहले OTR अनिवार्य है, और एक अभ्यर्थी का सिर्फ़ एक ही OTR मान्य है — दूसरा पंजीकरण आपका आवेदन रद्द करा सकता है। जिन्होंने पुराने पोर्टल पर पंजीकरण किया था, उन्हें भी नए पोर्टल पर नए सिरे से OTR करना होगा।
OTR में नाम, पिता का नाम, माता का नाम, लिंग, आधार संख्या व जन्मतिथि में परिवर्तन का कोई प्रावधान नहींये छह कॉलम बाद में किसी भी रास्ते से ठीक नहीं हो सकते। सेव करने से पहले इन्हें अपने मैट्रिक प्रमाण पत्र से अक्षर-दर-अक्षर मिला लीजिए।
भुगतान के बाद चयनित पद/विषय को हटाने अथवा नया चयन करने में सक्षम नहीं होंगेभुगतान हो जाने के बाद आप कोई चयनित पद या विषय हटा नहीं सकते, न नया जोड़ सकते हैं। बदलने का मतलब है भुगतान रद्द करके पूरी प्रक्रिया दोबारा करना — और रद्द किया गया भुगतान वापस नहीं मिलता।
भुगतान के पश्चात Final Application Form Submit नहीं करने पर आवेदन पूर्ण नहीं माना जाएगाभुगतान कर देना आवेदन कर देना नहीं है। अगर आपने भुगतान किया पर अंतिम फ़ॉर्म सबमिट नहीं किया, तो इस विज्ञापन के लिए आपकी अभ्यर्थिता है ही नहीं — विज्ञापन यही शब्दों में लिखता है। यही एक ग़लती लोगों की पूरी भर्ती निकाल देती है।
एक से अधिक वर्ग हेतु आवेदन देने की स्थिति में एक ही ऑनलाइन आवेदन समर्पित करेंगेएक से ज़्यादा वर्ग के लिए आवेदन देने पर विज्ञापन एक ही ऑनलाइन आवेदन समर्पित करने को कहता है, जो आपकी अर्हता और उम्र के अनुरूप हो — जबकि शुल्क हर वर्ग का अलग-अलग देना ही होगा।

जो इस विज्ञापन में नहीं है — और हम बनाकर नहीं लिखेंगे ↑

नीचे की बातें एक सिलेबस पेज पर पाठक स्वाभाविक रूप से ढूँढ़ता है, और ये इस दस्तावेज़ में नहीं हैं। कई वेबसाइटें इन्हें अनुमान से भर देती हैं। हम नहीं भरेंगे — ग़लत परीक्षा-प्रारूप के भरोसे बनी पढ़ाई की योजना उम्मीदवार का पूरा साल ख़राब करती है। ये सूचनाएँ आधिकारिक स्रोत से, आने पर ही लें।

जो नहीं दिया गयास्थिति
प्रारम्भिक परीक्षा की तिथिनहीं दी गई। विज्ञापन आवेदन की अवधि देता है, पर प्रारम्भिक परीक्षा कब होगी इस पर कुछ नहीं कहता।
मुख्य परीक्षा की तिथिनहीं दी गई।
प्रारम्भिक परीक्षा में विषयवार प्रश्नों का विभाजननहीं दिया गया। प्रारम्भिक परीक्षा के दस क्षेत्र गिनाए गए हैं, पर 150 में से किस क्षेत्र से कितने प्रश्न आएंगे यह विज्ञापन कहीं नहीं बताता। जो पेज आपको इस प्रारम्भिक परीक्षा का विषयवार प्रश्न विभाजन दिखा रहा है, उसने वह ख़ुद बनाया है।
मुख्य परीक्षा के भाग-II में विषयवार प्रश्नों का विभाजनयह भी नहीं दिया गया। भाग-II में 40 प्रश्न हैं (पत्र 1 में 120), गिनाए गए क्षेत्रों में बँटे हुए — पर किस क्षेत्र से कितने, यह दस्तावेज़ में कहीं नहीं है।
विषय पत्रों (भाग-III) का विस्तृत टॉपिक-वार पाठ्यक्रमइस दस्तावेज़ में नहीं है। 80 अंकों के विषय पत्र के बारे में विज्ञापन सिर्फ़ इतना कहता है कि पाठ्यक्रम SCERT/NCERT से जुड़ा होगा और स्तर पद की न्यूनतम अर्हता के अनुसार होगा। भौतिकी, इतिहास, हिन्दी या किसी भी विषय की अध्याय सूची इसमें नहीं छपी है। इसलिए तैयारी का ईमानदार स्रोत उस कक्षा की SCERT/NCERT पाठ्यपुस्तक है — किसी की बनाई हुई और 'आधिकारिक' कहकर परोसी गई टॉपिक सूची नहीं।
मुख्य परीक्षा की अवधि — दस्तावेज़ में दो परस्पर विरोधी कथनदस्तावेज़ ख़ुद अपने से टकराता है: पृष्ठ 14-15 की तालिका में 02:30 घंटे, पृष्ठ 16 के पाठ में 2 घंटे। हम चुपचाप इनमें से एक नहीं चुन रहे। असली अवधि अपने प्रवेश पत्र से पक्की कीजिए।
प्रारम्भिक परीक्षा के अंक अंतिम मेधा में जुड़ते हैं या नहींसाफ़ शब्दों में नहीं लिखा है। विज्ञापन प्रारम्भिक परीक्षा को जाँच परीक्षा कहता है और मेधा सूची मुख्य परीक्षा के अंकों से बनाता है — पर 'प्रारम्भिक के अंक नहीं गिने जाएंगे' यह वाक्य वह कहीं नहीं छापता, इसलिए हम भी नहीं छाप रहे।
पूरक अधियाचना वाले विषयों की रिक्ति संख्याइन्हें बाद में पूरक अधियाचना से आना बताया गया है — वर्ग 9-10 के बांग्ला, ललितकला, नृत्य, मैथिली, विशेष विद्यालय, अरबी और फ़ारसी; वर्ग 11-12 के बांग्ला, भोजपुरी, मगही, मैथिली, पाली, प्राकृत, अरबी, फ़ारसी और कृषि। इस विज्ञापन में इनकी रिक्ति संख्या नहीं है, इसलिए हम भी कोई संख्या नहीं दे रहे।
प्रश्न पत्र की भाषानहीं बताई गई। प्रश्न पत्र किस भाषा या किन भाषाओं में होगा, विज्ञापन इस पर चुप है।
सामान्यीकरणनहीं बताया गया। विज्ञापन परीक्षा को एक से अधिक चरणों में कराने की छूट देता है, पर उन चरणों के बीच अंकों के सामान्यीकरण पर कुछ नहीं कहता।

इस पेज का इस्तेमाल कैसे करें — यह हिस्सा हमारी अपनी सलाह है ↑

पहले अपना वर्ग तय कीजिए, क्योंकि उसी से आपका पत्र, आपका विषय विकल्प और आपकी उम्र सीमा तय होती है। फिर ऊपर की तालिका में उस वर्ग के विषय के आगे लिखे पद देखिए — 16,101 में से 3,695 रसायन शास्त्र में हैं और 80 दर्शन शास्त्र में; यह जानकारी आपके फ़ैसले का हिस्सा होनी चाहिए, भले विषय आपकी पात्रता परीक्षा से बँधा हो।

इसके बाद प्रारम्भिक परीक्षा पर लगिए, क्योंकि वही पहला दरवाज़ा है। उसके दस क्षेत्रों में से तीन पूरी तरह बिहार के हैं — बिहार का इतिहास, बिहार के भौगोलिक प्रभाग और नदियाँ, और आज़ादी के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था के परिवर्तन — और चौथा, राष्ट्रीय आंदोलन में बिहार का योगदान, आधा बिहार का है। कोई राष्ट्रीय स्तर की किताब यह हिस्सा नहीं देती; इसे अलग से पढ़ना पड़ेगा।

उत्तर पत्रक भरने का अभ्यास आज से शुरू कीजिए। जिस प्रश्न का उत्तर नहीं दे रहे, उस पर (E) भरना है — यह आदत बनने में समय लगता है, और परीक्षा हॉल में सोचकर करने की चीज़ नहीं है।

और भाग-III को हल्के में मत लीजिए। मुख्य परीक्षा में जो 120 अंक असल में गिने जाते हैं, उनमें 80 आपके अपने विषय के हैं। विज्ञापन उस विषय की अध्याय सूची नहीं देता — वह सिर्फ़ SCERT/NCERT कहता है। इसलिए तैयारी की जड़ उसी कक्षा की पाठ्यपुस्तक है।

महत्वपूर्ण लिंक

FAQ — आपके सवाल, सीधे जवाब

यह किस पद के लिए है?

Primary Teacher, TGT (Class 9-10), PGT (Class 11-12)

परीक्षा किस माध्यम से होती है?

Offline

चयन प्रक्रिया क्या है?

Written Examination, Document Verification

इसकी आधिकारिक वेबसाइट कौन-सी है?

bpsc.bihar.gov.in

यह किस संस्था का आधिकारिक सिलेबस है?

BPSC TRE 4.0

BPSC की और अपडेट

इस पेज का हर नियम, आँकड़ा और टॉपिक BPSC के अपने विज्ञापन संख्या 14/2026 (TRE 4.0) से लिया गया है — 24 पेज का स्कैन किया हुआ दस्तावेज़, जिसे पूरा पढ़कर अपने शब्दों में यहाँ लिखा गया है। मूल दस्तावेज़: BPSC TRE 4.0 का आधिकारिक विज्ञापन (PDF) ↗

अस्वीकरण: SarkariReady किसी सरकारी संस्था से संबद्ध नहीं है। यह लेख आधिकारिक नोटिफिकेशन के आधार पर लिखा गया है — कोई भी कदम उठाने से पहले तिथियां, फीस और पात्रता हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर जांच लें। कोई गलती दिखे तो हमें बताएं, हम तुरंत सुधारेंगे।

किसी एजेंट या वेबसाइट को सरकारी नौकरी के लिए पैसे न दें — शिकायत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर करें।