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HPSC HSIIDC मैनेजर सिलेबस 2026 — हर टॉपिक, आसान भाषा में

सिलेबस

150 अंकों का subjective Subject Knowledge Test, 3 घंटे, अंग्रेज़ी में — अंतिम मेरिट में इसका भार 87.5% और साक्षात्कार का 12.5%।

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PDF आधिकारिक साइट पर खुलेगा। नीचे उसी सिलेबस का हर टॉपिक आसान भाषा में समझाया गया है — पढ़ने के लिए PDF खोलना ज़रूरी नहीं।

आधिकारिक सिलेबस से तैयार · आधिकारिक लिंक से पुष्टि कर सकते हैं

पेपर subjective है, बहुविकल्पीय नहीं ↑

इस पेज पर बाक़ी सब पढ़ने से पहले यही बात समझ लें। हरियाणा लोक सेवा आयोग की घोषणा साफ़ कहती है कि पेपर subjective प्रकार का होगा — आप उत्तर लिखेंगे, गोले नहीं भरेंगे।

इससे तैयारी पूरी तरह बदल जाती है। चार विकल्पों में से सही पहचानना और समय की पाबंदी में व्युत्पत्ति, आरेख तथा लिखित तर्क तैयार करना — ये दो अलग कौशल हैं। जो उम्मीदवार केवल वस्तुनिष्ठ प्रश्न-बैंक से तैयारी करते हैं, वे ग़लत परीक्षा का अभ्यास कर रहे हैं।

आयोग ने क्या घोषित कियाविवरण
पदSenior Manager (IA) — विज्ञापन क्रमांक 8/2026, और Manager (IA) — विज्ञापन क्रमांक 9/2026, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) में
चरणSubject Knowledge Test, उसके बाद साक्षात्कार / viva-voce
घोषित परीक्षा तिथि27.09.2026
अवधि3 घंटे
पूर्णांक150
पेपर का प्रकारSubjective
प्रश्न पत्र की भाषाअंग्रेज़ी

चयन असल में कैसे होता है — तीन नियम जो सब तय करते हैं ↑

घोषणा में चयन का पूरा गणित दिया गया है, और वह असामान्य रूप से स्पष्ट है। इन तीनों नियमों को साथ पढ़ें, क्योंकि हर एक अकेले ही उम्मीदवारी ख़त्म कर सकता है।

नियमआपके लिए इसका मतलब
साक्षात्कार के लिए बुलाए जाने से पहले परीक्षा में कम से कम 35% अंक ज़रूरी हैंयह एक सख़्त न्यूनतम सीमा है। 150 अंकों पर यह लगभग 53 अंक बनता है। इसे पार नहीं किया तो साक्षात्कार होगा ही नहीं, बाक़ी प्रोफ़ाइल चाहे जितनी मज़बूत हो।
साक्षात्कार के लिए विज्ञापित पदों की संख्या से दोगुने उम्मीदवार बुलाए जाएंगे, bracketed उम्मीदवारों सहित35% से ऊपर होने पर भी केवल लगभग दोगुने ही आगे जाते हैं। न्यूनतम सीमा अर्हक है; असली प्रतिस्पर्धा shortlist है।
परीक्षा का भार 87.5% और साक्षात्कार का 12.5%; अंतिम मेरिट दोनों को जोड़कर बनती हैअंतिम मेरिट का सात-बटा-आठ हिस्सा लिखित पेपर में ही तय हो जाता है। साक्षात्कार आपकी स्थिति थोड़ी बदल सकता है; कमज़ोर पेपर को बचा नहीं सकता।
परीक्षा के हर चरण में उपस्थिति अनिवार्य हैकोई चरण छूटा तो उम्मीदवारी समाप्त — यह घोषणा में साफ़ लिखा है।

एक नज़र में

संचालक संस्थाHaryana Public Service Commission (HPSC), Panchkula
पद का नामSenior Manager (IA) - Advt. No. 8/2026; Manager (IA) - Advt. No. 9/2026
संस्थाHaryana State Industrial & Infrastructure Development Corporation (HSIIDC)
आधिकारिक वेबसाइटhttps://hpsc.gov.in/
राज्यHaryana

Structural Engineering — सिलेबस के सारे टॉपिक ↑

सिलेबस सिविल इंजीनियरिंग की छह शाखाएं शामिल करता है। Structural Engineering पहली और सबसे लंबी है, छह प्रविष्टियों की।

सिलेबस में क्या लिखा हैइसमें क्या आता है
Engineering Mechanicsबलों का निकाय, free-body diagram, संतुलन समीकरण; संरचनाओं में आंतरिक बल; घर्षण और उसके उपयोग; द्रव्यमान केंद्र; अवमंदन-रहित SDOF निकाय के मुक्त कंपन।
Solid Mechanicsस्थैतिक रूप से निर्धार्य बीम में बंकन आघूर्ण और अपरूपण बल; प्रतिबल-विकृति संबंध; सरल बंकन सिद्धांत, flexural और shear प्रतिबल, shear centre; एकसमान ऐंठन; प्रतिबल रूपांतरण; स्तंभों का बकलिंग; संयुक्त और सीधा बंकन प्रतिबल।
Structural Analysisबल एवं ऊर्जा विधियों से निर्धार्य और अनिर्धार्य संरचनाएं; अध्यारोपण विधि; ट्रस, आर्च, बीम, केबल और फ्रेम का विश्लेषण; विस्थापन विधियां — slope deflection और moment distribution; प्रभाव रेखाएं; stiffness और flexibility विधियां।
Construction Materials and Managementसामग्री: संरचनात्मक इस्पात का संघटन, गुण और व्यवहार; कंक्रीट के अवयव, mix design, अल्पकालिक और दीर्घकालिक गुण। प्रबंधन: निर्माण परियोजनाओं के प्रकार, परियोजना नियोजन और नेटवर्क विश्लेषण (PERT और CPM), लागत आकलन।
Concrete StructuresWorking stress और limit state design की अवधारणाएं; बीम, स्लैब और स्तंभ का डिज़ाइन; bond और development length; prestressed कंक्रीट बीम।
Steel StructuresWorking stress और limit state design की अवधारणाएं; तनन और संपीडन सदस्यों, बीम तथा beam-column, column base का डिज़ाइन; जोड़ — सरल और उत्केंद्री, तथा beam-column जोड़; plate girder और ट्रस; बीम एवं फ्रेम के plastic analysis की अवधारणा।

Geotechnical Engineering — सिलेबस के सारे टॉपिक ↑

दो प्रविष्टियां, दोनों सघन। Foundation Engineering को आधिकारिक दस्तावेज़ में असामान्य रूप से विस्तार से लिखा गया है — यह इस बात का संकेत है कि उसे कितनी गहराई से पूछा जाता है।

सिलेबस में क्या लिखा हैइसमें क्या आता है
Soil Mechanicsत्रि-प्रावस्था निकाय और प्रावस्था संबंध; सूचकांक गुण; Unified तथा भारतीय मानक मृदा वर्गीकरण; पारगम्यता और एक-विमीय प्रवाह; मृदा में रिसाव, द्वि-विमीय प्रवाह, flow net, uplift दाब, piping, केशिकत्व, seepage force; प्रभावी प्रतिबल का सिद्धांत और quicksand दशा; मृदा संघनन; एक-विमीय समेकन और समेकन की समय दर; अपरूपण सामर्थ्य, Mohr वृत्त, प्रभावी एवं कुल अपरूपण प्राचल; चिकनी मिट्टी और रेत के प्रतिबल-विकृति लक्षण; stress path।
Foundation Engineeringउप-सतह अन्वेषण — bore hole ड्रिलिंग, नमूनाकरण, plate load test, standard penetration और cone penetration परीक्षण; Rankine तथा Coulomb के मृदा दाब सिद्धांत; परिमित एवं अपरिमित ढलानों की स्थिरता, Bishop विधि; मृदा में प्रतिबल वितरण, Boussinesq सिद्धांत, pressure bulb; उथली नींव — Terzaghi तथा Meyerhoff की धारण क्षमता सिद्धांत और जल-स्तर का प्रभाव; संयुक्त footing और raft नींव; संपर्क दाब; रेत तथा चिकनी मिट्टी में अवसादन विश्लेषण; गहरी नींव — गतिक और स्थैतिक सूत्र, पाइल की अक्षीय भार क्षमता, pile load test, पार्श्व भार में पाइल, pile group दक्षता, negative skin friction।

Water Resources Engineering — सिलेबस के सारे टॉपिक ↑

चार प्रविष्टियां, द्रव की बुनियादी बातों से लेकर सिंचाई संरचनाओं तक।

सिलेबस में क्या लिखा हैइसमें क्या आता है
Fluid Mechanicsद्रवों के गुण; द्रव स्थैतिकी; सांतत्य, संवेग और ऊर्जा समीकरण तथा उनके उपयोग; विभव प्रवाह; स्तरीय और विक्षुब्ध प्रवाह; पाइप और पाइप नेटवर्क में प्रवाह; सीमा-स्तर की अवधारणा और उसकी वृद्धि; उत्थापन और कर्षण की अवधारणा।
Hydraulicsनिमज्जित पिंडों पर बल; नहरों और पाइपों में प्रवाह मापन; विमीय विश्लेषण और हाइड्रोलिक समरूपता; चैनल हाइड्रोलिक्स — ऊर्जा-गहराई संबंध, विशिष्ट ऊर्जा, क्रांतिक प्रवाह, hydraulic jump, एकसमान प्रवाह, क्रमिक परिवर्ती प्रवाह और जल सतह प्रोफ़ाइल।
Hydrologyजल चक्र; वर्षण, वाष्पन, वाष्पोत्सर्जन; जलग्रहण क्षेत्र; अंतःस्यंदन; इकाई जलालेख और जलालेख विश्लेषण; जलाशय क्षमता; बाढ़ आकलन और मार्गण; सतही अपवाह मॉडल; भूजल विज्ञान — स्थायी अवस्था कूप हाइड्रोलिक्स और जलभृत; Darcy नियम का अनुप्रयोग।
Irrigationसिंचाई प्रणालियों और विधियों के प्रकार; फसल की जल आवश्यकता — duty, delta, वाष्पोत्सर्जन; गुरुत्व बांध और spillway; अस्तरित तथा स्तरित नहरें; पारगम्य नींव पर weir का डिज़ाइन; cross drainage संरचनाएं।

Environmental Engineering — सिलेबस के सारे टॉपिक ↑

तीन प्रविष्टियां — जल एवं अपशिष्ट जल, वायु, और ठोस अपशिष्ट।

सिलेबस में क्या लिखा हैइसमें क्या आता है
Water and Waste Water Quality and Treatmentजल गुणवत्ता मानकों की बुनियाद — भौतिक, रासायनिक और जैविक प्राचल; जल गुणवत्ता सूचकांक; इकाई प्रक्रम और संक्रियाएं; जल आवश्यकता; जल वितरण प्रणाली; पेयजल उपचार; मलजल प्रणाली का डिज़ाइन; घरेलू अपशिष्ट जल की मात्रा; प्राथमिक और द्वितीयक उपचार; बहिःस्राव निस्सरण मानक; sludge निपटान; उपचारित मलजल का पुनःउपयोग।
Air Pollutionप्रदूषकों के प्रकार, उनके स्रोत और प्रभाव; वायु प्रदूषण नियंत्रण; वायु गुणवत्ता मानक; वायु गुणवत्ता सूचकांक और उसकी सीमाएं।
Municipal Solid Wastesठोस अपशिष्ट के लक्षण, उत्पादन, संग्रहण और परिवहन; ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की अभियांत्रिक प्रणालियां — पुनःउपयोग और पुनर्चक्रण, ऊर्जा पुनर्प्राप्ति, उपचार और निपटान।

Transportation Engineering — सिलेबस के सारे टॉपिक ↑

तीन प्रविष्टियां — अवसंरचना का डिज़ाइन, उस पर का pavement, और उस पर चलने वाला यातायात।

सिलेबस में क्या लिखा हैइसमें क्या आता है
Transportation Infrastructureराजमार्गों का ज्यामितीय डिज़ाइन — अनुप्रस्थ काट के तत्व, दृष्टि दूरियां, क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर संरेखण; रेल पथ का ज्यामितीय डिज़ाइन — गति और cant; हवाई अड्डे की runway लंबाई की अवधारणा, गणनाएं और संशोधन; taxiway तथा exit taxiway डिज़ाइन।
Highway Pavementsराजमार्ग सामग्री के वांछित गुण और परीक्षण; बिटुमिनी paving mix के वांछित गुण; लचीले और दृढ़ pavement के डिज़ाइन कारक; IRC कोड से लचीले और दृढ़ pavement का डिज़ाइन।
Traffic Engineeringप्रवाह और गति पर यातायात अध्ययन; peak hour factor; दुर्घटना अध्ययन; यातायात आंकड़ों का सांख्यिकीय विश्लेषण; यातायात प्रवाह के सूक्ष्म और स्थूल प्राचल तथा उनके मूल संबंध; यातायात चिह्न; Webster विधि से सिग्नल डिज़ाइन; चौराहों के प्रकार; राजमार्ग क्षमता।

Geomatics Engineering — सिलेबस के सारे टॉपिक ↑

छहों शाखाओं में सबसे छोटी, और इसीलिए वह जिसे पूरा ख़त्म करना सबसे फ़ायदेमंद है — पढ़ाई के प्रति घंटे अंक यहां सबसे ज़्यादा हैं।

सिलेबस में क्या लिखा हैइसमें क्या आता है
Surveyingसर्वेक्षण के सिद्धांत; त्रुटियां और उनका समायोजन; मानचित्र, पैमाना और निर्देशांक प्रणाली; दूरी और कोण मापन; समतलन तथा त्रिकोणमितीय समतलन; traversing और त्रिभुजन सर्वेक्षण; total station; क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर वक्र।
Photogrammetry and Remote Sensingपैमाना और उड़ान ऊंचाई; सुदूर संवेदन और GIS की बुनियाद।

घोषणा जो नहीं बताती — और हम गढ़ेंगे नहीं ↑

घोषणा पैटर्न के बारे में सटीक है और टॉपिक के बारे में पूरी। कई ऐसी बातों पर वह चुप है जो उम्मीदवार जानना चाहते हैं, और ईमानदारी यही है कि उन्हें गिना दिया जाए, भर न दिया जाए।

  • पेपर में कितने प्रश्न हैं। पूर्णांक 150 है और पेपर subjective है; ये अंक कैसे बंटे हैं, यह नहीं बताया गया।
  • प्रश्नों के बीच कोई आंतरिक विकल्प (internal choice) है या नहीं।
  • 150 अंक छहों शाखाओं में कैसे बंटे हैं। दस्तावेज़ में किसी शाखा को दूसरी से ज़्यादा भार नहीं दिया गया।
  • 35% की अर्हक सीमा आरक्षित वर्गों के लिए शिथिल है या नहीं।
  • परीक्षा केंद्र और रिपोर्टिंग समय।
  • कोई पुस्तक-सूची — आयोग सिलेबस तय करता है, किताबें नहीं।
जानकारीअसली जवाब कहां है
प्रश्नों की संख्या, आंतरिक विकल्प, शाखावार भारप्रकाशित नहीं। छहों शाखाओं को पूरा परीक्षा-योग्य मानकर चलें।
केंद्र, रिपोर्टिंग समय, प्रवेश पत्रHPSC की वेबसाइट — घोषणा ने तिथि 27.09.2026 तय की है, और कोई भी बदलाव वहीं प्रकाशित होगा, यहां नहीं।
35% सीमा पर वर्गवार छूटइस घोषणा के बजाय मूल विज्ञापन — क्रमांक 8/2026 और 9/2026।

Subjective पेपर की तैयारी कैसे करें — काम का व्यावहारिक क्रम ↑

यह आख़िरी हिस्सा आधिकारिक दस्तावेज़ से नहीं है। यह हमारी अपनी सलाह है, और इसे उसी रूप में पढ़ा जाना चाहिए।

  • शुरू से पूरे उत्तर लिखकर अभ्यास करें। यहां सबसे बड़ी ग़लती यही है कि लिखने वाले पेपर की तैयारी वस्तुनिष्ठ प्रश्न-बैंक से की जाए।
  • घड़ी लगाकर अभ्यास करें। 150 subjective अंकों के लिए 3 घंटे का मतलब है लगभग एक अंक प्रति सवा मिनट — आरेख बनाने का समय इसी में है।
  • छहों शाखाओं को परीक्षा-योग्य मानें। शाखावार भार कहीं प्रकाशित नहीं है, इसलिए कोई शाखा छोड़ना ऐसी जानकारी पर दांव है जो किसी के पास नहीं।
  • Geomatics जल्दी ख़त्म करें। सिलेबस की सबसे छोटी शाखा है और सबसे तेज़ पूरी होती है — लंबी शाखाएं चलते रहने के बीच यह अंक बैंक कर देती है।
  • Foundation Engineering को उसकी लंबाई के हिसाब से समय दें। आयोग ने उस एक प्रविष्टि को बाक़ी सबसे कहीं ज़्यादा विस्तार से लिखा है, और सिलेबस में विस्तार आम तौर पर एक संकेत होता है।
  • साफ़ और तेज़ आरेख बनाना सीखें — flow net, pressure bulb, जलालेख, प्रतिबल रूपांतरण। Subjective पेपर में सही आरेख वे अंक देता है जो सही वाक्य नहीं देता।
  • जहां उत्तर किसी कोड से तय होता है वहां कोड का हवाला दें — ख़ासकर IRC कोड से pavement डिज़ाइन में और limit state design में।
  • लक्ष्य 35% नहीं, उससे कहीं ऊपर रखें। न्यूनतम सीमा केवल अर्हक बनाती है; shortlist पदों से दोगुनी है, और अंतिम मेरिट का 87.5% इसी एक पेपर पर टिका है।

महत्वपूर्ण लिंक

FAQ — आपके सवाल, सीधे जवाब

यह परीक्षा कौन-सी संस्था कराती है?

Haryana Public Service Commission (HPSC), Panchkula

यह किस पद के लिए है?

Senior Manager (IA) - Advt. No. 8/2026; Manager (IA) - Advt. No. 9/2026

यह भर्ती किस संगठन के लिए है?

Haryana State Industrial & Infrastructure Development Corporation (HSIIDC)

इसकी आधिकारिक वेबसाइट कौन-सी है?

https://hpsc.gov.in/

HSSC की और अपडेट

आधिकारिक स्रोत: आधिकारिक PDF ↗. कोई भी कदम उठाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि ज़रूर करें।

अस्वीकरण: SarkariReady किसी सरकारी संस्था से संबद्ध नहीं है। यह लेख आधिकारिक नोटिफिकेशन के आधार पर लिखा गया है — कोई भी कदम उठाने से पहले तिथियां, फीस और पात्रता हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर जांच लें। कोई गलती दिखे तो हमें बताएं, हम तुरंत सुधारेंगे।

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