UPSSSC वेटनरी फार्मासिस्ट सिलेबस और परीक्षा पैटर्न — पूरा, आसान हिंदी में
विज्ञापन संख्या-18-परीक्षा/2026 के अंतर्गत UPSSSC वेटनरी फार्मासिस्ट मुख्य परीक्षा एक ही वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र है — 100 प्रश्न, 100 अंक, दो घण्टे, तीन भागों में बँटा हुआ, और हर ग़लत उत्तर पर उस प्रश्न के अंक का एक-चौथाई कट जाता है।
आधिकारिक सिलेबस पेज खोलेंPDF आधिकारिक साइट पर खुलेगा। नीचे उसी सिलेबस का हर टॉपिक आसान भाषा में समझाया गया है — पढ़ने के लिए PDF खोलना ज़रूरी नहीं।
आधिकारिक सिलेबस से तैयार · आधिकारिक लिंक से पुष्टि कर सकते हैं
एक ही प्रश्नपत्र, 100 प्रश्न, और हर ग़लत उत्तर पर चौथाई अंक की कटौती ↑
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 14 अगस्त 2026 को विज्ञापन संख्या-18-परीक्षा/2026 प्रकाशित किया, जिसमें पशुपालन निदेशालय के अधीन वेटनरी फार्मासिस्ट के 308 पदों के लिए आवेदन माँगे गए हैं। उसी विज्ञापन के प्रस्तर-9 में परीक्षा योजना और पूरा पाठ्यक्रम छपा है, और इस पेज पर उसकी हर प्रविष्टि मौजूद है।
विज्ञापन आयोग की अपनी वेबसाइट upsssc.gov.in पर है, और उसमें पूरा पाठ्यक्रम दो बार छपा है — पहले हिंदी में, पृष्ठ 9 से 13 तक, और फिर अंग्रेज़ी में, 32 में से पृष्ठ 13 से 17 तक। इसलिए यहाँ किसी टॉपिक का नाम हमारे अनुवाद पर नहीं टिका है; दोनों रूप आयोग ने ख़ुद दिए हैं।
विज्ञापन की सबसे काम की पंक्ति वही है जो कहती है कि चयन का आधार लिखित परीक्षा है। इस भर्ती में न साक्षात्कार है, न कोई कौशल परीक्षा। नीचे दिए गए 100 अंक ही पूरी प्रतिस्पर्धा हैं।
यह परीक्षा योजना और पाठ्यक्रम उत्तर प्रदेश शासन, कार्मिक अनुभाग-3 के पत्र संख्या 485/47-का-3-2026, दिनांक 30 जून 2026 से अनुमोदित हैं, और विज्ञापन इन्हें छापते समय उसी पत्र का हवाला देता है। परीक्षा की तिथि विज्ञापन में नहीं है — उसमें लिखा है कि तिथि की सूचना यथासमय दी जाएगी।
| प्रश्नपत्र की बात | विज्ञापन में जो लिखा है |
|---|---|
| प्रश्नपत्रों की संख्या | एक |
| कुल प्रश्न | 100 |
| कुल अंक | 100 |
| प्रति प्रश्न अंक | 1 |
| समयावधि | दो घण्टा, योजना की तालिका में 120 मिनट लिखा है |
| प्रश्नों का प्रकार | वस्तुनिष्ठ, बहुविकल्पीय |
| ऋणात्मक अंकन | उस प्रश्न के निर्धारित अंक का 25 प्रतिशत, यानी एक-चौथाई |
| चयन का आधार | लिखित परीक्षा। न साक्षात्कार, न कौशल परीक्षा। |
तीन भाग, और 100 अंक उनमें कैसे बँटे हैं ↑
प्रश्नपत्र के तीन भाग हैं और वे बराबर नहीं हैं। भाग-1 विषय का है और वही प्रश्नपत्र का बड़ा हिस्सा है। भाग-2 कम्प्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी का है। भाग-3 उत्तर प्रदेश की सामान्य जानकारी का है। तीनों उन्हीं दो घण्टों में हल करने हैं; विज्ञापन किसी भाग के लिए अलग समय तय नहीं करता।
नीचे की तालिका में एक आँकड़ा हमारा है, आयोग का नहीं, और वहीं लिखा भी है। विज्ञापन भाग-1 के पंद्रहों टॉपिक के सामने प्रश्नों की संख्या छापता है, और 100 का कुल योग भी छापता है — पर भाग-1 का अपना उप-योग कहीं नहीं छापता। पंद्रह छपी हुई पंक्तियाँ जोड़ने पर 65 आता है, जो भाग-2 के छपे हुए 15 और भाग-3 के छपे हुए 20 के साथ मेल खाता है। किसी को आँकड़ा बताना हो तो पंद्रह अलग-अलग पंक्तियाँ बताइए, क्योंकि छपी वही हैं।
| भाग | किस चीज़ का | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|---|
| भाग-1 | विषयगत ज्ञान — नीचे दिए गए पंद्रह वेटनरी टॉपिक | 65 (हमारा जोड़: पंद्रह छपी पंक्तियों का योग, आयोग ने नहीं छापा) | 65 (वही, हमारा जोड़) |
| भाग-2 | कम्प्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी की अवधारणाओं एवं इस क्षेत्र में समसामयिक प्रौद्योगिकी विकास एवं नवाचार का ज्ञान | 15 | 15 |
| भाग-3 | उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित सामान्य जानकारी | 20 | 20 |
| योग | जैसा तालिका के नीचे छपा है | 100 | 100 |
भाग-1: पंद्रहों टॉपिक, और आयोग ने हर एक के सामने कितने अंक रखे हैं ↑
तैयारी की योजना यही तालिका तय करनी चाहिए, क्योंकि आयोग ने विषय का वज़न पहले ही आपके लिए तय कर दिया है। हर प्रश्न एक अंक का है, इसलिए हर पंक्ति में प्रश्नों की संख्या और अंक एक ही आँकड़ा हैं।
ऊपर की पंक्तियाँ गिनने पर — और यह गिनती हमारी है, छपी हुई नहीं — पंद्रह में से आठ टॉपिक 5-5 अंक के हैं, चार टॉपिक 4-4 अंक के, और तीन टॉपिक 3-3 अंक के। पाँच अंक वाले आठ टॉपिक ये हैं: पशुपालन प्रबंधन, नस्लें और आर्थिक गुण, पोषण और स्वास्थ्य, फ़ार्माकोलॉजी, क्लीनिकल पशु चिकित्सा, वेटरनरी क्लीनिकल फ़ार्मेसी, फ़ार्मासिस्ट ज्यूरिस्प्रूडेंस, और फार्म प्रबंधन तथा विस्तार। समय कम हो तो शुरुआत इसी सूची से कीजिए।
वज़न क्या कह रहा है, यह भी देखिए। फ़ार्माकोलॉजी, क्लीनिकल फ़ार्मेसी और ज्यूरिस्प्रूडेंस मिलकर शरीर-रचना और शरीर-क्रिया विज्ञान से ज़्यादा अंक के हैं। यह फ़ार्मासिस्ट का प्रश्नपत्र है, पशु चिकित्सक का नहीं।
| क्र० | टॉपिक, जैसा हिंदी संस्करण में छपा है | आधिकारिक अंग्रेज़ी नाम, जैसा छपा है | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|---|---|
| 1 | पशुओं और पोल्ट्री की शारीरिक संरचना | Anatomy of Livestock and Poultry | 04 | 04 |
| 2 | पशुपालन प्रबंधन का परिचय | Introduction to Livestock Management | 05 | 05 |
| 3 | पशुओं की नस्लों और आर्थिक गुणों का परिचय | Introduction to Livestock Breeds and Economic Traits | 05 | 05 |
| 4 | पशु पोषण और स्वास्थ्य की बुनियादी बातें | Basics of Animal Nutrition and Health | 05 | 05 |
| 5 | पशु शरीर-क्रिया विज्ञान (Physiology) की बुनियादी बातें | Basics of Animal Physiology | 04 | 04 |
| 6 | क्लीनिकल पैथोलॉजी की बुनियादी बातें | Basics of Clinical Pathology | 03 | 03 |
| 7 | बुनियादी पैरासिटोलॉजी (परजीवी विज्ञान) | Elementary Parasitology | 03 | 03 |
| 8 | फ़ार्माकोलॉजी (औषधि विज्ञान) के मूल सिद्धांत | Fundamentals of Pharmacology | 05 | 05 |
| 9 | क्लीनिकल बायोकैमिस्ट्री, गायनेकोलॉजी का परिचय | Clinical Biochemistry & Introduction to Gynaecology | 04 | 04 |
| 10 | क्लीनिकल पशु चिकित्सा की बुनियादी बातें | Basics of Clinical Veterinary Medicine | 05 | 05 |
| 11 | वेटरनरी क्लीनिकल फ़ार्मेसी | Veterinary Clinical Pharmacy | 05 | 05 |
| 12 | शुरुआती सर्जिकल प्रक्रियाएं | Preliminary Surgical Procedures | 04 | 04 |
| 13 | फ़ार्मासिस्ट ज्यूरिस्प्रूडेंस (कानूनी नियम) | Pharmacist Jurisprudence | 05 | 05 |
| 14 | फार्म प्रबंधन और विस्तार | Farm Management & Extensions | 05 | 05 |
| 15 | हॉस्पिटल प्रैक्टिस ट्रेनिंग | Hospital Practice Training | 03 | 03 |
एक नज़र में
| संचालक संस्था | Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission (UPSSSC) |
| पद का नाम | Veterinary Pharmacist |
| आधिकारिक वेबसाइट | upsssc.gov.in |
| राज्य | Uttar Pradesh |
भाग-1 के टॉपिक 1 से 5: पशु ख़ुद, और उसे रखा कैसे जाता है ↑
पहले पाँच टॉपिक पशु के शरीर से शुरू होकर बाहर उस फ़ार्म तक जाते हैं जहाँ वह रहता है। जोड़ने पर ये भाग-1 के 23 अंक बनते हैं — यह जोड़ हमारा है, ऊपर वाले 65 की तरह, आयोग का छापा हुआ आँकड़ा नहीं — और इनमें से किसी को पढ़ने के लिए प्रयोगशाला नहीं चाहिए।
नीचे 'दायरा' वाला खाना पाठ्यक्रम में लिखी बात को आम शब्दों में दोबारा लिखता है। शब्द हमारे हैं, बात आयोग की है, और उसका हर हिस्सा विज्ञापन के प्रस्तर-9 में मौजूद है।
| टॉपिक और अंक | दायरा, जैसा विज्ञापन तय करता है | व्यवहार में इसका मतलब |
|---|---|---|
| (1) पशुओं और पोल्ट्री की शारीरिक संरचना (Anatomy of Livestock and Poultry) — 04 अंक | कंकाल तंत्र, मुख्य हड्डियाँ और जोड़। पाचन, श्वसन और रक्त-संचार तंत्र की संरचना। मूत्र-जनन तंत्र, तंत्रिका तंत्र, ज्ञानेंद्रियों और सतही लिम्फ ग्रंथियों की स्थिति। | यह टॉपिक बनावट पूछता है, काम नहीं — कौन-सा अंग शरीर में कहाँ है, बस यही। |
| (2) पशुपालन प्रबंधन का परिचय (Introduction to Livestock Management) — 05 अंक | गाय, भैंस, भेड़, बकरी, घोड़े, ऊँट और सूअर के प्रबंधन की बुनियादी शब्दावली। पशु आवास के डिज़ाइन और रोज़ का प्रबंधन — ग्रूमिंग, नहलाना, डिपिंग और ऊन कतरना। गर्भवती पशुओं की देखभाल, नवजात बछड़ों का पालन, तथा सींग हटाने या बधियाकरण जैसी विधियाँ। | रोज़ का फ़ार्म का काम, सही नाम के साथ। अंक जितने काम में हैं, उतने ही शब्दावली में हैं। |
| (3) पशुओं की नस्लों और आर्थिक गुणों का परिचय (Introduction to Livestock Breeds and Economic Traits) — 05 अंक | लोकप्रिय देशी, विदेशी और संकर (crossbred) नस्लों की पहचान। प्रजनन की बुनियादी प्रणालियाँ — इन-ब्रीडिंग बनाम क्रॉस-ब्रीडिंग। पशु फ़ार्म के ज़रूरी रिकॉर्ड रखना और फ़ार्म का अर्थशास्त्र। | यहाँ नस्लों के नाम भी अंक देते हैं और रजिस्टर भी — सिलेबस ने पहचान और फ़ार्म-अर्थशास्त्र को एक ही टॉपिक में रखा है। |
| (4) पशु पोषण और स्वास्थ्य की बुनियादी बातें (Basics of Animal Nutrition and Health) — 05 अंक | पशुओं के चारे और आहार के प्रकार, तथा संतुलित राशन (ration) बनाना। पोषण की कमियाँ, और फ़ार्म के पशुओं में ख़राब स्वास्थ्य के शुरुआती लक्षण। | राशन बनाना इस टॉपिक का हिसाब वाला हिस्सा है; कमी के लक्षण पहचानना देखने वाला हिस्सा। |
| (5) पशु शरीर-क्रिया विज्ञान (Physiology) की बुनियादी बातें (Basics of Animal Physiology) — 04 अंक | पशुओं और पोल्ट्री के विभिन्न अंगों के शारीरिक कार्यों की बुनियादी जानकारी। | यह टॉपिक नंबर एक का जोड़ीदार है। वहाँ पूछा जाता है अंग कहाँ है, यहाँ पूछा जाता है वह करता क्या है। |
भाग-1 के टॉपिक 6 से 10: प्रयोगशाला, दवा और बीमारी ↑
ये पाँच टॉपिक प्रश्नपत्र का क्लीनिकल बीच हैं, और हमारे अपने जोड़ से 20 अंक बनते हैं। जिसने सिर्फ़ किताब पढ़ी है और कभी नमूना या सिरिंज नहीं सँभाला, उसके अंक यहीं से कटने शुरू होते हैं।
टॉपिक 10 पर एक ईमानदार बात कहनी है। विज्ञापन के पृष्ठ 16 पर अंग्रेज़ी में इसका दायरा छपा है — identification on the basis of grass physical examination physiological parameter and their method. यहाँ 'grass' साफ़ तौर पर 'gross' की छपाई की ग़लती है। उसी टॉपिक की हिंदी छपाई, पृष्ठ 12 पर, बिलकुल साफ़ है: शारीरिक जाँच और शारीरिक लक्षणों के आधार पर पहचान और जाँच के तरीके। नीचे का दायरा हमने हिंदी से लिखा है, जो साफ़ है, और छपाई की ग़लती को चुपचाप ठीक करने के बजाय आपको बता दिया है।
| टॉपिक और अंक | दायरा, जैसा विज्ञापन तय करता है | व्यवहार में इसका मतलब |
|---|---|---|
| (6) क्लीनिकल पैथोलॉजी की बुनियादी बातें (Basics of Clinical Pathology) — 03 अंक | सामान्य प्रयोगशाला उपकरणों और स्टरलाइज़ेशन (कीटाणु-नाशन) प्रक्रियाओं का परिचय। नियमित नमूना जाँच, जिसमें रक्त, मूत्र और मल का विश्लेषण शामिल है। | तीन अंक का यह टॉपिक लगभग पूरा लैब का काम है — उपकरण, और तीन नियमित नमूने। |
| (7) बुनियादी पैरासिटोलॉजी (परजीवी विज्ञान) (Elementary Parasitology) — 03 अंक | सामान्य आंतरिक परजीवियों (कीड़े, फ्लूक) और बाहरी परजीवियों (टिक, माइट्स, जूँ) की पहचान। परजीवियों का जीवन चक्र, और कीड़े मारने (deworming) के आम शेड्यूल। | जीवन चक्र याद कीजिए। deworming का शेड्यूल तभी समझ आता है जब पता हो परजीवी कब कमज़ोर पड़ता है। |
| (8) फ़ार्माकोलॉजी (औषधि विज्ञान) के मूल सिद्धांत (Fundamentals of Pharmacology) — 05 अंक | पशु चिकित्सा दवाओं और उनके स्रोतों का बुनियादी वर्गीकरण। दवा देने के तरीके — मुँह से, इंजेक्शन, मलहम। दवा की मात्रा (dosage) की गणना, साइड इफ़ेक्ट और भंडारण के नियमों की बुनियादी अवधारणाएँ। | इस टॉपिक में dosage की गणना ही अकेला हिस्सा है जो समय के दबाव में हिसाब माँगता है। इसे पढ़ने की तरह नहीं, सवाल लगाने की तरह तैयार कीजिए। |
| (9) क्लीनिकल बायोकैमिस्ट्री, गायनेकोलॉजी का परिचय (Clinical Biochemistry & Introduction to Gynaecology) — 04 अंक | ब्लड सीरम के पैरामीटर समझना। पशु प्रजनन और गर्भावस्था की जाँच में सहायता की बुनियादी जानकारी। | 'सहायता' शब्द पर ध्यान दीजिए। सिलेबस इसे उतना ही रखता है जितना फ़ार्मासिस्ट पशु चिकित्सक के साथ खड़ा होकर करता है — जाँच खुद करना इसमें नहीं है। |
| (10) क्लीनिकल पशु चिकित्सा की बुनियादी बातें (Basics of Clinical Veterinary Medicine) — 05 अंक | अलग-अलग पशुओं और मुर्गियों की बीमारियों की बुनियादी जानकारी। शारीरिक जाँच और शारीरिक लक्षणों के आधार पर उनकी पहचान और जाँच के तरीके। बीमारियों से बचाव और नियंत्रण के सामान्य सिद्धांत। | पाँच अंक वाले आठ टॉपिक में से एक, और वही जो बाकी सबको जोड़ता है — लक्षण, पहचान, फिर बचाव। |
भाग-1 के टॉपिक 11 से 15: फ़ार्मेसी की मेज़ और अस्पताल का फ़र्श ↑
आख़िरी पाँच टॉपिक असल में नौकरी का विवरण हैं, पाठ्यक्रम की शक्ल में — और हमारे अपने जोड़ से 22 अंक बनते हैं, किसी भी और पाँच के समूह से ज़्यादा। कंपाउंडिंग, डिस्पेंसिंग, इन्वेंटरी, सर्जरी में सहायता, कानून, विस्तार कार्य और पॉलीक्लिनिक का अभ्यास।
अगर आपने किसी वेटरनरी फ़ार्मेसी में काम किया है, तो अंक इसी समूह में आपके अनुभव के हैं। अगर नहीं किया, तो इन पाँच को अध्याय की तरह नहीं, एक कार्यदिवस के विवरण की तरह पढ़िए।
| टॉपिक और अंक | दायरा, जैसा विज्ञापन तय करता है | व्यवहार में इसका मतलब |
|---|---|---|
| (11) वेटरनरी क्लीनिकल फ़ार्मेसी (Veterinary Clinical Pharmacy) — 05 अंक | कंपाउंडिंग तकनीकें: मिश्रण, लोशन, मरहम, पाउडर और टिंचर तैयार करना। डिस्पेंसिंग साइंस: लेबल लगाना, प्रिस्क्रिप्शन सही पढ़ना, और दवाएँ पैक करना। इन्वेंटरी कंट्रोल: वैक्सीन के लिए कोल्ड-चेन प्रबंधन, एक्सपायरी डेट पर नज़र, और नशीली दवाओं के रजिस्टर। | यह टॉपिक असल में नौकरी ही है, सिलेबस की भाषा में लिखी हुई। तीन शीर्षक — कंपाउंडिंग, डिस्पेंसिंग, इन्वेंटरी — तीन शीर्षक की तरह ही याद रखिए। |
| (12) शुरुआती सर्जिकल प्रक्रियाएं (Preliminary Surgical Procedures) — 04 अंक | सर्जिकल उपकरणों का परिचय, स्टरलाइज़ेशन और ऑटोक्लेव का संचालन। सर्जरी के लिए पशु को तैयार करना — शेविंग, एंटीसेप्टिक सफ़ाई। घाव की ड्रेसिंग, पट्टी बाँधना, सर्जरी के बाद पशु की निगरानी और टाँकों की देखभाल। | ऑपरेशन टेबल का फ़ार्मासिस्ट वाला हिस्सा: उपकरण, तैयारी, और वह सब जो सर्जन का काम ख़त्म होने के बाद होता है। |
| (13) फ़ार्मासिस्ट ज्यूरिस्प्रूडेंस (कानूनी नियम) (Pharmacist Jurisprudence) — 05 अंक | भारत में पशु दवाओं की बिक्री, भंडारण और वितरण से जुड़े कानून। वेटरनरी फ़ार्मेसी प्रैक्टिशनर की आचार-संहिता (ethics)। | कानून और नैतिकता के पाँच अंक। विज्ञापन किसी अधिनियम का नाम नहीं लिखता — इसलिए जो सूची नाम गिनाती है, वह किसी की अपनी है, आयोग की नहीं। |
| (14) फार्म प्रबंधन और विस्तार (Farm Management & Extensions) — 05 अंक | डेयरी या पोल्ट्री फ़ार्म में रोज़ की साफ़-सफ़ाई और बायो-सिक्योरिटी बनाए रखना। किसानों को स्वास्थ्य की बुनियादी बातें बताना, और पशु स्वास्थ्य कैंप लगाने में मदद करना। | इस टॉपिक का आधा हिस्सा बायो-सिक्योरिटी है और आधा किसानों से बात करना। दूसरा आधा छूट जाता है, और उसके भी अंक हैं। |
| (15) हॉस्पिटल प्रैक्टिस ट्रेनिंग (Hospital Practice Training) — 03 अंक | वेटरनरी पॉलीक्लिनिक में पूरी तरह प्रैक्टिकल ट्रेनिंग। इमरजेंसी मामलों को सँभालना, शारीरिक जाँच के दौरान पशु चिकित्सकों की मदद करना, और फ़ार्मेसी में आने वाले स्टॉक का प्रबंधन। | तीन अंक, जो उसे मिलते हैं जो सच में पॉलीक्लिनिक में खड़ा रहा हो। अगर नहीं रहे, तो इसे एक कार्यदिवस के विवरण की तरह पढ़िए। |
भाग-2: कम्प्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी, 15 अंक, पूरी सूची ↑
भाग-2 में 15 प्रश्न हैं और 15 अंक। विज्ञापन इसे पाँच बिन्दुओं में छापता है, जिनमें दूसरा बिन्दु आठ उप-बिन्दुओं में खुलता है। किसी अलग बिन्दु के सामने अंक नहीं लिखे — सिर्फ़ भाग का कुल 15 — इसलिए जो कोई भाग-2 का टॉपिक-वार बँटवारा दिखाए, वह उसका अपना अंदाज़ा है।
यह वही कम्प्यूटर पाठ्यक्रम है जो आयोग अपनी भर्तियों में रखता है, और यह जान-बूझकर बुनियादी रखा गया है। यह पूछता है कि आप कम्प्यूटर चला सकते हैं या नहीं और उसके हिस्सों के नाम जानते हैं या नहीं — प्रोग्रामिंग नहीं पूछता।
- कम्प्यूटर, सूचना तकनीकी, इन्टरनेट एवं वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) का इतिहास, परिचय एवं अनुप्रयोग।
- निम्नलिखित बिन्दुओं सम्बन्धी सामान्य ज्ञान: हार्डवेयर एवं सॉफ़्टवेयर; इनपुट एवं आउटपुट; इन्टरनेट प्रोटोकॉल / आई०पी० एड्रेस; आई०टी० गैजेट एवं उनका अनुप्रयोग; ई-मेल आई०डी० बनाना एवं ई-मेल का प्रयोग तथा संचालन; प्रिंटर, टेबलेट एवं मोबाइल का संचालन; वर्ड प्रोसेसिंग (MS-Word) एवं ऐक्सेल प्रोसेसिंग (MS-Excel) के महत्वपूर्ण तत्व; ऑपरेटिंग सिस्टम, सोशल नेटवर्किंग, ई-गवर्नेन्स।
- डिजिटल वित्तीय उपकरण और अनुप्रयोग।
- भविष्य के कौशल और साइबर सुरक्षा।
- कम्प्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में होने वाले तकनीकी विकास एवं नवाचार — आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेन्स, बिग डेटा प्रोसेसिंग, डीप लर्निंग, मशीन लर्निंग, इन्टरनेट ऑफ थिंग्स — तथा इस क्षेत्र में भारत की उपलब्धियाँ।
भाग-3: उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित सामान्य जानकारी, 20 अंक ↑
भाग-3 में 20 प्रश्न हैं और 20 अंक — प्रश्नपत्र का पाँचवाँ हिस्सा, और वही हिस्सा जिसकी तैयारी सबसे कम होती है, क्योंकि देखने में यह सामान्य ज्ञान लगता है। यह सामान्य ज्ञान नहीं है। नीचे गिनाया गया हर विषय ख़ास तौर पर उत्तर प्रदेश का है।
विज्ञापन एक ही वाक्य में 24 विषय गिनाता है और अंत में 'आदि' लिखता है, इसलिए सूची संकेतमात्र है, बंद नहीं। यहाँ वही विषय अलग-अलग करके दिए हैं।
- इतिहास
- संस्कृति
- कला
- वास्तुकला
- त्योहार
- लोक नृत्य
- साहित्य
- क्षेत्रीय भाषाएँ
- विरासत
- सामाजिक रीति-रिवाज और पर्यटन
- भौगोलिक परिदृश्य एवं पर्यावरण
- प्राकृतिक संसाधन
- जलवायु
- मिट्टी
- वन
- वन्यजीव
- खान और खनिज
- अर्थव्यवस्था
- कृषि
- उद्योग
- व्यवसाय और रोजगार
- राजव्यवस्था
- उत्तर प्रदेश का प्रशासन
- विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश राज्य की समसामयिक घटनाएँ एवं उपलब्धियाँ
इस प्रश्नपत्र तक आप पहुँचे कैसे: प्रा०अ०प०-2025 और 15 गुना की शॉर्टलिस्ट ↑
यह मुख्य परीक्षा है। आवेदन वही कर सकते हैं जो प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा-2025 में सम्मिलित हुए हों और जिन्हें उसका स्कोर कार्ड मिला हो, और लिखित परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्टिंग प्रा०अ०प०-2025 के नार्मलाइज्ड स्कोर पर, मेरिट के क्रम में होती है।
कितने अभ्यर्थी बुलाए जाएँगे, इस पर विज्ञापन साफ़ है। विज्ञापित पदों के सापेक्ष श्रेणीवार 15 गुना अभ्यर्थी लिखित परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किए जाएँगे, और अंतिम कटऑफ़ पर जिस-जिस के पास वही नार्मलाइज्ड स्कोर हो — दशमलव के 02 स्थान तक — वे सब शामिल किए जाएँगे, इसलिए असल संख्या इससे ज़्यादा भी हो सकती है।
बुलावे पर भरोसा करने से पहले दो सीमाएँ जान लीजिए। जिस अभ्यर्थी का प्रा०अ०प०-2025 में वास्तविक या नार्मलाइज्ड स्कोर शून्य, शून्य से कम या ऋणात्मक है, वह शॉर्टलिस्ट ही नहीं होगा। और जो अभ्यर्थी प्रा०अ०प०-2025 के परिणाम में 'जाँच के अधीन' या 'औपबन्धिक' चिन्हित हैं, वे औपबन्धिक रूप से आवेदन तो कर सकते हैं, पर उनकी शॉर्टलिस्टिंग और चयन आयोग की अपनी जाँच के नतीजे के अधीन रहेंगे।
अगर लिखित परीक्षा एक से अधिक पाली या दिवस में हुई, तो विज्ञापन कहता है कि तुलनात्मक मूल्यांकन के लिए स्कोर का नार्मलाइजेशन 22 मई 2019 को प्रकाशित आवश्यक सूचना संख्या 42/05/विज्ञा० अनु० (ग्यारह)/2019 के प्रावधानों के अनुसार होगा।
यह परीक्षा कौन दे सकता है, और ख़र्च कितना है ↑
अर्हता उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग वेटनरी फार्मासिस्ट सेवा नियमावली, 2025 के भाग-4 नियम-8 से तय होती है। अभ्यर्थी के पास हाई स्कूल तथा माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश की इण्टरमीडिएट परीक्षा (जीव विज्ञान) या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त समकक्ष परीक्षा होनी चाहिए; भारत में विधि द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय या संस्था से वेटनरी फार्मेसी में 02 वर्ष 03 माह का डिप्लोमा; और देवनागरी लिपि में हिन्दी का ज्ञान।
नियमावली सक्षम परिषद या संस्थान में पंजीकरण भी माँगती है, यदि वह उपलब्ध हो। इसके तुरंत बाद विज्ञापन, अपर मुख्य सचिव, पशुधन अनुभाग-3 के 20 मई 2026 के पत्र का हवाला देते हुए, यह दर्ज करता है कि उत्तर प्रदेश में वेटनरी फार्मासिस्ट के पंजीकरण हेतु कोई वेटनरी फार्मेसी काउन्सिल फ़िलहाल अस्तित्व में नहीं है — इसलिए पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। इसी एक वाक्य ने बहुत से अभ्यर्थियों को उलझाया है; विज्ञापन में यह साफ़ शब्दों में लिखा है।
आयु उसी नियमावली के नियम-10 से तय होती है: जिस कैलेण्डर वर्ष में रिक्तियाँ विज्ञापित हों, उसकी पहली जुलाई को अभ्यर्थी ने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो और 40 वर्ष से अधिक न हो। अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों तथा शासन द्वारा अधिसूचित अन्य श्रेणियों के लिए उच्चतर आयु सीमा उतने वर्ष अधिक होगी जितनी विनिर्दिष्ट हो।
सीधी भर्ती में, अन्य बातें समान होने पर, अधिमान उस अभ्यर्थी को मिलेगा जिसने प्रादेशिक सेना में कम से कम दो वर्ष सेवा की हो, या जिसके पास राष्ट्रीय कैडेट कोर का 'बी' प्रमाण-पत्र हो।
शुल्क हर श्रेणी के लिए एक ही है। आवेदन शुल्क है ही नहीं; सिर्फ़ 25.00 रुपये का ऑनलाइन प्रक्रिया शुल्क लिया जाता है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित, भूतपूर्व सैनिक, महिला, दिव्यांगजन और उत्कृष्ट खिलाड़ी अपनी मूल श्रेणी का ही शुल्क देंगे, यानी वही 25.00 रुपये।
| श्रेणी | आवेदन शुल्क | ऑनलाइन प्रक्रिया शुल्क | योग |
|---|---|---|---|
| अनारक्षित | 00 | 25.00 | 25.00 |
| अन्य पिछड़ा वर्ग | 00 | 25.00 | 25.00 |
| अनुसूचित जाति | 00 | 25.00 | 25.00 |
| अनुसूचित जनजाति | 00 | 25.00 | 25.00 |
| विज्ञापन में दी गई तिथि | वह किस चीज़ की है |
|---|---|
| 14-08-2026 | विज्ञापन के प्रकाशन की तिथि |
| 05-10-2026 | पंजीकरण, शुल्क जमा करने और ऑनलाइन आवेदन सबमिट करने की अंतिम तिथि |
| 12-10-2026 | 05-10-2026 तक जमा शुल्क के बैंक द्वारा समायोजन की अंतिम तिथि, यानी उसके 07 दिन बाद तक |
यह विज्ञापन क्या नहीं बताता — और हम कुछ गढ़ेंगे नहीं ↑
पाठ्यक्रम का प्रस्तर दायरा तय करता है। वह अभ्यर्थी के हर सवाल का जवाब नहीं देता, और ईमानदारी यही है कि खाली जगहों को आत्मविश्वास से भरे अंदाज़े से भरने के बजाय उनका नाम ले लिया जाए।
नीचे लिखी हर बात के लिए विज्ञापन ख़ुद और upsssc.gov.in ही भरोसे के लायक़ स्रोत हैं।
- परीक्षा की तिथि। विज्ञापन सिर्फ़ इतना कहता है कि परीक्षा तिथि के संबंध में यथासमय सूचित किया जाएगा।
- भाग-2 या भाग-3 के अंदर टॉपिक-वार बँटवारा। सिर्फ़ भाग के कुल 15 और 20 छपे हैं। अलग-अलग बिन्दुओं के अपने अंक नहीं हैं, और जो तालिका उन्हें अंक देती है वह किसी का अंदाज़ा है।
- भाग-1 का उप-योग। पंद्रह टॉपिक की पंक्तियाँ छपी हैं और 100 का कुल योग छपा है। बीच का 65 हमारा अपना जोड़ है, और जहाँ-जहाँ वह आया है, हमने यह कह दिया है।
- कोई कटऑफ़। न प्रा०अ०प०-2025 की शॉर्टलिस्टिंग का कटऑफ़ विज्ञापन में है, न अंतिम चयन का; दोनों रिक्तियों और अभ्यर्थियों के असली प्रदर्शन पर निर्भर हैं और बाद में प्रकाशित होते हैं।
- कोई पुस्तक-सूची। आयोग पाठ्यक्रम तय करता है, किताबें नहीं। टॉपिक की सूची पढ़ने की सूची नहीं होती।
- प्रश्नपत्र का माध्यम। प्रस्तर-9, जिसमें परीक्षा योजना और पाठ्यक्रम है, यह नहीं बताता कि प्रश्न किस भाषा या भाषाओं में होंगे।
- फ़ार्मासिस्ट ज्यूरिस्प्रूडेंस में कौन-से अधिनियम आते हैं। पाठ्यक्रम इतना ही कहता है कि भारत में पशु दवाओं की बिक्री, भंडारण और वितरण से जुड़े कानून — किसी अधिनियम का नाम नहीं लेता।
महत्वपूर्ण लिंक
FAQ — आपके सवाल, सीधे जवाब
UPSSSC का सिलेबस कहां चेक करें?
upsssc.gov.in पर — सीधा लिंक इसी पेज के महत्वपूर्ण लिंक में दिया गया है। एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट, आंसर की या सिलेबस देखना हमेशा मुफ़्त होता है।
क्या यही आधिकारिक सिलेबस है?
यह पेज UPSSSC की आधिकारिक रिलीज़ के आधार पर बना है, पर अंतिम शब्द upsssc.gov.in पर मौजूद आधिकारिक PDF ही है — तैयारी की रीढ़ उसी को बनाएं।
यह जानकारी कितनी भरोसेमंद है?
यह लेख आधिकारिक अपडेट के आधार पर लिखा गया है और आधिकारिक स्रोत (upsssc.gov.in) का लिंक साथ में है, फिर भी अंतिम पुष्टि हमेशा वहीं से करें — तिथियां बदल भी सकती हैं।
UPSSSC की और अपडेट
आधिकारिक स्रोत: आधिकारिक वेबसाइट ↗. कोई भी कदम उठाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि ज़रूर करें।
अस्वीकरण: SarkariReady किसी सरकारी संस्था से संबद्ध नहीं है। यह लेख आधिकारिक नोटिफिकेशन के आधार पर लिखा गया है — कोई भी कदम उठाने से पहले तिथियां, फीस और पात्रता हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर जांच लें। कोई गलती दिखे तो हमें बताएं, हम तुरंत सुधारेंगे।
किसी एजेंट या वेबसाइट को सरकारी नौकरी के लिए पैसे न दें — शिकायत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर करें।