JAIIB PPB सिलेबस 2026 — पूरी टॉपिक लिस्ट और एग्ज़ाम पैटर्न
JAIIB PPB (Paper II) में जनरल बैंकिंग ऑपरेशंस, बैंक लेंडिंग, बैंकिंग टेक्नोलॉजी, और बैंकिंग एथिक्स आते हैं — आधिकारिक IIBF सिलेबस का हर टॉपिक नीचे आसान भाषा में समझाया गया है, साथ में एग्ज़ाम पैटर्न और पास होने के नियम भी हैं।
आधिकारिक वेबसाइट खोलेंPDF आधिकारिक साइट पर खुलेगा। नीचे उसी सिलेबस का हर टॉपिक आसान भाषा में समझाया गया है — पढ़ने के लिए PDF खोलना ज़रूरी नहीं।
आधिकारिक सिलेबस से तैयार · आधिकारिक लिंक से पुष्टि कर सकते हैं
JAIIB PPB क्या है और यह कहां फिट होता है
JAIIB (जेएआईआईबी, Junior Associate of the Indian Institute of Bankers) IIBF (आईआईबीएफ) द्वारा बैंक कर्मचारियों के लिए चलाई जाने वाली 4-पेपर की फाउंडेशन परीक्षा है। Principles & Practices of Banking (प्रिंसिपल्स एंड प्रैक्टिसेज़ ऑफ बैंकिंग) यानी PPB (पीपीबी) इन चार पेपर में से Paper II (पेपर टू) है — यह पेपर बताता है कि बैंक असल में कैसे चलता है: ग्राहक संबंध, KYC, डिपॉजिट, लेंडिंग, बैंकिंग टेक्नोलॉजी, और एथिक्स।
बाकी तीन पेपर — Indian Economy & Indian Financial System, Accounting & Financial Management for Bankers, और Retail Banking & Wealth Management — अलग पेपर हैं जिनका अपना सिलेबस है। यह पेज PPB को पूरी तरह, टॉपिक-दर-टॉपिक, ठीक वैसे ही कवर करता है जैसे आधिकारिक नियम-पुस्तिका में लिखा है।
| JAIIB पेपर | क्या कवर करता है |
|---|---|
| Paper I — Indian Economy & Indian Financial System | भारतीय अर्थव्यवस्था और उसके वित्तीय तंत्र (financial system) की संरचना। |
| Paper II — Principles & Practices of Banking (यह पेज) | रोज़ाना की बैंकिंग, लेंडिंग, टेक्नोलॉजी, और एथिक्स। |
| Paper III — Accounting & Financial Management for Bankers | अकाउंटिंग की बुनियाद, बैंक के वित्तीय विवरण, और फाइनेंशियल मैनेजमेंट। |
| Paper IV — Retail Banking & Wealth Management | रिटेल प्रोडक्ट, बैंकिंग सेवाओं की मार्केटिंग, और वेल्थ मैनेजमेंट। |
JAIIB एग्ज़ाम पैटर्न और पास होने के नियम (PPB पेपर पर भी लागू)
ये नियम IIBF की आधिकारिक 'JAIIB Rules & Syllabus 2026' पुस्तिका से हैं और हर JAIIB पेपर पर लागू होते हैं, PPB पर भी।
| सिलेबस में क्या लिखा है | इसका मतलब |
|---|---|
| प्रश्न पत्र | लगभग 100 objective type (ऑब्जेक्टिव टाइप) multiple choice (मल्टीपल चॉइस) प्रश्न, कुल 100 अंकों के लिए। IIBF प्रश्नों की संख्या बदल सकता है। |
| मोड | सिर्फ ऑनलाइन मोड। |
| नेगेटिव मार्किंग | कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं — गलत जवाब पर अंक नहीं कटते। |
| समय | 2 घंटे। |
| माध्यम (भाषा) | उम्मीदवार हिंदी या अंग्रेज़ी में परीक्षा दे सकते हैं; यह चुनाव रजिस्ट्रेशन के समय तय करना होता है और बाद में बदला नहीं जा सकता। |
| पास होने के अंक | विषय में न्यूनतम 100 में से 50 अंक। या फिर एक ही attempt (अटेम्प्ट) में हर विषय में कम से कम 45 अंक और सभी विषयों में मिलाकर 50% aggregate (एग्रीगेट) — यह भी पास माना जाता है। |
| कितने attempt मिलते हैं | पहले रजिस्ट्रेशन से अधिकतम 3 साल के भीतर 5 attempt, जो भी पहले हो। attempt लगातार होना ज़रूरी नहीं। |
| पात्रता (एलिजिबिलिटी) | सिर्फ IIBF के ordinary (ऑर्डिनरी) सदस्यों के लिए, जिन्होंने 12वीं या इसके बराबर पास की हो; क्लर्क/सुपरवाइज़री बैंक स्टाफ को कुछ छूट है। |
| कैलकुलेटर की अनुमति | बैटरी से चलने वाला, non-scientific (नॉन-साइंटिफिक), 8 बुनियादी फंक्शन और 12 अंकों तक का कैलकुलेटर। मोबाइल फोन और कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बिल्कुल मना है। |
PPB मॉड्यूल A: सामान्य बैंकिंग परिचालन
PPB का सबसे बड़ा मॉड्यूल — रोज़ की ब्रांच बैंकिंग की कानूनी और operational (ऑपरेशनल) बुनियाद, खाता खोलने से लेकर ग्राहक की शिकायत सुलझाने तक।
| सिलेबस में क्या लिखा है | इसका मतलब |
|---|---|
| Banker-Customer Relationship | बैंक और ग्राहक (कस्टमर) के बीच का कानूनी रिश्ता — debtor-creditor (डेब्टर-क्रेडिटर), trustee (ट्रस्टी), bailee (बेली), agent (एजेंट), lessor-lessee (लेसर-लेसी) — और हर रिश्ते में बैंक की जिम्मेदारी कैसे बदलती है। |
| AML-KYC Guidelines | Anti-Money Laundering (एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग) और Know Your Customer (नो योर कस्टमर) यानी KYC (केवाईसी) नियम — बैंक कैसे जांचता है पैसा कहां से आया, ताकि उसका इस्तेमाल अपराध या आतंक फंडिंग में न हो। |
| Operational Aspects of KYC | KYC रोज़ाना कैसे चलता है — दस्तावेज़ जांच, wire transfer (वायर ट्रांसफर) के नियम, और Central KYC Records Registry (सेंट्रल केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री) जो हर ग्राहक का एक KYC रिकॉर्ड रखती है। |
| Opening Accounts of Various Types of Customers | व्यक्ति, फर्म, कंपनी और अन्य तरह के ग्राहकों के लिए खाता खोलने के सटीक नियम — जिसमें फोटो और बड़े corporate (कॉर्पोरेट) खातों के लिए Legal Entity Identifier (लीगल एंटिटी आइडेंटिफायर) शामिल है। |
| Operational Aspects of Deposit Accounts | डिपॉजिट खाते असल में कैसे चलते हैं — ब्याज भुगतान, joint account (जॉइंट अकाउंट) के निर्देश, nomination (नॉमिनेशन), निष्क्रिय खाते, और कोर्ट के attachment order (अटैचमेंट ऑर्डर) पर बैंक को क्या करना होता है। |
| Operational Aspects of Handling Clearing/Collection/Cash | Cheque Truncation System (चेक ट्रंकेशन सिस्टम) से चेक कैसे चलता है, इंस्ट्रूमेंट कलेक्ट करने के RBI (आरबीआई) नियम, और शाखा व ATM (एटीएम) पर कैश की सुरक्षा कैसे होती है। |
| Banker's Special Relationship | ग्राहक के पैसे पर बैंक के खास कानूनी अधिकार — mandate (मैंडेट), power of attorney (पावर ऑफ अटॉर्नी), banker's lien (बैंकर्स लियन), right of set-off (राइट ऑफ सेट-ऑफ) और right of appropriation (राइट ऑफ एप्रोप्रिएशन)। |
| Foreign Exchange Remittance Facilities for Individuals | आम आदमी विदेशी मुद्रा (foreign exchange) कैसे भेजता या पाता है — इसके पीछे का FEMA (फेमा) कानून, और भारत-नेपाल remittance (रेमिटेंस) की खास सुविधा। |
| Operational Aspects of NRI Business | NRI (एनआरआई) और PIO (पीआईओ) भारत में किस तरह के खाते रख सकते हैं, यहां संपत्ति खरीदना-बेचना, और अपनी भारत की कमाई विदेश कैसे भेज सकते हैं। |
| Foreign Currency Accounts for Residents and Other Aspects | भारत में रहने वाला व्यक्ति कौन से foreign currency (फॉरेन करेंसी) खाते भारत में और विदेश में रख सकता है, और विदेशी चंदे को नियंत्रित करने वाला FCRA 2010 (एफसीआरए 2010) कानून। |
| Cash Management Services and Its Importance | वह सेवा जो बैंक व्यापारियों को बेचते हैं ताकि वे कई जगहों से अपना कैश तेज़ी से collect (कलेक्ट) और move (मूव) कर सकें, और इसे चलाने में आने वाली असली दिक्कतें। |
| Payment and Collection of Cheques and Other Negotiable Instruments | चेक भुगतान और वसूली के Negotiable Instruments Act (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट) नियम — endorsement (एंडोर्समेंट), crossing (क्रॉसिंग), जाली चेक, और चेक bounce (बाउंस) होना। |
| Responsibility of Paying Bank | चेक भुगतान करने वाला बैंक कानूनी रूप से कब सुरक्षित है और कब जिम्मेदार है — जैसे अगर ग्राहक का signature (साइनेचर) जाली निकले। |
| Responsibility of Collecting Bank | Negotiable Instruments Act के तहत collecting bank (कलेक्टिंग बैंक) को कानूनी सुरक्षा कब मिलती है, और उससे पहले उसे कितनी सावधानी बरतनी होती है। |
| Ancillary Services | डिपॉजिट और लोन के अलावा बैंक जो अतिरिक्त सेवाएं बेचता है — demand draft (डिमांड ड्राफ्ट), NEFT (एनईएफटी), RTGS (आरटीजीएस), mobile banking (मोबाइल बैंकिंग), locker (लॉकर), और इन पर लगने वाला शुल्क। |
| Financial Inclusion & Financial Literacy | उन लोगों तक बैंकिंग पहुंचाने की मुहिम जिनका कभी खाता नहीं रहा, mobile-based access (मोबाइल आधारित पहुंच) और ग्रामीण training institute यानी RSETI (आरसेटी) के ज़रिए, और लोगों को इसका इस्तेमाल सिखाना। |
| Customer Service Guidelines | RBI के स्थायी नियम कि शाखा और उसके ATM ग्राहक से कैसा व्यवहार करें — काउंटर सेवा, जानकारी प्रदर्शन, और सुरक्षा। |
| Duties & Rights of a Banker and Customer Rights | बैंक को ग्राहक के लिए कानूनी रूप से क्या करना ज़रूरी है (गोपनीयता, उचित सावधानी) बनाम बैंक क्या कर सकता है (उसके अपने अधिकार), और बदले में ग्राहक की क्या जिम्मेदारी है। |
| Grievance Redressal & RBI Integrated Ombudsman Scheme 2021 | ग्राहक की शिकायत बैंक के अंदर कैसे सुनी जाती है, और अगर बैंक उसे हल न करे तो मुफ्त RBI Ombudsman (आरबीआई ओम्बड्समैन) रास्ता। |
| The Consumer Protection Act, 2019: Preamble, Extent and Definitions | 2019 के उपभोक्ता कानून की संरचना — अलग-अलग consumer forum (कंज्यूमर फोरम), product liability (प्रोडक्ट लायबिलिटी), और ग्राहक शिकायत वहां कैसे ले जाता है। |
| The Right to Information Act, 2005 | वह कानून जो नागरिक को सरकारी संस्था से जानकारी मांगने का अधिकार देता है, और इसकी प्रक्रिया, समय-सीमा तथा अपील का रास्ता। |
एक नज़र में
| संचालक संस्था | Indian Institute of Banking and Finance (IIBF) |
| आधिकारिक वेबसाइट | iibf.org.in |
PPB मॉड्यूल B: बैंकों के कार्य
यह मॉड्यूल लेंडिंग के बारे में है — बैंक कैसे तय करता है कि लोन दे, उसे कैसे सुरक्षित करे, दस्तावेज़ बनाए, और डिफॉल्ट होने पर वसूल करे।
| सिलेबस में क्या लिखा है | इसका मतलब |
|---|---|
| Principles of Lending, Different Types of Borrowers, and Types of Credit Facilities | लोन देने से पहले बैंक जिन बुनियादी नियमों का पालन करता है, कौन कर्ज ले सकता है, और fund-based (फंड-बेस्ड) लोन (नकद दिया जाना) व non-fund-based (नॉन-फंड-बेस्ड) लोन (सिर्फ गारंटी) में फर्क। |
| Appraisal and Assessment of Credit Facilities | बैंक कैसे तय करता है कि लोन प्रस्ताव सुरक्षित है या नहीं, और यह जानने के तरीके कि किसी व्यापार को कितनी working capital (वर्किंग कैपिटल) या term loan (टर्म लोन) चाहिए। |
| Operational Aspects of Loan Accounts | लोन खाते का रोज़ का चलना — ब्याज दरें, निगरानी, accounting entries (अकाउंटिंग एंट्रीज़), और recovery agent (रिकवरी एजेंट) रखते समय बैंक को किन नियमों का पालन करना होता है। |
| Types of Collaterals and Their Characteristics | लोन के लिए क्या-क्या गिरवी (collateral) रखा जा सकता है — जमीन, सोना, शेयर, insurance policy (इंश्योरेंस पॉलिसी), term deposit (टर्म डिपॉजिट) — और हर एक को अच्छी या कमज़ोर सुरक्षा क्या बनाता है। |
| Different Modes of Charging Securities | बैंक कानूनी रूप से लोन को सुरक्षा से कैसे जोड़ता है — जैसे pledge (प्लेज), mortgage (मॉर्टगेज), hypothecation (हाइपोथिकेशन) — और यह charge (चार्ज) कैसे रजिस्टर होता है। |
| Documentation | लोन को कानूनी रूप से लागू करने योग्य बनाने के लिए ज़रूरी कागज़ात, और उन्हें सही तरीके से साइन कराने व रखने की प्रक्रिया। |
| Non-Performing Assets/ Stressed Assets | किस वजह से लोन NPA (एनपीए) बनता है, बैंक के खातों में इसे कैसे classify (क्लासिफाई) और provide (प्रोवाइड) किया जाता है, और खराब हो रहे खातों को सुधारने का ढांचा। |
| Important Laws Relating to Recovery Of Dues | मुख्य वसूली कानून — DRT Act (डीआरटी एक्ट), SARFAESI Act (सर्फेसी एक्ट), और Insolvency and Bankruptcy Code (इनसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी कोड) — जो बैंक को डिफॉल्टर से पैसा वसूलने देते हैं। |
| Contracts of Indemnity | एक contract (कॉन्ट्रैक्ट) जिसमें एक पक्ष दूसरे के नुकसान की भरपाई का वादा करता है — इसकी कानूनी विशेषताएं और बैंक के अपने वादों पर यह कैसे लागू होता है। |
| Contracts of Guarantee & Bank Guarantee | guarantee (गारंटी) indemnity (इंडेम्निटी) से कैसे अलग है, surety (श्योरिटी) के अधिकार व जिम्मेदारियां, और bank guarantee (बैंक गारंटी) जारी या भुगतान करते समय बैंक की सावधानियां। |
| Letters of Credit | व्यापार में खरीदार और विक्रेता के बैंक के बीच LC (एलसी) कैसे काम करता है, इसमें शामिल पक्ष, और इसे नियंत्रित करने वाला अंतरराष्ट्रीय नियम-पुस्तिका UCPDC 600 (यूसीपीडीसी 600)। |
| Deferred Payment Guarantee | एक गारंटी जो खरीदार को उपकरण की कीमत किस्तों में चुकाने देती है, जबकि विक्रेता को भुगतान का भरोसा रहता है। |
| Laws Relating to Bill Finance | trade bill (ट्रेड बिल) फाइनेंस करने के पीछे का कानून, और बैंक जो अलग-अलग तरह का bill finance (बिल फाइनेंस) देते हैं। |
| Credit Cards, Home Loans, Personal Loans, Consumer Loans | चार सबसे आम retail lending (रिटेल लेंडिंग) प्रोडक्ट और उनकी बुनियादी विशेषताएं व पात्रता। |
| Priority Sector Advances | RBI द्वारा तय की गई श्रेणियां (जैसे कृषि और MSME एमएसएमई) जिन्हें हर बैंक को अपनी पूंजी का एक तय हिस्सा देना ज़रूरी है, और लक्ष्य न पूरा होने पर क्या होता है। |
| Agricultural Finance | छोटी और लंबी अवधि के खेती लोन, Kisan Credit Card (किसान क्रेडिट कार्ड), न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना, और फसल बीमा योजना (PMFBY पीएमएफबीवाई)। |
| Finance to MFIs/Co-Lending Arrangements with NBFCs | बैंक microfinance institution (माइक्रोफाइनेंस इंस्टीट्यूशन) और NBFC (एनबीएफसी) को फंड कैसे देते हैं, जिसमें छोटे कर्जदार तक तेज़ी से पहुंचने के नए co-lending (को-लेंडिंग) टाई-अप शामिल हैं। |
| Micro, Small and Medium Enterprises in India | MSMED Act (एमएसएमईडी एक्ट) की छोटे व्यापारों की classification (क्लासिफिकेशन), उनके लिए बनी क्रेडिट योजनाएं व rating system (रेटिंग सिस्टम), और समय पर भुगतान के नियम। |
| Government Sponsored Schemes | बैंकों के ज़रिए चलने वाली केंद्र सरकार की योजनाएं — DAY-NRLM, DAY-NULM, PMJDY, MUDRA loan (मुद्रा लोन), और KVIC (केवीआईसी)। |
| Self-Help Groups | SHG (एसएचजी) यानी सेल्फ-हेल्प ग्रुप क्या है, यह क्यों बनता है, और SHG-Bank Linkage Programme (एसएचजी-बैंक लिंकेज प्रोग्राम) इन समूहों को औपचारिक बैंक कर्ज से कैसे जोड़ता है। |
PPB मॉड्यूल C: बैंकिंग प्रौद्योगिकी
यह मॉड्यूल बताता है कि आज बैंक कंप्यूटर और नेटवर्क पर कैसे चलते हैं — core banking software से लेकर साइबर-फ्रॉड के जवाब तक।
| सिलेबस में क्या लिखा है | इसका मतलब |
|---|---|
| Essentials of Bank Computerisation | कंप्यूटरीकृत बैंक की बुनियादी बातें — networking (नेटवर्किंग), uninterrupted power supply (यूपीएस), core banking (कोर बैंकिंग), और डेटा कैसे स्टोर व माइन होता है। |
| Operational Aspects of CBS Environment | Core Banking Solution (कोर बैंकिंग सॉल्यूशन) यानी CBS रोज़ाना असल में कैसे काम करता है — end-of-day और begin-of-day प्रोसेसिंग, password control (पासवर्ड कंट्रोल), और CBS सिस्टम की सुरक्षा। |
| Alternate Delivery Channels – Digital Banking | ATM, कार्ड और electronic banking (इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग) — शाखा गए बिना बैंकिंग के तरीके, और unauthorised transaction (अनऑथराइज़्ड ट्रांज़ैक्शन) पर ग्राहक की जिम्मेदारी सीमित करने वाले नियम। |
| Data Communication Network and EFT Systems | बैंकों के बीच नेटवर्क पर डेटा कैसे जाता है, और SWIFT (स्विफ्ट) जैसे electronic fund transfer (इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) सिस्टम भारत में कैसे विकसित हुए। |
| Digital Payment Systems – NPCI | भारत के electronic clearing system (इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सिस्टम) और National Payments Corporation of India (एनपीसीआई) — UPI (यूपीआई), IMPS (आईएमपीएस) जैसी सुविधाओं के पीछे की संस्था — और सरकार की अन्य डिजिटल पहलें। |
| Impact of Technology Adoption and Trends in Banking Technology | दुनिया भर और भारत में नई टेक्नोलॉजी ने बैंकिंग को कैसे बदला है, और अभी बैंक जो नए रुझान अपना रहे हैं। |
| Security Considerations and Mitigation Measures in Banks | बैंक के IT सिस्टम को किन खतरों का सामना है, और उनसे बचने के लिए audit (ऑडिट), control (कंट्रोल), और disaster-recovery plan (डिज़ास्टर-रिकवरी प्लान)। |
| Operational Aspects of Cyber Crimes/Fraud Risk Management in Cyber Tech | cyber fraud (साइबर फ्रॉड) और cyber crime (साइबर क्राइम) में फर्क, और कुछ गलत होने पर सही incident-response plan (इंसिडेंट-रिस्पॉन्स प्लान) के चरण। |
| Technology trends in Banking, e-RUPI, Fintech - RegTech, SupTech, Hashtag banking etc. | बैंकिंग में नए डिजिटल विचार — e-RUPI (ई-रुपी) वाउचर, RegTech/SupTech (रेगटेक/सपटेक यानी नियम-पालन व निगरानी की टेक्नोलॉजी), सोशल मीडिया के ज़रिए बैंकिंग, और account aggregator (अकाउंट एग्रीगेटर)। |
PPB मॉड्यूल D: बैंकों और वित्तीय संस्थानों में नैतिकता
सबसे छोटा मॉड्यूल, लेकिन स्कोरिंग वाला — यह तकनीकी नियमों की बजाय सीधे सही-गलत की स्थितियों पर बना है।
| सिलेबस में क्या लिखा है | इसका मतलब |
|---|---|
| Ethics, Business Ethics & Banking: An Integrated Perspective | बैंकिंग में ethics (एथिक्स यानी नैतिकता) खासतौर पर क्यों मायने रखती है — क्योंकि पूरा कारोबार भरोसे पर चलता है — Enron (एनरॉन) और Satyam (सत्यम) जैसे असली मामले चेतावनी के तौर पर। |
| Ethics at the Individual Level | किसी व्यक्ति की खुद की सही-गलत की समझ किन चीज़ों से बनती है — मूल्य, विश्वास, और किसी ethical dilemma (एथिकल डाइलेमा) को सुलझाने का एक ढांचा। |
| Ethical Dimensions: Employees | एक कर्मचारी जिन नैतिक जालों में फंस सकता है — insider trading (इनसाइडर ट्रेडिंग), रिश्वत, उत्पीड़न, हितों का टकराव — और संस्थाएं इन्हें रोकने की कोशिश कैसे करती हैं। |
| Work Ethics and the Workplace | काम पर नैतिक व्यवहार कैसा दिखता है, यह कब बिगड़ता है, और भारतीय बैंकों में whistleblower (व्हिसलब्लोअर) की रक्षा करने वाला कानून। |
| Banking Ethics: Changing Dynamics | टेक्नोलॉजी ने बैंकों के लिए नए नैतिक सवाल कैसे खड़े किए हैं — डेटा सुरक्षा, गोपनीयता, और बौद्धिक संपदा (intellectual property)। |
आधिकारिक दस्तावेज़ में क्या नहीं लिखा है
IIBF की सिलेबस पुस्तिका PPB के लिए मॉड्यूल-वार या टॉपिक-वार अंक-बंटवारा नहीं देती — यह नहीं बताती कि लगभग 100 प्रश्नों में से कितने Module A, B, C या D से आते हैं। यह किसी तय textbook (टेक्स्टबुक) संस्करण, प्रकाशक या कीमत का नाम भी नहीं देती — study material की जानकारी सिर्फ सामान्य तौर पर दी गई है (IIBF वेबसाइट पर 'Education -> Publication' पेज), बिना किसी किताब का नाम या ISBN बताए। ऊपर दी गई जानकारी से अलग कोई भी संख्या या दावा आधिकारिक न समझें।
स्रोत (Source)
यह पेज IIBF की आधिकारिक 'JAIIB Rules & Syllabus 2026' पुस्तिका पर आधारित है, जो iibf.org.in पर प्रकाशित है। आवेदन करने से पहले परीक्षा तारीखें और किसी भी नियम में बदलाव आधिकारिक IIBF वेबसाइट पर ज़रूर जांच लें।
महत्वपूर्ण लिंक
FAQ — आपके सवाल, सीधे जवाब
JAIIB PPB का सिलेबस कहां चेक करें?
iibf.org.in पर — सीधा लिंक इसी पेज के महत्वपूर्ण लिंक में दिया गया है। एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट, आंसर की या सिलेबस देखना हमेशा मुफ़्त होता है।
क्या यही आधिकारिक सिलेबस है?
यह पेज JAIIB PPB की आधिकारिक रिलीज़ के आधार पर बना है, पर अंतिम शब्द iibf.org.in पर मौजूद आधिकारिक PDF ही है — तैयारी की रीढ़ उसी को बनाएं।
यह जानकारी कितनी भरोसेमंद है?
यह लेख आधिकारिक अपडेट के आधार पर लिखा गया है और आधिकारिक स्रोत (iibf.org.in) का लिंक साथ में है, फिर भी अंतिम पुष्टि हमेशा वहीं से करें — तिथियां बदल भी सकती हैं।
JAIIB की और अपडेट
और सिलेबस
आधिकारिक स्रोत: आधिकारिक वेबसाइट ↗. कोई भी कदम उठाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर पुष्टि ज़रूर करें।
अस्वीकरण: SarkariReady किसी सरकारी संस्था से संबद्ध नहीं है। यह लेख आधिकारिक नोटिफिकेशन के आधार पर लिखा गया है — कोई भी कदम उठाने से पहले तिथियां, फीस और पात्रता हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर जांच लें। कोई गलती दिखे तो हमें बताएं, हम तुरंत सुधारेंगे।
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