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KEA Assistant Horticulture Officer सिलेबस 2026

सिलेबस

KEA ने इस परीक्षा का सिलेबस जारी कर दिया है। इसे आधिकारिक वेबसाइट cetonline.karnataka.gov.in से ही डाउनलोड करें।

आधिकारिक सिलेबस PDF डाउनलोड करें

PDF आधिकारिक साइट पर खुलेगा। नीचे उसी सिलेबस का हर टॉपिक आसान भाषा में समझाया गया है — पढ़ने के लिए PDF खोलना ज़रूरी नहीं।

आधिकारिक सिलेबस से तैयार · आधिकारिक लिंक से पुष्टि कर सकते हैं

इस आधिकारिक सिलेबस में क्या है — दस विषय क्षेत्र, 51 टॉपिक ↑

आधिकारिक दस्तावेज़ ग्यारह पेज का है और उसमें दस रेखांकित विषय शीर्षक हैं। हर शीर्षक के नीचे मोटे अक्षरों में टॉपिक दिए गए हैं, और सब मिलाकर वे 51 हैं। नीचे पहले पूरा नक्शा है, फिर आगे हर टॉपिक अलग-अलग, आसान भाषा में।

एक बात शुरू में ही साफ़ कर दें: यह दस्तावेज़ केवल पढ़ने के विषय बताता है। इसमें अंक, समय, प्रश्नों की संख्या, ऋणात्मक अंकन या परीक्षा की तारीख़ कहीं नहीं है — और हमने वे अपनी तरफ़ से नहीं भरे हैं। जो नहीं दिया गया, उसकी पूरी सूची इसी पेज पर नीचे दी गई है।

विषय क्षेत्र (जैसा PDF में छपा है)इसके नीचे क्या है
FRUIT SCIENCEछह टॉपिक — बागवानी की बुनियाद, पौध प्रवर्धन और नर्सरी, उष्णकटिबंधीय तथा शीतोष्ण-शुष्क फल फसलें, संरक्षित खेती, और फल फसलों का सुधार।
VEGETABLE SCIENCEछह टॉपिक — सब्ज़ी विज्ञान की बुनियाद, उष्णकटिबंधीय तथा शीतोष्ण-कंद सब्ज़ियां, सब्ज़ी सुधार और बीज उत्पादन, और संरक्षित खेती के दो खंड।
FLORICULTURE AND LANDSCAPE ARCHITECTUREपांच टॉपिक — पुष्प विज्ञान की बुनियाद, व्यावसायिक फूल फसलें, संरक्षित पुष्पोत्पादन, भूदृश्य वास्तुकला, और सजावटी पौधों का सुधार।
PLANTATION, SPICES, MEDICINAL AND AROMATIC CROPSनौ टॉपिक — दस्तावेज़ का सबसे बड़ा खंड। रोपण फसलें, मसाले, औषधीय और सुगंधित फसलें, फिर उन्हीं के लिए प्रजनन, प्रवर्धन, कटाई-उपरांत प्रबंधन, संरक्षित खेती और कृषि-व्यवसाय।
POST-HARVEST TECHNOLOGYपांच टॉपिक — कटाई के बाद का नुक़सान और उसकी रोकथाम, हैंडलिंग-पैकेजिंग-भंडारण, प्रसंस्करण, खाद्य रसायन तथा खाद्य सुरक्षा, और कटाई-उपरांत अभियांत्रिकी।
CROP IMPROVEMENTतीन टॉपिक — पादप प्रजनन, पादप शरीर क्रिया विज्ञान के साथ जैव रसायन तथा आनुवंशिकी, और बीज विज्ञान एवं तकनीकी। यह खंड सबसे सैद्धांतिक है।
CROP PROTECTIONपांच टॉपिक — दो रोग विज्ञान के (फल-रोपण-औषधीय तथा सब्ज़ी-मसाला-सजावटी), एक कीट प्रबंधन और कीटनाशकों का, और दो कीट विज्ञान के।
SOIL SCIENCEछह टॉपिक — मृदा भौतिकी-रसायन-उर्वरता, समस्याग्रस्त मृदाएं, मृदा-पौध-जल विश्लेषण, उर्वरक और जैविक खाद, सूक्ष्मजीवी रूपांतरण, तथा कृषि सूक्ष्मजीव विज्ञान।
AGRICULTURAL ENGINEERINGतीन टॉपिक — कृषि शक्ति एवं यंत्र, जुताई-रोपण-अंतरशस्य उपकरण, और मृदा एवं जल अभियांत्रिकी।
SOCIAL AND ALLIED SCIENCESतीन टॉपिक — कृषि प्रसार शिक्षा, कंप्यूटर विज्ञान एवं सूचना प्रौद्योगिकी, और कृषि अर्थशास्त्र तथा कृषि-व्यवसाय प्रबंधन। यही अंतिम खंड है।

यह पद किसके लिए है — दस्तावेज़ अपने बारे में क्या कहता है ↑

इस दस्तावेज़ में भर्ती के बारे में बस तीन बातें छपी हैं: पद का नाम, पात्रता की एक पंक्ति, और अंत में हस्ताक्षर। तीनों नीचे ज्यों की त्यों दी गई हैं।

दस्तावेज़ में जैसा छपा हैइसका मतलब
SYLLABUS FOR THE POST OF ASSISTANT HORTICULTURE OFFICERदस्तावेज़ का अपना शीर्षक। यह एक ही पद का विषय-सिलेबस है — इसमें किसी दूसरे पद की बात नहीं है।
QUALIFICATION: Graduation in Horticulture from the University Established by law in India & accredited by ICARपात्रता की यही एक पंक्ति पूरे दस्तावेज़ में छपी है — भारत में विधि द्वारा स्थापित तथा ICAR से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बागवानी में स्नातक। आयु, वेतनमान या आरक्षण इस दस्तावेज़ में नहीं हैं।
DIRECTOR OF HORTICULTURE And Chairman, Competitive Examination Syllabus Committeeअंतिम पेज पर यही हस्ताक्षर-पंक्ति है — यानी सिलेबस बागवानी निदेशालय की प्रतियोगी परीक्षा सिलेबस समिति से आया है। कोई तारीख़ नहीं छपी है।

Fruit Science — इस शीर्षक के नीचे छपे छह टॉपिक ↑

पहला विषय क्षेत्र, और तैयारी की दृष्टि से सबसे ज़रूरी। इसका पहला टॉपिक बागवानी की पूरी बुनियाद रखता है, जिसे आगे के लगभग हर खंड ने मान लिया है।

आधिकारिक टॉपिक (जैसा PDF में छपा है)इसका मतलब
Fundamentals of Horticultureसबसे चौड़ा टॉपिक: बागवानी का महत्व, फल फसलों का वर्गीकरण और वितरण, भारत तथा कर्नाटक के बागवानी क्षेत्र, और फिर बाग की पूरी ज़िंदगी — लेआउट, पौध घनत्व, उच्च घनत्व रोपण, कैनोपी, सिंचाई-फर्टिगेशन, पोषण, खरपतवार, मल्चिंग, ट्रेनिंग-प्रूनिंग, फल बनना, और पुराने बाग का जीर्णोद्धार। बाक़ी सब टॉपिक इसी को मान कर चलते हैं, इसलिए इसे सबसे पहले और सबसे अच्छे से पढ़ें।
Plant Propagation and Nursery Managementनए पौधे कैसे बनते हैं — एक तरफ़ बीज जीव विज्ञान, सुप्तावस्था और अंकुरण, दूसरी तरफ़ कटिंग, लेयरिंग, ग्राफ्टिंग, बडिंग, विभाजन, रनर और सकर जैसी वानस्पतिक विधियां। ग्राफ्ट क्यों जुड़ता या नहीं जुड़ता (stock–scion संबंध और असंगति), नर्सरी के ढांचे जैसे मिस्ट चैंबर, पॉलीहाउस और फाइटोट्रॉन, प्रमाणन, तथा टिश्यू कल्चर भी इसी में हैं।
Production Technology of Tropical and Subtropical Fruit Cropsफसल-दर-फसल पढ़ाई: उत्पत्ति, किस्में और मूलवृंत, मिट्टी-जलवायु, रोपण, कैनोपी, सिंचाई, पोषण, विकार, कटाई और उसके बाद का पूरा प्रबंधन — आम, केला, नींबू वर्ग, अंगूर, अमरूद और बाक़ी सूची के लिए। इसमें कुछ विशेष समस्याएं नाम लेकर दी गई हैं, और प्रश्न प्रायः वहीं से आते हैं।
Production Technology of Temperate and Dryland Fruit Cropsएक ही टॉपिक में दो अलग हिस्से। शीतोष्ण हिस्सा सेब से मैकाडामिया तक चलता है और उसमें chilling requirement, परागणकर्ता तथा स्व-असंगति आते हैं। शुष्क हिस्सा कम पानी में फल उगाने का है — जल-ग्रहण प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, सूक्ष्म सिंचाई, मल्चिंग, शेल्टरबेल्ट और सूखा प्रबंधन।
Protected Cultivation and Precision Horticultureढके हुए ढांचे में और आंकड़ों के आधार पर खेती — स्मार्ट ग्रीनहाउस, फर्टिगेशन नियंत्रण, मिट्टी और पौधे के सेंसर, मौसम केंद्र, स्वचालन, रोबोटिक्स, तथा मानचित्रण के औज़ार। ध्यान रखें: यही खंड आगे Vegetable Science और Floriculture में लगभग ज्यों का त्यों दोबारा छपा है, इसलिए एक बार की पढ़ाई तीन जगह काम आएगी।
Fruit Crop Improvement and Biotechnologyफल फसलों का सुधार — फसलें कहां से आईं, जर्मप्लाज्म का संग्रह, मूल्यांकन और संरक्षण, पुष्प जीव विज्ञान तथा परागण, और फिर विधियां: चयन, संकरण, उत्परिवर्तन प्रजनन, बहुगुणिता, क्लोनल तथा मूलवृंत प्रजनन। आगे marker-assisted selection, जीनोम एडिटिंग, टिश्यू कल्चर, और अंत में DUS testing तथा किस्म संरक्षण।

एक नज़र में

पद का नामAssistant Horticulture Officer
आधिकारिक वेबसाइटआधिकारिक सिलेबस दस्तावेज़ में नहीं बताया गया
राज्यKarnataka

Vegetable Science — इस शीर्षक के नीचे छपे छह टॉपिक ↑

ध्यान दें कि इस खंड में संरक्षित खेती दो बार आती है — एक बार अपने नाम से और एक बार कटाई-उपरांत प्रबंधन के साथ जुड़ी हुई। दस्तावेज़ में यह इसी तरह छपा है और हम उसे वैसा ही दिखा रहे हैं।

आधिकारिक टॉपिक (जैसा PDF में छपा है)इसका मतलब
Fundamentals of Vegetable Scienceफल वाले खंड जैसी ही शुरुआत, पर सब्ज़ियों के लिए — महत्व, वर्गीकरण, उत्पत्ति और विविधता केंद्र, क्षेत्रफल-उत्पादन-उत्पादकता, निर्यात और मूल्य श्रृंखला। फिर व्यावहारिक हिस्सा: फसल चक्र, नर्सरी और गुणवत्तापूर्ण पौध, दूरी, सिंचाई-फर्टिगेशन, समन्वित पोषक प्रबंधन, खरपतवार, मल्चिंग, तथा जैविक और जलवायु-सहनशील उत्पादन।
Production Technology of Tropical and Subtropical Vegetablesटमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, लौकी-तोरई-करेला जैसी बेल वाली सब्ज़ियां, सहजन, स्वीट कॉर्न और पत्तेदार सब्ज़ियां — हर एक की उत्पत्ति, किस्में और संकर, नर्सरी, रोपण, पोषण, विकार, कटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग, भंडारण, निर्यात की शर्तें और खेती का अर्थशास्त्र।
Production Technology of Temperate, Bulb, Root, Tuber and Perennial Vegetablesठंडे मौसम और ज़मीन के नीचे उगने वाली फसलें — पत्तागोभी वर्ग, प्याज और लहसुन, मूली-गाजर-चुकंदर, मटर, तथा कंद फसलें जैसे आलू, शकरकंद, कसावा, सूरन, अरबी और डायोस्कोरिया; साथ में शतावरी और रेवतचीनी जैसी बहुवर्षीय सब्ज़ियां।
Vegetable Crop Improvement and Seed Productionएक ही टॉपिक में दो कौशल: सब्ज़ियों का प्रजनन (हेटेरोसिस, संकर बीज, उत्परिवर्तन, बहुगुणिता, आणविक विधियां) और फिर मानक के अनुसार बीज उत्पादन — breeder, foundation तथा certified श्रेणियां, पृथक्करण दूरी, रोगिंग, खेत और बीज मानक, प्रसंस्करण, भंडारण और परीक्षण।
Protected Cultivation and Precision Horticultureवही संरक्षित खेती वाला खंड जो Fruit Science में है, पर यहां उसमें हाइड्रोपोनिक्स, एरोपोनिक्स और वर्टिकल फार्मिंग जोड़ी गई हैं, और मानचित्रण की सूची में सैटेलाइट इमेजरी तथा डिजिटल एलिवेशन मॉडल भी हैं।
Protected Cultivation, Post-Harvest Management and Sustainable Vegetable Productionएक तरफ़ पॉलीहाउस, नेट हाउस, शेड-नेट, लो टनल और हाइड्रोपोनिक्स; दूसरी तरफ़ सब्ज़ियों की पूरी कटाई-उपरांत श्रृंखला — परिपक्वता सूचक, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, शीत श्रृंखला, खाद्य सुरक्षा और ट्रेसेबिलिटी। अंत में GAP, जैविक-प्राकृतिक खेती और जलवायु-स्मार्ट उत्पादन।

Floriculture and Landscape Architecture — पांच टॉपिक ↑

यह खंड दो अलग पेशों को एक साथ रखता है — फूल उगाना और लगाए हुए स्थान का अभिकल्प करना। भूदृश्य वाला टॉपिक अकेला ऐसा है जिसमें डिज़ाइन सॉफ़्टवेयर नाम लेकर मांगा गया है।

आधिकारिक टॉपिक (जैसा PDF में छपा है)इसका मतलब
Fundamentals of Floricultureपुष्प विज्ञान का परिचय — महत्व, भारत तथा विश्व में इसका विकास, सजावटी पौधों का वर्गीकरण (वार्षिक से लेकर ऑर्किड, कैक्टस और जलीय तक), उद्यान शैलियां — अंग्रेज़ी, जापानी, मुग़ल, इतालवी, फ़्रांसीसी और समकालीन — उद्यान अभिकल्प के सिद्धांत, लॉन, तथा कला वाला हिस्सा: बोनसाई, टोपियरी, पुष्प सज्जा और इकेबाना।
Production Technology of Commercial Flower Cropsगुलाब, गुलदाउदी, कार्नेशन, जरबेरा, ग्लैडियोलस, रजनीगंधा, ऑर्किड, एंथूरियम, चमेली, गेंदा और बाक़ी व्यावसायिक फूल — रोपण से लेकर कटाई-उपरांत ग्रेडिंग, गुणवत्ता मानक और निर्यात तक। इसी टॉपिक में गुलाब, चमेली और रजनीगंधा से सुगंध तेल निकालना भी शामिल है।
Protected Floriculture and Precision Production Technologiesग्रीनहाउस, पॉलीहाउस और शेड-नेट में कटे फूलों की खेती — पर्यावरण नियंत्रण, सूक्ष्म जलवायु, स्वचालन, हाइड्रोपोनिक्स और सटीक पोषण; घरेलू तथा निर्यात बाज़ार के लिए उत्पादन का समय-नियोजन, शीत श्रृंखला और विपणन; और पैसे वाला पक्ष — आर्थिक व्यवहार्यता तथा परियोजना निर्माण।
Landscape Architecture and Environmental Planningरोपित स्थान का अभिकल्प — सिद्धांत और तत्व, भूदृश्य योजना बनाना, AutoCAD, ArchiCAD तथा GIS से कंप्यूटर-सहायित डिज़ाइन, और स्थलों की सूची: पार्क, परिसर, अस्पताल, राजमार्ग, हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और स्मारक। विशेष उद्यान — रॉक, वाटर, छत, वर्टिकल, ज़ेरिस्केप, तितली, सुगंध और संवेदी — अलग-अलग नाम लेकर गिनाए गए हैं।
Ornamental Plant Improvement and Seed Technologyफूलों का प्रजनन — नए रंग, आकार, सुगंध, फूलदान-आयु और तनाव सहनशीलता के लिए, चयन, संकरण, उत्परिवर्तन, बहुगुणिता, नर बंध्यता और आणविक विधियों से। इसके बाद गुलाब, कार्नेशन, जरबेरा, ऑर्किड आदि का प्रमाणित बीज उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण और परीक्षण।

Plantation, Spices, Medicinal and Aromatic Crops — नौ टॉपिक ↑

दस्तावेज़ का सबसे बड़ा खंड। पहले चार टॉपिक फसल समूहों के हैं, और बाक़ी पांच उन्हीं समूहों पर लगाए गए सामान्य विषय हैं — प्रजनन, प्रवर्धन, कटाई-उपरांत प्रबंधन, संरक्षित खेती और अर्थशास्त्र। इसी ढांचे को पकड़ लेने से नौ टॉपिक याद रखना आसान हो जाता है।

आधिकारिक टॉपिक (जैसा PDF में छपा है)इसका मतलब
Plantation Cropsनारियल, सुपारी, काजू, कॉफ़ी, चाय, कोको, रबर, ताड़ और पान की बेल — प्रवर्धन, नर्सरी, किस्म सुधार, रोपण प्रणाली, कैनोपी, पोषण, सिंचाई, अंतरफसल, मृदा-नमी संरक्षण, कटाई, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन। साथ में मुख्य शारीरिक विकार और यंत्रीकरण।
Spice Cropsकाली मिर्च, छोटी और बड़ी इलायची, हल्दी, मिर्च, अदरक, लहसुन तथा बीज वाले मसाले — उत्पादन तकनीक, समन्वित पोषक-जल-कैनोपी प्रबंधन, कटाई, क्योरिंग, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग और निर्यात गुणवत्ता। GAP, GMP, भौगोलिक संकेतक और ट्रेसेबिलिटी इसी टॉपिक का हिस्सा हैं।
Medicinal Cropsऔषधीय पौधों की खेती, संग्रह और सतत उपयोग — प्रवर्धन, नर्सरी, कृषि क्रियाएं, कटाई, सुखाना, प्रसंस्करण, गुणवत्ता मानक, सक्रिय तत्व, मूल्य संवर्धन तथा नियामक पक्ष (AYUSH, अच्छी कृषि एवं संग्रहण पद्धतियां)। सूची लंबी है और अंत में 'कर्नाटक की अन्य महत्वपूर्ण औषधीय फसलें' कहकर खुली छोड़ी गई है।
Aromatic Cropsसुगंध तेल वाली फसलें — पामारोसा, लेमनग्रास, सिट्रोनेला, खस, पुदीना प्रजातियां, पचौली, जिरेनियम, दवाना, लैवेंडर, तुलसी प्रजातियां, चंदन, रोज़मेरी और कैमोमाइल। इसमें तेल का रसायन, आसवन तकनीक, गुणवत्ता मापदंड, और औषधि, प्रसाधन, इत्र तथा खाद्य उद्योग में उपयोग शामिल है।
Breeding and Genetic Improvementइस पूरे समूह का प्रजनन टॉपिक — जर्मप्लाज्म संरक्षण, उत्पत्ति केंद्र, पुष्प जीव विज्ञान, परागण, प्रजनन उद्देश्य, पारंपरिक तथा आणविक विधियां, संकरण, उत्परिवर्तन, बहुगुणिता, और निर्यात-योग्य गुणों के लिए प्रजनन।
Propagation and Nursery Managementरोपण, मसाला, औषधीय और सुगंधित फसलों के लिए पौध सामग्री तैयार करना — लैंगिक तथा वानस्पतिक विधियां, ग्राफ्टिंग, बडिंग, लेयरिंग, कटिंग, टिश्यू कल्चर और सूक्ष्म प्रवर्धन; साथ में प्रमाणन मानक, नर्सरी मान्यता और नर्सरी को व्यवसाय की तरह चलाना।
Post-Harvest Management and Value Additionपरिपक्वता सूचक और कटाई की विधियां, क्योरिंग, सुखाना, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन, प्रसंस्करण, तेल तथा फाइटोकेमिकल निष्कर्षण, गुणवत्ता आश्वासन, ब्रांडिंग, भौगोलिक संकेतक, निर्यात मानक, ट्रेसेबिलिटी, शीत श्रृंखला और विपणन तंत्र।
Protected Cultivation and Precision Productionसंरक्षित खेती वाले टॉपिक का छोटा रूप, जो ख़ास तौर पर ऊंचे मूल्य की औषधीय, सुगंधित और मसाला फसलों पर लगाया गया है — फर्टिगेशन, सटीक सिंचाई, स्वचालन, सेंसर, डिजिटल कृषि और संसाधन-उपयोग दक्षता।
Production Economics and Agribusinessखेती की लागत, परियोजना तैयार करना, उद्यमिता, अनुबंध खेती, किसान उत्पादक संगठन, प्रसंस्करण उद्यम, घरेलू तथा निर्यात विपणन, कमोडिटी मूल्य श्रृंखलाएं, गुणवत्ता प्रमाणन, जैविक उत्पादन प्रणालियां और स्थिरता।

Post-Harvest Technology — पांच टॉपिक ↑

यह खंड कटाई के बाद की पूरी यात्रा है — खेत से पैकहाउस, भंडार, कारख़ाने और बाज़ार तक। इसमें सिद्धांत, मशीन और क़ानून तीनों साथ चलते हैं।

आधिकारिक टॉपिक (जैसा PDF में छपा है)इसका मतलब
Fundamentals of Post-Harvest Technologyकटाई के बाद उपज क्यों ख़राब होती है और नुक़सान कैसे घटता है — गुणवत्ता की अवधारणाएं, कटाई से पहले के कारक, परिपक्वता सूचक और कटाई के मानक, पकने तथा जीर्णता में शारीरिक-जैवरासायनिक बदलाव, एथिलीन का बनना और काम, climacteric तथा non-climacteric फल, और पकने को रोकने या तेज़ करने की तकनीकें।
Post-Harvest Handling, Packaging and Storageभौतिक श्रृंखला — कटाई के बाद सफ़ाई, धुलाई, क्योरिंग, ट्रिमिंग, ग्रेडिंग और मानकीकरण; प्री-कूलिंग; पैकेजिंग सामग्री, पैकेज डिज़ाइन, MAP और CAP, खाने योग्य कोटिंग तथा जैव-अपघटनीय पैकेजिंग; शीत श्रृंखला और परिवहन; और भंडारण के तरीक़े — सामान्य, वाष्पीकरणीय, प्रशीतित, CA, MA, हाइपोबैरिक तथा शून्य-ऊर्जा शीत कक्ष।
Processing of Fruits, Vegetables, Plantation and Spice Cropsखाद्य परिरक्षण के सिद्धांत और प्रसंस्करण की इकाई क्रियाएं — तापीय प्रसंस्करण, पाश्चुरीकरण, स्टरलाइज़ेशन, ब्लांचिंग, एसेप्टिक प्रसंस्करण; चीनी, नमक, अम्ल, किण्वन, हिमीकरण, निर्जलीकरण, विकिरण और रासायनिक परिरक्षकों से परिरक्षण; और उत्पाद — जैम, जेली, मुरब्बा, स्क्वैश, जूस, RTS पेय, अचार, चटनी, सॉस, केचप तथा निर्जलित उत्पाद।
Food Chemistry, Quality Assurance and Food Safetyउपज की संरचना और पोषण गुणवत्ता, खाद्य योजक तथा परिरक्षक, खाद्य क्षय और उससे जुड़े सूक्ष्मजीव, ताज़े तथा प्रसंस्कृत उत्पादों का गुणवत्ता मूल्यांकन, संवेदी मूल्यांकन, और मानक — HACCP, GMP, GHP, ISO, FSSAI, AGMARK, BIS तथा Codex Alimentarius — साथ में अवशेष सीमाएं, ट्रेसेबिलिटी और खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणालियां।
Post-Harvest Engineering and Value Chain Managementमशीन और व्यवसाय दोनों — सफ़ाई, ग्रेडिंग, छंटाई, पैकेजिंग, सुखाने, पल्पिंग तथा प्रसंस्करण के उपकरण; प्रशीतन और शीत भंडारण अभियांत्रिकी; पैक हाउस तथा पकाने के कक्ष; आपूर्ति एवं शीत श्रृंखला लॉजिस्टिक्स; निर्यात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार; परियोजना निर्माण तथा तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता; और कटाई-उपरांत ढांचे के लिए सरकारी नीतियां तथा योजनाएं।

Crop Improvement — तीन टॉपिक ↑

तीन टॉपिक, पर पढ़ाई के लिहाज़ से यह खंड सबसे भारी है — पादप प्रजनन, शरीर क्रिया विज्ञान के साथ आनुवंशिकी, और बीज विज्ञान। तीनों में परिभाषाएं और सिद्धांत ज़्यादा हैं, फसल-विशेष जानकारी कम।

आधिकारिक टॉपिक (जैसा PDF में छपा है)इसका मतलब
Plant Breeding and Crop Improvementसिलेबस का सबसे सैद्धांतिक टॉपिक — भारत में पादप प्रजनन का इतिहास, प्रजनन की विधाएं (स्व-परागण, पर-परागण, वानस्पतिक जनन, अपमिक्सिस), स्व-असंगति तथा नर बंध्यता, उत्पत्ति केंद्र और जर्मप्लाज्म; फिर विधियां — चयन, संकरण, वंशावली, बल्क और बैककॉस प्रजनन, हेटेरोसिस, अंतःप्रजनन ह्रास, मात्रात्मक आनुवंशिकी, उत्परिवर्तन तथा बहुगुणिता; और अंत में IPR, प्रजनक अधिकार, किसान अधिकार तथा सामुदायिक अधिकार।
Plant Physiology, Biochemistry and Geneticsपौधा काम कैसे करता है — कोशिका की संरचना, जैव अणु, वर्णक तथा द्वितीयक उपापचयज, जल संबंध, खनिज पोषण, जैविक नत्रजन स्थिरीकरण, प्रकाश संश्लेषण, श्वसन तथा C3, C4 और CAM पथ, वृद्धि नियामक, पुष्पन, प्रकाशकालिता, वसंतीकरण, बीज सुप्तावस्था और अंकुरण। इसके बाद आनुवंशिकी — मेंडेलियन और गैर-मेंडेलियन, उत्परिवर्तन, सहलग्नता, पुनर्संयोजन, DNA प्रतिकृति, अनुलेखन और जीन अभिव्यक्ति का नियमन।
Seed Science and Technologyबीज की पूरी कहानी — विकास, संरचना, संघटन और गुणवत्ता, बीज बनाम अनाज, भारत में बीज उद्योग, बीज नीतियां तथा राष्ट्रीय कार्यक्रम, बीज गुणन की श्रेणियां और पीढ़ी प्रणाली, उत्पादन विधियां, पृथक्करण, रोगिंग, सुखाना, प्रसंस्करण, भंडारण, ह्रास, अंकुरण तथा ओज परीक्षण, प्रमाणन प्रक्रियाएं, Seed Act, Seed Rules और Seed Control Order, प्राइमिंग-पेलेटिंग जैसी उन्नयन तकनीकें, तथा बीज निरीक्षक एवं विश्लेषक के कर्तव्य।

Crop Protection — पांच टॉपिक ↑

इस खंड का ढांचा सीधा है: दो टॉपिक रोगों के, एक कीट प्रबंधन का ढांचा, और दो कीट विज्ञान के। रोग वाले दोनों टॉपिक एक ही पांच-बिंदु क्रम में चलते हैं — कारण, लक्षण, रोग चक्र, महामारी विज्ञान और प्रबंधन — इसलिए उत्तर लिखने का ढांचा एक बार बना लें और हर फसल पर लगाएं।

आधिकारिक टॉपिक (जैसा PDF में छपा है)इसका मतलब
Diseases of Fruit, Plantation, Medicinal and Aromatic Cropsहर नामित फसल के लिए पांच चीज़ें — रोग का कारण, लक्षण, रोग चक्र, महामारी विज्ञान, और समन्वित प्रबंधन। इसमें आम, केला, नींबू वर्ग, अंगूर से लेकर नारियल, सुपारी, कॉफ़ी, चाय, रबर तक, और औषधीय-सुगंधित फसलों के रोग भी हैं; कटाई-उपरांत रोग अलग से गिनाए गए हैं।
Diseases of Vegetable, Spice and Ornamental Cropsवही ढांचा सब्ज़ी, मसाला और फूल फसलों पर — टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, पत्तागोभी वर्ग, कंद फसलें, कद्दूवर्गीय; काली मिर्च, अदरक, हल्दी, इलायची जैसे मसाले; और गुलाब, चमेली, गुलदाउदी, गेंदा सहित संरक्षित पुष्पोत्पादन की फसलें, जिन्हें अलग से नाम दिया गया है।
Insect Pest Management and Insecticidesपूरा ढांचा — कीटों का आर्थिक वर्गीकरण, फसल हानि, कीट संख्या की गतिकी और प्रकोप के कारक, ETL तथा EIL, निगरानी और पूर्वानुमान, IPM के सिद्धांत तथा घटक, परभक्षी-परजीवी और एंटोमोपैथोजन से जैविक नियंत्रण, और फिर कीटनाशक — वर्गीकरण, संरूपण, क्रिया विधि, संगतता, प्रतिरोध प्रबंधन, सुरक्षित प्रयोग, अवशेष, MRL तथा PHI।
Entomology of Vegetable, Spice and Protected Cropsअसली कीट और माइट पहचानना — सोलेनेसी, कुकुरबिट, क्रूसीफेरस, फलीदार, जड़-कंद तथा पत्तेदार सब्ज़ियों और मुख्य मसाला फसलों पर उनका वितरण, परपोषी परास, जीव विज्ञान, मौसमी प्रकोप, क्षति का स्वरूप और समन्वित प्रबंधन; साथ में संरक्षित खेती तथा नर्सरी के कीट, भंडारण कीट, अवशेष प्रबंधन और निर्यात गुणवत्ता मानक।
Entomology of Fruit, Plantation, Medicinal and Aromatic Cropsवही काम बाग और रोपण फसलों के लिए — आम, केला, नींबू वर्ग, अंगूर, अमरूद, पपीता, अनार, चीकू, सेब; नारियल, सुपारी, कोको, कॉफ़ी, चाय, काजू, रबर और ऑयल पाम; तथा औषधीय-सुगंधित फसलों के कीट। इसमें निगरानी, पूर्वानुमान, भंडारण कीट, अवशेष प्रबंधन, MRL, PHI और निर्यात बाज़ार के लिए सुरक्षित प्रबंधन शामिल हैं।

Soil Science — छह टॉपिक ↑

छह टॉपिक जो एक क्रम में चलते हैं — मिट्टी क्या है, कौन सी मिट्टी समस्या है, उसे नापें कैसे, उसमें डालें क्या, उसमें सूक्ष्मजीव क्या करते हैं, और उन्हीं जीवों को औज़ार की तरह कैसे इस्तेमाल करें।

आधिकारिक टॉपिक (जैसा PDF में छपा है)इसका मतलब
Soil Physics, Chemistry and Soil Fertilityमिट्टी के भौतिक गुण — कणाकार, संरचना, थोक घनत्व, सरंध्रता, संसंजन और मृदा-जल संबंध; फिर रसायन — मृदा कोलॉइड, धनायन तथा ऋणायन विनिमय, pH, EC, लवणता, सोडिकता और कैल्शियमीयता, कार्बनिक पदार्थ, ह्यूमस और C:N अनुपात; और उर्वरता — आवश्यक पोषक तत्व, उनके कार्य, कमी के लक्षण, नत्रजन-स्फुर-पोटाश तथा सूक्ष्म पोषक तत्वों की गतिकी, और समन्वित पोषक प्रबंधन।
Problem Soils and Soil Resource Managementअम्लीय, लवणीय, सोडिक, लवणीय-सोडिक, कैल्शियमी, जलमग्न और क्षरित मृदाओं की पहचान, वर्गीकरण तथा सुधार; सिंचाई जल की गुणवत्ता pH, EC, SAR और RSC से आंकना; ख़राब गुणवत्ता वाले पानी का प्रबंधन; और चूना, जिप्सम तथा जैविक सुधारकों का प्रयोग।
Soil, Plant and Water Analysisप्रयोगशाला वाला टॉपिक — नमूना कैसे लें, हर मान का आकलन किस विधि से हो (pH, EC, कार्बनिक कार्बन, उपलब्ध नत्रजन, स्फुर, पोटाश, कैल्शियम, मैग्नीशियम, गंधक तथा Fe, Zn, Cu, Mn और B जैसे सूक्ष्म पोषक), पादप ऊतक विश्लेषण, और उपकरणों के कार्य सिद्धांत — pH मीटर, चालकता मीटर, स्पेक्ट्रोफ़ोटोमीटर, फ्लेम फ़ोटोमीटर, AAS तथा ICP। अंत में रिपोर्ट से उर्वरक सिफ़ारिश निकालना।
Fertilizers, Organic Manures and Agricultural Chemistryउर्वरक सामग्री ख़ुद — वर्गीकरण, गुण, निर्माण और गुणवत्ता मानक; यूरिया, DAP, SSP, MOP, SOP तथा जल-घुलनशील उर्वरकों के लक्षण और उपयोग; प्रयोग की विधि तथा समय, उर्वरक उपयोग दक्षता, Fertilizer Control Order; जैविक खाद जैसे FYM, कंपोस्ट, वर्मीकंपोस्ट और हरी खाद; और जैव उर्वरक।
Microbial Transformations and Nutrient Cyclingमिट्टी के सूक्ष्मजीव पोषक तत्वों के साथ क्या करते हैं — कार्बन, नत्रजन, स्फुर तथा गंधक चक्र, कार्बनिक पदार्थ का अपघटन और ह्यूमस बनना, जैविक नत्रजन स्थिरीकरण (सहजीवी, सहयोगी तथा मुक्तजीवी), अमोनीकरण, नाइट्रीकरण तथा विनाइट्रीकरण, स्फुर का खनिजीकरण और विलेयन, और माइकोराइज़ा।
Agricultural Microbiology and Bio-inputsउसी विषय का व्यावहारिक पक्ष — जैव उर्वरकों का उत्पादन, गुणवत्ता मानक और खेत में प्रयोग; बैक्टीरिया, कवक तथा विषाणु आधारित जैव कीटनाशक; PGPR और सूक्ष्मजीवी संघ; और अपशिष्ट का सूक्ष्मजीवी प्रबंधन — कंपोस्टिंग, वर्मीकंपोस्टिंग, जैव अपघटन तथा जैव उपचार।

Agricultural Engineering — तीन टॉपिक ↑

यह अकेला खंड है जो मशीन और गणना पर टिका है। बागवानी के उम्मीदवार अक्सर इसे आख़िर के लिए छोड़ देते हैं, जबकि इसके तीन टॉपिक सीमित और साफ़ हैं — इन्हें जल्दी निपटाना ज़्यादा समझदारी है।

आधिकारिक टॉपिक (जैसा PDF में छपा है)इसका मतलब
Farm Power and Agricultural Machineryखेत की ऊर्जा के स्रोत और रूप; बल, कार्य, ऊर्जा तथा शक्ति की इकाइयां और दक्षता की गणना; आंतरिक दहन इंजन — स्पार्क इग्निशन तथा कंप्रेशन इग्निशन, दो-स्ट्रोक और चार-स्ट्रोक, इंजन के पुर्जे, निष्पादन तथा रखरखाव; और ट्रैक्टर — वर्गीकरण, चयन, शक्ति संचरण, संचालन और बागवानी में उपयोग।
Tillage, Planting and Intercultural Equipmentऔज़ार वाला टॉपिक — जुताई के उद्देश्य और सिद्धांत, प्राथमिक तथा द्वितीयक जुताई; हल के सब प्रकार, रोटरी टिलर, कल्टीवेटर, हैरो, लेवलर, रिजर और मेड़ बनाने वाले यंत्र; बुवाई-रोपण के उपकरण जैसे सीड ड्रिल, प्रिसिशन प्लांटर, आलू प्लांटर तथा सब्ज़ी ट्रांसप्लांटर; और अंतरशस्य औज़ार — खुरपी, वीडर तथा पावर वीडर। हर एक की बनावट, समायोजन, अंशांकन और खेत क्षमता पूछी जाती है।
Soil and Water Engineeringमृदा-जल-पौध संबंध; सिंचाई की विधियां — सतही, स्प्रिंकलर, ड्रिप तथा सूक्ष्म सिंचाई; सिंचाई का समय-नियोजन, जल उपयोग दक्षता और फर्टिगेशन; पंप, पाइपलाइन तथा सहायक उपकरण; वर्षा जल संचयन, जल-ग्रहण प्रबंधन और भूजल पुनर्भरण; मृदा-जल संरक्षण के उपाय; और भूमि विकास तथा जल निकास प्रणालियां।

Social and Allied Sciences — तीन टॉपिक ↑

दस्तावेज़ का अंतिम खंड, और इसमें फ़सल की बात एक बार भी नहीं है — यह लोगों, कंप्यूटर और पैसे का खंड है। तीनों टॉपिक लंबे हैं, इसलिए 'आख़िरी है तो छोटा होगा' मानकर मत चलिए।

आधिकारिक टॉपिक (जैसा PDF में छपा है)इसका मतलब
Agricultural Extension Educationशोध किसान तक कैसे पहुंचता है — भारत की प्रसार शिक्षा प्रणालियां, प्रसार की विधियां, प्रौद्योगिकी का आकलन तथा हस्तांतरण, ICAR के प्रसार कार्यक्रम, कार्यक्रम नियोजन-क्रियान्वयन-मूल्यांकन, संचार प्रक्रिया, मॉडल तथा बाधाएं, शिक्षण विधियां और दृश्य-श्रव्य साधन, ICT और ई-प्रसार, नवाचारों का प्रसार तथा अंगीकरण, समूह गतिकी, नेतृत्व विकास, और उद्यमिता विकास।
Computer Science and Information Technologyकंप्यूटर की बुनियाद — हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, इनपुट-आउटपुट तथा भंडारण उपकरण, नेटवर्क, इंटरनेट, वेब तकनीकें और क्लाउड कंप्यूटिंग, MS Office, डेटाबेस प्रबंधन तथा साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें। इसके बाद बागवानी में इनका उपयोग — सटीक खेती, GIS, रिमोट सेंसिंग, निर्णय समर्थन प्रणालियां, तथा उभरती तकनीकें जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, IoT, ड्रोन और बिग डेटा।
Agricultural Economics and Agribusiness Managementसूक्ष्म तथा समष्टि अर्थशास्त्र के सिद्धांत, उपभोक्ता व्यवहार, मांग-पूर्ति और क़ीमत निर्धारण, लोच, उत्पादन फलन तथा प्रतिफल के नियम, लागत विश्लेषण और सम-विच्छेद विश्लेषण, फार्म प्रबंधन तथा बजट, कृषि वित्त और साख, परियोजना मूल्यांकन BCR, NPV, IRR तथा प्रतिदाय अवधि से, विपणन तंत्र, बाज़ार संरचना और क़ीमत प्रसार, मूल्य श्रृंखला प्रबंधन, SWOT विश्लेषण, अनुबंध खेती, FPO, कृषि बीमा, NABARD, तथा WTO और निर्यात-आयात नीतियां।

सिलेबस में नाम लेकर दी गई फसलें — बारह सूचियां ↑

आधिकारिक दस्तावेज़ में फसलों के नाम लंबे अनुच्छेदों के भीतर दबे हुए हैं, जहां उन्हें गिनना मुश्किल है। नीचे वही सूचियां ज्यों की त्यों अलग करके रखी गई हैं, ताकि आप देख सकें कि किस टॉपिक में कितनी फसलें आती हैं।

बायां कॉलम दस्तावेज़ का अपना शब्द है, दायां कॉलम हमारी अपनी टिप्पणी। इन सूचियों से बाहर की कोई फसल हमने नहीं जोड़ी है।

फसलों की सूची (जैसी PDF में छपी है)इसे कैसे पढ़ें
mango, banana, citrus, grape, guava, papaya, sapota, pineapple, pomegranate, jackfruit, avocado, litchi, mangosteen, passion fruit, rambutan, durian, carambola, bilimbi, loquat, breadfruit, rose appleउष्णकटिबंधीय तथा उपोष्ण फल फसलें। पहले सात-आठ नाम भारत की मुख्य व्यावसायिक फसलें हैं और उन्हीं पर सबसे ज़्यादा प्रश्न बनते हैं; बाक़ी को कम से कम उत्पत्ति, जलवायु और एक ख़ास बात के स्तर पर जानें।
apple, pear, peach, plum, apricot, cherry, strawberry, kiwi, persimmon, almond, walnut, pecan, hazelnut, chestnut and macadamiaशीतोष्ण फल फसलें। इनके साथ chilling requirement, परागणकर्ता और स्व-असंगति जुड़े हुए हैं — यही तीन बातें इस समूह को बाक़ी सबसे अलग करती हैं।
ber, aonla, bael, custard apple, jamun, wood apple, pomegranate, carissa, date palm, tamarind, fig, phalsa, West Indian cherryशुष्क तथा अर्ध-शुष्क क्षेत्र की फल फसलें। इन्हें सूखा प्रबंधन, नमी संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई के साथ पढ़ें — सिलेबस ने इन्हें उसी संदर्भ में रखा है।
tomato, brinjal, chilli, sweet pepper, okra, cluster bean, cowpea, dolichos bean, French bean, cucumber, muskmelon, watermelon, bottle gourd, ridge gourd, sponge gourd, bitter gourd, snake gourd, ash gourd, pumpkin, squash, drumstick, sweet corn, curry leaf, amaranthus, basella, spinach beet, methi, dill, portulacaउष्णकटिबंधीय तथा उपोष्ण सब्ज़ियां। ध्यान दें कि इसमें नौ कद्दूवर्गीय फसलें हैं — उन्हें एक समूह की तरह पढ़ना अलग-अलग पढ़ने से बहुत तेज़ पड़ता है।
cabbage, cauliflower, broccoli, Brussels sprouts, knol-khol, Chinese cabbage, lettuce, spinach, onion, garlic, leek, radish, carrot, beetroot, turnip, peas, broad bean, celery, asparagus, globe artichoke, rhubarb, potato, sweet potato, cassava (tapioca), elephant foot yam, colocasia, dioscorea, arrowroot, horseradish, Jerusalem artichoke, xanthosomaशीतोष्ण, कंद, जड़, शल्ककंद तथा बहुवर्षीय सब्ज़ियां — यह दस्तावेज़ की सबसे लंबी फसल सूची है। इसे चार टुकड़ों में बांटें: पत्तागोभी वर्ग, शल्ककंद (प्याज-लहसुन-लीक), जड़ फसलें, और कंद फसलें।
rose, chrysanthemum, carnation, gerbera, gladiolus, tuberose, orchids, anthurium, lilies, jasmine, crossandra, marigold, China aster, dahlia, gaillardia, heliconia, bird of paradiseव्यावसायिक फूल फसलें — कटे फूल, ढीले फूल और सजावटी, तीनों इसी सूची में हैं। कर्नाटक के लिए गुलाब, जरबेरा, कार्नेशन और चमेली सबसे अधिक काम की हैं।
coconut, arecanut, cashew, coffee, tea, cocoa, rubber, palmyrah and betel vineरोपण फसलें — सिलेबस में यही नौ नाम मोटे अक्षरों में दिए गए हैं, इसलिए यही पूरी सूची है, इससे बाहर कुछ नहीं।
black pepper, small and large cardamom, turmeric, chilli, ginger, garlic, coriander, fenugreek, cumin, fennel, ajwain, vanilla, nutmeg, clove, cinnamon, allspice, tamarind and garciniaमसाला फसलें। इन्हें दो हिस्सों में देखें — प्रकंद तथा फल वाले मसाले (हल्दी, अदरक, काली मिर्च, इलायची, लौंग, दालचीनी) और बीज वाले मसाले (धनिया, मेथी, जीरा, सौंफ़, अजवाइन)।
senna, periwinkle, medicinal coleus, ashwagandha, glory lily, sarpagandha, Aloe vera, amla, kalmegh, isabgol, opium poppy, safed musli, stevia, Mucuna, long pepper, Shatavari, guggul, cinchona, Dioscorea, steroid-bearing Solanum, chakramuni, madhunashini, sweet flag, foxglove, belladonna, Tinospora, annatto, noniऔषधीय फसलें — दस्तावेज़ की सबसे लंबी नामित सूची, और यह 'कर्नाटक की अन्य महत्वपूर्ण औषधीय फसलें' कहकर खुली छोड़ी गई है। हर फसल के लिए सक्रिय तत्व और उपयोग जानना सबसे काम आता है।
palmarosa, lemongrass, citronella, vetiver, Mentha species, patchouli, geranium, Artemisia (davana), lavender, Ocimum species, sandalwood, rosemary, jasmine, rose, tuberose and chamomileसुगंधित फसलें। इनके साथ आसवन की विधि और तेल का उपयोग ज़रूर जोड़ें — सिलेबस इसी टॉपिक में तेल रसायन, आसवन तकनीक और उद्योग में उपयोग मांगता है।
tomato, chilli, sweet pepper, brinjal, okra, peas, dolichos bean, French bean, cowpea, cucumber, muskmelon, watermelon, bitter gourd, ridge gourd, pumpkin, squash, cabbage, cauliflower, onion, radish, carrot, amaranthusबीज उत्पादन के लिए नामित सब्ज़ियां। इनके लिए अलग से पृथक्करण दूरी, रोगिंग और खेत तथा बीज मानक पूछे जाते हैं — यह उत्पादन तकनीक से अलग विषय है।
rose, carnation, gerbera, orchids, chrysanthemum, tuberose, gladiolus, petunia, zinnia, dahlia, hibiscus, bougainvilleaसजावटी बीज उत्पादन के लिए नामित फूल फसलें — प्रमाणन मानक, कटाई, प्रसंस्करण, भंडारण, परीक्षण और गुणवत्ता आश्वासन इन्हीं के संदर्भ में पूछे जाते हैं।

सिलेबस ने जिन विशेष समस्याओं का नाम लिया है ↑

ज़्यादातर टॉपिक विषयों की सूची भर हैं, पर कुछ जगह दस्तावेज़ ने अलग-अलग समस्याओं का नाम लिया है। जहां कोई सिलेबस इतनी सटीकता से नाम लेता है, वहां प्रश्न बनने की संभावना सबसे अधिक होती है — इसलिए ये सात अलग से यहां रखी गई हैं।

जैसा PDF में छपा हैइसका मतलब
alternate and irregular bearing in mango and citrusपेड़ एक साल भरपूर फल देता है और अगले साल बहुत कम या कुछ नहीं। यह क्यों होता है और फ़सल को हर साल एक जैसा रखने के लिए क्या किया जाता है — फल विज्ञान में यह सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले बिंदुओं में है।
citrus declineनींबू वर्ग के पेड़ों का धीरे-धीरे कमज़ोर होकर सूखना, जिसके पीछे आमतौर पर एक नहीं बल्कि कई कारण एक साथ होते हैं। योगदान देने वाले कारक और प्रबंधन दोनों गिनाने आने चाहिए।
bud forecasting in grapesछंटाई से पहले कलियों की जांच करके अनुमान लगाना कि आने वाली फ़सल कितनी फलदायी होगी, ताकि छंटाई उसी हिसाब से की जा सके। यह कर्नाटक के अंगूर क्षेत्र का व्यावहारिक कौशल है और सिलेबस में इसका नाम अलग से लिखा गया है।
seediness and Konkan disease of bananaकेले की दो विशेष समस्याएं, जिन्हें सिलेबस ने साथ-साथ नाम दिया है पर उनका वर्णन नहीं किया। इनके लक्षण और सुझाई गई रोकथाम अपनी विश्वविद्यालय की पुस्तक से लें — हम यहां वह नहीं जोड़ रहे जो दस्तावेज़ में नहीं है।
sex expression and seed production in papayaपपीते के पौधे नर, मादा या उभयलिंगी हो सकते हैं, और इसी से बाग की रोपण योजना तथा बीज उत्पादन तय होता है। लिंग कैसे निर्धारित होता है और बीज कैसे तैयार किया जाता है — दोनों आने चाहिए।
latex extraction and papain productionपपीते के दूध का औद्योगिक उपयोग। टैपिंग की विधि, संग्रह, सुखाना और पापेन की गुणवत्ता — यह उत्पादन तकनीक और मूल्य संवर्धन दोनों को जोड़ने वाला बिंदु है।
management of replant problems, premature leaf fall, alternate bearing and other physiological constraintsशीतोष्ण तथा शुष्क फल टॉपिक के अंत में दी गई सूची। ख़ास तौर पर यह जानें कि उसी ज़मीन पर दोबारा लगाया गया बाग क्यों संघर्ष करता है और उसका क्या उपाय है।

दस्तावेज़ ख़ुद जिन संक्षेपों का पूरा रूप देता है ↑

सिलेबस में दर्जनों संक्षेप हैं। नीचे केवल वे हैं जिनका पूरा रूप दस्तावेज़ ने ख़ुद कोष्ठक में दिया है — बायां कॉलम बिल्कुल वैसा ही है जैसा वहां छपा है।

दस्तावेज़ कुछ और संक्षेप बिना खोले इस्तेमाल करता है: HACCP, GHP, ISO, FSSAI, AGMARK, BIS, Codex Alimentarius, SAR, RSC, ICP, DUS, BCR, NPV, IRR, SWOT, NABARD, WTO, ICAR, AYUSH, FYM, DAP, SSP, MOP और SOP। इनका पूरा रूप हम यहां अपनी तरफ़ से नहीं भर रहे — यह पेज वही रखता है जो दस्तावेज़ रखता है। इन्हें अपनी पाठ्यपुस्तक से देख लें।

जैसा PDF में छपा हैयह क्या है, और सिलेबस में कहां है
Global Positioning System (GPS)पृथ्वी पर किसी बिंदु की सटीक स्थिति बताने वाली प्रणाली। सिलेबस में यह सटीक बागवानी का हिस्सा है, जहां हर पौधा, सेंसर या छिड़काव का निर्णय एक निर्देशांक से जुड़ा होता है।
Geographic Information System (GIS)नक्शे की परतों को संचित और विश्लेषित करने वाला सॉफ़्टवेयर। यह दो जगह आता है — सटीक बागवानी में क्षेत्र मानचित्रण के लिए, और भूदृश्य वास्तुकला में डिज़ाइन के औज़ार की तरह।
Remote Sensing (RS)खेत में गए बिना, उपग्रह या ड्रोन से फ़सल या मिट्टी की स्थिति पढ़ना।
Internet of Things (IoT)वे उपकरण जो अपने आप खेत की स्थिति की सूचना भेजते रहते हैं। सिलेबस IoT उपकरणों को मिट्टी तथा पौधे के सेंसरों और मौसम केंद्रों के साथ गिनाता है।
information and communication technologies (ICT)प्रसार शिक्षा वाले टॉपिक का शब्द — किसान तक पहुंचने के डिजिटल माध्यम, जिनमें मोबाइल आधारित सलाह सेवाएं भी हैं।
Good Agricultural Practices (GAP)खेत पर उपज कैसे उगाई और संभाली जाए, इसका मानक। यह सब्ज़ी, मसाला और औषधीय — तीनों टॉपिक में आता है।
Good Manufacturing Practices (GMP)प्रसंस्करण वाले पक्ष का मानक, जो मसाला टॉपिक में GAP के साथ ही दिया गया है।
geographical indications (GI)किसी उत्पाद के मूल स्थान के नाम की क़ानूनी सुरक्षा। यह दो बार आता है — मसाला फसलों में और कटाई-उपरांत मूल्य संवर्धन में।
modified atmosphere packaging (MAP)पैकेट के भीतर गैसों का अनुपात बदलकर उपज को धीरे ख़राब होने देना। इसे CAP के साथ जोड़कर याद करें, अलग से नहीं।
controlled atmosphere packaging (CAP)गैसों के अनुपात को अपने आप जमने देने के बजाय एक तय स्तर पर सक्रिय रूप से बनाए रखना। MAP से इसका अंतर एक मानक प्रश्न है।
controlled atmosphere (CA)वही सिद्धांत पूरे भंडार कक्ष पर लगाया गया; सिलेबस इसे भंडारण विधियों की सूची में रखता है।
modified atmosphere (MA)CA भंडारण का निष्क्रिय रूप, जो सूची में उसी के साथ दिया गया है।
intellectual property rights (IPR)किसी विकसित किस्म या तकनीक पर स्वामित्व। यह दो जगह आता है — फल प्रजनन में, और पादप प्रजनन टॉपिक में प्रजनक तथा किसान अधिकारों के साथ।
economic threshold level (ETL)कीटों की वह संख्या जिस पर नियंत्रण शुरू करना पड़ता है, ताकि नुक़सान उस स्तर तक पहुंचे ही नहीं। इसे हमेशा EIL के साथ याद करें।
economic injury level (EIL)कीटों की वह संख्या जिस पर हुआ नुक़सान नियंत्रण की लागत से अधिक हो जाता है। ETL हमेशा EIL से नीचे रहता है — यही अंतर पूछा जाता है।
Integrated Pest Management (IPM)सांस्कृतिक, यांत्रिक, भौतिक, जैविक, व्यवहारिक, विधिक और रासायनिक तरीक़ों को एक साथ इस्तेमाल करना, केवल छिड़काव नहीं। सिलेबस इसके सिद्धांत और घटक दोनों मांगता है।
maximum residue limits (MRLs)उपज में कीटनाशक अवशेष की क़ानूनी अधिकतम सीमा। यह तीन अलग-अलग टॉपिक में आता है, इसलिए इसे हल्का न लें।
pre-harvest interval (PHI)आख़िरी छिड़काव और कटाई के बीच का वह अंतराल जिससे अवशेष सीमा के भीतर रहे।
integrated nutrient management (INM)उर्वरक, जैविक खाद और जैव उर्वरक को एक साथ इस्तेमाल करना, किसी एक पर निर्भर रहने के बजाय। यह सब्ज़ी और मृदा दोनों खंडों में नाम लेकर आया है।
Fertilizer Control Order (FCO)वह आदेश जो भारत में उर्वरक की गुणवत्ता और बिक्री को नियंत्रित करता है। यह क्या-क्या नियंत्रित करता है, यही पूछा जाता है।
plant growth-promoting rhizobacteria (PGPR)जड़ क्षेत्र के वे जीवाणु जो पौधे की वृद्धि में मदद करते हैं; यह जैव-निवेश (bio-inputs) टॉपिक का हिस्सा है।
Farmer Producer Organizations (FPOs)किसानों के अपने संगठन, जो मिलकर ख़रीद और बिक्री करते हैं। ये दोनों कृषि-व्यवसाय टॉपिक में आते हैं।
atomic absorption spectrophotometer (AAS)धातुओं की मात्रा नापने वाला प्रयोगशाला उपकरण। सिलेबस इसका सिर्फ़ नाम नहीं, कार्य सिद्धांत मांगता है।
soil reaction (pH)मिट्टी कितनी अम्लीय या क्षारीय है। यही तय करता है कि पौधा कौन सा पोषक तत्व सचमुच ले पाएगा।
electrical conductivity (EC)घुले हुए लवणों का माप, जिससे मिट्टी की लवणता और सिंचाई जल की गुणवत्ता दोनों आंकी जाती हैं।
internal combustion (IC) enginesकृषि शक्ति टॉपिक का इंजन — स्पार्क इग्निशन बनाम कंप्रेशन इग्निशन, और दो-स्ट्रोक बनाम चार-स्ट्रोक का अंतर यहीं से पूछा जाता है।

यह दस्तावेज़ क्या नहीं बताता — और हम अंदाज़े से नहीं भरेंगे ↑

नीचे की बातें वही हैं जिन्हें कोई भी उम्मीदवार सिलेबस पेज पर ढूंढता है, और जो इस दस्तावेज़ में हैं ही नहीं। बहुत सी वेबसाइटें इन्हें अंदाज़े से भर देती हैं। हम नहीं भरेंगे — ग़लत परीक्षा-पैटर्न के भरोसे बनी पूरे साल की पढ़ाई उम्मीदवार का असली नुक़सान करती है।

ये जानकारी तभी लें जब आधिकारिक अधिसूचना आए, और सिर्फ़ आधिकारिक स्रोत से।

जो नहीं दिया गयादस्तावेज़ की स्थिति
Number of papers, or the scheme of examinationनहीं दिया गया। यह दस्तावेज़ केवल विषयों की सूची है; परीक्षा किस ढांचे में होगी, यह इसमें कहीं नहीं लिखा।
Marks for the paperनहीं दिया गया। ग्यारह पेज में कहीं कोई अंक नहीं छपा है।
Duration of the paperनहीं दिया गया। समय कितना मिलेगा, यह इस दस्तावेज़ का विषय ही नहीं है।
Number of questionsनहीं दिया गया।
Whether the paper is objective (MCQ) or descriptiveनहीं दिया गया। प्रश्न किस रूप में आएंगे, दस्तावेज़ इस पर चुप है।
Negative markingनहीं दिया गया। किसी भी वेबसाइट पर इसका जो आंकड़ा दिखे, वह इस दस्तावेज़ से नहीं आया है।
Qualifying or cut-off marksनहीं दिया गया।
Interview or personality testनहीं दिया गया। चयन में कोई साक्षात्कार है या नहीं, यह इसमें नहीं बताया गया।
Exam date, or the date the syllabus was issuedनहीं दिया गया। पेजों पर कोई तारीख़ नहीं है — अंत में केवल बागवानी निदेशक के हस्ताक्षर हैं।
Vacancies, pay scale, age limit, reservationइस दस्तावेज़ में नहीं हैं। भर्ती के बारे में इसमें केवल एक पंक्ति है — बागवानी में स्नातक की योग्यता।
A general knowledge or language paperइस दस्तावेज़ में नहीं है। यहां जो छपा है वह Assistant Horticulture Officer का विषय-सिलेबस है; कोई दूसरा पेपर है या नहीं, यह नहीं बताया गया।
A Kannada version of the syllabusनहीं बताया गया। KEA पोर्टल पर फ़ाइल का नाम 'kannada' पर ख़त्म होता है, पर ग्यारहों पेज अंग्रेज़ी में छपे हैं। कन्नड़ संस्करण मौजूद है या नहीं, दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहता।

इस सिलेबस को काम में कैसे लें — हमारी अपनी सलाह ↑

यह हिस्सा आधिकारिक दस्तावेज़ का नहीं है। यह हमारी अपनी राय है, और इसे उसी तरह लें।

पहले पूरे 51 टॉपिक पर एक तेज़ पास लगाएं, कहीं गहरे उतरे बिना। इससे परीक्षा का असली फैलाव सामने आ जाता है और अपने पसंदीदा विषय पर ज़रूरत से ज़्यादा समय लगाने की गलती रुक जाती है।

इसके बाद दोहराव पकड़ें। संरक्षित खेती वाला खंड तीन जगह लगभग एक जैसा छपा है, प्रवर्धन दो जगह, और प्रजनन चार अलग-अलग खंडों में आता है। इन्हें एक-एक बार अच्छे से पढ़ लेने पर 51 में से लगभग दस टॉपिक अपने आप निपट जाते हैं।

फसल सूचियां रटने के बजाय समूह बनाकर पढ़ें — कद्दूवर्गीय, पत्तागोभी वर्ग, शल्ककंद, कंद, बीज मसाले। दस्तावेज़ में नाम बिखरे हुए हैं, पर वे स्वाभाविक रूप से समूहों में बंटते हैं।

आख़िर में, जिन विशेष समस्याओं और संक्षेपों का नाम दस्तावेज़ ने ख़ुद लिया है, उन्हें अलग रखें। जहां कोई सिलेबस इतना सटीक होता है, प्रश्न प्रायः वहीं से आते हैं।

महत्वपूर्ण लिंक

FAQ — आपके सवाल, सीधे जवाब

KEA का सिलेबस कहां चेक करें?

cetonline.karnataka.gov.in पर — सीधा लिंक इसी पेज के महत्वपूर्ण लिंक में दिया गया है। एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट, आंसर की या सिलेबस देखना हमेशा मुफ़्त होता है।

क्या यही आधिकारिक सिलेबस है?

यह पेज KEA की आधिकारिक रिलीज़ के आधार पर बना है, पर अंतिम शब्द cetonline.karnataka.gov.in पर मौजूद आधिकारिक PDF ही है — तैयारी की रीढ़ उसी को बनाएं।

यह जानकारी कितनी भरोसेमंद है?

यह लेख आधिकारिक अपडेट के आधार पर लिखा गया है और आधिकारिक स्रोत (cetonline.karnataka.gov.in) का लिंक साथ में है, फिर भी अंतिम पुष्टि हमेशा वहीं से करें — तिथियां बदल भी सकती हैं।

KEA की और अपडेट

और सिलेबस

आधिकारिक स्रोत: आधिकारिक PDF ↗. कोई भी कदम उठाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि ज़रूर करें।

अस्वीकरण: SarkariReady किसी सरकारी संस्था से संबद्ध नहीं है। यह लेख आधिकारिक नोटिफिकेशन के आधार पर लिखा गया है — कोई भी कदम उठाने से पहले तिथियां, फीस और पात्रता हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर जांच लें। कोई गलती दिखे तो हमें बताएं, हम तुरंत सुधारेंगे।

किसी एजेंट या वेबसाइट को सरकारी नौकरी के लिए पैसे न दें — शिकायत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर करें।